Bihar Vastunisth (7500+ vastunisth Questions in Hindi
(0)
Author:
Dr. Manish RannjanPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
525
₹ 420 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354884474
-
Pages540
-
Avg Reading Time18 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
RSMSSB (Rajasthan Adhinastha Evam Mantralayik Seva Chayan Board) LDC (Lower Division Clerk) (Kanistha Sahayak) Bharti Pariksha (Grade-II)
- Author Name:
Singh +1
- Book Type:

- Description: RSMSSB (Rajasthan Adhinastha Evam Mantralayik Seva Chayan Board) LDC (Lower Division Clerk) (Kanistha Sahayak) Bharti Pariksha (Grade-II)
Farfando Reminiscence
- Author Name:
Dr. Kirti Kale
- Book Type:

- Description: डॉ. कीर्ति काले ने पद्य के क्षेत्र में अपने गीतों से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। अब गद्य के क्षेत्र में उनका अश्वमेध यज्ञ अबाध गति से चल रहा है। गत वर्ष उनका व्यंग्य संग्रह 'ओरत्तिरेकी' चर्चा में रहा और यह वर्ष जाते-जाते उनका यह संस्मरण-संग्रह 'फरफंदो ' शिष्ट गद्य की एक विशिष्ट कृति के रूप में आया है।आत्मीय भाषा और चित्रोपम शैली में उनके संस्मरण हृदयस्पर्शी और रोचक हैं। यह सिद्ध करता है कि बचपन सारे जीवन भर आच्छादित रहता है। खट्टा, मीठा, कसैला या कैसा भी बचपन रहा हो, जीवनभर प्रभावित करता है। कीर्ति कालेजी के जीवन संपर्क में आए अनगिनत चेहरों में कुछ को उन्होंने लेखनीबद्ध किया है। इस खूबसूरती से किया है, मानो पाठक उनमें अपनत्व खोज पाता है। संस्मरण विधा आत्म-मंथन कौ विधा है, सत्य लेखन की विधा है। लेखिका ने अपने सत्य का उद्घाटन करते हुए ऐसे संस्मरण दिए हैं, जिनके साथ पठनीयता एवं विश्वसनीयता जुड़ी है। आप पढ़ते जाइए और जुड़ते जाइए। —डॉ. हरीश नवल प्रख्यात लेखक एवं पूर्व प्राध्यपक
Indian Constitution and Polity Bhartiya Samvidhan Evam Rajvyavastha "भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था" For Union and State Service Commission Exams 2023 Book in Hindi
- Author Name:
Udyabhan Singh
- Book Type:

- Description: "प्रस्तुत पुस्तक ' भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था' संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं हेतु लिखी गई है। यह पुस्तक भारतीय संविधान एवं भारतीय राजव्यवस्था से संबद्ध समस्त अवधारणाओं का निष्पक्ष एवं सरल भाषा में विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें संवैधानिक संरचना, संवैधानिक विकास, कार्यपालिका : संघ एवं राज्य, व्यवस्थापिका : केंद्रीय एवं राज्य, न्यायपालिका, स्थानीय शासन, नगरीय शासन, केंद्र-राज्य संबंध, आपातकालीन प्रावधान, कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधान, संविधान संशोधन, संवैधानिक संस्थाएँ, राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग, नीति आयोग, भारत में राजनीतिक दल, दबाव समूह, स्वैच्छिक संगठन, लोकपाल एवं लोकायुक्त, भारत में खुफिया तंत्र, ई-शासन, कॉर्पोरेट गवर्नेस इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक सामग्री प्रस्तुत की गई है। ◆ प्रमुख विशेषताएँ ◆ लोकतंत्र में सिविल सेवा की भूमिका पर विश्लेषणात्मक सामग्री । विभिन्न देशों की संवैधानिक व्यवस्था पर अद्यतन सामग्री । भारत की विदेश नीति (नेहरू से मोदी तक) का समग्र अवलोकन । राजनीतिक / संवैधानिक / संसदीय शब्दावली । भारत के संविधान पर विस्तृत सामग्री । सिविल सेवा (प्रा.) परीक्षा में विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का समावेश । राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र शासन संशोधन अधिनियम-2021 का समावेश ।
Nehru Files: Nehru Ki 127 Aitihasik Galtiyan (Hindi Translation of Nehru’s 127 Major Blunders)
- Author Name:
Rajnikant Puranik
- Book Type:

- Description: चीन की सरकार के लिए भारत पर आक्रमण करने जैसी बात सोचना भी पूरी तरह से अव्यावहारिक है। इस कारण, मैं इसे खारिज करता हूँ''''जवाहरलाल नेहरू (एएस/103) किसी ने ठीक ही कहा है : नेहरू अनभिज्ञता के नवाब थे। अगर नेहरू ने तमाम किस्म की बड़ी गलतियाँ नहीं की होतीं; और यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उन्होंने बेहिसाब गलतियाँ कीं, नहीं तो भारत तेजी से तरक्की की राह पर होता और उनके कार्यकाल के अंत तक एक प्रभावशाली, समृद्ध, विकसित देश होता। और निश्चित रूप से ऐसा 1980 के दशक की शुरुआत में ही हो गया होता, बशर्तें, नेहरू के बाद उनका वंश सत्ता में नहीं आया होता। दुर्भाग्य से, नेहरू युग ने ही भारत में गरीबी और दरिद्रता की नींव रखी, जिसने हमेशा के लिए इसे एक विकासशील, तीसरे दर्जे का, पिछड़ा देश बनाकर रख दिया। इन मूर्खतापूर्ण भूलों का ब्योरा रखकर, यह पुस्तक दिखावे के पीछे का सच दिखाती है। इस पुस्तक में नेहरू की मूर्खतापूर्ण भूलों का प्रयोग 'एक सामान्य शब्द के रूप में विफलताओं, लापरवाहियों, गलत नीतियों, खराब फैसलों, निंदनीय या अशोभनीय कृत्यों, अनर्जित पदों को हड़पने आदि के लिए भी किया गया है। इस पुस्तक का उद्देश्य नेहरू की आलोचना करना नहीं है, बल्कि उन ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी को, जिन्हें अकसर तोड़ा-मरोड़ा गया या छिपाया गया या दबा दिया गया, व्यापक करना है, ताकि वही गलतियाँ दोबारा न हों, और भारत का भविष्य उज्ज्वल बन सके । हो सकता है कोई कहे : नेहरू पर हायतौबा मचाने की जरूरत क्या है ? उन्हें गए तो बरसों हो गए । बरसों हो गए शारीरिक रूप से, किंतु दुर्भाग्य से उनकी अधिकतर सोच और नीतियाँ अब भी जीवित हैं । यह समझना जरूरी है कि उन्होंने गलत रास्ते को चुना । पर देश को उन विचारों से मुक्त होकर आगे बढ़ना पड़ेगा, जिनमें से अधिकांश अब भी जारी हैं । यह पुस्तक वर्तमान समय के लिए भी अत्यधिक प्रासंगिक है।
Athashri Prayag Katha
- Author Name:
Lalit Mohan Rayal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Samanya Gyan
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: बिहार राज्य से पृथक् राज्य बने झारखंड के गठन में सुविधा-वितरण असमानताओं का बड़ा हाथ रहा। पृथक् झारखंड की माँग 19वीं शताब्दी के प्रारंभ से ही होने लगी थी, जबकि उस समय भारत अंग्रेजी शासन के अधीन था। सौ साल तक चला यह आंदोलन पृथक् राज्य के गठन के लिए विश्व में सबसे अधिक अवधि तक चलनेवाला आंदोलन रहा। जनजातीय बहुल झारखंड वैसे तो प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर है, लेकिन शिक्षा के अभाव ने इस क्षेत्र को बहुत समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रखा। अपने अस्तित्व को बचाने और अपने अधिकारों को प्राप्त करने में झारखंड का आंदोलन और भी विशेष हो जाता है। जनजातियों का दमन और शोषण रोकने के लिए झारखंड की भूमिका पर ऐसे अनेक आंदोलन हुए, जो अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभ से ही हो रहे थे। इन आंदोलनों में यहाँ की जनजातियों ने क्या कुछ सहा और देखा, इसकी कल्पना करना भी कठिन है। आज झारखंड पृथक् राज्य बनकर विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रस्तुत पुस्तक ‘झारखंड सामान्य ज्ञान’ में झारखंड की भौगोलिक स्थिति, खनिज-संपदा, राजनीतिक-सामाजिक स्थिति पर सम्यक् जानकारी जुटाई गई, जो पाठकों के लिए अनेक रूपों में उपयोगी सिद्ध होगी।
DHAROHAR RAJ. BHUGOL EVAM ARTHVYASTHA
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
INDIAN AIR FORCE AIRMEN GROUP Y (TECHNICAL TRADES EXAM) 30 PRACTICE SETS (REVISED 2021)
- Author Name:
Ranjeet Singh Chauhan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Inspiring Stories From My Life
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
Chemistry Quiz Book
- Author Name:
Mrinal Talukdar
- Book Type:

- Description: Chemistry seemingly is a part of science that we do not encounter in our normal life. On the contrary, Chemistry is that branch of science which is inherently linked to our everyday existences. ‘Chemistry Quiz Book’ is an endeavour to delve deep into the abyss that Chemistry appears to be. Useful for aspiring students, as well as for general learners who are curious to learn the ways of chemistry, this book is an attempt to provide information about the said discipline in a cohesive and comprehensible manner, as the questions are categorized under different topics. The quiz in the form of MCQs will give any amateur in science the confidence and motivation to explore more advanced concepts and help build a solid foundation for Chemistry as a science category.
Vimarsh-Akaal Me Utsav
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: ‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
Loksanskriti Mein Rashtravad
- Author Name:
Badri Narayan
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक ‘लोकसंस्कृति में राष्ट्रवाद’ में शोध को एक ढाँचा प्रदान करने के लिए तीन लोक-कवियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है जो लोक-चेतना के तीन कालखंडों में प्रतिनिधि हैं। लोकसंस्कृति के कुछ अन्य रूपों का उपयोग इतिहास लेखन और लोकसंस्कृति में किया गया है। इसमें सन् 1857 के ग़दर की झलक भी शामिल है। लोकसंस्कृति को समय में बाँधने के कारण इस अध्ययन की कई सीमाएँ बन गई हैं।
पुस्तक में अन्तःअनुशासनिक तकनीकों एवं प्रविधियों का उपयोग किया गया है। इसमें मौखिक इतिहास की उपलब्ध प्रविधि को विकसित करने का प्रयास है। पुस्तक छह खंडों में विभाजित है—‘राष्ट्रवाद का प्रमेय’, ‘इतिहास-लेखन और लोकसंस्कृति’, ‘रचना-काल (1857 से 1900 ई.) : लोक-सजगता एवं सुखदेव भगत की संघटना का वृत्तान्त’, ‘विरचना-काल (1900-1920 ई.) : लोकसंस्कृति में स्वीकार और बहिष्कार : निर्धिनराम की गाथा’, ‘पुनर्रचना-काल (1920-1947 ई.) : लोकचेतना की क्रियात्मक क्षमता का पुनर्निर्माण और कवि कैलाश का सन्दर्भ’ तथा ‘निष्कर्ष’।
पुस्तक निश्चय ही पठनीय और संग्रहणीय है।
Bhartiya Rangkosh : Vol. 1
- Author Name:
Pratibha Agarwal
- Book Type:

-
Description:
नाटक और रंगकर्म की सन्दर्भ सामग्री के रूप में यह रंगकोश एक नई पहल है। इसके पहले खंड में हिन्दी में मंचित नाटकों का इतिहास संकलित है। कब किसने किस नाटक को निर्देशित किया, नाटक किसका लिखा हुआ है, और उसे किस दल ने मंच पर उतारा, आदि-आदि ब्योरों से सम्बन्धित यह कोश सहज ही हमें नाट्य-लेखन और रंगकर्म के इतिहास में भी ले जाता है, और यह भी बताता है कि हिन्दी में लिखित और मंचित नाटकों की वास्तव में एक बड़ी दुनिया रही है।
इस दूसरे खंड में उन रंग-व्यक्तित्वों के बारे में जानकारियाँ दी गई हैं, जिनका गहरा रिश्ता हिन्दी रंगमंच से रहा है। इनमें नाटककला, निर्देशक, अभिनेता, संगीत-सर्जक, मंच-प्रकाश-परिधान परिकल्पक आदि के साथ-साथ प्रेरक व्यक्तित्वों का परिचय भी अकारादिक्रम से दिया गया है। उन दूसरी भाषाओं के नाटककारों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिनके अनूदित नाटक हिन्दी में लोकप्रिय रहे हैं। इस प्रकार कुल लगभग चार सौ रंग-व्यक्तित्वों की प्रविष्टियाँ इस कोश में शामिल हैं।
हिन्दी के रंगमंच से जुड़ी शख़्सियतों को सूचीबद्ध करना, उनमें से इन महत्त्वपूर्ण लोगों का चयन करना और फिर जम्मू से कोलकाता तक के व्यापक क्षेत्र में, विभिन्न नगरों में सक्रिय रंगकर्मियों के बारे में सूचनाएँ एकत्र करना बहुत ही कठिन कार्य था।
सम्पादक के सराहनीय परिश्रम और मेधा को इस पुस्तक से गुज़रते हुए सहज ही लक्षित किया जा सकता है। निश्चित रूप से यह रंगकोश हिन्दी रंगकर्म की दुनिया में एक मील का पत्थर है।
Best of Shail Chaturvedi
- Author Name:
Shail Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manas Mein Nari
- Author Name:
Rajendra Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Sapnon Ki Ladki
- Author Name:
Durjoy Datta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
FCI Non-Executive (Junior Engineer, Steno Evam Assistant Grade-III) Bharti Pareeksha Phase-I
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Sanskriti Ka Pravah
- Author Name:
Kripashankar
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय संस्कृति के प्रवाह का संक्षिप्त विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
इस पुस्तक में भारतीय संस्कृति के विकास का विवेचन उसके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में किया गया है।
संस्कृति अपरिवर्तनशील नहीं होती, वरन् उत्पादन प्रणाली के विकसित होने के साथ संस्कृति भी रूपान्तरित होती रहती है। मनुष्य सामाजिक चेतना और सौन्दर्यवृत्ति की अभिव्यक्ति हर युग में करता है। संस्कृति की कहानी इसी अभिव्यक्ति की कहानी है।
भारतीय संस्कृति तथा जीवन-दर्शन का प्रारम्भ से ही जीवन के प्रति एकांगी दृष्टिकोण नहीं रहा है। सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास भारतीयों का उद्देश्य था। यह सत्य है कि कुछ धार्मिक समुदायों तथा दार्शनिकों ने जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया था। परन्तु सामान्य जीवन में जीवन के प्रति उल्लास बना रहा और भारतीय विचारकों ने जीवन के उद्देश्यों को चार पुरुषार्थों के रूप में प्रस्तुत किया।
भारत का इतिहास सहस्रों वर्ष पुराना है और यह आश्चर्य की बात है कि इस काल में अनेक साम्राज्य बने तथा बिगड़े, अनेक जातियों का उत्कर्ष तथा पतन हुआ, भारत ने अनेक विदेशी आक्रमण झेले परन्तु इतिहास की परम्परा नहीं टूटने पाई। भारत का इतिहास संश्लेषण के प्रयत्नों का इतिहास है। अनेक विदेशी जातियों, धर्मों तथा संस्कृतियों ने हमारी वर्तमान भारतीय संस्कृति का निर्माण किया है। इस प्रकार की मिश्रण की प्रक्रिया आज भी हमारे देश में देखी जा सकती है।
यह पुस्तक न केवल इस विषय के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी; वरन् साधारण पाठकों के लिए जो अपनी संस्कृति को समझना चाहते हैं, लाभदायक होगी।
IERT Allahabad Pravesh Pariksha-2018
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IIT Mein Pravesh Kaise Payen
- Author Name:
Subhash Jain
- Book Type:

- Description: "आई. आई. टी. प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अत्यंत कठिन है । इसमें सफल होने के लिए जिस प्रकार की तैयारी छात्रों को करनी होती है, उसमें तीन प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं -प्रतिस्पर्धात्मक निपुणता, पृष्ठभूमि का ज्ञान और स्व- प्रबंधन निपुणता । यह पुस्तक जीवन के लंबे अनुभव और श्रमशील अध्ययन के आधार पर इस आशा के साथ लिखी गई है कि इच्छुक छात्रों को आई. आई.टी. प्रवेश परीक्षा के प्रत्येक पहलू की तैयारी करने में सहायक बनेगी । प्रस्तुत पुस्तक आई. आई. टी. प्रवेश परीक्षा की यात्रा में आपके लिए एक प्रकाश-पुंज, कपास एवं नक्शे के रूप में सहायक हो, ऐसी कामना है । पढ़िए सीखिए और उत्तीर्ण होकर सफलता के शिखर छुइए । "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book