Ranaji Ka Shanadar Balla Aur Any Kahaniyan (Hindi Translation of Ranji'S Wonderful Bat and other Stories)
Author:
Ruskin BondPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Unavailable
कोकी के पुरस्कार जीतने से लेकर रणजी के शानदार बल्ले से निकले कैच को लपककर हार को टालने तक, और दो भंँवरों के बीच रोमांचक रेस से लेकर गेंदों को निगलकर भूख मिटानेवाले मगरमच्छ तक, देश के पसंदीदा कहानीकार की लिखी खेलों से जुड़ी कहानियों का यह आकर्षक संग्रह मौज-मस्ती और उल्लास से भरा है।
रस्किन बॉण्ड की अनोखी शैली में लिखी और हँसी-मजाक के जबरदस्त डोज से भरी, विजय और खेल- भावना, शरारत और दोस्ती की ये कहानियाँ निश्चित तौर पर पाठकों का मन पूरी तरह मोह लेंगी।
ISBN: 9789355214171
Pages: 144
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Inca, Aztec & Maya – Mesoamerican Indians Ka Itihas
- Author Name:
Praveen Kumar Jha
- Book Type:

- Description: America is a superpower in the modern world, but who lived there centuries ago? What was the civilization that Columbus considered Indian? Were they also at par with other civilizations of the world? The authors take you on an exciting journey telling the tales of the Maya, Aztec, Inca and other Mesoamerican civilizations. The history of this prosperous civilization takes a new turn when a ship from Europe arrives at their shores. The end of those civilizations one after another, where there are layers of mystery, there are also many warnings hidden in them as well. The desire for imperialism, the outbreak of a global pandemic and the conflict of faiths still exists in some form or the other even after centuries. That’s why these pages need to be turned again and again.
Bharatvarsh Ke Aakrantaon Ki Kalank Kathayen
- Author Name:
Major (Dr.) Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक भारतीय इतिहास के कुछ ऐसे दुर्दांत आक्रांताओं के कुत्सित कुकृत्यों पर प्रकाश डालती है | महमूद गजनवी के आक्रमण से पहले भारत में सूफियों को छोड़कर इसलाम का शायद ही कोई अनुयायी रहा हो | लेकिन सैयद सालार मसूद गाजी के आक्रमण के समय, सलल््तनत काल तथा मुगल काल में धर्म-परिवर्तन का नंगा नाच किया गया | धर्म-परिवर्तन न करने पर जजिया कर लादा गया, जो कि मुगल काल तक चलता रहा | इस कालखंड में भारतीय संस्कृति को पददलित करने का हरसंभव प्रयास किया गया। इसमें नालंदा विश्वविद्यालय का पुस्तकालय जलाने से लेकर अनेक मह्त्त्वपूर्ण मंदिरों व श्रद्धाकेंद्रों को ध्वस्त करना प्रमुख था। इन्हें न केवल ध्वस्त किया गया, बल्कि इन पर उन्होंने अपने उपासना-स्थलों का निर्माण भी किया | सिकंदर और उसके बाद 712 ई. से लेकर 1947 तक भारतवर्ष के लुठेरों की काली करतूतों के कारण भारत आअँधेरे के गिरफ्त में छटठपटाता रहा, लुठता रहा। इन्होंने भरतीय संस्कृति, परंपराओं और मान्यताओं को नष्ट किया, हमारी शिक्षा व्यवस्था, उद्योग, व्यापार, कलाओं और जीवनमूल्यों पर निरंतर प्रहार करके भारतवर्ष की समृद्धि और सामर्थ्य को खंडित किया | यह पुस्तक इन क्रूरों और आततायियों की नृशंसता और पाशविकता की झलक मात्र देती है, जो हर भारतीय को भीतर तक उद्वेलित कर देगी कि हमारे पूर्वजों ने इन नरपिशाचों के हाथों कितने दुःख और कष्ट सहे.
Bihar STET Secondary Teacher Eligibility Test
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Higher Secondary Class (PGT) Paper-II (Class 11 & 12) History 15 Practice Sets Book in Hindi
Vaishali Ki Nagar Vadhu
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: अपने जीवन के पूर्वाह्न में--सन् 1909 में, जब भाग्य रुपयों से भरी थेलियाँ मेरे हाथों में पकड़ाना चाहता था--मैंने कलम पकड़ी। इस बात को आज 40 वर्ष बीत रहे हैं। इस बीच मैंने छोटी-बड़ी लगभग 84 पुस्तकें विविध विषयों पर लिखीं तथा दस हजार से अधिक पृष्ठ विविध सामयिक पत्रिकाओं में लिखे। इस साहित्य-साधना से मैंने पाया कुछ भी नहीं, खोया बहुत-कुछ, कहना चाहिए, सब कुछ--धन, वैभव, आराम और शांति। इतना ही नहीं, यौवन और सम्मान भी। इतना मूल्य चुकाकर निरंतर चालीस वर्षों की अर्जित अपनी संपूर्ण साहित्य-संपदा को मैं आज प्रसन्नता से रदृद करता है और यह घोषणा करता हूँ कि आज मैं अपनी यह पहली कृति विनयांजलि सहित आपको भेंट कर रहा हूँ। यह सत्य है कि यह उपन्यास है, परंतु इससे अधिक सत्य यह है कि यह एक गंभीर रहस्यपूर्ण संकेत है, जो उस काले परदे के प्रति है, जिसकी ओट में आर्यों के धर्म, साहित्य, राजसत्ता और संस्कृति की पराजय और मिश्रित जातियों की प्रगतिशील संस्कृति की विजय सहस्राब्दियों से छिपी हुई है, जिसे संभवत: किसी इतिहासकार ने आँख उषधाड़कर देखा नहीं है।
MEDITATION AND ITS METHODS
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: This book is a collection of the writings of Swami Vivekananda on the theory and practice of meditation. It is more of an introductory book with plenty of inspiration passages to motivate a reader to adopt meditation for a better and peaceful life. In meditation, for a moment, you can change this nature. Now, if you had that power in yourself, would not that be heaven, freedom? That is the power of meditation.
Samachar Sampadan
- Author Name:
Kamal Dikshit
- Book Type:

- Description: हर युवा पत्रकार अपने मन में यथाशीघ्र सम्पादक बनने का सपना सँजोए रहता है। सम्पादन के कार्य की कई सीढ़ियाँ होती हैं। पहली सीढ़ी पर पहुँचने के बाद उसे अपने पहले काम से गुणात्मक रूप से भिन्न काम करना होता है। एक संवाददाता अपने आसपास की घटनाओं में से समाचार लायक़ घटनाओं को चुनकर उसे पाठक की दिलचस्पी के अनुरूप बनाता है। विशिष्ट घटना पर केन्द्रित करने की प्रतिभा इसका एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। सम्पादन के लिए इससे अलग दृष्टि और कौशल की ज़रूरत होती है। इसमें समग्रता से देखने की प्रतिभा के साथ समग्र को एक पैटर्न में रखने और उसमें न आ पानेवाले समाचारों को अलग कर सकने के लिए ज़रूरी दृष्टि और कौशल काम आते हैं। समग्रता के साथ देखने के लिए जिस तरह की मनोवृत्ति की ज़रूरत है और काट-छाँट करने के लिए जिस तरह कठोर और बेरहम दिल की ज़रूरत है, वे किसी सीमा तक विरोधाभासी हैं। फिर भी इन दोनों के संयोग से ही अच्छा सम्पादन सम्भव है। मूलत: पत्रकार कमल दीक्षित ने पत्रकारिता के शिक्षक के रूप में भी प्रतिष्ठा अर्जित की है। सम्पादन का उन्हें लम्बा अनुभव है। अपनी परिपक्व दृष्टि से उन्होंने समाचार सम्पादन के दुरूह कार्य को सरल करने के लिए बड़े ही सहज ढंग से प्रभावी गुर इस पुस्तक में बताए हैं। लेखक एवं पत्रकार महेश दर्पण ने ‘ऑन लाइन एडिटिंग’ की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया है। इससे इस पुस्तक की उपादेयता और बढ़ी है। विश्वास है कि सम्पादक बनने के सपने को मूर्त रूप देने में बहुत सारे लोगों के लिए यह पुस्तक पाथेय सिद्ध होगी।
Gandhi Aur Islam
- Author Name:
Abdulnabi Alshoala
- Rating:
- Book Type:

- Description: बीते कुछ दशकों में अरब देशों ने अतिवाद, हिंसा और आतंकवाद की सबसे घिनौनी और खौफनाक तसवीरों को देखा है, जिन्हें धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण करनेवाली सोच और तकरीरों से भड़काया व उकसाया जाता है। ऐसे विचारों और तकरीरों से नफरत व खून-खराबा को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे समाज बँट जाता है और सभ्यता की बुनियाद ही खतरे में पड़ जाती है। अगर ऐसी सोच का इलाज नहीं होगा, तो उनका अंतिम परिणाम खतरनाक बौद्धिक भटकाव के रूप में दिखेगा, जो सारे अरब देशों को निराशा, हताशा, संकट एवं विघटन के गर्त में धकेल देगा। इन मुश्किल और निराशाजनक परिस्थितियों के बीच लेखक महात्मा गांधी की बौद्धिक विरासत को फिर से याद करते हैं और उनके मुख्य संदेशों पर विचार करते हैं। उनके जीवन के विभिन्न चरणों के माध्यम से लेखक उन विरोधाभासी परिस्थितियों पर रोशनी डालते हैं, जो पहले से मौजूद थीं और जिनके कारण मुसलमानों की राय भारत से अलग हो गई, चाहे खिलाफत का मुद्दा हो या फिर गांधी के कुछ विचारों के प्रति मुसलमानों की आशंका। ‘गांधी और इस्लाम’ इस्लाम और मुस्लिम देशों के सामने आई चुनौतियों से गांधीवादी तरीके से निपटने का एक प्रयास है।
UPTET Uttar Pradesh Shikshak Patrata Pareeksha Ganit/Vigyan (Maths & Science Paper-2 Class : 6-8) 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPPCL TECHNICIAN (VIDYUT) SAMOOH ‘C’
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samanya Gyan & Current Affairs
- Author Name:
B.K.P. Singh
- Book Type:

- Description: सामान्य ज्ञान’ शब्द सुनने में जितना सामान्य है, तजुरबे और प्रयोग में उतना ही असामान्य और असाधारण है। सामान्य से ज्ञान को सीखकर व्यक्ति असामान्य और असाधारण बन सकता है। सामान्य ज्ञान से व्यक्ति का मस्तिष्क परिपक्व होता है, उसका आई.क्यू. बढ़ता है। यही नहीं, सामान्य ज्ञान का एक प्रश्न अनेक प्रश्नों को जन्म देता है और व्यक्ति को जिज्ञासु बनाता है। इससे व्यक्ति की बौद्धिक शक्ति के साथ-साथ तार्किक शक्ति का भी विकास होता है। दरअसल, सामान्य ज्ञान मस्तिष्क की खुराक है। मस्तिष्क रूपी स्मृति-कोश में आप जितना ज्यादा सामान्य ज्ञान ‘इनपुट’ करेंगे, उतना ही ज्ञान यह ‘आउटपुट’ करेगा। सामान्य ज्ञान के प्रश्नों से मस्तिष्क की कसरत भी होती है और यह स्वस्थ बना रहता है। बाहरी शरीर को तो हम चला-फिराकर स्वस्थ रख सकते हैं, लेकिन ठोस हड्डी के आवरण से घिरे मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए उसे सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में उलझाए रखना आवश्यक है। ‘उपकरण’ आपके हाथों में है। सामान्य ज्ञान की यह पुस्तक आपके ‘गागर’ रूपी मस्तिष्क को ‘सागर’ में बदल सकती है। दुनिया भर के ज्ञान की खुराक जब आपके मस्तिष्क को मिलेगी तो यह सदा-सर्वदा सेहतमंद बना रहेगा और आप अपने समूह में अव्वल और उच्चकोटि के सामान्य ज्ञानी बने रहेंगे। ज्यादा नहीं, प्रतिदिन एक से शुरू करते हुए बारंबार यह पुस्तक पढ़ जाएँगे तो अपने आप आपका मस्तिष्क ज्ञान आत्मसात् कर लेगा। आइए, श्रीगणेश करें!
Lok Sanskriti Ki Rooprekha
- Author Name:
Krishnadev Upadhyaya
- Book Type:

-
Description:
लोक-साहित्य लोक-संस्कृति की एक महत्त्वपूर्ण इकाई है। यह इसका अविच्छिन्न अंग अथवा अवयव है। जब से लोक-साहित्य का भारतीय विश्वविद्यालयों में अध्ययन तथा अध्यापन के लिए प्रवेश हुआ है, तब से इस विषय को लेकर अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना हुई है। प्रस्तुत ग्रन्थ को छह खंडों तथा 18 अध्यायों में विभक्त किया गया है।
प्रथम अध्याय में लोक-संस्कृति शब्द के जन्म की कथा, इसका अर्थ, इसकी परिभाषा, सभ्यता और संस्कृति में अन्तर, लोक-साहित्य तथा लोक-संस्कृति में अन्तर, हिन्दी में फोक लोर का समानार्थक शब्द लोक-संस्कृति तथा लोक-संस्कृति के विराट स्वरूप की मीमांसा की गई है। दि्वतीय अध्याय में लोक-संस्कृति के अध्ययन का इतिहास प्रस्तुत किया गया है। यूरोप के विभिन्न देशों जैसे—जर्मनी, फ़्रांस, इंग्लैंड, स्वीडेन तथा फ़िनलैंड आदि में लोक-साहित्य का अध्ययन किन विद्वानों द्वारा किया गया, इसकी संक्षिप्त चर्चा की गई है।
दि्वतीय खंड पूर्णतया लोक-विश्वासों से सम्बन्धित है। अतः आकाश-लोक और भू-लोक में जितनी भी वस्तुएँ उपलब्ध हैं और उनके सम्बन्ध में जो भी लोक-विश्वास समाज में प्रचलित है, उनका सांगोपांग विवेचन इस खंड में प्रस्तुत किया गया है।
तीसरे खंड में सामाजिक संस्थाओं का वर्णन किया है जिसमें दो अध्याय हैं—(1) वर्ण और आश्रम तथा (2) संस्कार। वर्ण के अन्तर्गत ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्रों के कर्तव्य, अधिकार तथा समाज में इनके स्थान का प्रतिपादन किया गया है। चौथे खंड में आश्रम वाले प्रकरण में चारों आश्रमों की चर्चा की गई है। जातिप्रथा से होनेवाले लाभ तथा हानियों की चर्चा के पश्चात् संयुक्त परिवार के सदस्यों के कर्तव्यों का परिचय दिया गया है।
पंचम खंड में ललित कलाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया है। इन कलाओं के अन्तर्गत संगीतकला, नृत्यकला, नाट्यकला, वास्तुकला, चित्रकला, मूर्तिकला आती हैं। संगीत लोकगीतों का प्राण है। इसके बिना लोकगीत निष्प्राण, निर्जीव तथा नीरस है।
षष्ठ तथा अन्तिम खंड में लोक-साहित्य का समास रूप में विवेचन प्रस्तुत किया गया है। लोक-साहित्य का पाँच श्रेणियों में विभाजन करके, प्रत्येक वर्ग की विशिष्टता दिखलाई गई है।
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Bhautik Vigyan (CUET Physics in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Drishtikon
- Author Name:
Lal Krishna Advani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Champaran Satyagrah Ka Ganesh
- Author Name:
Ajit Pratap Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक चम्पारण सत्याग्रह में गणेश जी की भूमिका का रोचक अध्ययन है। जब एक सदी बाद चम्पारण के सत्याग्रह की चर्चा हो रही है, देश उस लड़ाई को फिर से याद कर रहा है जिसके बाद भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में किसानों की समस्याएँ एक अभिन्न हिस्सा बन गई। वह संघर्ष जिसने मोहनदास करमचन्द गांधी को महात्मा गांधी बना दिया और उन्हें करोड़ों भारतीय के दिलों में बसा दिया, उस आन्दोलन के सूत्रधार और उसके सहयोगियों की चर्चा के बिना यह संघर्षगाथा अधूरी है। यह पुस्तक दरअसल स्वाधीनता-संग्राम की समझ के प्रति समझ के धरातल का विस्तार करती है।
Murti-Bhanjan
- Author Name:
Kshama Kaul
- Book Type:

- Description: अपने इस नवीनतम उपन्यास की अंतिम रूप से संशोधित पांडुलिपि को मुझे क्षमा कौल ने कई किश्तों में सुनाया। एक महत्त्वपूर्ण मूर्तिशिल्पी स्त्री के जीवन-संघर्षों, सृजन की प्रक्रियाओं, उसके सपनों, उपलब्धियों, उसकी निश्छलताओं तथा उसके प्रेम, शोषण, जीवन दर्शन, बीहड़ यात्राओं, हताशाओं, टूटन एवं उसके हृदयविदारक अंत और निष्कर्ष पर यह एक विलक्षण उपन्यास बन पड़ा है। कश्मीर की इस मूर्तिशिल्पी के जीवन में कैसे जिहादी आतंक भयंकर उथल-पुथल मचाता है और चित्त में प्रवेश कर बिना गोली इत्यादि के नष्ट कर डालता है। व्यक्ति, समाज और परिवेश के गहन मनोविज्ञान की पृष्ठभूमि में सभी चरित्र इतने जटिल हैं कि उनकी जटिलताओं की तमाम तहें और उनकी आनुषंगिक कथाएँ व अंतर्कथाएँ उपन्यासकार ने कैसे एक कुशल सूत्रधार की तरह समायोजित की हैं कि मैं आश्चर्यचकित रह गया। अंत तक आते-आते मार्मिकता से इतना विह्वल हुआ कि बिलख-बिलख उठा। मुझे विश्वास है कि ‘मूर्ति-भंजन’ अपने संपूर्ण ताने-बाने में कश्मीर की अंतरंग कथा कहता हुआ और जिनोसाइड के अछूते आयामों पर प्रकाश डालता हुआ विशेष कृति के रूप में प्रतिष्ठा पाएगा और एक अनूठा उपन्यास सिद्ध होगा। —अग्निशेखर जम्मू
Gumnaam Nayakon Ki Gauravshali Gathayen
- Author Name:
Vishnu Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Objective NCERT Based Chapterwise Topicwise Solutions For 11th And 12th Class with Solved Papers (2005 -2023) with Notes for NEET-AIIMS Exam 2024 - Chemistry
- Author Name:
K.G. Ojha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC (SI & ASI) Sub-Inspector & Assistant Sub-Inspector 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhojpuri Lok-Geeton Mein Swadhinta Andolan
- Author Name:
Santosh Kumar Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
मानव की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक आदि सभी चेतनाओं का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप लोकगीतों में समाहित रहता है। दरअसल ये लोकगीत हमारे वे महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं जिनमें साधारण से साधारण घटना को आम लोगों ने लोकगीतों के अन्दाज़ में सहजता से दर्ज किया है। अवधी, भोजपुरी, ब्रज, बुन्देली, छत्तीसगढ़ी, मैथिली, मागधी आदि लोक-गीतों में राष्ट्रीय, साहित्यिक, धार्मिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक तत्त्व अनेकानेक परतों में परम्परागत रूप से विद्यमान हैं। इन लोकगीतों के पीछे जो मार्मिक अनुभूतियाँ एवं सजीवता भरी है, वह अन्यत्र दुर्लभ है।
भारतीय इतिहास लेखन की परम्परा में लोक एवं लोकगीत अभी हाल तक अनुपस्थित रहे हैं। चाहे उपनिवेशवादी इतिहासकार हों, राष्ट्रवादी इतिहासकार हों, मार्क्सवादी इतिहासकार हों या उपाश्रयी इतिहासकार सबके लेखन से यह प्राय: अछूता ही रहा है। इधर इतिहासकारों का एक वर्ग लोकगीतों, लोक-परम्पराओं एवं लोक-संस्कृति को अपने अध्ययन एवं लेखन का केन्द्र बना रहा है, जिससे भारतीय इतिहास के अनेक अछूते तथ्य सामने आ रहे हैं।
स्वाधीनता संग्राम की समग्र तस्वीर लोकगीतों, लोक-कथाओं, लोक-मुहावरों आदि के अध्ययन के बिना नहीं तैयार की जा सकती। अवधी, भोजपुरी, मैथिली, बुन्देली, ब्रज, छत्तीसगढ़ी, राजस्थानी आदि लोकगीतों में इसकी जो विभिन्न छवियाँ हैं इनके द्वारा स्वतंत्रता संग्राम का एक समानान्तर इतिहास लिखा जा सकता है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने यही प्रयत्न करते हुए लोकगीतों के आलोक में भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नए परिप्रेक्ष्य में समझने की सफल कोशिश की है।
Ekatma Bharat Ke Praneta Dr. Syama Prasad Mookerjee
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी पर अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, परंतु यह सत्य उजागर नहीं हो सका कि उनका बलिदान हुआ या किया गया? अर्थात् उनकी मृत्यु स्वाभाविक थी या षड्यंत्र के तहत की गई? कोई नहीं जानता कि सच क्या है? परंतु यह तो सत्य है कि उनका बलिदान न होता तो कश्मीर अब तक भारत से अलग हो चुका होता। नेहरूजी ने शेख अब्दुल्ला की सभी शर्तें मान ली थीं। यह उनकी कायरता थी या अदूरदर्शिता, कुछ नहीं कहा जा सकता। शायद विश्व का लोकप्रिय शांतिदूत बनने का स्वप्न ही इस नीति का कारण रहा हो ! एकात्म भारत के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी की प्रामाणिक जीवन-कथा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book