Kavita Kya Hai?

(2)

Author:

Rameshraaj

Language:

Hindi

149

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विचारों की सुन्दरतम् प्रस्तुति का नाम कविता है। कविता लोक या मानव के रागात्मक जीवन की एक रागात्मक प्रस्तुति है। कविता रमणीय शब्दावली से उद्भाषित होने वाला रमणीय अर्थ है। कविता आलंकारिक शैली में व्यक्त की गयी संगीत से युक्त एक ऐसी सौन्दर्यमय छटा है, जिससे सामाजिकों को आत्मतोष का अनुभव या अनुभूति होती है। कविता लोक-व्यवहार, लोकानुभव या लोकानुभूतियों की रसात्मक प्रस्तुति है। वस्तुतः कविता कवि की वह वैचारिक सृष्टि है, जिसमें वह अपनी वैचारिक अवधारणाओं, मान्यताओं निर्णयों की प्रस्तुति अपनी रागात्मक दृष्टि के साथ करता है या ये कहा जा सकता है कि कवि की हर प्रकार की मान्यताओं, अवधारणाओं और निर्णयों के बीच एक रागात्मक धारा बहती है। कवि की वैचारिक सृष्टि की यही रागात्मक धारा आलम्बन विभावों के धर्म को सौन्दर्यमय और सत्योन्मुखी बनाती है। अतः कहा जा सकता है कि विचारों की सुन्दरतम् प्रस्तुति का नाम ही कविता है। एक विवेचनात्मक निबंध को आपके कविता के प्रति विचारों को और व्यापक करेगा।

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ISBN
RFRRKKH
Pages
35
Avg Reading Time
0 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

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About the Book

विचारों की सुन्दरतम् प्रस्तुति का नाम कविता है।
कविता लोक या मानव के रागात्मक जीवन की एक रागात्मक प्रस्तुति है। कविता रमणीय शब्दावली से उद्भाषित होने वाला रमणीय अर्थ है। कविता आलंकारिक शैली में व्यक्त की गयी संगीत से युक्त एक ऐसी सौन्दर्यमय छटा है, जिससे सामाजिकों को आत्मतोष का अनुभव या अनुभूति होती है। कविता लोक-व्यवहार, लोकानुभव या लोकानुभूतियों की रसात्मक प्रस्तुति है। वस्तुतः कविता कवि की वह वैचारिक सृष्टि है, जिसमें वह अपनी वैचारिक अवधारणाओं, मान्यताओं निर्णयों की प्रस्तुति अपनी रागात्मक दृष्टि के साथ करता है या ये कहा जा सकता है कि कवि की हर प्रकार की मान्यताओं, अवधारणाओं और निर्णयों के बीच एक रागात्मक धारा बहती है। कवि की वैचारिक सृष्टि की यही रागात्मक धारा आलम्बन विभावों के धर्म को सौन्दर्यमय और सत्योन्मुखी बनाती है। अतः कहा जा सकता है कि विचारों की सुन्दरतम् प्रस्तुति का नाम ही कविता है।
एक विवेचनात्मक निबंध को आपके कविता के प्रति विचारों को और व्यापक करेगा।

Book Details

  • ISBN
    RFRRKKH
  • Pages
    35
  • Avg Reading Time
    0 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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Customer Reviews

4.5 out of 5

Book

18/12/2024

Vishwapratap Bharti

रमेश राज कि कविता साहित्य में गहरी रूचि का परिणाम है -'कविता क्या है?'मैंने इस पुस्तक के आर्टिकल पढ़े हैं.रमेश राज की आलोचनात्मक दृष्टि भले ही विद्रोही मुद्रा बनाये रखती हो परन्तु उनका लेखन सकारात्मक रवैया भी अपनाता है जो उनकी काव्य भाषा की सहजता और जीवंतता को बनाये रखता है. आचार्य रामचंद्र शुक्ल 'कविता क्या है?'से लेकर नामवर सिंह तक 'कविता के नये प्रतिमान' रचते रहे. दोनों ही कविता के आरम्भ और नव चेतना काल के परिचायक हैं. लेकिन कविता काव्य धाराओं की तुलना में कुछ न कुछ नवीन दृष्टिकोण लिए बाधित होती है. रमेश राज की पुस्तक "कविता क्या है? "साहित्य की यही नवीनता लेकर प्रस्तुत होती है.

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