Azad Hind Fauz
(0)
Author:
Dinkar KumarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
200
₹ 160 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789350488423
-
Pages192
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kabira Baitha Debate Mein
- Author Name:
Piyush Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Brahman Ki Beti & Viraj Bahu
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: मुहल्ले भर घूमकर तीसरे पहर रासमणि घर लौट रही थीं। आगे-आगे उनकी पोती मु. रही थी, जिसकी उम्र कोई दस-बारह साल की थी। गाँव का सँकरा रास्ता, जिसकी बगल की खूँटी में बँधा हुआ बकरी का बच्चा एक किनारे पड़ा सो रहा था। उस पर नजर पड़ते ही पोती को लक्ष्यकर वे चिल्ला पड़ीं, '' अरी छोकरी, कहीं रस्सी मत लाँव जाना ! सामने रस्सी मत 'लाँघ गई क्या ? हरामजादी, आसमान में देखती हुई चलती है। आँख से दिखलाई नहीं पड़ा कि सामने बकरी बँथी है ?'' पोती ने सहज भाव से कहा, '“बकरी तो सो रही है दादी।'' “सो रही है तो क्या दोष नहीं लगा ? आज मंगलवार के दिन तू बेखटके रस्सी लाँघ गई ?!!
IAS/IPS Pariksha Mein Safalta Ke Secrets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Samanya Gyan
- Author Name:
Rajesh Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
FCI Non-Executive (Junior Engineer, Steno Evam Assistant Grade-III) Bharti Pareeksha Phase-I
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patna High Court Assistant Recruitment Book (Complete Study Guide in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Savita
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: तारकनाथ और राखाल केवल तीन महीने के ही साथ-संग से घनिष्ठ मित्र हो गए। जब तीन बज गए और तारक अभी तक नहीं आया, तब राखाल के हृदय में घबराहट और बेचेनी पैदा होने लगी। भवानीपुर में आज स्त्रियों की एक सभा होनेवाली है। वहाँ पर बहुत से शिक्षित परिवारों को लड़कियाँ इकट्ठी होंगी और इस समय राखाल वहाँ के लिए चल देने को बेचैन होता जा रहा था। जाने के सब इंतजाम कर चुका था। सफेद कुरता, धोतो और सिल्क का साफा पलंग पर तैयार रखे थे और पास ही ताजा पॉलिश किया हुआ जूता चमचमा रहा था। मेज पर रखी हुई सोने को रिस्टवॉच भी सोने को चेन के साथ चमचमा रही थी।
The Pearl (Pb)
- Author Name:
John Steinbeck
- Book Type:

- Description: This book has no description
NIACL AO (Administrative Officers) 20 Practice Sets for Preliminary Exam with latest paper
- Author Name:
Vinay Gupta
- Book Type:

- Description: We are presenting the latest edition of “NIACL AO (Administrative officer)” which is prepared according to the updated syllabus and this is valuable for NIACL AO exam. This book is divided into 20 practice sets. Each set follow paper pattern of 100 MCQs. Also, it contains latest solved papers for better understanding of question pattern. This book will really help the aspirants in developing the required Speed and Strike Rate, which will increase their final score in the exam. Type of Book: Practice Sets Subject – English, Quantitative Aptitude & Reasoning ability. Examination Related Book - This book is desirable for NIACL AO (Administrative officer) selection test. Index:- 20 Practice sets Qualities:- Affordable and straightforward Each set contains all the 3 sections - Reasoning Ability, Quantitative Aptitude and English Language Covers 2000 questions & answers with explanations. Completely Based on New Syllabus and Exam Pattern
RSMSSB (Rajasthan Adhinastha Evam Mantralayik Seva Chayan Board) LDC (Lower Division Clerk) (Kanistha Sahayak) Bharti Pariksha (Grade-II)
- Author Name:
Singh +1
- Book Type:

- Description: RSMSSB (Rajasthan Adhinastha Evam Mantralayik Seva Chayan Board) LDC (Lower Division Clerk) (Kanistha Sahayak) Bharti Pariksha (Grade-II)
Bharat Ki Aantrik Suraksha : Chunautiyan Aur Samadhan
- Author Name:
Vivek Ojha
- Book Type:

- Description: वर्तमान समय में देश की आन्तरिक सुरक्षा की रणनीति भी उतनी ही तेज़ी से बदल रही है जितनी तेज़ी से चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश की आन्तरिक सुरक्षा के समक्ष उपस्थित सभी प्रमुख चुनौतियों के कारण और समाधान को इस पुस्तक में ऐसे प्रस्तुत किया गया है जिससे एक मौलिक और अवधारणात्मक समझ बन सके। यह पुस्तक सिविल सेवा में पूछे जानेवाले प्रश्नों की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर लिखी गई है जिससे उत्तर लेखन में विशेष सहायता मिल सकेगी। पुस्तक में आतंक के नए स्वरूपों, आर्थिक अपराधों, भारतीय संघ की अखंडता से सम्बन्धित मुद्दों को नए सन्दर्भों के साथ उठाया गया है। इसमें उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इस पुस्तक को समावेशी बनाने का प्रयास करते हुए पाठ्यक्रम के सभी महत्त्वपूर्ण विषयों को प्रासंगिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Traces Of Indian Culture In Vietnam
- Author Name:
Geetesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patnim Manoramam Dehi...
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Belakigintha Bellage
- Author Name:
M.S. Asha Devi
- Rating:
- Book Type:

- Description: discriptation awaited
Gita Ek Chikitskiya Drishtikon
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha "Shyam"
- Book Type:

- Description: यूरोपियन उपनिवेशवादी गोरे लोगों के अलावा सबको उजड्ड समझते थे। उन्होंने एक सिद्धांत प्रतिपादित किया था कि ईश्वर ने उन्हें दुनिया को सभ्य बनाने का अधिकार सौंपा है। उन्होंने भारतीय ग्रंथों को कबीलाई धर्म के रूप में प्रचारित किया। इसलिए आरंभ में 'गीता' को भी एक धर्मग्रंथ बताया गया था, जबकि यह एक श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ ही नहीं, मनोविज्ञान की अद्भुत पुस्तक है, जिसे अब तो सारे संसार में मान लिया गया है और पश्चिमी लोग इसी के आधार पर mindfullness yoga का व्यापार कर करोड़ों डॉलर कमा रहे हैं। मानव मन की चंचल वृत्ति (संशय, द्वंद्व) को साधने, काबू करने की विधियों को योग कहा जाता है। इसमें सबसे गुह्य शिक्षा यह कि मनुष्य अपने गुण, कर्म, स्वभाव के विपरीत आचरण करने पर दु:ख प्राप्त करता है, अत: उसे अपने गुण-कर्म-स्वभाव को पहचानकर अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। मनुष्य का व्यक्तित्व त्रिगुण—सत्त्व, रजस एवं तमस पर आधारित होता है, इन्हीं गुणों के अनुसार हम सात्त्विक, राजसी एवं तामसिक व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। मानव जीवन के लिए आधार-ग्रंथ 'श्रीमद्भगवद्गीता' के मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सीय शास्त्र भी है, जो जीवन में बेहद उपयोगी एवं पठनीय है।
Acid Wali Ladki
- Author Name:
Pratibha Jyoti
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samanya Buddhi Evam Tarkshakti Parikshan (Verbal Non-Verbal & Analytical Book Hindi)
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamayani-Lochan : Vols. 1-2
- Author Name:
Uday Bhanu Singh
- Book Type:

- Description: डॉ. उदयभानु सिंह भारतीय दर्शन और संस्कृत काव्यशास्त्र के गहन अध्येता थे। तुलसीदास पर उनके ग्रन्थ अपने प्रकाशन-काल से ही निरन्तर तुलसी काव्य के रसग्राही पाठकों और शोधार्थियों के लिए प्रामाणिक स्रोत-सामग्री की भूमिका निबाह रहे हैं। ‘कामायनी-लोचन’ उसी परम्परा को आगे बढ़ानेवाली रचना है। विद्वान लेखक ने प्राक्कथन में इस तथ्य का उल्लेख किया है कि कामायनी आधुनिक काव्य का “ऐसा गौरवग्रन्थ है जिस पर सबसे अधिक आलोचनात्मक पुस्तकें तथा लेख लिखे गए हैं; सबसे अधिक टीकाएँ लिखी गई हैं, सबसे अधिक शोधपरक निबन्ध एवं प्रबन्ध प्रणीत हुए हैं, और सर्वाधिक विवाद भी हुआ है।” यह कथन इस सामग्री से उनके बाख़बर होने का प्रमाण है। इस सामग्री की ख़ूबियों या ख़ामियों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। विनम्रतापूर्वक बस इतना जोड़ा कि “ ‘कामायनी’ के विषय में बहुत-कुछ कहा जा चुका है, परन्तु बहुत-कुछ अनकहा भी रह गया है। अतएव उनके अध्ययन की शृंखला को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘कामायनी-लोचन’ उसी शृंखला की एक कड़ी है।’’ कहना न होगा कि ‘कामायनी-लोचन’ हिन्दी में कामायनी की टीका-व्याख्याओं की किसी चली आती अधूरी परम्परा की पूरक कड़ी-भर नहीं है। उसमें जो कहने से रह गया उसे कहकर रिक्त स्थान की पूर्ति का दायित्व निर्वाह भर करने का प्रयास नहीं है। उसका आदर्श तो संस्कृत-आचार्यों की वह समृद्ध टीका-व्याख्या परम्परा है जिसके आधार पर लेखक ने इसका नामकरण किया है। दो खंडों में विभाजित इस ग्रन्थ में ‘कामायनी’ के सर्गों की व्याख्या-समीक्षा के साथ इसकी शब्द-सूची प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुति की एक निश्चित प्रविधि है। ऐसा ढाँचाबद्ध पैटर्न जिससे एकरूपता और एकरसता एक साथ पैदा होती है। एक ऐसा अकादमिक अनुशासन जिसका पालन वे शिक्षक के रूप में अपनी कक्षाओं में भी करते थे। वे पहले सर्ग-वार कथा-सूत्र प्रस्तुत करते हैं, उसके बाद एक संक्षिप्त समीक्षात्मक टिप्पणी जोड़कर अन्त में शब्दार्थ देते हैं—जिसे उन्होंने शब्द-सूची कहा है। इस प्रकार ‘लोचन’ कामायनी का शब्दकोश भी है। अकादमिक अनुशासन के विरोधियों को इसकी विधिबद्धता से रसज्ञता और सर्जनात्मकता की कमी की शिकायत हो सकती है। भूलना नहीं चाहिए कि इसका रचयिता दर्शन, व्याकरण और काव्यशास्त्र का अध्येता विद्वान तो था, अभिनवगुप्त की तरह कवि नहीं। उनकी यह कृति भले ही पाठकों को गहरी रसमग्नता का संतोष न दे पर ‘कामायनी’ की समझ में अनेक भ्रान्तियों का निवारण करेगी और उसकी गहन अर्थ-व्यंजनाओं के उद्घाटन में मददगार होगी—व्युत्पत्यर्थ और दार्शनिक अनुषंगों की दृष्टि से। —निर्मला जैन
Manak Hindi Ka Swaroop
- Author Name:
Bhola Nath Tiwari
- Book Type:

- Description: हिंदी एक समर्थ भाषा है। उसका साहित्य भी संपन्न है, अब तो वह और भी संपन्न होता जा रहा है, किंतु अभी तक हिंदी भाषा का मानक रूप स्थिर नहीं हो पाया है। यही कारण है कि उच्चारण, वर्तनी, लेखन, रूपरचना, वाक्यगठन और अर्थ आदि सभी क्षेत्रों में पत्र-पत्रिकाओं, पुस्तकों, भाषणों एवं बातचीत में अमानक प्रयोग प्राय: मिलते हैं। इसी समस्या पर व्यापक रूप से विचार करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। प्रारंभ में मानक भाषा और उसके प्रकारों को लिया गया है, ताकि मानक हिंदी को ठीक परिप्रेक्ष्य में समझा जा सके। किसी भाषा की मानकता-अमानकता काफी कुछ उसकी बेलियों से जुड़ी होती है, अत: हिंदी के क्षेत्र और उसकी बोलियों को लेना पड़ा है। फिर हिंदी के मानकीकरण का इतिहास देते हुए हिंदी में नागरी लिपि और अंकों, हिंदी के संख्यावाचक शब्दों, हिंदी उच्चारण, हिंदी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया तथा क्रिया विशेषण के रूपों, हिंदी वाक्य-रचना, हिंदी में प्रयुक्त शब्दों और उनके अर्थ, हिंदी की प्रयुक्तियों तथा शैलियों आदि पर मानकता की दृष्टि से विचार किया गया है। अंत में परिशिष्ट में मानक-अमानक प्रयोगों के कुछ उदाहरण हैं। इस प्रकार प्रस्तुत पुस्तक में हिंदी भाषा के मानक स्वरूप पर अपेक्षित विस्तार से प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक हिंदी भाषा और भाषा-विज्ञान में रुचि रखनेवाले लेखकों, संपादकों, पाठकों और विद्यार्थियों आदि सभी वर्ग के लोगों के लिए पठनीय एवं संग्रहणीय है।
Lahore (Hindi Translation)
- Author Name:
Manreet Sodhi Someshwar
- Book Type:

- Description: 1947 में भारत के स्वतंत्रता प्राप्त करने और उसके बाद के महीनों में स्थापित 'द पार्टीशन ट्रायलॉजी' उन घटनाओं, आवश्यकताओं और निर्णयों की खोज है, जो भारत की स्वतंत्रता, उसके सहवर्ती विभाजन और साथ-साथ रियासतों के परिग्रहण का कारण बने। एक साहित्यिक-राजनीतिक थ्रिलर, जो उस समय के उन्माद को दिखाता है। यह शृंखला दिल्ली, लाहौर, हैदराबाद और कश्मीर में स्थापित है। एक विस्तृत कैनवास को समाविष्ट करते हुए जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और डिकी माउंटबेटन ट्रायलॉजी में उन शहरों के आम लोगों के साथ जगह साझा करते हैं, जो विभाजन और राज्यों के पुनर्गठन से प्रभावित हुए थे। राजनीतिक सूत्र की प्रामाणिकता सुनिश्चित करते गहन शोध द्वारा समर्थित यह ट्रायलॉजी पाठकों को अपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल और मंथन की दुनिया में वापस ले जाएगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book