Gita Prashnottari
Author:
Mamta MehrotraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Unavailable
गीता’ वह ईश्वरीय वाणी है, जिसमें धर्म संवाद के माध्यम से—मैं कौन हूँ? यह देह क्या है? इस देह के साथ क्या मेरा आदि और अंत है? देह त्याग के पश्चात् क्या मेरा अस्तित्व रहेगा? यह अस्तित्व कहाँ और किस रूप में होगा? मेरे संसार में आने का क्या कारण है? मेरे देह त्यागने के बाद क्या होगा, कहाँ जाना होगा, इन सभी के प्रश्नों के उत्तर भगवान् श्रीकृष्ण ने बड़े सहज ढंग से दिए हैं।
भगवान श्रीकृष्ण ने स्वभावगत कर्म में लगे रहने को ‘श्रेष्ठ योग’ कहा है। उनके अनुसार, कर्म अवश्यंभावी है। बिना कर्म के मुक्ति पाना तो दूर, मनुष्य बनना भी कठिन है। स्वाभाविक कर्म करते हुए बुद्धि का अनासक्त होना सरल है।
इस प्रकार, ‘गीता’ ज्ञान का भंडार है। इसमें सात सौ श्लोक और अठारह अध्याय हैं। इसके उपदेश को सरलता और सहजता से समझाने के लिए मैंने इसे अध्याय-दर- अध्याय प्रश्नोत्तरी फॉरमेट में प्रस्तुत किया है, ताकि बड़ों के साथ-साथ स्कूल- कॉलेज के विद्यार्थी भी क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से इसके संदेश को खेल-खेल में ही ग्रहण कर लें।
ISBN: 9789355212856
Pages: 144
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Hidden Files
- Author Name:
Prof. Triveni Singh(IPS) +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: क्या आप विश्वास कर पाएँगे कि आपको एक ऐसे शख्स ने लूटा है, जो ढाई साल पहले मर चुका है। क्या एक SMS भेजना हो सकता है, आपके जीवन की सबसे बड़ी गलती। क्या गलती थी उसकी, उसने सिर्फ एक फ्रेंड रिक्वेस्ट ही तो रिसीव की थी। एक कॉल रिसीव किया और साफ हो गए उसके एकाउंट से पूरे 82 लाख रुपए। जब 14 साल का एक लड़का बन गया भारतीय रेलवे के लिए सबसे बड़ी मुसीबत। कैसे कमाए उस 22 साल के लड़के ने 3700 करोड़ रुपए सिर्फ फेसबुक से। आप विश्वास करेंगे, आपका बिजली का बिल भरकर, मैं कमा लूँ पूरे 100 करोड़ रुपए। जब एक मोबाइल एप्प के थ्रू हो गई एक किडनेपिंग। आप अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ सकते हैं, पर अपना मोबाइल बिना पासवर्ड मत रखिए। जब मरी हुई लड़की के फिटबिट बैंड ने दी गवाही और पहुँचा दिया क्रिमिनल को सलाखों के पीछे। क्या आप जानना चाहेंगे कि आप के घर का Wi-Fi खोल सकता है आपके कौन-कौन से राज। जब उसकी मौत और जिंदगी के बीच में आ गया एक व्हाट्सएप मेसेज। उसकी जान की कीमत सिर्फ 3 बिटकॉइन। यदि उस दिन फोन न खोया होता तो वह मर जाती। जब बिजली के बल्ब से रोशनी के बजाय आने लगे धमकी की आवाज। आजकल हर व्यक्ति अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन बिताता है, चाहे वो खरीदारी करना हो, बिल पेमेंट करनी हो, दोस्त बनाना हो, जिसकावर्णन बेचनी हो या घर खरीदना हो, कॉलेज के एडमिशन से लेकर शादी के लिए जीवनसाथी ढूँढ़ने तक आपकी जिंदगी इस ऑनलाइन के मायाजाल में उलझ तो गई ही है। लगातार हर क्षण एक ऐसी दुनिया अपनी वास्तविक दुनिया के समांतर खड़ी हो रही है, जिसको हम आभासी दुनिया कहते हैं, पर इस दुनिया में वे सारे अपराध संभव हैं, जो असली दुनिया में होते हैं, इस कारण इस दुनिया की अँधेरी सच्चाइयों के प्रति खुद को जागरूक रखना बहुत जरूरी हो गया है। उत्सुकता बहुत है, जानने की चाह भी, पर इस भागती दुनिया में हमारे पास वक्त कहाँ है कि हम इन दिशा-निर्देशों को सीखें, कोई भी ऐसा ज्ञान या वीडियो बड़ा ही बोरिंग लगने लगता है, जब कोई कहता है कि OTP मत दीजिए, लिंक क्लिक मत कीजिए या फोन पर कोई डिटेल शेयर मत कीजिए। लेखकद्वय ने अनुभव किया कि लोग दिशा-निर्देश भले ही भूल जाएँ पर उन्हें कहानियाँ याद रहती हैं, तो क्यों न वे ये बातें कहानियों के द्वारा बताएँ और तब इस पुस्तक ‘साइबर क्राइम की रोमांचकारी कहानियाँ’ की जरूरत महसूस हुई।दरअसल ये कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उन्होंने इनके द्वारा कुछ अनुभव साझा किए हैं। उनका मानना है कि सच्चाइयाँ कल्पना से ज्यादा रोचक होती हैं; ये सच्ची कहानियाँ न सिर्फ आपको साइबर खबरों के प्रति आगाह करेंगी, बल्कि आपको सतर्क भी करेंगी, ऐसे क्रिमिनल्स से निपटने के लिए।
One Word Substitution
- Author Name:
Pallavi Borgohain
- Book Type:

- Description: A good knowledge of one-word substitutes is necessary for enhancing your vocabulary skills. While writing a paragraph, a report or an essay, you should always try to use those words that represent the same meaning you want to convey. One should avoid using phrases and making the writing unnecessarily long. Readers always love precise writing. Skilful writing is not easy; it is slightly tricky and involves great mastery and appropriate use of vocabulary. Often, overused words and repetitions spoil the charm of writing. That is why it is necessary to balance the writings with one-word substitutes and appropriate words—a must-have and useful book for students and writers.
Paryavaran Shabdakosh
- Author Name:
Dr. Sudhir Kumar Mishra +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ummeed
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Civil Court Chaprasi/Ardali (Bihar Civil Court Peon/Orderly Recruitment Exam Hindi Edition)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tukantak Shabdkosh
- Author Name:
Parmanand Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
‘तुकान्तक शब्दकोश'—तुक से अन्त होनेवाले शब्दों का संकलन। लय, स्वर और ताल के बिना जैसे संगीत निष्प्रभ है, वैसे ही तुक के बिना कविता नीरस है।
तुक से ही एक सामान्य वाक्य को कविता में ढाला जा सकता है। अभिव्यक्ति को प्रभावी बनाया जा सकता है।
परमानन्द चतुर्वेदी का यह तुकान्तक कोश उनके अनेक सालों के कड़े परिश्रम का परिणाम है। वर्ष 1964 से ही वह इस कोश की रचना-प्रक्रिया में जुट गए थे। कोश में तुक से अन्त होनेवाले अनेक शब्द संकलित किए गए हैं और उन्हें भी अकारान्त, आकारान्त, इकारान्त आदि क्रम में रखा गया है।
'तुक' की महत्ता का वर्णन करते हुए परमानन्द महाकवि भूषण के उस छन्द का ज़िक्र करते हैं जो उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा में अपने प्रथम मिलन के अवसर पर उन्हें सुनाया था—
“इन्द्र जिमि जंभ पर, बाडव सुअंभ पर, रावन सदंभ पर, रघुकुल राज है।
पौन बारिकाह पर, संभु रतिनाह पर, ज्यों सहस्रबाह पर रामद्विज राज है॥”
जंभ, अंभ तथा सदंभ आदि के तुकान्तक शब्दों ने, प्रभावी उपमाओं के योग से जो प्राण इस छन्द में फूँक दिए हैं, उन पर शिवाजी महाराज तक रीझे बिना न रह सके। कहते हैं शिवाजी महाराज ने यह छन्द भूषण से बार-बार सुना और प्रत्येक बार एक स्वर्ण-मुद्रा पारितोषिक रूप में प्रदान की।
Nibandh Nikunj (for BPSC Civil Services Mains Exam) Hindi
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: "निबंध निकुंज नामक यह पुस्तक सिविल सेवा एवं राज्य सेवा की मुख्य परीक्षा के निबंध विषय से संबंधित प्रश्न-पत्र की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसमें पाठ्यक्रम को राजनीतिक एवं प्रशासनिक, आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, अंतरराष्ट्रीय, पारिस्थितिकी एवं विज्ञान, बिहार तथा समसामयिक नामक खंडों में विभाजित करते हुए प्रत्येक खंड में परीक्षोपयोगी विविध महत्त्वपूर्ण विषयों पर सारगर्भित निबंध दिए गए हैं । महत्त्वपूर्ण बात यह है कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, तकनीकी एवं संचार के प्रभाव से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो नवीकरण एवं रूपांतरण हुए हैं, उनके भविष्य के परिणामों एवं सतत धारणीय विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर निबंधों का विश्लेषण किया गया है, जिससे उस विषय में अभ्यर्थियों की तार्किक समझ भी निर्मित होती है।"
History of Punjabi Literature
- Author Name:
Sant Singh Sekhon +1
- Book Type:

- Description: The vitalityof Punjabi lietrature, its rootedness in its landscape, and its concern with the totality of human experience is evident everywhere in this volume. While it will be of undoubted value to the student of Punjabi literature, we also hope that its vitality and readability will make it attractive to other readers as well.
Sanskrit Vangmai Kosh : Paribhasha Khand - Purvardh Aur Uttrarth Vols. 1-2
- Author Name:
Sridhar Bhaskar Varnekar
- Book Type:

- Description: The capability of reading and other personal skills get improved on reading this book Sanskrit Vangmai Kosh: Paribhasha Khand – Purvardh Aur Uttrarth Vols. 1-2 by Sridhar Bhaskar Varnekar. This book is available in Hindi with high-quality printing. Books from the Collection of Collected Works Category surely give you the best reading experience.
Maa
- Author Name:
Jagram Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Modern Gurukul
- Author Name:
Sonali Bendre Behl
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paap Aur Prayashchit
- Author Name:
Sanjay Bharti
- Book Type:

- Description: लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की पीड़ा और उनके साथ हर पल हो रही एक-एक घटना दिल दहला देनेवाली है। रमजान मियाँ परिवार सहित दिल्ली से गाँव के लिए चल पड़ते हैं। उनकी सोलह साल की बेटी है सबिना, जो विक्की नाम के हिंदू लड़के से प्यार करती है और उसे छोड़कर नहीं जाना चाहती। विक्की भी सबिना से दूरी बरदाश्त नहीं कर पाता है और वह उसके पीछे-पीछे चल देता है। इन प्रवासी मजदूरों के संग एक आर्चबिशप, एक मौलवी साहब और एक भूतपूर्व प्रधानमंत्री की आत्मा सफर कर रही है। रास्ते में रमजान मियाँ की मृत्यु हो जाती है। प्रधानमंत्री रमजान मियाँ के शरीर में प्रवेश करते हैं और उनके परिवार को सही-सलामत उनके घर तक पहुँचाने की जिम्मेदारी उठाते हैं। तब उन्हें पहली बार गरीबी और लाचारी का एहसास होता है। आर्चबिशप, मौलवी साहब और प्रधानमंत्री—तीनों अफसोस करते हैं कि जब हमारे पास मौका व पावर थी, तब हमने ठीक से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। प्रधानमंत्री सबिना और विक्की की शादी करवाकर एक पिता का फर्ज निभाना चाहते हैं, लेकिन सबिना के साथ रेप और मर्डर का हादसा उनको तोड़कर रख देता है। जिस देश में वह प्रधानमंत्री रहे, उसी देश में अपनी बेटी को नहीं बचा पाए...क्यों...? कैसे? अनगिनत सवाल हैं, जिसका जवाब आज हर उस व्यक्ति को देना होगा, जो पावर में है, जिसके पास कुछ करने का मौका है। अन्यथा जीवित रहते या मरने के बाद हर किसी को अपने पापों का प्रायश्चित तो करना ही पड़़ेगा।
Janiye Upanishadon Ko
- Author Name:
Ramkishore Vajpayee
- Book Type:

- Description: स्वाध्याय-यात्रा का विराम-बिंदु तब तक लक्षित नहीं होता, जब तक मेधा विश्रांति में पर्यवसित होने को विकल न हो। विश्रांति में पर्यावसान से ही विद्या के आस्वादन की पीठिका सजती है। श्री रामकिशोर वाजपेयी की स्वाध्याय-यात्रा का यही परिदृश्य है। अध्यापन, वित्तीय संस्थान में सेवा, टे्रड यूनियन की गतिविधियाँ, सामाजिक सरोकार तथा राजनीति विज्ञान के शिखर विचारकों के चिंतन और बीसवीं सदी की राजनैतिक उथल-पुथल के विपुल साहित्य के अनुशीलन तथा लेखन में प्रवृत्त होकर श्री वाजपेयी अगाध जिज्ञासा के नए प्रस्थान खोजते रहे। विगत शती के साठ से अस्सी के दशकों के बीच सतीर्थ श्री वाजपेयी आधुनिक शंकर स्वामी करपात्रीजी महाराज और स्वामी महेशानंद गिरि के सान्निध्य में ब्रह्मविद्या विषयक जिज्ञासाओं का स्थिर समाधान खोज रहे थे तथा अपने विद्वत् शोध-पत्रों एवं व्याख्यानों में उसे अभिव्यक्त कर रहे थे। वैदिक सृष्टि-विज्ञान और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे गूढ़ विषयों पर उन्हें प्रामाणिक साहित्य के स्वाध्याय का सुअवसर सुलभ हुआ। प्रस्तुत पुस्तक में उपनिषद् विषयक सही और संक्षिप्त परिचय इसी अभिप्रेत से उनके द्वारा संकलित है कि ब्रह्मविद्या की आलोक-गुहा में ऋषियों के अनुभूत सत्यों की विविधता एवं उनके आत्मप्रकाश की प्रखरता से प्रवेशार्थी भ्रमित न हो जाएँ; ऐसे में यह कृति आश्वस्ति है और पाथेय भी। —डॉ. शिवकुमार दीक्षित ललित निबंधकार
Tokyo Olympic Ke Khiladiyon Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Dilip Kumar
- Book Type:

- Description: ओलंपिक खेलों का महाकुंभ होता है और हर खिलाड़ी का यह स्वप्न होता है कि वह इन खेलों में न केवल भाग ले, वरन् मेडल भी जीते। सन् 2020 में ओलंपिक खेल टोक्यो में होने थे, पर कोविड-19 के चलते ये नियत समय पर नहीं हुए, पर अंततः बेहतर प्रबंधन, आंतरिक मजबूती, परस्पर विश्वास और समन्वय की मिसाल पेश करते हुए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के मार्गदर्शन में जापान ने सफलतापूर्वक 2020 के ओलंपिक खेलों का आयोजन किया। करीब 18 अरब डॉलर के खर्च से हुए इस आयोजन से दुनिया में यह संदेश गया है कि हम आपस में ज्यादा संवाद करें; एक-दूसरे की आवश्यकताओं को समझें; अपनी विशेषज्ञता का लाभ दूसरों को दें। जिस तरह ओलंपिक में जीत से अधिक भागीदारी जरूरी है, उसी तरह विश्व के विकास के लिए एकता और साझेदारी जरूरी है। इस पुस्तक में टोक्यो ओलंपिक से प्रेरित संघर्ष और सफलता की 21 कहानियों को संकलित किया गया है। ये कहानियाँ पाठकों को खिलाडि़यों के समर्पण, निष्ठा और जिजीविषा से परिचित करवाएँगी; साथ ही उनमें भी खेलों के प्रति और अधिक रुचि भी जाग्रत् करेंगी।
Uttar Pradesh B.Ed. Sanyukt Pravesh Pariksha 15 Practice Sets Vigyan Varg (UP B.Ed Science Entrance Exam 2023 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pocket Hindi Dictionary
- Author Name:
Virendranath Mandal
- Book Type:

-
Description:
इस कोश में अनेक नए शब्दों, प्रमुख पर्वतमालाओं, नद-नदियों, पशु-पक्षी की बोली, हिन्दुओं के प्रमुख देवी-देवता और उपयोगी संक्षेपणों के साथ उच्चारण तथा व्याकरण-प्रयोग...आदि महत्त्वपूर्ण संयोजन है, एक बेहद उपयोगी कोश।
Bharat Evam Vishva Ke Mahan Divas
- Author Name:
Pushpa Sinha
- Book Type:

- Description: सदियों से दुनिया भर में दिवसों का महत्त्व है। दिवस ही आदमी को कर्म में संलग्न करते हैं, जबकि रातें विश्राम और नींद के लिए होती हैं। इस तरह दिवस हमारे लिए पवित्र और पूजनीय बन जाते हैं। प्रस्तुत पुस्तक के दिवस किसी-न-किसी उद्देश्य के लिए लोगों के महान् त्याग, बलिदान और तपस्या की याद दिलाते हैं तो किन्हीं क्षेत्रों में उनके अद्भुत, चमत्कारी कार्यों की बानगी को रेखांकित करते हैं। कहीं शौर्य, खेल, स्वास्थ्य, संस्कृति, करुणा, प्रेम, भाईचारा के लिए समर्पित योगदान को याद किया जाता है, तो कहीं गुलामी की जंजीरें तोड़कर आजादी के खुले आकाश में साँस लेनेवाले देश को स्मृति के पटल पर अंकित कर उसकी याद का हर साल जश्न मनाते हैं। यहाँ तक कि देश और दुनिया को नई दिशा देने के लिए, नए समाज की रचना के लिए, नई रीतियों और परिपाटियों की शुरुआत के लिए भी इन्हें याद किया जाता है। चहुँ ओर फैली विकृतियों, विसंगतियों, अपराधों, अंधविश्वासों और कुरीतियों को दूर करने के लिए जो महान् कार्य किए गए उनकी महानता को भी हम याद करते हैं। ‘भारत एवं विश्व के महान् दिवस’ ऐसी ही एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, जो देश और दुनिया के 191 महान् दिवसों की याद दिलाएगी, जिन्हें प्रत्येक वर्ष एक खास तिथि को समारोहपूर्वक मनाया जाता है। यह पुस्तक सुधी पाठकों को हर महान् दिवस की रोमांचक जानकारी देगी। साथ ही छात्रों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेनेवालों, प्रवक्ताओं एवं शिक्षकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
Stree Rog Gyan
- Author Name:
Dr. Shanti Roy, Dr. Alka Pandey, Dr. Himanshu Roy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mulayam Singh Yadav
- Author Name:
Abhay Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: Reference Book
Bhakti Ke Teen Swar : Miraan, Sur, Kabir
- Author Name:
John Stratton Hawley
- Book Type:

- Description: प्रो. हौली पिछले कई दशकों से भक्ति और हिन्दू परम्परा के अन्य पहलुओं पर विचारोत्तेजक काम करते रहे हैं। केनेथ ब्रायंट के साथ मिलकर उन्होंने सूरदास के पदों की प्रामाणिकता और पाठ-निर्धारण पर काम किया है। प्रस्तुत पुस्तक मूल अंग्रेज़ी में 2005 में प्रकाशित हुई थी। इस बीच नई खोजें हुई हैं, भक्ति-विमर्श में नए प्रश्न, नई शब्दावलियाँ आई हैं। प्रो. हौली ने पुस्तक की सामग्री को नई खोजों की रोशनी में अद्यतन किया है, हालाँकि ऐसा करते समय भी वे अपने मूल तर्क, आग्रहों और पद्धति को बनाए रहे हैं। सूरदास रचित पदों की संख्या ठीक-ठीक लाख नहीं तो हजारों में माननेवालों के लिए यह बहुत चौंकानेवाली बात होगी कि प्रो. हौली इनमें से केवल चार सौ तैंतीस को इस अर्थ में प्रामाणिक मानते हैं कि वे सूरदास से सम्बन्धित प्राचीनतम पांडुलिपियों में प्राप्त होते हैं। हौली इस पुस्तक में सूरदास, मीराँ और कबीर से जुड़े विशिष्ट सवालों—समय, रचनाओं की प्रामाणिकता, संवेदना का स्वभाव, लोक-स्मृति में उनका स्थान—आदि पर तो विचार करते ही हैं, वे इनके बहाने भक्ति-संवेदना से जुड़े व्यापक प्रश्नों पर भी विचार करते हैं। वे उस विमर्श में भी हिस्सा लेते हैं, जो भक्ति-संवेदना के ऐतिहासिक और दार्शनिक रूप से अभूतपूर्व पहलुओं को समझने की कोशिश करता रहा है। निर्गुण ही नहीं, यह बात तुलसी, सूर, मीराँ जैसे सगुण कवियों के बारे में भी सच है कि उनकी कविता आचार्यों द्वारा कर दिए गए ब्रह्म-निरूपण का जन-सुलभ मुहावरे में प्रचार करने के लिए नहीं रची गई है। वह सचमुच स्वायत्त और नवाचार सम्पन्न 'निज ब्रह्म विचार' है। इस निज ब्रह्म विचार और इसकी काव्याभिव्यक्ति के तीन सर्वाधिक मनोहर स्वरों को सुनते हुए प्रो. जॉन स्ट्रैटन हौली बहुत ही विचारोत्तेजक निष्कर्षों तक पहुँचे हैं, जिनमें से कुछ इस पुस्तक के माध्यम से आपके सामने मौजूद हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book