Khushhaal Family Ke Funde
Author:
N RaghuramanPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789350485163
Pages: 152
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Jharkhand Vastunishtha
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NDA/NA National Defence Academy & Naval Academy Entrance Examination Guide
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
- Author Name:
Dr. Kailash Chandra Bhatia
- Book Type:

- Description: Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
1000 Ambedkar Prashnottari
- Author Name:
Parijat Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vaishwik Rachnakar : Kuchh Moolbhoot Jigyasayen
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
Sanskriti : Rajya, Kalayen Aur Unse Pare
- Author Name:
Balmeeki Prasad Singh
- Book Type:

-
Description:
संस्कृति भारतीय अनुभव की आत्मा है। भारतीय अनुभव को समझने के लिए आवश्यक है कि उसके मर्म में स्थित भारतीय संस्कृति को समझा जाए। ईसाई युग के अभ्युदय से काफ़ी पहले ही पूर्णत: विकसित हो चुकी इस संस्कृति ने भारतवासियों को (और समस्त भरतवंशियों को भी) एक निश्चित अस्मिता और चरित्र से सम्पन्न किया है। लेखक की मान्यता है कि संस्कृति के इसी अवदान के कारण भारतीय जन-गण इतिहास के कई दौरों और मानव-चेतना में हुए कई परिवर्तनों के बावजूद अपनी अखंडता सुरक्षित रख पाए हैं।
यह पुस्तक भारतीय संस्कृति की एक असाधारण अन्वेषण-यात्रा करते हुए व्याख्यात्मक प्रयास के ज़रिए कई अन्तर्सम्बन्धित विषय-वस्तुओं पर प्रकाश डालती है। इन्हीं में से एक धारणा यह है कि भारत में एक विकसित संस्कृति और विकासमान अर्थव्यवस्था का दुर्लभ संयोग मिलता है। लेखक का दावा है कि बीसवीं सदी के आख़िरी वर्षों में राष्ट्र-समुदाय के बीच राष्ट्रों की हैसियत तय करने में संस्कृति का कारक महत्त्वपूर्ण होता जा रहा है। शीतयुद्धोत्तर विश्व में ‘बाज़ार’ ने ‘सैन्य-शक्ति’ को प्रतिस्थापित कर दिया है और ‘संस्कृति’ अब इन दोनों के महत्त्व को चुनौती दे रही है। लेखक ने कला और संस्कृति के साथ भारतीय राज्य की अन्योन्यक्रिया की जाँच-पड़ताल ऐतिहासिक ही नहीं, समकालीन दृष्टिकोण से भी की है। उनकी मान्यता है कि जवाहरलाल नेहरू और मौलाना आज़ाद के ज़माने से ही भारत सरकार कला और संस्कृति के क्षेत्रों को प्रायोजित करने और संरक्षण देने की नीति के साथ प्रतिबद्ध रही है (इस विषय से जुड़े हुए कुछ पत्राचार सम्बन्धी अप्रकाशित दस्तावेज़ भी पुस्तक में उद्धृत किए गए हैं)।
नब्बे के दशक की शुरुआत से जारी अर्थव्यवस्था के उदारीकरण और पश्चिमी मीडिया के प्रभावों के मद्देनज़र लेखक ने व्यापारिक क्षेत्र द्वारा संस्कृति के क्षेत्र में सरकार के साथ जुड़ने की आवश्यकता की ओर ध्यान खींचा है। उसका तर्क है कि धरोहर स्थलों के समुचित संरक्षण और भारतीय संस्कृति के रचनात्मक रखरखाव के लिए परियोजनाओं और कार्यक्रमों के प्रायोजित करने का दायित्व निभाने में निजी क्षेत्र सरकार की मदद कर सकता है। पुस्तक इस सम्बन्ध में विचारवान नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका को उभारते हुए सुझाव देती है कि देश की सांस्कृतिक धरोहर के प्रबन्धन के लिए भारत सरकार को इस काम में विशेष रूप से पारंगत प्रशासनिक कैडर का गठन करना चाहिए। संस्कृति से सम्बन्धित यह सर्वथा नवीन विश्लेषण ‘सभ्यताओं में संघर्ष’ जैसी बहुप्रचारित धारणाओं को अस्वीकार करते हुए सभ्यताओं के बीच मैत्री का परिदृश्य व्याख्यायित करता है और उसे लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण के व्यापकतर सन्दर्भ से जोड़ देता है। लेखक की दलील है कि इस वैचारिक विन्यास के लिए आनेवाली सहस्राब्दि में गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी की शिक्षाएँ उत्तरोत्तर प्रासंगिक होती चली जाएँगी।
भारतीय सांस्कृतिक इतिहास, राजकीय नीति के विश्लेषण और दार्शनिक विचार-विमर्श के मिश्रण के माध्यम से यह पुस्तक राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर और उसके भारतीय व वैश्विक सन्दर्भों पर एक चुनौतीपूर्ण व नवीन दृष्टि डालती है।
Coronanama : Buzurgon Ki Ankahi Dastaan
- Author Name:
Amit Rajpoot
- Book Type:

- Description: "यह रिपोर्ताज-संग्रह कोरोनानामा : बुजुर्गों की अनकही दास्तान वैश्विक महामारी कोविड-19 यानी कोरोना-काल में बुजुर्गों के प्रति सजगता को परिलक्षित करती हुई उनकी विशिष्ट भूमिकाओं की एक ग्राउंड रिपोर्ट है। इसमें पाठकों को इस सामाजिक आपातकाल में वृद्धजनों की सेवा, सहयोग और सम्मान के कुछ अप्रतिम उदाहरणों के बारे में पढ़ने को मिलेंगे। बुजुर्गों की सेवा और उनके वीरत्व के ये उत्कृष्ट उदाहरण अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय हैं। बुजुर्गों के प्रति संवेदना और श्रद्धा की आधारित घटनाओं की सजीवता न सिर्फ आपके हृदय को स्पर्श करेगी वरन् आपको भी किसी-न-किसी रूप में इनसे संबद्ध करेगी। हर वर्ग के पाठकों के भीतर संवेदनाओं को उकेरे और समाज में बुजुर्गों के प्रति हमारी भूमिका को रेखांकित कर पाए तो इसका प्रकाशन सोद्देश्य होगा।
Mulyon Ke Niraman Kalash
- Author Name:
Shiv Narayan Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pinjara: The Cage
- Author Name:
Priyank Kanoongo +1
- Book Type:

- Description: “पिंजरा : द केज' ऐसी नौ कहानियों का संग्रह है, जो बाल ग्रहों के निरीक्षणों के दौरान सरकार की एजेंसियों के निष्कर्षों पर आधारित है। देश के राजनीतिक रसूखदार परिवार से संबंधित चिल्ड्रन होम ने विदेशी फंडिग के चक्कर में एक बच्ची को कभी किसी परिवार में अडॉप्शन नहीं होने दिया। देश में काम कर रहे कुछ चिल्ड्रन होम में बच्चों की स्थितियाँ वाकई बहुत ही खराब हैं। वहाँ न तो बच्चों को ठीक से खाना मिलता है, न ही उनके रहने की सुविधाएँ ठीक हैं। कुछ चिल्ड्रन होम बच्चों के धर्मातरण के लिए चिल्ड्रन होम चला रहे हैं। कुछ चिल्ड्रन होम में तो बच्चों के साथ बलात्कार तक समय-समय पर होते रहे हैं। एक कहानी ऐसी भी है, जब एक जमीन के टुकड़े के लिए शहरभर के भू-माफिया उस चिल्ड्रन होम को उजाड़ने की कोशिशों में लगे रहे। अपनी राजनैतिक पहुँच की वजह से इन पर लंबे समय तक एक्शन नहीं लिया गया। बाद में जब एक-एक कर देश के सभी चिल्ड्रन होम का सोशल ऑडिट हुआ तो ये सारी बातें सामने आईं। इनमें से कुछ मामलों में पुलिस ने एफ.आई.आर. तक दर्ज की और कुछ में मामला कोर्ट तक पहुँचा। इन कहानियों को लिखने में काफी रिसर्च की गई है, ताकि सच्चाई लोगों के बीच पहुँच सके और इन चिल्ड्रन होम में रह रहे बच्चों की दशा सुधर सके, जिससे वे एक उज्ज्वल भविष्य पा सकें।
BPSC Bihar Shikshak Bahali Bhugol Bhag-1 (Geography) 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC (Bihar Public Service Commission) General Studies Combined (Preliminary) Competitive Examination 20 Practice Sets (Including 68th Solved Question Paper)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
PARINITA & BARI DIDI (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: विचारो में डूबे हुए गुरुचरण बाबू एकांत कमरे में बैठे थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा, “बाबू! बाबू! माँ ने एक नन््ही सी बच्ची को जन्म दिया है।'' यह शुभ समाचार गुरुचरण बाबू के हृदय में तीर की भाँति समा गया, उसका चेहरा ऐसा सूख गया, मानो कोई बड़ा भारी अनिष्ट हो गया हो! यह पाँचवीं कन्या थी, जो बिना किसी बाधा के उत्पन्न हुई थी। गुरुचरण बाबू एक साधारण आदमी थे। वह केवल साठ रुपए मासिक वेतन के नौकर थे। उनकी दशा शोचनीय थी, जीवन शुष्क तथा नेत्रों में निराशा की झलक थी। शरीर दुर्बल, मरियल, टट्टू की भाँति था। देखने में ऐसा लगता था कि जान होते हुए भी बेजान हों। फिर ऐसी दशा में यह अशुभ समाचार सुनते ही उनका खून ही सूख गया और हाथ में हुक््का लिये हुए निर्जीव की भाँति, फटे-पुराने तकिए के सहारे लेट रहे। जान पड़ता है कि साँस लेने में भी उन्हें कष्ट हो रहा था। अन्नाकाली से यह शुभ समाचार सुनकर भी गुरुचरण बाबू कुछ नहीं बोले तो थोड़ी देर बाद वह उन्हें हिलाकर फिर कहने लगी, ““बाबूजी, मुन्नी को देखने न चलोगे ?!!
Warahmihir : Jal Jeevan Hai
- Author Name:
Pandit Ishnarayan Joshi
- Book Type:

-
Description:
जीवन के लिए जल एक अनिवार्य पदार्थ है। वनस्पति की उत्पत्ति और कृषि जल पर ही निर्भर है। हमारा देश कृषि-प्रधान देश है, इसलिए खेती के लिए वांछित जल की आवश्यकता सदा बनी रहती है। मनुष्य के जीवन के लिए और खेती बाड़ी के लिए हमें नदियों, तालाबों और कुओं से जल मिलता है। नदियाँ अथवा तालाब प्रत्येक गाँव, क़स्बे तथा नगर में उपलब्ध नहीं हैं और सरलता से हर कहीं बनाए भी नहीं जा सकते, इसलिए पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए लोग कुआँ खोदते हैं।
हमारे देश में प्राचीनकाल में ही समाजसेवी विद्वान मनुष्यों की इस परम और अनिवार्य आवश्यकता का अनुभव कर भू-गर्भ के जल का पता लगाने के अनेक प्रयास और प्रयोग भू-भागों में निरन्तर चलते रहे। इस विषय का जो ग्रन्थ मुद्रित उपलब्ध होता है, वह आचार्य वराहमिहिर की ‘वृहत्-संहिता’ है। ‘वृहत्-संहिता’ ज्योतिष का ग्रन्थ है।
इस ग्रन्थ का 53वाँ अध्याय—दृकार्गल है। इसमें भू-गर्भ के जल का ज्ञान करने, पता लगाने की विधि बताई गई है। वराहमिहिर ने इस विज्ञान को दृकार्गल कहा है, जिसका अर्थ है भूमि के अन्दर के जल (उदक, दक) का लकड़ी की छड़ी के माध्यम से निश्चय करना, पता लगाना।
आचार्य वराहमिहिर ने पानी की खोज में जिन विषयों-विज्ञानों को आधार बनाया है। इस पुस्तक का अनुवाद करने में आवश्यक था कि उन विज्ञानों के जानकार विद्वानों से चर्चा की जाए और आधुनिक विज्ञान कहाँ तक पुरानी खोजों और प्रयोगों का समर्थन करते हैं।
NIACL AO (Administrative Officers) 20 Practice Sets for Preliminary Exam with latest paper
- Author Name:
Vinay Gupta
- Book Type:

- Description: We are presenting the latest edition of “NIACL AO (Administrative officer)” which is prepared according to the updated syllabus and this is valuable for NIACL AO exam. This book is divided into 20 practice sets. Each set follow paper pattern of 100 MCQs. Also, it contains latest solved papers for better understanding of question pattern. This book will really help the aspirants in developing the required Speed and Strike Rate, which will increase their final score in the exam. Type of Book: Practice Sets Subject – English, Quantitative Aptitude & Reasoning ability. Examination Related Book - This book is desirable for NIACL AO (Administrative officer) selection test. Index:- 20 Practice sets Qualities:- Affordable and straightforward Each set contains all the 3 sections - Reasoning Ability, Quantitative Aptitude and English Language Covers 2000 questions & answers with explanations. Completely Based on New Syllabus and Exam Pattern
Vishwa Dharohar Mahakumbh
- Author Name:
Ramesh Pokhariyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sati Vishakha (Ek Mochi ki Beti)
- Author Name:
Babulal Sankhala 'Saini Babu'
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक गाँव की कहानी है, जो अशिक्षा, जातिवाद और अंधविश्वासों से घिरा हुआ है। विशाखा गरीब मोची की बेटी है। रामाशंकर गाँव के प्रतिष्ठित पंडित दयाशंकरजी का बेटा है। वह विशाखा से उम्र में छोटा है। वह विशाखा के गाने को बहुत पसंद करता है। यही बात दोनों को करीब ले आती है, और उन दोनों के बीच एक परस्पर स्नेह का जन्म होता है। किंतु वहाँ प्रणय नहीं है। इसी गाँव के ठाकुर साहब का लड़का शरारती है। वह विशाखा से छेडख़ानी करता है। यह बात रामाशंकर से हजम नहीं होती। वह ठाकुर के बेटे को पत्थर मारकर लहूलुहान कर देता है। विशाखा भी उसे अपनी जूती से मारती है, जिसकी वजह से ठाकुर के बेटे के अहं पर चोट लगती है। वह विशाखा को बदनाम करने लगता है। आगे के घटनाक्रम कुछ यों होते हैं कि दोनों की एक ही चिता में जलकर मृत्यु हो जाती है। रामाशंकर चूँकि दयाशंकरजी का अकेला लड़का था, वे बेटे की ऐसी मृत्यु से बहुत दु:खी थे। उन्हें अहसास होता है कि जातिवाद ही समस्या की मूल वजह है, जिसके कारण उन्हें अपना पुत्र खोना पड़ा। वे चतुरतापूर्वक जातिवाद के विरुद्ध कार्य करते हुए विशाखा और रामाशंकर का एक मंदिर बनवाते हैं, जिसे पूरा गाँव पूजता है और उसका पुजारी एक चमार है। कुल मिलाकर यह उपन्यास जातिवाद के दंश को उजागर करता है। बाकी पाठकों की प्रतिक्रिया समय आने पर निर्भर करेगी।
UTTAR PRADESH SANYUKT PARAMEDICAL PRASHIKSHAN PRAVESH PARIKSHA
- Author Name:
Naveen Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh B.Ed. Sanyukt Pravesh Pariksha 15 Practice Sets Vigyan Varg (UP B.Ed Science Entrance Exam 2023 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
100 CC Bike Par Bharat Mein Romanchak Safar
- Author Name:
Shyam Sundar Goyal
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में 100 CC बाइक से अकेले भोपाल से भोपाल के बीच 3850 किलोमीटर के सफर को बताया गया है, जो 12 दिन में पूरा हुआ। इस दौरान लेखक का भारत के सात राज्यों—मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान और एक केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में जाना हुआ। इस सफर के दौरान एक तरफ तो हिमालय की बर्फीली वादियों में ठंड का सामना किया तो वहीं मई की तपती दोपहरी में राजस्थान की भयानक गरमी भी इस शरीर पर झेली। इस पुस्तक में पाठक आज से 5 हजार साल पुराने हड़प्पाकालीन सभ्यता स्थल राखीगढ़ी, मीतात्थल को महसूस कर सकेंगे तो वहीं महाभारत कालीन हस्तिनापुर के कई रहस्यों से रोमांचित हो जाएँगे। इसमें मौर्यकालीन सम्राट् अशोक के गुजर्रा और कालसी शिलालेख का वर्णन है; साथ ही राजपूत काल के शहरों उदयपुर, जयपुर, हल्दीघाटी, चित्तौड़गढ़ की गरिमा के बारे में विवरण है। कुल मिलाकर वर्तमान पीढ़ी को भारत के गौरवशाली अतीत से परिचित कराने का उपक्रम है यह यात्रा और उसपर केंद्रित यह पुस्तक।
Vishva Kala Gyan Kosh
- Author Name:
Roop Narayan Batham
- Book Type:

- Description: ‘विश्व कला ज्ञान कोश’ भारत की किसी भी भाषा में कला और कलाकार विषयक पहला सन्दर्भ ज्ञान कोश है, जिसमें विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा सामान्य कला प्रेमियों के लिए विश्व की कला और कलाकारों से जुड़ी हजारों सामान्य ज्ञान की जानकारियाँ एक ही स्थान पर जुटाई गई हैं। कला और कलाकारों की समग्रता की संक्षिप्त, सरल और रोचक ढंग से जानकारी देना इस कोश का मुख्य उद्देश्य है। कला के तकनीकी शब्दों की पारिभाषिक जानकारी, देशी तथा विदेशी कलाकारों के नाम तथा उच्चारण, जीवन-काल, योगदान, प्रेरक संस्मरण, कालानुक्रमिक विश्व कला का विकास, विश्व के कलातीर्थ, शैक्षणिक व शोध-संस्थान, कला के क्षेत्र में छात्रवृत्ति देने वाले विश्वविद्यालय तथा फाउण्डेशन आदि से सम्बन्धित जानकारियाँ भी इसमें संग्रहित हैं। छात्रों और प्राध्यापकों के लिए मार्गदर्शक और संग्रहणीय कोश।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book