Aapake Man-Mastishk Ki Jeet (Hindi Translation of Mind Your Mind)
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Author:
Venugopal AcharyaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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मैं दिन-रात चिंता करना कैसे बंद करूँ? मैं हद से ज्यादा क्यों सोचता हूँ? अपनी मुसीबतों का दोष मैं किसे दूँ? मेरा मन मेरा दोस्त है या दुश्मन? मेरा जीवन इतना निरर्थक लगता है कि जीने का फायदा ही क्या है? क्या मैं अपनी सारी मुसीबतों के बावजूद खुशी हासिल कर सकता हूँ?’—क्या ऐसे ही सवाल आपके मन में भी उठते हैं, तो संन्यासी और शिक्षक वेणुगोपाल आचार्य के पास आपके सवालों के जवाब हैं। वे मन को सँभालने और खुशहाल जीवन के लिए तीन प्रभावशाली किंतु सरल सिद्धांत सुझाते हैं—जागरूकता, स्वीकार्यता और आकांक्षा। स्वयं-सहायता के इन तरीकों को मात्र बताने भर से एक कदम आगे बढक़र आचार्यजी ऐतिहासिक कहानियों, आज की घटनाओं, भारतीय शास्त्रों में वर्णित ज्ञान की बातों के द्वारा यह समझाते हैं कि इन भिन्न-भिन्न अवधारणाओं को किस प्रकार दैनिक जीवन के तीन चरणों के अभ्यास के साथ अपना सकते हैं और स्थायी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ‘आपके मन-मस्तिष्क की जीत’ एक अनमोल मार्गदर्शिका है, जिसे आधुनिक जीवन के लिए बनाया गया है और जिसकी सहायता से अपने आप को बदला जा सकता है। मन-मस्तिष्क पर विजय प्राप्त कर जीवन में संतोष, सुख, आनंद और सार्थकता पाने के द्वार खोलनेवाली प्रेरक कृति।
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मैं दिन-रात चिंता करना कैसे बंद करूँ? मैं हद से ज्यादा क्यों सोचता हूँ? अपनी मुसीबतों का दोष मैं किसे दूँ? मेरा मन मेरा दोस्त है या दुश्मन? मेरा जीवन इतना निरर्थक लगता है कि जीने का फायदा ही क्या है? क्या मैं अपनी सारी मुसीबतों के बावजूद खुशी हासिल कर सकता हूँ?’—क्या ऐसे ही सवाल आपके मन में भी उठते हैं, तो संन्यासी और शिक्षक वेणुगोपाल आचार्य के पास आपके सवालों के जवाब हैं।
वे मन को सँभालने और खुशहाल जीवन के लिए तीन प्रभावशाली किंतु सरल सिद्धांत सुझाते हैं—जागरूकता, स्वीकार्यता और आकांक्षा।
स्वयं-सहायता के इन तरीकों को मात्र बताने भर से एक कदम आगे बढक़र आचार्यजी ऐतिहासिक कहानियों, आज की घटनाओं, भारतीय शास्त्रों में वर्णित ज्ञान की बातों के द्वारा यह समझाते हैं कि इन भिन्न-भिन्न अवधारणाओं को किस प्रकार दैनिक जीवन के तीन चरणों के अभ्यास के साथ अपना सकते हैं और स्थायी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
‘आपके मन-मस्तिष्क की जीत’ एक अनमोल मार्गदर्शिका है, जिसे आधुनिक जीवन के लिए बनाया गया है और जिसकी सहायता से अपने आप को बदला जा सकता है। मन-मस्तिष्क पर विजय प्राप्त कर जीवन में संतोष, सुख, आनंद और सार्थकता पाने के द्वार खोलनेवाली प्रेरक कृति।
Book Details
-
ISBN9789355214010
-
Pages280
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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