Ghumantu Ladki Ki Diary
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यह भारत की एक 'डीप जर्नी' है। इस जर्नी में वह भारत दिखायी पड़ता है, जिसे हम देखकर भी अनदेखा करते रहते हैं। इसे सामान्य अनुकूलित नज़र से देखा ही नहीं सकता, लेकिन जब एक आम औरत देखती है जो इसकी गोपन जगहें और अँधेरी गलियाँ अपने तमाम राज खोलने लगती हैं। इसमें हास्य, व्यंग्य, कहानी और किरदार सब कुछ है, लेकिन इसकी ताकत ड्रोज़मर्रा की ठेठ हिन्दुस्तानी सचाइयों को पकड़ने में है। इसमें प्रेम है, लेकिन नया प्रेम, जो नौकरी, बॉस और करियर की चिंताओं के बीच पलता है। इसमें राजनीति, पूँजी और मिडिया का गंदा गठजोड़ है, लेकिन इसे इतनी खूबसूरती से कहा गया है कि पाठक की जिज्ञासा लगातार बनी रहती है. यहाँ भारत की विनोद प्रियता अपने चरम पर है... व्यंग्य, कौतुक और रोमांच से भरपूर एक मजेदार कहानी। इसे पढ़ना यादगार अनुभव होगा। निश्चय ही आप कभी मुस्कराएँगे तो कभी ठाकर हँस पड़ेंगे. रवि सुब्रमण्यम, बेस्टसेलर लेखक हिंदुस्तानी रोज़मर्रा जीवन पर हास्य-व्यंग्यपूर्ण अनोखी नज़र - द हिन्दू यह किताब पाठकों के लिए अदेखे भारत को देखने का अवसर है। डेक्कन क्रॉनिकल
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यह भारत की एक 'डीप जर्नी' है। इस जर्नी में वह भारत दिखायी पड़ता है, जिसे हम देखकर भी अनदेखा करते रहते हैं। इसे सामान्य अनुकूलित नज़र से देखा ही नहीं सकता, लेकिन जब एक आम औरत देखती है जो इसकी गोपन जगहें और अँधेरी गलियाँ अपने तमाम राज खोलने लगती हैं। इसमें हास्य, व्यंग्य, कहानी और किरदार सब कुछ है, लेकिन इसकी ताकत ड्रोज़मर्रा की ठेठ हिन्दुस्तानी सचाइयों को पकड़ने में है। इसमें प्रेम है, लेकिन नया प्रेम, जो नौकरी, बॉस और करियर की चिंताओं के बीच पलता है। इसमें राजनीति, पूँजी और मिडिया का गंदा गठजोड़ है, लेकिन इसे इतनी खूबसूरती से कहा गया है कि पाठक की जिज्ञासा लगातार बनी रहती है. यहाँ भारत की विनोद प्रियता अपने चरम पर है... व्यंग्य, कौतुक और रोमांच से भरपूर एक मजेदार कहानी। इसे पढ़ना यादगार अनुभव होगा। निश्चय ही आप कभी मुस्कराएँगे तो कभी ठाकर हँस पड़ेंगे. रवि सुब्रमण्यम, बेस्टसेलर लेखक हिंदुस्तानी रोज़मर्रा जीवन पर हास्य-व्यंग्यपूर्ण अनोखी नज़र - द हिन्दू यह किताब पाठकों के लिए अदेखे भारत को देखने का अवसर है। डेक्कन क्रॉनिकल
Book Details
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ISBN9789392088216
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Pages160
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Avg Reading Time5 hrs
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Age0-11 yrs
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Country of OriginIndia
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