Kahani Jammu-Kashmir Ki
(0)
Author:
Col. Ajay K RainaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
450
₹ 360 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"कश्मीर-जम्मू और कश्मीर है' से 'मकबूल शेरवानी ने कश्मीर को बचाया', 'डोगराओं ने कश्मीरियों पर अत्याचार किया', 'विलय के दस्तावेज पर कभी हस्ताक्षर नहीं किए गए' से लेकर 'कश्मीरी अलग हैं और एक विशेष सुलूक के हकदार हैं', बहुत से आख्यान—झूठे और विश्वास करने लायक, दोनों कई दशकों से जम्मू-कश्मीर के बारे में राजनीतिक और अकादमिक बातचीत के केंद्र बिंदु रहे हैं। इस काम में ऐसे आख्यानों पर जानबूझ कर एक नजर डाली गई है, क्योंकि ये हमारे इतिहास की सबसे महत्त्वपूर्ण अवधि से संबंधित हैं और जम्मू-कश्मीर के लोगों के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। किंतु कई समीक्षक आज भी भुलावे और भ्रमित मनस्थिति में हैं। यह पुस्तक उन लोगों की मदद कर सकती है, जो हमारे देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में कुछ आख्यानों का मजमून खोजने के लिए घूम रहे हैं। आशा है कि जो पाठक इस पुस्तक को पढेंग़े, उनके पास इसमें निहित मुद्दों के बारे में अपना विचार बदलने के कारण होंगे; यदि कोई भी बदलाव, होगा तो, वह इस पुस्तक में प्रस्तुत किए जा रहे तर्क की कसौटी पर होगा।"
Read moreAbout the Book
"कश्मीर-जम्मू और कश्मीर है' से 'मकबूल शेरवानी ने कश्मीर को बचाया', 'डोगराओं ने कश्मीरियों पर अत्याचार किया', 'विलय के दस्तावेज पर कभी हस्ताक्षर नहीं किए गए' से लेकर 'कश्मीरी अलग हैं और एक विशेष सुलूक के हकदार हैं', बहुत से आख्यान—झूठे और विश्वास करने लायक, दोनों कई दशकों से जम्मू-कश्मीर के बारे में राजनीतिक और अकादमिक बातचीत के केंद्र बिंदु रहे हैं।
इस काम में ऐसे आख्यानों पर जानबूझ कर एक नजर डाली गई है, क्योंकि ये हमारे इतिहास की सबसे महत्त्वपूर्ण अवधि से संबंधित हैं और जम्मू-कश्मीर के लोगों के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। किंतु कई समीक्षक आज भी भुलावे और भ्रमित मनस्थिति में हैं।
यह पुस्तक उन लोगों की मदद कर सकती है, जो हमारे देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में कुछ आख्यानों का मजमून खोजने के लिए घूम रहे हैं। आशा है कि जो पाठक इस पुस्तक को पढेंग़े, उनके पास इसमें निहित मुद्दों के बारे में अपना विचार बदलने के कारण होंगे; यदि कोई भी बदलाव, होगा तो, वह इस पुस्तक में प्रस्तुत किए जा रहे तर्क की कसौटी पर होगा।"
Book Details
-
ISBN9789390372478
-
Pages288
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Savdhan! Cigarette Pina Mana Hai
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ganit Se Kar Lo Dosti
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1971 Yuddha Mein Gorkhaon Ki Sahasik Kahaniyan (Hindi Translation of 1971: Charge of The Gorkhas and other Stories)
- Author Name:
Rachna Bisht Rawat
- Book Type:

- Description: 4/5 जी.आर. के गोरखा सैनिक अपने हाथों में सिर्फ खुली खुखरी लेकर भारी सुरक्षावाली दुश्मन की चौकी पर हमला क्यों करते हैं? क्या पाकिस्तान को उस युवा पायलट की असली पहचान का पता चल गया है, जो जलते हुए विमान से बाहर निकलने के बाद खुद को फ्लाइट लेफ्टिनेंट मंसूर अली खान कहता है? उस नौसैनिक गोताखोर के साथ क्या होता है, जो अपने कपड़ों से 'मेड इन इंडिया' के लेबल को काटकर हटाता है और अपने कंधे पर मशीनगन लटकाए पूर्वी पाकिस्तान में प्रवेश कर जाता है? एक इक्कीस वर्षीय सिख पैराट्रूपर को दमदम हवाई अड्डे पर एक सुनसान हैंगर में स्टूल से कूदना क्यों सिखाया जा रहा है, जहाँ पास में ही एक 'पैकेट विमान' इंतजार कर रहा है? 1971 के भारत-पाक युद्ध की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के वीरों की कहानियों के माध्यम से उन युद्धक्षेत्रों का स्मरण फिर से करें, जहाँ वे एक ऐसे उद्देश्य के लिए लड़े, जो उनके लिए अपने प्राणों से भी अधिक महत्त्व रखता था।
Samanya Buddhi Evam Tarkshakti Parikshan (Verbal Non-Verbal & Analytical Book Hindi)
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manovigyan Ka Paribhashik Shabdkosh
- Author Name:
Nirmala Sherjang
- Book Type:

-
Description:
शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए शिक्षा के माध्यम को बदलना अनिवार्य है, अंग्रेज़ी के स्थान पर हिन्दी अथवा मातृभाषा का उपयोग नितान्त आवश्यक है। किन्तु इस कार्य में मुख्य कठिनाई मानकित पुस्तकों की है।
यह पुस्तक इसी दिशा में एक प्रयास है। इसमें मनोविज्ञान के हिन्दी पर्यायवाची शब्दों के साथ-साथ उनके सम्बन्ध में संक्षिप्त किन्तु समुचित परिचय भी दिया गया है। इसमें यथासम्भव उन पर्यायवाची शब्दों का उपयोग किया गया है जिन्हें भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है अथवा जो बहुत प्रचलित हो चुके हैं।
यह पुस्तक केवल छात्रों की आवश्यकताओं को ही नहीं, बल्कि मनोविज्ञान और साहित्य के लेखकों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर लिखी गई है। मनोविज्ञान का महत्त्व जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दिनोदिन बढ़ता जा रहा है और इसका प्रभाव साहित्य पर भी बहुत पड़ा है। मनोविज्ञान की पारिभाषिक पदावली से भली-भाँति परिचित न होने से प्रायः मनोवैज्ञानिक शब्दों का भ्रान्तिमय उपयोग हो जाता है। इसी दृष्टिकोण से इस पुस्तक में प्रत्येक शब्द के साथ उसकी धारणा का भी संक्षिप्त विवरण दिया गया है।
इस कोश के दो भाग हैं—पहले भाग में अंग्रेज़ी के हिन्दी पर्याय तथा उनकी परिभाषा और संक्षिप्त विवरण है। दूसरे भाग में हिन्दी शब्दों के अंग्रेज़ी पर्यायवाची शब्द हैं। हिन्दी शब्द के अर्थ अंग्रेज़ी पर्याय की सहायता से पहले भाग से देखे जा सकते हैं।
Ganit Mein Payen 100/100
- Author Name:
D.D. Sharma
- Book Type:

- Description: क्यों कुछ लोग गणित पढ़ने में पूर्ण आनंद अनुभव प्राप्त करते हैं, जबकि दूसरों को वह हौआ लगता है? क्यों कुछ लोग 100/100 नंबर पाते हैं, जबकि बहुतों के लिए वह जीवन भर अभिशाप बनकर रह जाता है? उत्तर ज्यादा कठिन नहीं है। कक्षा 10 तक गणित अनिवार्य विषय है। अधिकतर छात्र इसमें प्रयुक्त चिह्न, गणितीय शब्द, सूत्र, स्पष्टीकरण व उदाहरणों से पर्याप्त परिचय नहीं कर पाते और इसमें कमजोर रह जाते हैं, फलतः उनके लिए गणित हौआ बनकर रह जाता है। गणित कोई मुश्किल विषय नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक कक्षा 6 से कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों के लिए गणित को आसान व रुचिकर बनाने का एक सशक्त प्रयास है। इसमें दिए हुए सूत्र जीवन भर काम आनेवाली धरोहर हैं। ये सूत्र ही गणित का जीवन हैं। अतः उनके उचित उपयोग के लिए छोटे-छोटे उदाहरण दिए गए हैं। आप अपना थोड़ा सा मस्तिष्क लगाकर आसानी से गणित में 100 में से पूरे 100 अंक पा सकते हैं। गणित में पारंगत होने और सफल होने के लिए हर विद्यार्थी व सामान्य जन के लिए उपयोगी पुस्तक।
Sanskriti : Varchswa Aur Pratirodh
- Author Name:
Purushottam Agarwal
- Book Type:

-
Description:
‘संस्कृति : वर्चस्व और प्रतिरोध’ भारतीय समाज और संस्कृति के उन सुविधाजनक सवालों से टकराने के क्रम में लिखी गई है, जिनसे बचने का हर सम्भव प्रयास अब तक किया जाता रहा है। संस्कृति पर अमूर्तनों की भाषा में लिखे गए तमाम पोथों से भिन्न यह पुस्तक मोहक आवरणों से ढके छद्म को उद्घाटित करती है। बढ़ता साम्प्रदायिक ज़हर, शोषण के नए तरीक़े, कुर्सी हथियाने के लिए धर्म का सीढ़ी की तरह किया जानेवाला इस्तेमाल, स्त्री-दमन का अनवरत सिलसिला, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ जारी होनेवाले फ़तवे, उभरते दलित आन्दोलन को नाकाम करने में लगी अमानुषिक ताक़तें और मानवीय संवेदनातंत्र के निरन्तर छीजते जाने की प्रक्रिया—ये अब हमारे समय की कटु वास्तविकताएँ हैं। ईमानदार रचनाधर्मी मानस ने इन सभी मुद्दों को इस पुस्तक में उठाया है, सरलीकरणों से बचने की सफल कोशिश की है और इन प्रश्नों से जुड़ी प्रचलित प्रगतिशील व्याख्याओं की जाँच भी की है। सुपरिभाषित सांस्कृतिक प्रतीकों को पुरुषोत्तम अग्रवाल ने नई दृष्टि से विश्लेषित करने का प्रयास किया है। कहने की आवश्यकता नहीं कि इसी कारण यह पुस्तक हमारे परम्परागत संस्कारों, स्वीकृत मूल्यों और प्रश्नातीत बना दी गई आस्थाओं को झकझोर देने में समर्थ हो सकेगी।
अपने भाषिक रचाव में यह पुस्तक विशिष्ट है। विचारगत नवीनता भाषा का नया तेवर चाहती है, जिसे डॉ. अग्रवाल ने सघन सर्जनात्मकता में अर्जित किया है। मधुर पदबन्धों के आदी हो चुके लोगों को इसमें ज़रूरी औषधीय कड़वाहट मिलेगी, साथ ही आद्यन्त कवि-सुलभ रससिक्तता भी।
तथाकथित ‘जातिवाद’ के सामाजिक-राजनीतिक निहितार्थों की सर्वथा नई व्याख्या और वर्णाश्रम के सांस्कृतिक अर्थ का विचारोत्तेजक रेखांकन इस पुस्तक के तर्क की अपनी विशेषताएँ हैं।
समाज, संस्कृति और सर्जनात्मकता का गतिशील परिप्रेक्ष्य विकसित करने की बौद्धिक बेचैनी से भरपूर यह किताब उन सबके लिए ज़रूरी है, जो भारतीय समाज के अन्तर्निहित वर्चस्वतंत्र से जिरह करना चाहते हैं।
Swadheen Bharat Ka Hindi Sahitya Part 1
- Author Name:
Vishwanath Prasad Tiwari
- Book Type:

- Description: स्वाधीन भारत का हिंदी साहित्य शीर्षक ग्रंथ, जिसका आलोच्य काल 1947-2010 है, हिंदी साहित्य की विविध प्रवृत्तियों और विधाओं का ऐतिहासिक तथा विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। यह एक ऐसा साहित्येतिहास ग्रंथ है जिसमें कोशिश की गई है कि उल्लेख्य योग्य सभी लेखकों एवं उनकी कृतियों का उल्लेख हो तथा महत्त्व के अनुसार उन लेखकों-कृतियों पर छोटी-बड़ी मूल्यांकपरक टिप्पणियाँ रहें। किसी प्रकार की व्यक्तिगत या विचारधारात्मक गुटबंदी से मुक्त होकर साहित्य का एक व्यापक समावेशी चित्र सामने आए, जो पाठकों, छात्रों और शोध-अध्येताओं के लिए उपयोगी हो।
UP PRATHAMIK VID. SAHAYAK ADH. BHARTI PARIKSH-NEW
- Author Name:
Shashi Bhushan Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MPPEB MADHYA PRADESH SHIKSHAK PATRATA PARIKSHA-2020 BAL VIKAS EVAM SHIKSHAN SHASTRA (40 PRACTICE SETS)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Ganit Practice MCQs (MPTET Maths Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CUET (PG) Common University Entrance Test (Postgraduate)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gita Prashnottari
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: गीता’ वह ईश्वरीय वाणी है, जिसमें धर्म संवाद के माध्यम से—मैं कौन हूँ? यह देह क्या है? इस देह के साथ क्या मेरा आदि और अंत है? देह त्याग के पश्चात् क्या मेरा अस्तित्व रहेगा? यह अस्तित्व कहाँ और किस रूप में होगा? मेरे संसार में आने का क्या कारण है? मेरे देह त्यागने के बाद क्या होगा, कहाँ जाना होगा, इन सभी के प्रश्नों के उत्तर भगवान् श्रीकृष्ण ने बड़े सहज ढंग से दिए हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वभावगत कर्म में लगे रहने को ‘श्रेष्ठ योग’ कहा है। उनके अनुसार, कर्म अवश्यंभावी है। बिना कर्म के मुक्ति पाना तो दूर, मनुष्य बनना भी कठिन है। स्वाभाविक कर्म करते हुए बुद्धि का अनासक्त होना सरल है। इस प्रकार, ‘गीता’ ज्ञान का भंडार है। इसमें सात सौ श्लोक और अठारह अध्याय हैं। इसके उपदेश को सरलता और सहजता से समझाने के लिए मैंने इसे अध्याय-दर- अध्याय प्रश्नोत्तरी फॉरमेट में प्रस्तुत किया है, ताकि बड़ों के साथ-साथ स्कूल- कॉलेज के विद्यार्थी भी क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से इसके संदेश को खेल-खेल में ही ग्रहण कर लें।
Len-Den
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: कहते हैं कि राजा वीरबाहु के किसी पूर्व पुरुष ने किसी युद्ध में विजयी होकर बरुई नदी के तट पर इस मंदिर की स्थापना की थी और बाद में केवल इसी के आश्रय से धीरे-धीरे चंडीगढ़ गाँव तैयार हो गया। शायद किसी दिन वास्तव में ही यह गाँव देवोत्तर संपत्ति में ही गिना जाता था, किंतु अब तो मंदिर से सटी हुई केवल कुछ ही बीघे जमीन को छोड़कर बाकी सारी मनुष्यों ने छीन ली है। इन दिनों यह गाँव बीजगाँव की जमींदारी में शामिल है। किस प्रकार और किस दुर्जेय रहस्यपूर्ण उपाय से अनाथ और अशक्त की संपत्ति अर्थात् असहाय देवता का धन अंत में जमींदार के उदर में आकर सुस्थिर बन गया, उसकी कहानी साधारण पाठकों के लिए निष्प्रयोजन है।
Raw Secret Agents: Files of Top Secret Missions of Indian Spies Hindi Edition
- Author Name:
Harsha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kritrim Upgrahon Ki Sanrachnatmak Abhikalpana
- Author Name:
Purushottam Gupta
- Book Type:

- Description: प्रकृति के रहस्यों को सुलझाने की मानवीय प्रवृत्ति के कारण अनेक आविष्कार और खोजें हुई हैं। कृत्रिम उपग्रह इनमें से एक है। कृत्रिम उपग्रह और इनके उपयोगों से आज की दुनिया अपरिचित नहीं है। यह सामान्य सी बात है कि जब हमें किसी बड़े क्षेत्र का निरीक्षण करना हो तो हम उस क्षेत्र में स्थित सबसे ऊँचे स्थल पर खड़े होकर करते हैं। इसी प्रकार कृत्रिम उपग्रह पर दूरबीन और अन्य उपकरण स्थित पर हम पृथ्वी और अन्य ग्रहों का निरीक्षण करते हैं। इस उपग्रह रूपी प्लैटफार्म पर उपकरणों की अंतरिक्ष यात्रा अत्यंत कठिन होती है। जिस प्रकार हमें वाहनों में यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार के कंपनों का सामना करना पड़ता है, उसी प्रकार उपग्रह एवं उस पर स्थित उपकरणों पर कंपन का प्रभाव होता है। इस पुस्तक में उपग्रह एवं उस पर स्थित उपकरणों को अंतरिक्ष यात्रा एवं कार्यकाल के दौरान आने वाली विकट परिस्थितियों से बचाने के लिए किए जाने वाले उपायों की चर्चा की गई है। यह पुस्तक मुख्यतः, विज्ञान एवं तकनीकी के महाविद्यालयीन छात्रों के लिए लिखी गई है, तथापि यह उच्चतर माध्यमिक कक्षा के विद्यार्थियों एवं विज्ञान में रुचि रखने वाले सामान्य जन के लिए भी उपयोग होगी।
Madhya Pradesh MP Patwari Sanyukt Bharti Pareeksha Samooh-2 (Group-2 Subgroup-4) 20 Practice Sets in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Asha (Hindi)
- Author Name:
Shri Bhuvendra Tyagi
- Book Type:

- Description: जब हर तरफ दहशत हो, मायूसी हो, लाचारी हो, तो नाउम्मीदी के अँधेरे चारों ओर उग ही आते हैं। तब जरूरत होती है नई आशा की, जो इन अँधेरों को दूर करके मनोबल बढ़ाए और हालात से जूझने का जज्बा दिलाए। ‘आशा’ संग्रह की कविताएँ इसी रोशनी और संबल के प्रसार के लिए हैं। अंग्रेजी के 46 कवियों की 51 कविताओं के अनुवाद का यह कविता संग्रह कोरोना-काल ही नहीं, तमाम विषम परिस्थितियों में एक सच्चे दोस्त और शुभचिंतक की तरह हौसला बनाए रखने की ताकत देनेवाला है। माया एंजेलो की कालजयी कविता ‘फिर भी उठूँगी मैं’, रुडयार्ड किपलिंग की ‘अगर’, कैटी ए. ब्राउन की ‘खुद से हार कभी मत मानो’, जॉयस अलकांतारा की ‘देखोगे नहीं मुझे कभी हारते’, हेनरी वर्ड्सवर्थ लॉन्गफेलो की ‘जीवन-मंत्र’, लैंग्स्टन ह्यूजेस की ‘अब भी जंग में डटा हुआ हूँ’, थॉमस हार्डी की ‘आशा का गीत’, मैक्स एरमन की बहुचर्चित कविता ‘मनोकामनाएँ’ (डेसिडराटा) और बर्टन ब्रैली की ‘चाह जीत की’ जैसी ओजस्वी कविताएँ किसी के भी मन से निराशा दूर करके आशा जगाने और किसी भी निरुत्साही को उत्साह और उमंग से भरकर जीवन को सुंदर बनाने में सक्षम हैं। ये आशा जाग्रत् करने के लिए सहज, सरल, शाश्वत, सार्वभौमिक और सर्वकालीन कविताएँ हैं।
Indian Mujahideen Evam Bheetri Shatru
- Author Name:
Shishir Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samanya Hindi for Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Hemant Kukreti
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book