Uttar Himalay-Charit
(0)
Author:
Prabodh Kumar Sanyal, Hans Kumar TiwariPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Travelogues₹
350
₹ 280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
सृजनशील रचनाकार उच्चकोटि का यायावर या घुमक्कड़ भी हो, ऐसा संयोग प्राय: दुर्लभ होता है, और जब होता है तो उसकी प्रतिभा अविस्मरणीय कृतियों को जन्म देती है। प्रस्तुत पुस्तक ऐसी ही एक असामान्य और अविस्मरणीय कृति है, जिसमें बांग्ला के सुख्यात यायावर-कथाकार प्रबोध कुमार सान्याल ने अपनी उत्तर हिमालय-यात्रा का रोचक, रोमांचक और कलात्मक विवरण प्रस्तुत किया है।</p> <p>इस यात्रा-कथा में उत्तरी हिमालय-मेरुदंड के उन दुर्गम अंचलों की दृश्य-छवियों को शब्दों में उतारा गया है जिनसे हमारा परिचय आज भी नहीं के बराबर है और जहाँ की धूल का स्पर्श बाहरी लोगों ने शताब्दियों के दौरान कभी-कभी ही किया है। महासिन्धु, वितस्ता, विपाशा, शतद्रु, इरावती, कृष्णगंगा, चन्द्रभागा आदि नदियों के उस अनोखे उद्गम प्रदेश में पहाड़ी दर्रों के बीच दौड़ती-उछलती धाराओं के किनारे-किनारे चलता हुआ लेखक जैसे पाठक को भी अपने साथ ले चलता है और दिखाता है बिलकुल निकट से हिमशिखरों की अमल-धवल आकृतियाँ तथा सुनाता है एकान्त वन-प्रान्तर और नीरव मरुघाटियों का मुखर-मौन संगीत। इसी क्रम में वह जब-तब अतीत की गुफाओं में भी ले चलता है या फिर भविष्य की टोह लेने लगता है। समर्थ लेखक इस प्रकार अपनी यात्रा में पाठक को सहभागी ही नहीं, सहभोक्ता बना देता है जो रचनात्मक उपलब्धि का सबसे बड़ा प्रमाण है।
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
सृजनशील रचनाकार उच्चकोटि का यायावर या घुमक्कड़ भी हो, ऐसा संयोग प्राय: दुर्लभ होता है, और जब होता है तो उसकी प्रतिभा अविस्मरणीय कृतियों को जन्म देती है। प्रस्तुत पुस्तक ऐसी ही एक असामान्य और अविस्मरणीय कृति है, जिसमें बांग्ला के सुख्यात यायावर-कथाकार प्रबोध कुमार सान्याल ने अपनी उत्तर हिमालय-यात्रा का रोचक, रोमांचक और कलात्मक विवरण प्रस्तुत किया है।</p>
<p>इस यात्रा-कथा में उत्तरी हिमालय-मेरुदंड के उन दुर्गम अंचलों की दृश्य-छवियों को शब्दों में उतारा गया है जिनसे हमारा परिचय आज भी नहीं के बराबर है और जहाँ की धूल का स्पर्श बाहरी लोगों ने शताब्दियों के दौरान कभी-कभी ही किया है। महासिन्धु, वितस्ता, विपाशा, शतद्रु, इरावती, कृष्णगंगा, चन्द्रभागा आदि नदियों के उस अनोखे उद्गम प्रदेश में पहाड़ी दर्रों के बीच दौड़ती-उछलती धाराओं के किनारे-किनारे चलता हुआ लेखक जैसे पाठक को भी अपने साथ ले चलता है और दिखाता है बिलकुल निकट से हिमशिखरों की अमल-धवल आकृतियाँ तथा सुनाता है एकान्त वन-प्रान्तर और नीरव मरुघाटियों का मुखर-मौन संगीत। इसी क्रम में वह जब-तब अतीत की गुफाओं में भी ले चलता है या फिर भविष्य की टोह लेने लगता है। समर्थ लेखक इस प्रकार अपनी यात्रा में पाठक को सहभागी ही नहीं, सहभोक्ता बना देता है जो रचनात्मक उपलब्धि का सबसे बड़ा प्रमाण है।
Book Details
-
ISBN9789389598414
-
Pages344
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bharat Ka Vikas : Chunautiyan Evam Samadhan
- Author Name:
Prabodh Kumar Sanyal
- Book Type:

- Description:
भारत की पंचवर्षीय योजनाओं, नीति आयोग से लेकर पंचायती राज, कृषि, आपदा क़ानून समेत सामाजिक-राजनीतिक समस्याओं की विस्तृत व्याख्या इस पुस्तक में मिलेगी। सामान्य अध्ययन एवं निबन्ध सम्बन्धी टॉपिक्स के लिए उपयोगी पुस्तक। पुस्तक के लेखक बंगाल कैडर के आएएस अधिकारी रहे हैं।
Vigyan, Prakriti Aur Satya
- Author Name:
Deviprasad Chattopadhyay +2
- Book Type:

- Description:
विज्ञान, प्रकृति को समझने का एक साधन है, जो सत्य की खोज में लगा रहता है, और यह ज्ञान को अवलोकन, प्रयोग और तर्क पर आधारित करता है, जो समय के साथ विकसित और बदल सकता है।
Baadshahi Angoothi
- Author Name:
Satyajit Ray +1
- Book Type:

- Description:
औरंगज़ेब तब बादशाह नहीं बना था, शहज़ादा ही था; जब उसे समरकन्द की एक लड़ाई पर भेजा गया। लड़ते हुए जब उसकी जान पर बन आई तो उसके सिपहसालार ने उसकी रक्षा की। इससे खुश होकर औरंगज़ेब ने उसे अपनी एक अँगूठी बख्श दी। सैकड़ों बरस बाद वही अँगूठी आगरा में उस सिपहसालार के खानदानवालों से प्यारेलाल नामक एक रईस ने ख़रीदी; और फिर वह उसे एक डॉक्टर को भेंट कर गया...
स्वाभाविक है कि ऐसी बेशकीमती अँगूठी को हड़पने के लिए चोर-डाकू भी उसके पीछे लगे। लेकिन उससे पहले ही वह कुछ इस प्रकार गायब हुई, मानो जादू हो गया हो!
और इसके बाद शुरू होती है उसे, बल्कि कहना चाहिए, उसे चुरानेवाले व्यक्ति को खोजने की रहस्यपूर्ण यात्रा।
एक प्रकार से देखा जाए तो यह जासूसी उपन्यास है, लेकिन सत्यजित राय सरीखे लेखक और फिल्मकार की रचना-दृष्टि इतने से ही सन्तोष नहीं कर सकती। यही कारण है कि बादशाही अँगूठी के गायब होने और उसे गायब करनेवाले को खोजते हुए वे लखनऊ, हरिद्वार और ऋषिकेश की ऐतिहासिक यात्रा भी कराते हैं।
कहना न होगा कि किशोर पाठकों को ध्यान में रखकर लिखा गया यह उपन्यास दिलचस्प भी है और ज्ञानवर्धक भी।
Professor Shanku Ke Karname
- Author Name:
Satyajit Ray +1
- Book Type:

- Description:
प्रोफ़ेसर शंकू कौन है? बस, इतना ही पता चलता है कि वे एक वैज्ञानिक हैं, विश्वविख्यात वैज्ञानिक। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने शायद किसी भीषण प्रयोग में अपने प्राण गँवा दिए हैं। इधर यह भी सुनने में आया है कि वे किसी अपरिचित अंचल में छुपकर अपने काम में लगे हुए हैं, समय आने पर प्रकट हो जाएँगे। प्रोफ़ेसर शंकू की प्रत्येक डायरी में कुछ-न-कुछ ऐसी विचित्र जानकारियाँ अंकित हैं जो हमें रोमांचित करती हैं। ये कहानियाँ सच्ची हैं या झूठी, सम्भव हैं या असम्भव—इसका निर्णय आप स्वयं पढ़कर कर लें। रोचक शैली में लिखा गया सत्यजित राय का बहुचर्चित-बहुप्रशंसित उपन्यास है—‘प्रोफ़ेसर शंकू के कारनामे’।
Cinema Ki Duniya Aur Duniya Ka Cinema
- Author Name:
Vimal Chandra Pandey
- Book Type:

- Description:
विमल चन्द्र पाण्डेय का जन्म 20 अक्टूबर, 1981 को बनारस, उत्तर प्रदेश में हुआ। मूल रूप से गाँव कड़सर, जिला बलिया के निवासी। शुरुआती पढ़ाई बनारस में ही। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई और पाँच साल तक पत्रकारिता करने के बाद इस्तीफा। वर्तमान में फ्रीलांसिंग, लेखन और फिल्म-निर्देशन। उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं- ‘डर’, ‘मस्तूलों के इर्द-गिर्द’, ‘उत्तर प्रदेश की खिड़की’, 'मेरी प्रिय कहानियाँ' और ‘मारण मंत्र’ (कहानी-संग्रह); ‘भले दिनों की बात थी’ (उपन्यास); ‘ई इलहाब्बाद है भइया’ (संस्मरण)। उनकी कहानियों और कविताओं के अनुवाद कन्नड़, मराठी, मलयालम, तमिल, गुजराती, रूसी और अंग्रेज़ी भाषाओं में हुए हैं। उनकी पहली फ़िल्म है ‘द होली फिश’ जिसके निर्देशन के अलावा लेखन और निर्माण भी उन्होंने स्वयं ही किया। दूसरी फ़िल्म ‘धतूरा’ रिलीज के लिए तैयार है। उन्हें ‘भारतीय ज्ञानपीठ नवलेखन पुरस्कार’ और ‘मीरा स्मृति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।
Mahatirth Ke Antim Yatri (Lhasa—Kaliashnath—Mansarovar)
- Author Name:
Bimal Mitra +2
- Book Type:

- Description:
सन् 1956 में तिब्बत का दरवाज़ा विदेशियों के लिए लगभग बन्द हो चुका था और राजनैतिक कारणों से भारत के साथ तिब्बत का सम्पर्क भी लगभग टूट चुका था। उन्हीं दिनों, बिना किसी तैयारी के, बिमल दे घर से भागे और नेपाली तीर्थयात्रियों के एक दल में सम्मिलित हो ल्हासा तक जा पहुँचे। उस समय उनकी उम्र मात्र पन्द्रह वर्ष थी। यात्रियों में वह नवीन मौनी बाबा। ल्हासा में उन्होंने तीर्थयात्रियों का दल छोड़ा, और वहाँ से अकेले ही कैलास खंड की ओर कूच कर गए। 'महातीर्थ के अन्तिम यात्री' में उसी रोमांचक यात्रा-अनुभाव का वर्णन है। बिमल दे ने स्वयं इसे ‘एक भिखमंगे की डायरी’ कहा है। किन्तु इस पुस्तक में मिलेगा तिब्बत का दैनंदिन जीवन तथा महातीर्थ का पूर्ण विवरण।
Sud Me Harsud
- Author Name:
Vasant Sakargaye
- Book Type:

- Description:
travel
Samundaron Ke Paar
- Author Name:
Chaudhery Madan Mohan Samar
- Book Type:

- Description:
Book
Battees Sal Ka Safar
- Author Name:
Krishn Bihari
- Book Type:

- Description:
This book has no description
Canada Nama
- Author Name:
Chitra Rana Raghav
- Book Type:

- Description:
Travlouge By Chitra rana raghav
Raat Nau Baje Ka Indradhanush
- Author Name:
Brajesh Kanungo
- Book Type:

- Description:
Book
Shahargoi
- Author Name:
Geetashree
- Book Type:

- Description:
Book
Smrtiyon Me Ramte Hue
- Author Name:
Dr. Kamal Chaturvedi
- Book Type:

- Description:
Book
Yadon Ke Galiyare Se
- Author Name:
Surykant Nagar
- Book Type:

- Description:
Book
Yatraon Ke Indradhanush
- Author Name:
Jyoti Jain
- Book Type:

- Description:
Book
Samarpayami
- Author Name:
Dr. Garima Sanjay dubey
- Book Type:

- Description:
Book
Rahiman Pani Rakhiye
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description:
जीवन-पथ पर चलते हुए कितने लोग, कितनी स्थितियाँ, विविध प्रसंग, विविध रसों का रसास्वादन, भिन्न-भिन्न शहरों और निर्जन स्थलों पर अनेकानेक भावों के संवाद और स्वरों के गान सुनने को मिलते हैं। वहीं विरोधाभाषी स्पर्शों की अनुभूति भी होती है। कुछ स्पर्श ऐसे, जो कोमल और कठोर, कुछ भी हों, भुलाए नहीं भूलते। कुछ प्रसंगों को हम दूसरों को बार-बार सुनाते हैं। उसमें हर बार कुछ-न-कुछ नवीनता जुड़ती जाती है। पर मूल प्रसंग तो वही रहता है। प्रसिद्ध साहित्यकार स्व. मृदुला सिन्हाजी के दायित्व का तकाजा घुमक्कड़ी था; वे पिछले चालीस वर्षों में देश-विदेश घूमती ही रहीं। अतीव संवेदनशील होने के कारण अपनी अनुभूतियों को सँजो लेती थीं। उनकी लेखनी और कोरे कागज उनके जीवन-संगी थे ही। ट्रेन में हों या प्लेन में, प्रसंग उनके मानस से उतरकर कोरे कागज को भरते रहे। इन लेखों में व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, प्रादेशिक और समाज में स्थित राष्ट्रीय एकता की पहचान संबंधित आलेख भी आ गए। सुदूर अंडमान निकोबार में कोई घटना घटी, उसकी रिपोर्ट ‘दुनिया मेरे आगे’ में छपने के बाद कश्मीर के लोगों को भी अपने आसपास की घटना लगी। तभी तो सब ओर के पाठक उल्लसित होते रहे और इन लेखों की लोकप्रियता लेखिका के लिए समाज के गुण-दोषों, रिश्ते-नातों के विभिन्न तासीर के आकलन का एक माध्यम बन गई। इन लेखों में मनुष्य जीवन ही नहीं, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे सभी की कहानियाँ हैं। अपने आकार-प्रकार में भले ही ये आलेख बहुत बड़े नहीं हैं, फिर भी इनकी गहराई और गंभीरता से इनकार नहीं किया जा सकता। हास्य-व्यंग्य है तो सोचने के लिए विवश करनेवाले प्रसंग भी। विश्वास है कि अब एक सूत्र में गूँथकर हर मौसम में खिलनेवाले विभिन्न सुगंधों और रंगों के फूलों से बना अनुभूतियों का गुच्छा पाठकों को अवश्य आनंद देगा।
Dilli Se Karachi Via Rawalpindi
- Author Name:
Sabuha Khan
- Book Type:

- Description:
This book has no description
O Maria Peeta Che
- Author Name:
Pratibha Adhikari
- Book Type:

- Description:
Book
Ek Kam Sath - Rajurkar Raj
- Author Name:
Ramarao Vamankar
- Book Type:

- Description:
This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book