Bharatiya Vangmay Evam Kalkram: Kinnar Darshan
Author:
Reshma PrasadPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
राम की बधाई परंपरा विधर्मी की चादर से ढक गई है। उस चादर को किस तरीके से हटाया जा सकता है। सनातन धर्म के उन मूल्यों को स्थापित किया जा सकता है, जिन मूल्यों के आधार पर यह परंपरा निरंतर चलती हुई आ रही है। यह परंपरा अब अपराधीकरण और आर्थिक उपार्जन का साधन बन गई है। परंपरा के नाम पर गृहस्थ भाव के व्यक्ति ने तपस्वी भाव को समाप्त कर दिया है। पहचान के संघर्ष को इस तरीके से समाज में ले गए कि आज समुदाय की पहचान समाज में डर की हो गई है।
इस डर को किस तरीके से निकाला जाए। समुदाय को सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार वापस लाया जाए। इसे सिर्फ जीविकोपार्जन के साधन के रूप में समझौतावादी स्थितियों से न गुजारा जाए। इसके लिए किस तरीके से कार्य किया जा सकता है कि किन्नर समुदाय के मठ और मंदिर स्थापित हों और उनमें नशे के आदी और सेलिब्रिटी पहचान की जरूरत वाले व्यक्ति शामिल न हों। पुस्तक को अलग-अलग तरीके से साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया गया है।
किन्नर समुदाय की कला एवं परंपरा को कैसे पुनः स्थापित किया जा सकता है, इस पर भी प्रकाश डाला गया है।
ISBN: 9789355623621
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Divya Bhagwadgita Atma Se Parmatma Tak
- Author Name:
Ashok Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Rangkosh : Vol. 2
- Author Name:
Pratibha Agarwal
- Book Type:

-
Description:
नाटक और रंगकर्म की सन्दर्भ सामग्री के रूप में यह रंगकोश एक नई पहल है। इसके पहले खंड में हिन्दी में मंचित नाटकों का इतिहास संकलित है। कब किसने किस नाटक को निर्देशित किया, नाटक किसका लिखा हुआ है, और उसे किस दल ने मंच पर उतारा आदि-आदि ब्यौरों से सम्बन्धित यह कोश सहज ही हमें नाट्य-लेखन और रंगकर्म के इतिहास में भी ले जाता है, और यह भी बताता है कि हिन्दी में लिखित और मंचित नाटकों की वास्तव में एक बड़ी दुनिया रही है।
इस दूसरे खंड में उन रंग-व्यक्तित्वों के बारे में जानकारियाँ दी गई हैं जिनका गहरा रिश्ता हिन्दी रंगमंच से रहा है। इनमें नाटककला, निर्देशक, अभिनेता, संगीत-सर्जक, मंच-प्रकाश-परिधान परिकल्पक आदि के साथ-साथ प्रेरक व्यक्तित्वों का परिचय भी अकारादिक्रम से दिया गया है। उन दूसरी भाषाओं के नाटककारों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिनके अनूदित नाटक हिन्दी में लोकप्रिय रहे हैं। इस प्रकार कुल लगभग चार सौ रंग-व्यक्तित्वों की प्रविष्टियाँ इस कोश में शामिल हैं।
हिन्दी के रंगमंच से जुड़ी शख़्सियतों को सूचीबद्ध करना, उनमें से इन महत्त्वपूर्ण लोगों का चयन करना और फिर जम्मू से कोलकाता तक के व्यापक क्षेत्र में, विभिन्न नगरों में सक्रिय रंगकर्मियों के बारे में सूचनाएँ एकत्र करना बहुत ही कठिन कार्य था।
सम्पादक के सराहनीय परिश्रम और मेधा को इस पुस्तक से गुज़रते हुए सहज ही लक्षित किया जा सकता है। निश्चित रूप से यह रंगकोश हिन्दी रंगकर्म की दुनिया में एक मील का पत्थर है।
MAIN KRISHANA BOL RAHA HOON
- Author Name:
Ed. Anil Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manovigyan
- Author Name:
Bainjamin Khan
- Book Type:

- Description: मनोविज्ञान वह विज्ञान है जो मनुष्य तथा अन्य प्राणियों के व्यवहार का अध्ययन करता है। व्यवहार से अभिप्राय व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक व्यवहार दोनों से है, जिसको दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि मनोविज्ञान वह है जो वैज्ञानिक विधियों द्वारा जैव-रचनाओं के व्यवहार का अध्ययन करता है, उन्हें समझता है, उन्हें नियंत्रित करता है, और व्यक्तियों के व्यवहार की पूर्व-सूचना देता है। पाठकों की इस विषय में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से इसमें पहले मनोविज्ञान के सामान्य सिद्धान्तों, मतों एवं उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बाद के अध्यायों में पूरे विषय की विवेचना की गई है और इसके हर क्षेत्र की व्याख्या की गई है।
Akshar Katha
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

-
Description:
प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में जब नगरों की स्थापना होने लगती है, पहली बार लिपियाँ तभी जन्म लेती दिखाई देती हैं। यह कोई छह हजार साल पहले की बात है।
वर्णमालात्मक लिपियाँ ई.पू. दसवीं सदी के आस-पास पहली बार सामने आती हैं। तब से आज तक लिपियों का विशेष विकास नहीं हुआ। बहुत-सी पुरालिपियाँ मर गईं, उनका ज्ञान भी लुप्त हो गया। पिछले क़रीब दो सौ वर्षों में संसार के अनेक पुरालिपिविदों ने पुनः उन पुरालिपियों का उद्घाटन किया है।
इस ग्रन्थ में गुणाकर जी ने मुख्यतः संसार की प्रमुख पुरालिपियों की जानकारी दी है। पाठक इससे जान जाएँगे कि किस देश में कौन-सी लिपि का अस्तित्व था, उसका स्वरूप कैसा था, उसके संकेत या अक्षर कैसे थे और आधुनिक काल में उन पुरालिपियों का उद्घाटन कैसे हुआ। पुस्तक के दूसरे खंड में भारतीय लिपियों की जानकारी है। आरम्भ में सिन्धु लिपि (अज्ञात) तथा खरोष्ठी लिपि का विवरण है। फिर ब्राह्मी लिपि के उद्भव तथा विकास के बारे में यथासम्भव पूरी जानकारी दी गई है। पुस्तक का परिशिष्ट संसार के प्रमुख भाषा-परिवारों पर केन्द्रित है। भाषा सम्बन्धी जिज्ञासु पाठकों और छात्रों के लिए प्रामाणिक तथ्यों, चित्रों और तालिकाओं से समृद्ध यह पुस्तक निश्चित रूप से उपादेय होगी।
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Chayan Pariksha Itihas (MP High School Teacher Recruitment History) 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nibandh Nikunj (for BPSC Civil Services Mains Exam) Hindi
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: "निबंध निकुंज नामक यह पुस्तक सिविल सेवा एवं राज्य सेवा की मुख्य परीक्षा के निबंध विषय से संबंधित प्रश्न-पत्र की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसमें पाठ्यक्रम को राजनीतिक एवं प्रशासनिक, आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, अंतरराष्ट्रीय, पारिस्थितिकी एवं विज्ञान, बिहार तथा समसामयिक नामक खंडों में विभाजित करते हुए प्रत्येक खंड में परीक्षोपयोगी विविध महत्त्वपूर्ण विषयों पर सारगर्भित निबंध दिए गए हैं । महत्त्वपूर्ण बात यह है कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, तकनीकी एवं संचार के प्रभाव से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो नवीकरण एवं रूपांतरण हुए हैं, उनके भविष्य के परिणामों एवं सतत धारणीय विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर निबंधों का विश्लेषण किया गया है, जिससे उस विषय में अभ्यर्थियों की तार्किक समझ भी निर्मित होती है।"
Madhya Pradesh Aabkari Arakshak (Karyapalik) Bharti Pariksha
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARTIYA VAYU SENA AIRMEN GROUP Y GAIR TAKNIKI TRADES PARIKSHA-2021 30 PRACTICE SETS (REVISED 2021)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NAYE BHARAT KI NEENV
- Author Name:
Avanish Kumar Singh
- Book Type:

- Description: जिस प्रकार पेड़-पौधों का विकास कृषि द्वारा होता है, उसी प्रकार मानव समाज का विकास शिक्षा द्वारा होता है। शिक्षा कैसी हो जिससे राष्ट्र सुशिक्षित ही नहीं सुदृढ़ भी बने—इसका निर्धारण शिक्षा नीति ही करती है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने जा रही है। यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित है। इस पुस्तक में भारतवर्ष में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक शिक्षा पद्धतियों पर प्रकाश डाला गया है, तत्पश्चात् राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को केंद्र में रखकर शिक्षा जगत् में होनेवाले परिवर्तनों और उनके प्रभावों पर विचार किया गया है। लागू होने जा रही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संबंध में देश के ख्यातिप्राप्त विद्वानों के विचारों को ज्यों-का-त्यों प्रस्तुत किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में विश्व के प्रमुख देशों की शिक्षा व्यवस्था को समझने-समझाने का एक प्रयास भी किया गया है। अंततः राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रहे युगांतरकारी परिवर्तनों का उल्लेख किया गया है। साथ ही इस बात को व्याख्यायित करने का प्रयास किया गया है कि शिक्षा नीति से हमारा राष्ट्र कैसे उन्नति-प्रगति करेगा, बेरोजगारी कैसे दूर होगी, हमारे विद्यार्थियों को—जो हमारे देश का भविष्य हैं—शिक्षा प्राप्त करने के उत्तमोत्तम अवसर कैसे प्राप्त होंगे।
Prem : Ek Album
- Author Name:
V. M. Girija
- Book Type:

-
Description:
मलयालम कविता जहाँ-जहाँ रूढ़ अवशेषों से टकराती है और अपनी भाषिक एवं सांस्कृतिक स्वत्वगत मौलिकता को बनाए रखते हुए समय में रचे-बसे औपनिवेशिक आयामों का अनावरण करती है, वहाँ यह समकालीन साबित होती है। मलयालम कविता का यह सृजनात्मक व दृष्टिसम्पन्न उन्मेष बहुआयामी इसलिए है कि वह सत्ता के बहुरंगी वर्चस्व को पहचानती है। अत: समकालीन मलयालम कविता एककेन्द्री नहीं बल्कि बहुकेन्द्री है। उसकी बहुस्वरता समय के सही सरोकारों से उपजी विशेषता है। इसलिए उसका प्रतिरोधी स्वर तमाम जटिल स्थितियों में अनुवाद गुंजित हो उठता है। आज की मलयालम कविता में नारी-स्वत्व का स्वर विद्रोह की बहिरंग मुखरता मात्र नहीं है। उसका पूरा तेवर मुक्ति की कामना को आद्यन्त अनावृत करने का रहा है।
पुरुषकेन्द्रित सामाजिक वर्चस्व को सरलीकृत करना मलयालम की नारीवादी कविता का उद्देश्य नहीं है। पुरुष-केन्द्रीकरण को वह नए सन्दर्भ में प्रस्तुत करती है।...मलयालम कविता ने नारी-दृष्टि को इसी व्यापक सन्दर्भ में अनुभव किया है। एक इतिहासबद्ध दृष्टि उसका सम्बल ही नहीं है, बल्कि वह उसकी अवस्थिति है। स्त्री-कामनाओं की कविता पुरुषविरोधी कविता नहीं है, वह पुरुषाधिष्ठित एकांगी मूल्यों की विरोधी कविता है। व्यापक सन्दर्भ में वह विपक्ष की कविता है। मुक्ति की पारदर्शी स्थिति उसमें अंकित है। वह अधिकार-केन्द्रित संस्कृति पर आघात करती है। ...मलयालम कविता में आधुनिक दौर से लेकर यह मुक्तिकामी स्वर मुखर रहा है। उसमें तमाम अवरोधों को तोड़ने का आग्रह भी है।
...समकालीन मलयालम कविता में वी.एम. गिरिजा का स्वर सबसे अधिक तेज़ तेवर से युक्त है। उनकी कविता के केन्द्र में उत्तप्त नारी ही विद्यमान है। उनके स्वर में विद्रोही दृष्टि की एकायामी बुलन्दियाँ नहीं हैं। गिरिजा के अनुभव-जगत् में स्त्री पूर्णरूपेण यथार्थ है। वह नैतिक अवलम्ब के सहारे प्रस्तुत नहीं होती है। वह अपनी जैविक स्थिति में प्रस्तुत होती है। इसलिए गिरिजा अपनी कविताओं में प्रकृति का भरसक उपयोग करती हैं। प्रत्येक प्रकरण प्रकृति के सहज विन्यास के साथ जुड़कर जैविक स्थिति का बोध कराता है। सवाल यह है कि गिरिजा की कविता की यह हरियाली किससे सम्बन्धित है? हरियाली के साथ उन्होंने मिट्टी के मटमैलेपन को भी उभारा है। लोकोन्मुखता का यह परिदृश्य गिरिजा की कविता का यथार्थ है जिससे उनकी सृजनात्मकता उभार लेती है और उनकी दृष्टि हमारी नैतिकताओं की जटिलताओं की भीतरी स्थितियों की थाह लेती है। प्रकृति यहाँ रूमानी आग्रह से विन्यासित नहीं है। ‘इको-पोयट्री’ की तरह जल, आकाश और हरियाली के बिम्बों और प्रतीकों की आवृत्ति गिरिजा करती रहती हैं। अपने में विकसने को उद्यत, अपने में सम्पुष्ट और अपने में सम्पूर्ण स्त्री-कामनाओं की विराट उपस्थिति गिरिजा के हर एक शब्द को बारीक बना देती है। प्रेम का यह एलबम प्रेमाभिव्यक्ति को निरी भावानुभूति के स्तर पर प्रस्तुत करनेवाली कविताओं का आकलन-भर नहीं है। यह प्रेम के मूल्यों को खोजने का धारदार उपक्रम भी है।
—भूमिका से
1000 VIGYAN PRASHNOTTARI (PB)
- Author Name:
Dilip M. Salwi
- Book Type:

- Description: आरंभ से ही मानव स्वभाववश खोजी प्रवृत्ति का रहा है । उसके मस्तिष्क में सवाल कौंधते रहे हैं-यह क्या है, कैसे है, क्यों है आदि । ऐसे ही सवालों से जूझने का नाम विज्ञान है । सवालों की तह में जाने की कोशिश से ही हम जान पाते हैं कि हमारी पृथ्वी पर कभी डायनासोर जैसे विशाल सरीसृप का राज हुआ करता था तथा पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती हैं, न कि सूर्य पृथ्वी की- और ऐसे ही अनंत सवाल हैं, जो विज्ञान ने हमारे समक्ष रखे हैं । आज विज्ञान के प्रभामंडल से हमारी दुनिया ओतप्रोत है । जिधर भी निगाह डालिए उधर उसकी मौजूदगी मिलेगी- रेडियो, टेपरिकॉर्डर सिनेमा, वीडियो, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टेलीविजन, कंप्यूटर, कार, रेल, जहाज, रॉकेट, मिसाइल, परमाणु बम आदि । यह सूची और भी लंबी है । जीवन का ऐसा कोई कोना नहीं बचा है जहाँ' उसका हस्तक्षेप नहीं हें, चाहे नितांत व्यक्तिगत हो या सामाजिक । जीवन में विज्ञान की इतनी उपयोगिता के बाद भी इसकी अनेक ऐसी छोटी- छोटी एवं महत्त्वपूर्ण बातें हैं जिनसे हम अनभिज्ञ हैं । इस पुस्तक में इन्हीं बातों को रोचक प्रश्नों के माध्यम से पाठकों तक पहुँचाने का प्रयत्न किया गया है ।
Kendriya Vidyalaya Sangathan KVS PRT Prathamik Shikshak Chayan Pariksha (KVS Primary Teacher Exam 2023 Guidebook in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aapake Man-Mastishk Ki Jeet (Hindi Translation of Mind Your Mind)
- Author Name:
Venugopal Acharya
- Book Type:

- Description: मैं दिन-रात चिंता करना कैसे बंद करूँ? मैं हद से ज्यादा क्यों सोचता हूँ? अपनी मुसीबतों का दोष मैं किसे दूँ? मेरा मन मेरा दोस्त है या दुश्मन? मेरा जीवन इतना निरर्थक लगता है कि जीने का फायदा ही क्या है? क्या मैं अपनी सारी मुसीबतों के बावजूद खुशी हासिल कर सकता हूँ?’—क्या ऐसे ही सवाल आपके मन में भी उठते हैं, तो संन्यासी और शिक्षक वेणुगोपाल आचार्य के पास आपके सवालों के जवाब हैं। वे मन को सँभालने और खुशहाल जीवन के लिए तीन प्रभावशाली किंतु सरल सिद्धांत सुझाते हैं—जागरूकता, स्वीकार्यता और आकांक्षा। स्वयं-सहायता के इन तरीकों को मात्र बताने भर से एक कदम आगे बढक़र आचार्यजी ऐतिहासिक कहानियों, आज की घटनाओं, भारतीय शास्त्रों में वर्णित ज्ञान की बातों के द्वारा यह समझाते हैं कि इन भिन्न-भिन्न अवधारणाओं को किस प्रकार दैनिक जीवन के तीन चरणों के अभ्यास के साथ अपना सकते हैं और स्थायी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ‘आपके मन-मस्तिष्क की जीत’ एक अनमोल मार्गदर्शिका है, जिसे आधुनिक जीवन के लिए बनाया गया है और जिसकी सहायता से अपने आप को बदला जा सकता है। मन-मस्तिष्क पर विजय प्राप्त कर जीवन में संतोष, सुख, आनंद और सार्थकता पाने के द्वार खोलनेवाली प्रेरक कृति।
Zindagi XXL
- Author Name:
Abhishek Manoharchanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vaishwik Rachnakar : Kuchh Moolbhoot Jigyasayen
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
Our Constitution Our Pride
- Author Name:
Ram Madhav
- Book Type:

- Description: The year 2025 marks 75 years of the adoption of India's Constitution. An occasion that is being celebrated by the Government of India with much enthusiasm and rigour under the motto of 'Hamara Samvidhan, Hamara Swabhiman'. The making of India's Constitution has been an inspiring saga of which every Indian should be proud. It was one of the longest processes in the world lasting for two years, eleven months and eighteen days. There were 299 members in the Assembly, that included stalwarts like Rajendra Prasad, Jawaharlal Nehru, Sardar Patel and B.R. Ambedkar. The book 'Our Constitution, Our Pride' documents four aspects of our Constitution that should invoke pride in us-one, the struggle that preceded its making, two, the making itself, three, the relevant content, and finally, the journey in the last seven decades.
SSC Stenographers (Grade C & D) Computer Based Examination (CBE)-2022 10 Practice Sets & Solved Papers 2011-2021
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC CHSL (10+2) Sanyukt Higher Secondary Level LDC/DEO/PSA Online Pareeksha (Tier-1) 20 Practice Sets Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prashasnik Kosh (Angreji-Hindi)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

-
Description:
इस शब्दकोश की ख़ास विशेषता यह है कि इसमें अपने समय के तमाम ज़रूरी विषयों के शब्दों को संगृहीत किया गया है—अर्थ व्याख्या, आयोजन (planning), उद्योग-धन्धे, कार्यालयी कार्य, डाक-तार-संचार, नागरिक आपूर्ति, परिवहन, पुलिस प्रशासन, प्रसारण और दूरदर्शन, बीमा, बैंकिंग, मुद्रण, रक्षा, राजनीति विज्ञान, रेलवे, लेखा-परीक्षण, लेखाविधि, वाणिज्य, वास्तुकला, वित्त, विदेश-नीति, विधि (क़ानून), शिक्षा, श्रम और रोज़गार, संसदीय मामले, संस्कृति, समाज कल्याण, सहकारिता और स्वास्थ्य आदि।
निस्सन्देह, अंग्रेज़ी से हिन्दी का यह कोश सरकारी काम करनेवालों और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी और संग्रहणीय है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book