Kalam's Family Tree: Ancestral Legacy of Dr. A.P.J. Abdul Kalam
Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Biographies-and-autobiographies0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Unavailable
"This book is an intimate memoir written by A.P.J. Abdul Kalam’s niece, who is closely connected to him and the family. The book offers a rare glimpse into the family life and ancestral roots of India’s beloved “Missile Man.’ The book was originally written in Tamil and later translated in English and Hindi.
It takes you to Dr. Kalam’s humble beginnings in Rameshwaram, Tamil Nadu, where the young Kalam’s curiosity and thirst of knowledge were nurtured within the embrace of a close-knit Muslim family. From the sacrifices of his parents to the wisdom imparted by his grandparents, the book celebrates the indelible impact of family on his journey to becoming the President of India.
It emphasises on the cultural and religious roots that he inherited from different generations. It mainly reflects how historical events, wars, societal changes, economic conditions, etc., had an effect on his personality. The book is a tribute to the power of heritage, perseverance and the pursuit of knowledge values that resonated deeply within the Kalam lineage."
ISBN: 9789355628121
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव वैष्णव धर्म के विकास में एक चमत्कारी घटना है। एक गहरे आवेश और भावनात्मकता के साथ सारे जनसामान्य तक वैष्णव धर्म को पहुँचाने का काम पहले बंगाल में और बाद में सम्पूर्ण देश में, चैतन्य महाप्रभु ने किया। मधुर भाव की नाम–संकीर्तन पद्धति चैतन्य की देन है। इसी के साथ वैष्णव धर्म ने एक नए युग में प्रवेश किया। प्रस्तुत पुस्तक में पहली बार चैतन्य के व्यक्तित्व के इस योगदान को सम्पूर्णता के साथ उजागर किया गया है।
लेकिन इस पुस्तक का उद्देश्य मात्र इतना ही नहीं है। विद्वान लेखक ने चैतन्य के व्यक्तित्व को तत्कालीन राजनैतिक परिस्थितियों में भी रखकर देखा है। अपने समय के इतिहास में चैतन्य का व्यक्तित्व एक चुनौती की तरह उभरा और पराजित हिन्दू जाति को एक नई आस्था और नए आलोक से संयुक्त करने का काम भी चैतन्य ने किया।
उपन्यासकार नागर जी की लेखनी से प्रस्तुत चैतन्य की यह जीवनी पढ़ने पर एक उपन्यास का मज़ा तो देती है, साथ ही वैष्णव धर्म के उदार पथ के विकास में उनका महत्त्वपूर्ण और अद्वितीय योगदान भी सामने लाती है।
UP FROM SLAVERY
- Author Name:
Booker T. Washington
- Book Type:

- Description: "Up from Slavery is the 1901 autobiography of American educator Booker T. Washington (1856-1915). The book describes his experience of working to rise up from being enslaved as a child during the Civil War, the obstacles he overcame to get an education at the new Hampton Institute, and his work establishing vocational schools like the Tuskegee Institute in Alabama to help black people and other persecuted people of colour learn useful, marketable skills and work to pull themselves, as a race, up by the bootstraps. He reflects on the generosity of teachers and philanthropists who helped educate black and Native Americans. He describes his efforts to instill manners, breeding, health, and dignity in students."
PRERNAPUNJ KIRAN BEDI
- Author Name:
Tejpal Singh Dhama
- Book Type:

- Description: "अत्याचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानेवाली, असहाय और निर्बल का संरक्षण करनेवाली, सामाजिक कुरीतियों को ध्वस्त करनेवाली, भ्रष्टाचार के विरुद्ध शंखनाद करनेवाली, किसी एक भारतीय महिला का नाम लें, तो वह होगा—वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ. किरण बेदी। अपने सेवाकाल और उसके बाद भी जो निरंतर सामाजिक उत्थान के लिए कृतसंकल्प रहीं और तनमनधन से सकारात्मक कार्य करके समाज में आदर्श और अनुकरणीय बनीं, उन डॉ. किरण बेदी की प्रेरणाप्रद जीवनगाथा है यह पुस्तक। हमारा विश्वास है कि यह पुस्तक समाज में चेतना जाग्रत् करने, महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करने, निर्बलों में साहस पैदा करने और भ्रष्टाचारियों के दिलों में डर पैदा करने में सफल होगी।"
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