Patangwala Aur Anya Kahaniyan
(0)
₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789353220709
-
Pages196
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Janadesh 2024: Hindutav Ki Hattrick
- Author Name:
Harsh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Panorama
- Author Name:
Lakshiminiwas Jhunjhunwala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sahitya Ka Dalit Saundaryashastra
- Author Name:
Chanchal Chauhan
- Book Type:

- Description: मनुवादी व्यवस्था में सदियों से पिसते, शूद्र-अतिशूद्र की श्रेणी में डाले गए लोगों को अभिव्यक्ति का अवसर मिला तो उन्होंने भावपूर्ण रचनाएँ कीं। मध्यकाल के अनेक सन्त कवियों, ख़ासतौर से निर्गुण कवियों ने जात-पाँत के भेदभाव के विरोध में आवाज़ उठाई। जोतिबा फुले ने उन्नीसवीं सदी में दलित समाज को ‘ग़ुलामगीरी’ की पहचान कराई, ‘सत्यशोधक’ बनने का सपना दिया। बाबा साहब आंबेडकर ने बीसवीं सदी में उनमें जागृति की नई चेतना पैदा की और इसी चेतना से पढ़े-लिखे दलित समाज ने अपने दमन-शोषण और उपेक्षा को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया। मराठी आदि भाषाओं से होते हुए नई दलित रचनाशीलता सभी भाषाओं में प्रस्फुटित हुई। इस रचनाशीलता के विकास के लिए जब ख़ुद दलित रचनाकार अपने साहित्य की परख के लिए सौन्दर्यशास्त्र रचने की कोशिश में प्रवृत्त हुए तो लगा कि ज़रूरत सिर्फ़ दलित साहित्य के लिए ही सौन्दर्यशास्त्र रचने की नहीं है बल्कि जो नया नज़रिया जोतिबा फुले और आंबेडकर ने हमारे समाज को दिया है, उससे एक सार्वभौमिक ‘दलित सौन्दर्यशास्त्र’ की वैचारिकी गढ़ी जानी चाहिए। इस पुस्तक का आधार यही विचार है। इसमें जिस सौन्दर्यशास्त्र को गढ़ने का प्रयास किया गया है, वह सिर्फ़ दलित साहित्य का नहीं, समूचे साहित्य पर लागू होने वाला दलित सौन्दर्यशास्त्र है।
Khel-Khel Mein Shishu Shiksha
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: किसी शिशु के जीवन के प्रारम्भिक छह वर्ष सामान्य मान्यता के अनुसार अत्यधिक नाजुक वर्ष माने गए हैं। क्योंकि इस दौरान उसके विकास की गति बहुत तेज़ होती है। इन वर्षों में उसे गुणात्मक रूप से उत्प्रेरक एवं समृद्ध वातावरण की आवश्यकता होती है, जिससे कि उसके समग्र विकास को उस बिन्दु तक ले जाना सम्भव हो, जहाँ उसकी समस्त आन्तरिक सम्भावनाएँ फलीभूत हो सकें। प्रस्तुत सन्दर्भिका शिशुओं के विकास में विद्यालयों के साथ ही परिवार की भूमिका को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। सन्दर्भिका में दी गई प्रेरक गतिविधियाँ केवल मार्गदर्शन के लिए दी गई हैं। इन गतिविधियों में आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन कर सकते हैं। अन्त में कुछ वैसी ही गतिविधियाँ करने के संकेत लिखे गए हैं। इस सन्दर्भिका का उपयोग करते समय यह ध्यान में रखना चाहिए कि अधिकांश गतिविधियाँ, खेल-खिलौने जो कि छोटी आयु वर्ग के लिए दिए गए हैं, वे बड़ी आयु वर्ग के लिए भी उपयोग में लाए जा सकते हैं। आशा है, यह पुस्तिका विद्यालयों, शिक्षकों, माता-पिताओं सभी के लिए उपयोगी होगी जिससे वे शिशुओं की सहायता करने में अधिक सक्रिय हो सकेंगे।
HINDI VARNON KA SAMOOHA PAHACHANO
- Author Name:
Anil Anuj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sunita Williams: A Complete Biography
- Author Name:
Pallavi Borgohain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MUSALMAN AUR SHARNARTHI
- Author Name:
Sardar Patel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
31 AMAR KAHANIYAN
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: अपनी कहानियों के माध्यम से समाज का जो सरल, सटीक और जीवंत चित्रण हमें मुंशी प्रेमचंद की कहानियों में दिखाई पड़ता है, अन्यत्र सर्वथा दुर्लभ है। उनकी कहानियों में राष्ट्र और समाज की जिन संगतियों व विसंगतियों को उकेरा गया है, किसी पारखी रचनाकार द्वारा ही ऐसा सूक्ष्म विवेचन संभव हो पाता है। जीवन की कठोर वास्तविकता, जमींदारों, महाजनों के कर्ज तले छटपटाते किसानों का अंतर्द्वंद्व, नौकरीपेशा मध्यम वर्ग की आजीविका के लिए जद्दोजहद, कुप्रथाओं और आडंबरों का अंधानुकरण, अछूतों की प्रताड़ना, धर्म के नाम पर ढोंग, विदेशी आक्रांताओं के हमले तथा डंडे के बल पर शासन जैसे व्यापक तात्कालिक विषयों को लेकर उपन्यास सम्राट् मुंशी प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं को साकार किया। मुंशी प्रेमचंद की रचनाएँ बेशक वर्षों पहले के समाज का आईना हैं; लेकिन घटनाक्रम आज भी ताजा लगता है। कहानियाँ पढ़कर जाना जा सकता है कि समाज में आज भी उन विसंगतियों को चारों ओर व्याप्त देखा जा सकता है। विषय की व्यापकता, चरित्र-चित्रण की सूक्ष्मता, सशक्त संवाद, सजीव वातावरण, भाषा की गंभीरता प्रवाहमयी शैली तथा लोक-संग्रह की दृष्टि से प्रेमचंद की कहानियाँ अद्वितीय हैं। प्रस्तुत पुस्तक उनकी वैसी ही 31 अमर कहानियों का गुलदस्ता है; जिसकी महक अक्षुण्ण है।
TARGET IAS
- Author Name:
Dr. P.K. Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
An Odyssey Through The Dark
- Author Name:
Rehan Raza
- Rating:
- Book Type:

- Description: A flourishing career, a passionate love affair and a lasting friendship come in the way of an unforgiving disaster. What ensues is a desperate attempt to hold onto the pieces that are falling apart. The pandemic not just ravaged the lives of millions of people but also bolstered the feelings of love, friendship and brotherhood in its wake. When the world was collapsing under COVID-19, a group of youngsters was busy salvaging humanity. While the Delhiites were adrift on the second wave, the heroic efforts of Rahul, a small-town boy, and Aditi, a gorgeous, affluent and qualified doctor with a benevolent heart, together with the support of the district administration’s office proved that not all heroes wear capes. But are these heroes ready to pay the price for providing succour to others? Will they be magnanimous enough to let go of their own dreams, aspirations and even their life as they devote their time and resources to provide relief to strangers? Will their love tide over the unforgiving disaster that has gripped the world?
Rishton Ki Neenv
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Glimpses of Ramayan, the Hymns of Himalaya
- Author Name:
Akhilesh Gumashta
- Book Type:

- Description: Cross-cultural respect is the Spiritual philosophy of India. May the present work prove to be the medium of interfaith movements. Ramayana is one of the most important ancient epics known to the historic footings of mankind. Ralph Griffith writes—‘Even far inferior poetic powers are, I think, much more Homeric than any literary prose.’ So this poetic expression, the first of its kind in English, as should have inherent power to penetrate through the soul, will surely permeate into the mind of the reader. These verses are the outcome of a thorough study of Valmiki Ramayana and its offspring in various languages of India i.e. Tamil (Kamban), Malayalam (Ezythechan), Telugu (Shrimoll), Adhyatma Ramayan and above all Tulsi’s Ramcharit Manas in Awadhi. The poet has verified his Bhakti following the meters and Vowel-marks (Matras) as followed by Goswamiji in his couplets, quadruplets, Stanzas & Distiches. Bhakti is the main force behind and so, should these verses have more impact?
Nav Media Aur Bhasha | Hindi is Being Used In Facebook And Twitter | Vijaya Singh Book in Hindi
- Author Name:
Vijaya Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lagan
- Author Name:
Vrindavan Lal Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
50 Super Star Students
- Author Name:
Sushant Mishra
- Book Type:

- Description: एक नन्हा बालक बुधिया सिंह मात्र साढ़ेचार साल की उम्र में 65 किलोमीटर की दूरी सात घंटे और दो मिनट में तय करके सबको चौंका देता है; सोलह साल की किशोरी शिवांगी माउंट एवरेस्ट फतह कर लेती है; लगभग ग्यारह साल की अल्पायु में आर. प्रज्ञानानंद इतिहास में सबसे कम उम्र के शतरंजी दुनिया के ग्रैंडमास्टर बन जाते हैं; जन्मजात अस्थि की कमजोरी के रोग से पीड़ित स्पर्श शाह व्हीलचेयर पर बैठकर भी पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना लेते हैं; दृढ़ संकल्पी शुभम, डायना अवार्ड से सम्मानित चंपा कुमारी, नासा अभियान के लिए चयनित जयलक्ष्मी, पशुओं के प्रति मानवीय डेरेक सी लालछन्हिमा। प्रस्तुत पुस्तक में इस तरह के 50 बच्चों की विलक्षण क्षमताओं और उपलब्धियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इन छात्रों ने सिद्ध कर दिया कि “जहाँ चाह है, वहाँ राह है ' | उपलब्धियों को हासिल करने में उम्र कोई बाधा नहीं होती; बस आपमें उत्साह और कुछ करने की ललक होनी चाहिए । ऐतिहासिक उपलब्धियों की एक ऐसी गाथा, जो पाठकों को रोमांचित करेगी, भाव-विभोर करेगी तो कहीं सजल। एक पठनीय, प्रेरक व संग्रहणीय पुस्तक, जो हर आयु वर्ग के पाठकों को प्रेरणा देगी, उनमें स्फूर्ति और जोश भर देगी।
Swami Vivekanand Ka Hindu Chintan "स्वामी विवेकानंद का हिंदू चिंतन" | Lecture & Ideology of Swami Vivekanand About Hindu Dharma
- Author Name:
Rajkumar Upadhyay ‘Mani’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Essence of Business & Management
- Author Name:
Motilal Oswal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description: आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Gita Vatika ke Chune Huye Pushp
- Author Name:
Gita Manishi Pujya Swami Gyananandji Maharaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pramanik Hindi-Angrezi-Urdu Shabdkosh
- Author Name:
Zubair Ahmad Bhagalpuri
- Book Type:

- Description: प्रख्यात कोशकार ज़ुबैर अहमद भागलपुरी द्वारा सम्पादित यह डिक्शनरी एक नई अवधारणा पर आधारित है। यह एक ही समय में हिन्दी-अंग्रेज़ी शब्दकोश भी है और हिन्दी-उर्दू शब्दकोश भी। इस प्रकार दो शब्दकोशों के कुशलतापूर्वक मेल से तैयार यह त्रैभाषिक डिक्शनरी न केवल अत्यधिक उपयोगी बन गई है बल्कि कोश-निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान है। इसमें संकलित शब्दों की दृष्टि से देखें तो जनसामान्य के उपयोग की शब्दावली की प्रविष्टि तो इसमें है ही, राजकीय और प्रशासनिक स्तर पर इस्तेमाल में आने वाले पारिभाषिक शब्दों को भी इसमें शामिल किया गया है। शब्द-संकलन करते समय रोज़मर्रा के इस्तेमाल में आने वाले शब्दों को प्राथमिकता दी गई है। भाषा के स्वभाव और स्वरशास्त्र (फोनेटिक्स) को ध्यान में रखते हुए डिक्शनरी में शब्दों के उच्चारण में व्यावहारिकता पर बल दिया गया है। इसी कारण उर्दू के शब्द ‘ख्वाब’, ‘ख्वाजा’ और ‘ख्वाहिश’ जैसे शब्दों को इसमें ‘खाब’, ‘खाजा’ और ‘खाहिश’ लिखा गया है। उर्दू के किसी शब्द के अन्तिम अक्षर के अन्त में आने वाले ‘हा-ए-ख़फ़ी’ का देवनागरी लिप्यन्तरण करते समय अमूमन विसर्ग का उपयोग किया जाता है, लेकिन उच्चारण को ध्यान में रखते हुए यहाँ ऐसे शब्दों के लिप्यन्तरण में विसर्ग के बजाय ‘आ’ की मात्रा अर्थात ‘अलिफ़’ का उपयोग किया गया है। समान स्वर लेकिन भिन्न अर्थ रखने वाले शब्दों का अन्तर स्पष्ट करने के लिए उनके लिप्यन्तरण में नुक़्ते का प्रयोग किया गया है। इसमें अनेक बहुचर्चित तकनीकी शब्दों के उर्दू विकल्प भी दिये गए हैं। निश्चय ही यह सबके लिए अन्यन्त उपयोगी और संग्रहणीय है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book