Martyn Luther King
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
अमेरिका में सन् 1950 और 1960 के दशक में रंगभेद के खिलाफ मार्टिन लूथर किंग जूनियर की अगुवाई में अहिंसक प्रतिरोध अपनाते हुए जो नागरिक अधिकार आंदोलन चलाया गया, उसकी दास्तान युगों-युगों तक मानव जाति को प्रेरणा देती रहेगी। इस पुस्तक में मार्टिन लूथर किंग के जीवन के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। नई पीढ़ी के लिए किंग की जीवन-कथा से अवगत होना उपयोगी साबित होगा। किंग ने अमेरिका के दक्षिणी और फिर उत्तरी हिस्सों में रंगभेद के खिलाफ अहिंसक आंदोलन चलाते हुए इतिहास की दिशा को मोड़ देने में सफलता हासिल की थी। महात्मा गांधी के अहिंसक प्रतिरोध को अपना अस्त्र बनाकर उन्होंने रंगभेद और गरीबी की जंजीरों से अश्वेत जनता को मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया। इस आंदोलन के लिए किंग को अपने जीवन का बलिदान करना पड़ा। इसके बावजूद इन्होंने साबित कर दिखाया कि मानवता को बचाने के लिए हर तरह के संकट को हँसते-हँसते झेला जा सकता है और शासन तंत्र को चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने घृणा को प्रेम व भाईचारे से जीतने का प्रयास किया और रंगभेद के समर्थकों का हृदय-परिवर्तन करने पर लगातार जोर देते रहे। ऐसे महामानव की जीवनी सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए निश्चय ही उपयोगी एवं प्रेरक सिद्ध होगी।
Read moreAbout the Book
अमेरिका में सन् 1950 और 1960 के दशक में रंगभेद के खिलाफ मार्टिन लूथर किंग जूनियर की अगुवाई में अहिंसक प्रतिरोध अपनाते हुए जो नागरिक अधिकार आंदोलन चलाया गया, उसकी दास्तान युगों-युगों तक मानव जाति को प्रेरणा देती रहेगी। इस पुस्तक में मार्टिन लूथर किंग के जीवन के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। नई पीढ़ी के लिए किंग की जीवन-कथा से अवगत होना उपयोगी साबित होगा।
किंग ने अमेरिका के दक्षिणी और फिर उत्तरी हिस्सों में रंगभेद के खिलाफ अहिंसक आंदोलन चलाते हुए इतिहास की दिशा को मोड़ देने में सफलता हासिल की थी। महात्मा गांधी के अहिंसक प्रतिरोध को अपना अस्त्र बनाकर उन्होंने रंगभेद और गरीबी की जंजीरों से अश्वेत जनता को मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया। इस आंदोलन के लिए किंग को अपने जीवन का बलिदान करना पड़ा। इसके बावजूद इन्होंने साबित कर दिखाया कि मानवता को बचाने के लिए हर तरह के संकट को हँसते-हँसते झेला जा सकता है और शासन तंत्र को चुनौती दी जा सकती है।
उन्होंने घृणा को प्रेम व भाईचारे से जीतने का प्रयास किया और रंगभेद के समर्थकों का हृदय-परिवर्तन करने पर लगातार जोर देते रहे। ऐसे महामानव की जीवनी सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए निश्चय ही उपयोगी एवं प्रेरक सिद्ध होगी।
Book Details
-
ISBN9789350483381
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Jnana Yoga (Pb)
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: This book has no description
Muktibodh Ke Uddharan
- Author Name:
Prabhat Tripathi
- Book Type:

- Description: गजानन माधव मुक्तिबोध की जन्म-शती के दौरान उनके उद्धरणों का यह संचयन विशेष रूप से तैयार और प्रकाशित किया जा रहा है। छोटी कविताओं के समय में मुक्तिबोध लम्बी कविताएँ लिखने का जोखिम उठाते रहे और उनकी आलोचना और चिन्तन लीक से हटकर जटिल थे। इसने उन्हें एक कठिन लेखक के रूप में विख्यात कर दिया। उनके अत्यन्त सार्थक, जटिल साहित्य-संसार में प्रवेश के लिए उद्धरणों का यह संचयन मददगार होगा, इस उम्मीद से ही इसे विन्यस्त किया गया है। इससे पाठकों को मुक्तिबोध के संसार में और गहरे जाने का उत्साह होगा। मुक्तिबोध रज़ा के प्रिय कवियों में से एक थे। उनकी एक पंक्ति 'इस तम-शून्य में तैरती है जगत् समीक्षा' का उन्होंने अपने कई चित्रों में इस्तेमाल किया था। मुक्तिबोध अकेले हिन्दी कवि हैं जिन्हें प्रसिद्ध प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप के कम से कम तीन बड़े चित्रकारों ने पसन्द किया। रामकुमार ने रोग-शय्या पर लेटे हुए मुक्तिबोध के कई रेखाचित्र बनाए थे जो उनके पहले कविता-संग्रह 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' में प्रकाशित हुए थे। मक़बूल फ़िदा हुसेन ने जूते न पहनने का निर्णय मुक्तिबोध की शवयात्रा के दौरान लिया था। रज़ा उनकी कविता को हमेशा याद करते रहे। यह संचयन एक शृंखला की शुरुआत भी है। आगे अज्ञेय, शमशेर बहादुर सिंह, रघुवीर सहाय, निर्मल वर्मा आदि के उद्धरणों के संचयन प्रकाशित करने का इरादा है। —अशोक वाजपेयी
AAO RANGON KO PAHACHANEN
- Author Name:
Mahesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UTTARAKHAND KE TYOHAR
- Author Name:
Jyotsna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shailesh Matiyani Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Shailesh Matiyani
- Book Type:

- Description: शैलेश मटियानी हिंदी के उन गिने-चुने कथाकारों में से एक हैं, जो रचना को जिंदगी से इस तरह उठा लेते हैं कि अनुभव और कल्पना एकमेक होकर एक विशेष प्रकार की दुनिया ही रचने लगते हैं। मटियानीजी का अपनी कहानी के जरिए जिंदगी को देखने का नजरिया अलग ही है। वे अपनी हर कहानी में जैसे एक नई बात खोज लाना चाहते हैं। उनके विपुल लेखन संसार में से चयनित प्रस्तुत लोकप्रिय कहानियाँ अपने-अपने कारणों तथा कथ्य की विविधता से आकर्षक हैं। इन कहानियों में वर्णित चरित्र, स्थितियाँ, परिवेश और वातावरण ऐसा है कि पाठक लंबे समय तक उनके प्रभाव में रहता है। उनकी भाषा, कहन, शिल्प और कथा की प्रस्तुति अनायास ऐसा चमत्कार पैदा करती है कि पढ़नेवाला उसी कथादेश का नागरिक हो जाता है। इतना ही नहीं, कहानी पाठक केहृदय में उतरती चली जाती हैं।
Chandrakanta Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
I Don't Love You Anymore: Moving On and Living Your Best Life | National Bestseller by Rithvik Singh | Hindi Original Edition
- Author Name:
Rithvik Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aazadi Ki Kahani Dak Ticketon Ki Zabani
- Author Name:
Gopi Chand Shrinagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajendra Mohan Bhatnagar ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Rajendra Mohan Bhatnaga
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sarvswant
- Author Name:
Saketanand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Modon Se Gujarte Huye "मोड़ों से गुजरते हुए" Book In Hindi
- Author Name:
Jyoti Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vigyan Ki Baaten
- Author Name:
Akhilesh Srivastava
- Book Type:

- Description: इस निबंध संकलन में न सिर्फ प्रकृति के अवयव; जैसे- आकाश, सूर्य पृथ्वी, पानी आदि के बारे में प्रामाणिक सूचनाएँ दी गई हैं, बल्कि मानव के विकास, शरीर की बनावट व विभिन्न अंगों के कार्य-व्यापार के बारे में भी आवश्यक जानकारी संकलित की गई है। निबंधों की रचना में इस बात का बराबर ध्यान रखा गया है कि ये उबाऊ और नीरस न होने पाएँ। पुनः निवेदन है कि इन निबंधों में किसी भी विषय पर दी गई जानकारी पूर्ण और अंतिम नहीं है, बल्कि सिर्फ उतनी ही सूचनाओं का समावेश किया गया है जितना किशोर पाठक आसानी से ग्रहण कर सकें। आशा है ये निबंध किशोर वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। -अखिलेश श्रीवास्तव 'चमन'
Birbal Sahni
- Author Name:
Anil Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Benjamin Graham Ki Biography
- Author Name:
Pushkar Kumar
- Book Type:

- Description: सन् 1976 में 82 वर्ष को आयु में जब बेंजामिन ग्राहम की मृत्यु हुई, तब वे बॉल स्ट्रीट पर बहुत प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुके थे। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली विश्लेषण की नींव रखनेवाले ग्राहम ने असंख्य शिष्यों को प्रेरित किया था और वॉरेन बफे जैसे होनहार (जो सन् 1954 में ग्राहम के लिए काम करते थे) को व्यक्तिगत रूप से परामर्श दिए थे। ग्राहम को व्यापक रूप से प्रतिभावान, सफल और नैतिक माना जाता था, जो निवेश की उथल-पुथल भरी दुनिया में तीन दुर्लभ विशेषताएँ हैं । अपने बाद के वर्षों में ग्राहम ने एक संस्मरण लिखा, जिसमें उनके रंगीन जीवन के शुरुआती दशकों के विवरण हैं । उनकी मृत्यु के दशकों बाद यह रचना अंततः प्रकाशित हो रही है। निवेशकों और इतिहास-प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करनेवाले विवरणों से भरपूर यह कृति सदी के सबसे समृद्ध और सबसे घटनापूर्ण जीवन में से एक को उद्घाटित करती है। ग्राहम ने न्यूयॉर्क एवं वॉल स्ट्रीट की गतिशील पृष्ठभूमि में प्रतिभा और सौभाग्य की एक अद्भुत कहानी बुनी है।
HINDI SHABDA GYAN
- Author Name:
DURGESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Romanchkari Kahaniyan
- Author Name:
Vibhor Kumar
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Mahabharat | Book On Ancient Indian Stories About Pandavas And Kauravas | Kurukshetra War | Greatest Epic Of India Book in Hindi
- Author Name:
Shankar Baam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Premvallari
- Author Name:
Malik Rajkumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chithhi Patri - II
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sampoorn Dalit Andolan : Pasamanda Tasawwur
- Author Name:
Ali Anvar
- Book Type:

-
Description:
ग़ुलामी भले ही विदा हो गई हो, जाति तो मुसलमानों में क़ायम है ही। उदाहरण के लिए, बंगाल के मुसलमानों की स्थिति को लिया जा सकता है। 1901 के लिए बंगाल प्रान्त के जनगणना अधीक्षक ने बंगाल के मुसलमानों के बारे में यह रोचक तथ्य दर्ज किए हैं—‘मुसलमानों का चार वर्गों—शेख़़, सैयद, मुग़ल और पठान—में परम्परागत विभाजन इस प्रान्त (बंगाल) में प्रायः लागू नहीं है। मुसलमान दो मुख्य सामाजिक विभक्त मानते हैं—1. अशराफ़ अथवा शरफ़ और 2. अज़लाफ़। अशराफ़ से तात्पर्य है ‘कुलीन’ और इसमें विदेशियों के वंशज तथा ऊँची जाति के धर्मान्तरित हिन्दू शामिल हैं। व्यावसायिक वर्ग और निचली जातियों के धर्मान्तरित शेष अन्य मुसलमान अज़लाफ़ अर्थात नीच अथवा निकृष्ट व्यक्ति माने जाते हैं। उन्हें कमीना अथवा इतर कमीना या रासिल, जो ‘रिज़ाल’ का भ्रष्ट रूप है, बेकार कहा जाता है। कुछ स्थानों पर एक तीसरा वर्ग ‘अरज़ाल’ भी है, जिसमें आनेवाले व्यक्ति सबसे नीच समझे जाते हैं। उनके साथ कोई भी अन्य मुसलमान मिलेगा-जुलेगा नहीं और न उन्हें मस्जिद और सार्वजनिक क़ब्रिस्तानों में प्रवेश करने दिया जाता है।
इन वर्गों में भी हिन्दू में प्रचलित जैसी सामाजिक वरीयता और जातियाँ हैं।...
मुसलमानों में इन बुराइयों का होना दु:खद है, किन्तु उससे भी अधिक दु:खद तथ्य यह है कि भारत के मुसलमानों में समाज-सुधार हेतु इन बुराइयों के सफलतापूर्वक उन्मूलन के लिए कोई संगठित आन्दोलन नहीं उभरा।...दूसरी ओर, मुसलमान यह महसूस ही नहीं करते कि ये बुराइयाँ हैं। परिणामतः वे उनके निवारण हेतु सक्रियता भी नहीं दर्शाते। इसके विपरीत, अपनी मौजूदा प्रथाओं में किसी भी परिवर्तन का विरोध करते हैं।
—डॉ. बी.आर. आम्बेडकर
‘पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन’ पुस्तक से
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book