Kuch Vichar
Author:
PremchandPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
यह पुस्तक छात्रों को उनकी हिंदी परीक्षाओं में मार्गदर्शन करने के लिए बनाई गई है। इसमें दीर्घ, लघु, अति लघु और वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न और उत्तर शामिल हैं।
ISBN: 9789392186561
Pages: 253
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
CTET/TETs Shikshak Patrata Pareeksha Bal Vikas Evam Shikshan Shastra 2022 (34 Solved Papers, 40 Practice Sets)
- Author Name:
Sumumar Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Sanskrit (CUET Sanskrit in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Puratan Vigyan (Hindi)
- Author Name:
Pramod Bhargava
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति के दो विलक्षण पहलू हैं। एक, धर्म एवं अध्यात्म और दूसरा, आध्यत्मिक विज्ञान। विडंबना यह रही कि इन्हें वर्गीकृत करके परिभाषित नहीं किया गया। मिथक रूपी विधा ने इन्हें और जटिल बना दिया। लेकिन इसकी चिरंतरता और सफलता यह रही कि इसके तीनों रूप श्रुति और वाचन में सरलता के कारण आज अपने मूल रूप में सुरक्षित हैं। इनके रहस्यों को तकनीक के उत्तरोत्तर विकास ने प्रामाणिक साक्ष्यों में बदल दिया। अतएव नासा ने रामसेतु और समुद्र विज्ञानियों ने द्वारका व श्रीलंका के राम-रावण युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए अवशेषों को खोज निकाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने रामायण और महाभारत में उल्लिखित तिथियों की प्रामाणिकता सिद्ध कर दी। बहरहाल विज्ञान की अनेक उपलब्धियों के सूत्र हमारे धर्म ग्रंथों में यत्र-तत्र-सर्वत्र बिखरे पडे़ हैं। इस पुस्तक में इसी सनातन ज्ञान को चिरंतन बनाने की एक समन्वयवादी वैज्ञानिक पहल है। इसमें दिए अध्याय—‘हवा का भोजन कर जीवित रहीं अहल्या’, ‘बालक ध्रुव के तारा बनने का विज्ञान’, ‘हनुमान के उड़ने का विज्ञान’, ‘चौरासी लाख योनियों का विज्ञान’, ‘सूर्यरथ के एक चक्रीय होने का विज्ञान’, ‘कुंभ पर्व में स्नान का विज्ञान’, ‘तैरनेवाले पत्थरों का विज्ञान’, ‘भ्रूण प्रत्यारोपण से जनमे थे बलराम’, ‘रामायणों में विज्ञान’, ‘प्राचीन भारत में टीकाकरण’ एवं ‘प्राचीन मंदिरों में विज्ञान’ पुरातन विज्ञान की महत्ता को सिद्ध कर भारतीय ज्ञान चेतना का दिग्दर्शन कराते हैं।
Drishtikon
- Author Name:
Lal Krishna Advani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aadhunik Hindi Proyog Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

-
Description:
भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग।
भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं।
प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है।
सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं।
‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
Hamari-Tumhari Love Stories (40 Prem stories)
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: कॉफी के हर घूँट के साथ वह चीज स्टिक को परियों की जादुई छड़ी की तरह घुमाती किस्से सुना रही थी। वह वशीभूत सा बैठा सुन रहा था। जब भी वह कुछ कहती, एक उत्कंठा हमेशा उसे घेर लेती। उसकी दुनिया अजनबी नहीं रही थी, वह बिना दस्तक दिए ही उसके मन पर अपना कब्जा जमा चुकी थी। हम यों ही कभी-कभी मिल सकते हैं क्या? पूछते समय अपने स्वर में लरजते कंपन को महसूस किया उसने। वह उसे किसी भी हाल में खोना नहीं चाहता था। क्योंकि अब उसे पता था, वह क्या चाहता है। वह मुसकराई। हाँ, मिल सकते हैं। वैसे मेट्रो में तो अकसर मुलाकात हो ही जाती है, फिर क्या कॉफी पीने के लिए मिलना जरूरी है? उसकी आँखों में शरारत थी। चलो मिल लेंगे यों भी कभी-कभी, पर नो कमिटमेंट। उम्मीदों के पहाड़ मत खड़े कर लेना देव बाबू। मैं पारो नहीं हूँ, न ही बनना चाहती हूँ। एहसासों को बंद मुट्ठी में कैद करने में यकीन नहीं रखती। दोस्ती जैसा एहसास पंख दें, उड़ान दें, यही चाहती हूँ। अगर ऐसा कर सको तो तुम भी उड़ सकते हो मेरे साथ। —इसी पुस्तक से
PARINITA & BARI DIDI (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: विचारो में डूबे हुए गुरुचरण बाबू एकांत कमरे में बैठे थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा, “बाबू! बाबू! माँ ने एक नन््ही सी बच्ची को जन्म दिया है।'' यह शुभ समाचार गुरुचरण बाबू के हृदय में तीर की भाँति समा गया, उसका चेहरा ऐसा सूख गया, मानो कोई बड़ा भारी अनिष्ट हो गया हो! यह पाँचवीं कन्या थी, जो बिना किसी बाधा के उत्पन्न हुई थी। गुरुचरण बाबू एक साधारण आदमी थे। वह केवल साठ रुपए मासिक वेतन के नौकर थे। उनकी दशा शोचनीय थी, जीवन शुष्क तथा नेत्रों में निराशा की झलक थी। शरीर दुर्बल, मरियल, टट्टू की भाँति था। देखने में ऐसा लगता था कि जान होते हुए भी बेजान हों। फिर ऐसी दशा में यह अशुभ समाचार सुनते ही उनका खून ही सूख गया और हाथ में हुक््का लिये हुए निर्जीव की भाँति, फटे-पुराने तकिए के सहारे लेट रहे। जान पड़ता है कि साँस लेने में भी उन्हें कष्ट हो रहा था। अन्नाकाली से यह शुभ समाचार सुनकर भी गुरुचरण बाबू कुछ नहीं बोले तो थोड़ी देर बाद वह उन्हें हिलाकर फिर कहने लगी, ““बाबूजी, मुन्नी को देखने न चलोगे ?!!
1000 Kalam Prashnottari
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description: "1000 कलाम प्रश्नोत्तरी भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अद्भुत मेधा के धनी हैं। विलक्षण वैज्ञानिक के रूप में अग्नि मिसाइल के जनक होने के साथ-साथ भारत के महत्त्वपूर्ण अनुसंधान कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। भारत के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने लगभग दस लाख बच्चों से संवाद कर उन्हें प्रेरित किया। उनके प्रभावशील व्यक्तित्व ने अनेकानेक लोगों को कर्तव्य-पथ पर अग्रसर किया है। प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. कलाम के तपस्वी जीवन, उनके संघर्ष तथा उनकी उपलब्धियों को ही नहीं, उनके आध्यात्मिक चिंतन एवं राष्ट्रप्रेम को प्रश्नोत्तर शैली में वर्णित किया गया है। इस कारण से यह पुस्तक आम पाठकों के अलावा विद्यार्थियों, परीक्षार्थियों एवं क्विज शो में भाग लेनेवाले प्रतियोगियों के लिए विशेष उपयोगी है। एक तरह से डॉ. कलाम के प्रेरणाप्रद जीवन का विश्वकोश है यह पुस्तक। "
Buland Awaaz "बुलंद आवाज"
- Author Name:
Nand Kishore Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prasad Kavya-Kosh
- Author Name:
Suchita Verma +1
- Book Type:

-
Description:
जयशंकर प्रसाद ने ब्रजभाषा और हिन्दी में कविताएँ रची थीं। छायावाद के वे श्रेष्ठ कवि और नाटककार हैं; मगर उनकी रचना-यात्रा छायावाद से एक दशक पहले से प्रारंभ हो चुकी थी। प्रसाद का देहांत और छायावाद का ‘युगांत’ लगभग एक साथ घटित हुआ था। छायावाद का अधिकतम प्रतिनिधित्व प्रसाद की रचनाएँ करती हैं।
‘कामायनी’, ‘आँसू’, ‘लहर’, ‘झरना’ आदि काव्य-पुस्तकों के साथ उनके नाटकों के गीतों को मिलाकर उनके कवि-व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता रहा है। प्रसाद का ब्रजभाषा काव्य उनके काव्य-संस्कार की बुनियाद को बनाता है और नाटकों के गीतों में इतिहास-सम्मत भावजगत बिखरा हुआ है। इस प्रभूत काव्य-संसार में शब्दों और पदबंधों की विविधता भरी-सजी है।
जयशंकर प्रसाद की समस्त काव्य-कृतियों में प्रयुक्त शब्दों और पदबंधों के आधार पर 'प्रसाद काव्य-कोश' का निर्माण किया गया है। प्रसाद के शब्द-प्रयोगों से जुड़ी काव्य-पंक्तियों को एक साथ पढ़कर अलग ढंग का आनंद आता है और उसके अर्थ की विभिन्न छायाओं को जानकर महसूस होता है कि हिन्दी की काव्य-भाषा कितनी समृद्ध है! प्रसाद के शब्द-संसार का सम्बन्ध संस्कृत, ब्रज और हिन्दी से भाषिक स्तर पर तो है ही, उनके ज्ञान का दायरा न जाने कितने ढंग के लोक और शास्त्र से जुड़ा है। उनके साहित्य में आया हुआ लोक अनेक कालखंडों से सम्बद्ध है। इन सब का प्रभाव उनके शब्द-संसार के वैविध्य और विस्तार पर पड़ा है।
गहरी साहित्यिक रुचि को आज भी प्रसाद का काव्य आकर्षित करता है। प्रसाद के पाठकों, अध्यापकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को यह कोश अर्थ तक पहुँचने में मददगार होगा।
CRPF Kendriya Reserve Police Bal Head Constable (Ministerial) Evam A.S.I. Steno Bharti Pariksha 20 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pocket English Hindi Dictionary
- Author Name:
Dwarka Prasad
- Book Type:

- Description: आज अंग्रेज़ी का प्रचार-प्रसार पहले से भी अधिक होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक हो गया है कि आप कम-से-कम इतनी अंग्रेज़ी तो जानें ही कि अपने काम अंग्रेज़ी में भी चला सकें। अब तो स्कूलों की प्राइमरी कक्षाओं तक में अंग्रेज़ी का प्रचलन होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में आपको एक ऐसे कोश की आवश्यकता पड़ती ही है जिसके माध्यम से आप अपने अन्दर हिन्दी में उठते विचारों को अंग्रेज़ी में भी प्रकट कर सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस कोश में प्रयास किया गया है कि आज की प्रचलित हिन्दी का अगर आपको अंग्रेज़ी में अनुवाद करना हो तो आप आसानी से अपना मनचाहा अंग्रेज़ी शब्द इसमें पा जाएँ। अगर आप अहिन्दी भाषी हों और अंग्रेज़ी से अधिक परिचित हों तो हिन्दी पढ़ते हुए अगर कहीं कठिनाई हो तो इस कोश में आपको अपना वांछित अंग्रेज़ी अर्थ आसानी से मिल जाएगा। शब्दों के चुनाव में हमने इस बात का भी ध्यान रखा है कि यह स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों, दफ़्तरों आदि के लिए भी उपयोगी हो।
Madhya Pradesh MP Patwari Sanykut Bharti Pareeksha Samooh-2 (Group-2 Subgroup-4 Guide Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lahore (Hindi Translation)
- Author Name:
Manreet Sodhi Someshwar
- Book Type:

- Description: 1947 में भारत के स्वतंत्रता प्राप्त करने और उसके बाद के महीनों में स्थापित 'द पार्टीशन ट्रायलॉजी' उन घटनाओं, आवश्यकताओं और निर्णयों की खोज है, जो भारत की स्वतंत्रता, उसके सहवर्ती विभाजन और साथ-साथ रियासतों के परिग्रहण का कारण बने। एक साहित्यिक-राजनीतिक थ्रिलर, जो उस समय के उन्माद को दिखाता है। यह शृंखला दिल्ली, लाहौर, हैदराबाद और कश्मीर में स्थापित है। एक विस्तृत कैनवास को समाविष्ट करते हुए जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और डिकी माउंटबेटन ट्रायलॉजी में उन शहरों के आम लोगों के साथ जगह साझा करते हैं, जो विभाजन और राज्यों के पुनर्गठन से प्रभावित हुए थे। राजनीतिक सूत्र की प्रामाणिकता सुनिश्चित करते गहन शोध द्वारा समर्थित यह ट्रायलॉजी पाठकों को अपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल और मंथन की दुनिया में वापस ले जाएगी।
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Samajshastra (CUET Sociology in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeet Jayenge Hum (Hindi Translation Of Head Held High)
- Author Name:
Vishwas Nangre Patil
- Book Type:

- Description: विभूषित अधिकारी, विश्वास नांगरे पाटील को जब भी बचपन में बिताई दीवाली याद आती है, तो पटाखों की आवाज अकसर 26/11 की रात को कान के परदे हिला देनेवाले ग्रेनेड के धमाकों में बदल जाती है। यू. पी.एस.सी. की परीक्षा के लिए कमरतोड़ मेहनत करने के दिनों से ही उनमें ऐसा दृढ़ निश्चय पैदा हुआ, जिसने उन्हें ताकत दी और 2008 के मुंबई हमलों के दौरान उन्होंने ताज होटल में छिपे आतंकवादियों को मार गिराया था। मराठी भाषा में लिखी गई पुस्तक से अनूदित यह पुस्तक 'जीत जायेंगे हम' आई.पी.एस. अधिकारी विश्वास नांगरे पाटील के जाीवन का वर्णन करती है। यह उनकी बेहद साधारण पृष्ठभूमि से लेकर स्कूल, कॉलेज और आई.पी.एस. कैडर में चुने जाने के लिए यू.पी.एस.सी. की परीक्षाओं को लेकर रोज़ाना कई घंटे पढ़ने और आखिरकार मुंबई हमलों के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनकी भूमिका के बारे में बताती है। उनके जीवन के सबसे निर्णायक और चुनौतीपूर्ण वर्षों का यह दिल को छू लेनेवाला सच्चा वर्णन निश्चित रूप से उन लोगों को उत्साहित करेगा, जिनमें भारतीय सिविल सेवा में शामिल होने की आकांक्षा है। कर्मठता, लगन, साधना, परिश्रम, निष्ठा और राष्ट्रभाव विकसित करनेवाली अनुपम कृति, जो हर पाठक के मन में विश्वास जगाकर सफलता के शिखर छूने के लिए प्रेरित करेगी।
UPPSC Chiktsa Adhikari Bharti Pariksha Bhag- I Samanya Gyan Homeopathic/Ayurvedic
- Author Name:
Dr. S. K. Bhatnagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sahastrabahu
- Author Name:
Guru Datt
- Book Type:

- Description: यशस्वी रचनाकार स्व. गुरुदत्त ने रसायन विज्ञान (कैमिस्ट्री) में एम.एस-सी. की और गवर्नमेंट कॉलेज, लाहौर (अब पाकिस्तान में) में प्रोफेसर के पद पर कार्य किया। स्वाधीनता आंदोलन से जुड़ने पर पद से त्याग-पत्र दे दिया। तत्पश्चात आयुर्वेद का ज्ञान प्राप्त किया और उसे ही अपना कार्यक्षेत्र बनाया; साथ-ही-साथ उपनिषदों और वेदों का गहन अध्ययन किया। लेकिन नियति उन्हें बचपन से ही लिखने की प्रेरणा दे रही थी। शीघ्र ही वे उपन्यास-जगत में छा गए। उन्होंने अपने उपन्यासों के पात्रों द्वारा पाठकों को भिन्न- भिन्न विषयों का ज्ञान दिया। विज्ञान के प्रोफेसर यशस्वी लेखक ने अपने उपन्यास 'सहस्रबाहु' में पाठकों को अत्यंत रुचिकर विधि से आधुनिक विज्ञान व प्राचीन भारतीय विज्ञान की जानकारी दी है। उपन्यास का एक पात्र बताता है कि इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन व न्यूट्रॉन तो वेदों में वर्णित वरुण, मित्र एवं सोम ही हैं, और कैसे उनकी विभक्ति भयंकर ऊर्जा उत्पन्न करती है। यदि इन फॉर्मूलों की प्राप्तिएक आस्तिक वैज्ञानिक को होती है तो वह मानव कल्याण का साधन बन जाता है और नास्तिक वैज्ञानिक यही ज्ञान प्राप्त कर अशांति व सर्वनाश का कारण बन जाता है। महान् उपन्यासशिलपी वैद्य गुरुदत्त की यह कृति रोचक होने के साथ-साथ शिक्षाप्रद भी है। - पदमेश दत्त
Vaishwik Prem Kahaniyan
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
Bharatvarsh Ke Aakrantaon Ki Kalank Kathayen
- Author Name:
Major (Dr.) Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक भारतीय इतिहास के कुछ ऐसे दुर्दांत आक्रांताओं के कुत्सित कुकृत्यों पर प्रकाश डालती है | महमूद गजनवी के आक्रमण से पहले भारत में सूफियों को छोड़कर इसलाम का शायद ही कोई अनुयायी रहा हो | लेकिन सैयद सालार मसूद गाजी के आक्रमण के समय, सलल््तनत काल तथा मुगल काल में धर्म-परिवर्तन का नंगा नाच किया गया | धर्म-परिवर्तन न करने पर जजिया कर लादा गया, जो कि मुगल काल तक चलता रहा | इस कालखंड में भारतीय संस्कृति को पददलित करने का हरसंभव प्रयास किया गया। इसमें नालंदा विश्वविद्यालय का पुस्तकालय जलाने से लेकर अनेक मह्त्त्वपूर्ण मंदिरों व श्रद्धाकेंद्रों को ध्वस्त करना प्रमुख था। इन्हें न केवल ध्वस्त किया गया, बल्कि इन पर उन्होंने अपने उपासना-स्थलों का निर्माण भी किया | सिकंदर और उसके बाद 712 ई. से लेकर 1947 तक भारतवर्ष के लुठेरों की काली करतूतों के कारण भारत आअँधेरे के गिरफ्त में छटठपटाता रहा, लुठता रहा। इन्होंने भरतीय संस्कृति, परंपराओं और मान्यताओं को नष्ट किया, हमारी शिक्षा व्यवस्था, उद्योग, व्यापार, कलाओं और जीवनमूल्यों पर निरंतर प्रहार करके भारतवर्ष की समृद्धि और सामर्थ्य को खंडित किया | यह पुस्तक इन क्रूरों और आततायियों की नृशंसता और पाशविकता की झलक मात्र देती है, जो हर भारतीय को भीतर तक उद्वेलित कर देगी कि हमारे पूर्वजों ने इन नरपिशाचों के हाथों कितने दुःख और कष्ट सहे.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book