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Bhartiya Vanya Praniyon ke Sanrakshit Kshetro ka Vishvkosh

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अधोलिखित 9 प्रमुख विशेषताओं से युक्त प्रस्तुत विश्वकोश भारतीय संरक्षित क्षेत्रों के पर्यावरण एवं प्राणिजात के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी देनेवाला न केवल हिन्दी वरन् अन्य देशी भाषाओं में भी प्रकाशित अब तक का सबसे अधिक वैज्ञानिक सन्दर्भ-ग्रन्थ है। विश्वकोश की नौ प्रमुख विशेषताएँ : 1. संरक्षित क्षेत्रों के माध्यम से भारतीय पर्यावरण एवं प्राणिजात की सर्वांगीण प्रस्तुति करनेवाला भारतीय परम्परा एवं हिन्दी भाषा में लिखा गया भारतीय भाषाओं का अनूठा ग्रन्थ। 2. विश्वकोश की वैश्विक अवधारणा के अनुकूल ग्रन्थ का संयोजन एवं विषयवस्तु की प्रस्तुति। 3. विश्वकोश में अपेक्षित ‘जानकारी की सम्पूर्णता’ का पूरा प्रयास, सभी वर्गों के संरक्षित (क्षेत्रों अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व, बायोस्फियर रिजर्व, रामसर साइट्‌स इत्यादि) में से प्रतिनिधि संरक्षित क्षेत्रों का न केवल उल्लेख अपितु उनकी विशिष्टताओं का विवेचन भी। 4. संरक्षित क्षेत्रों के सभी वैज्ञानिक पक्षों का सरल सुबोध भाषा में विवेचन। विश्वकोश में विज्ञानों के ये तथ्य संकलित हैं (i) इकोलॉजी पारिस्थितिकी, (ii) इथोलॉजी (व्यवहार विज्ञान), (iii) वर्गिकी (टैक्सानामी), (iv) लताजी (जीवविज्ञान), (v). आर्निथोलॉजी (पक्षीविज्ञान), (vi) ज्योग्राफ़ी (भूगोल), (vii) जियोलॉजी (भूगर्भ विज्ञान), (viii) पेलिअन्टोलॉजी (पूरा विज्ञान-जीवाश्म विज्ञान तथा) (ix) बाटनी (वनस्पति विज्ञान)। 5. संरक्षित क्षेत्रों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में समझने के लिए आवश्यक मानचित्र दिए गए हैं। 6. संरक्षित क्षेत्रों के इतिहास और वर्तमान की विस्तृत जानकारियाँ विश्वकोश में संकलित हैं। आवश्यक स्थलों पर सन्दर्भ-ग्रन्थों का भी उल्लेख है। 7. विश्वकोश में संरक्षित क्षेत्रों की समकालीन घटनाओं और स्थिति को निरपेक्षता से प्रस्तुत किया गया है। तथ्यों की पुष्टि के लिए स्रोत को उद्धृत किया गया है। अंग्रेज़ी भाषा के स्रोतों को उद्धृत किया गया है। 8. विश्वकोश में पूरी तरह से हिन्दी भाषा का प्रयोग किया गया है अन्य भाषाएँ प्रमुख पाठ से अलग हाशिये पर या परिशिष्ट में ही देखी जा सकती हैं। परिशिष्ट में आधारभूत अध्ययन सामग्री की क्रमबद्ध सूचियाँ हैं। 9. विश्वकोश में प्रारम्भ से अन्त तक पठनीयता को बनाए रखा गया है। विश्वकोश की अनेक टिप्पणियाँ एवं आलेख स्वतंत्र रूप से पठनीय हैं।

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अधोलिखित 9 प्रमुख विशेषताओं से युक्त प्रस्तुत विश्वकोश भारतीय संरक्षित क्षेत्रों के पर्यावरण एवं प्राणिजात के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी देनेवाला न केवल हिन्दी वरन् अन्य देशी भाषाओं में भी प्रकाशित अब तक का सबसे अधिक वैज्ञानिक सन्दर्भ-ग्रन्थ है। विश्वकोश की नौ प्रमुख विशेषताएँ : 1. संरक्षित क्षेत्रों के माध्यम से भारतीय पर्यावरण एवं प्राणिजात की सर्वांगीण प्रस्तुति करनेवाला भारतीय परम्परा एवं हिन्दी भाषा में लिखा गया भारतीय भाषाओं का अनूठा ग्रन्थ। 2. विश्वकोश की वैश्विक अवधारणा के अनुकूल ग्रन्थ का संयोजन एवं विषयवस्तु की प्रस्तुति। 3. विश्वकोश में अपेक्षित ‘जानकारी की सम्पूर्णता’ का पूरा प्रयास, सभी वर्गों के संरक्षित (क्षेत्रों अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व, बायोस्फियर रिजर्व, रामसर साइट्‌स इत्यादि) में से प्रतिनिधि संरक्षित क्षेत्रों का न केवल उल्लेख अपितु उनकी विशिष्टताओं का विवेचन भी। 4. संरक्षित क्षेत्रों के सभी वैज्ञानिक पक्षों का सरल सुबोध भाषा में विवेचन। विश्वकोश में विज्ञानों के ये तथ्य संकलित हैं (i) इकोलॉजी पारिस्थितिकी, (ii) इथोलॉजी (व्यवहार विज्ञान), (iii) वर्गिकी (टैक्सानामी),
(iv) लताजी (जीवविज्ञान), (v). आर्निथोलॉजी (पक्षीविज्ञान), (vi) ज्योग्राफ़ी (भूगोल), (vii) जियोलॉजी (भूगर्भ विज्ञान), (viii) पेलिअन्टोलॉजी (पूरा विज्ञान-जीवाश्म विज्ञान तथा) (ix) बाटनी (वनस्पति विज्ञान)।
5. संरक्षित क्षेत्रों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में समझने के लिए आवश्यक मानचित्र दिए गए हैं। 6. संरक्षित क्षेत्रों के इतिहास और वर्तमान की विस्तृत जानकारियाँ विश्वकोश में संकलित हैं। आवश्यक स्थलों पर सन्दर्भ-ग्रन्थों का भी उल्लेख है। 7. विश्वकोश में संरक्षित क्षेत्रों की समकालीन घटनाओं और स्थिति को निरपेक्षता से प्रस्तुत किया गया है। तथ्यों की पुष्टि के लिए स्रोत को उद्धृत किया गया है। अंग्रेज़ी भाषा के स्रोतों को उद्धृत किया गया है। 8. विश्वकोश में पूरी तरह से हिन्दी भाषा का प्रयोग किया गया है अन्य भाषाएँ प्रमुख पाठ से अलग हाशिये पर या परिशिष्ट में ही देखी जा सकती हैं। परिशिष्ट में आधारभूत अध्ययन सामग्री की क्रमबद्ध सूचियाँ हैं। 9. विश्वकोश में प्रारम्भ से अन्त तक पठनीयता को बनाए रखा गया है। विश्वकोश की अनेक टिप्पणियाँ एवं आलेख स्वतंत्र रूप से पठनीय हैं।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
1st
Publication year
2013
Weight
820 grams
ISBN-13
9788126724352
Pages
580
Reading time
~19 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 22 cm
Language
Hindi

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