Yenangvikarh
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Author:
Smt. Meera JaiswalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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मीरा जायसवाल का बचपन और किशोरावस्था उत्तर प्रदेश के कस्बे, शहरों और गंगा की लहरों पर किलोल करते हुए बीता। उनकी रगों में कस्बाई भाषा, संस्कृति, मुहावरे और कजरी बसी हैं। बंसीलाल, अनंतलाल, प्रकाशवती, लता, स्वर्णा और नन्ही फूआ इसी मिट्टी से जुड़े किरदार हैं। नन्ही फूआ की बाल-सुलभ नादानी या बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के कारण अच्छे दिनों ने साथ भले ही छोड़ दिया हो, पर कभी न खत्म होनेवाला पश्चात्ताप हमेशा उनका सहचर बना रहा। बंशीलाल, अनंतलाल, प्रकाशवती ऐसे किरदार हैं, जिन्होंने विलायत से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सभी प्रतिष्ठित और धनाढ्य वर्ग के इन किरदारों के निजी जीवन का बदरंग चेहरा भी इसी कस्बाई मिट्टी से गढ़ा है। दीर्घायु और खिलाड़ी के जीवन का नीरजा के व्यक्तित्व पर इतना गहरा असर पड़ा कि जीवन भर बात-बात पर कहकहे लगानेवाली, लेकिन किसी भी प्रेमपत्र को देखकर आपे से बाहर हो जानेवाली उनकी अविश्वसनीय एवं नितांत विरोधी प्रवृत्ति लोगों की समझ से परे थी। स्विट्जरलैंड में रहने के बाद मीरा जायसवाल को फ्रेंच, जर्मन, इटैलियन और बेनेजुयेलियन संस्कृति को भी देखने-जानने का अवसर मिला। फ्रोसुआ, इसी स्विट्जरलैंड के रनो शहर के इर्द-गिर्द बसा एक किरदार है। अपने निष्कलुष, निश्छल और बाल-सुलभ चरित्र के बाँकपन के साथ वह भी यहाँ उपस्थित है। ‘येनांगविकारः’ कहानी किन्नरों के जीवन की उन परतों को उधेड़ती है, जिनसे हम कभी रूबरू हुए ही नहीं। इस कहानी के किरदार लता और मोहित उन अपराधों का दंड भुगत रहे हैं, जो उन्होंने किया ही नहीं, जबकि स्वर्णा अपनी झोली में आए उस अप्रत्याशित हर्ष के साथ हैं, जो किसी किन्नर के लिए अकल्पनीय है। अनुक्रम भूमिका—7 आभार—9 1. येनांगविकार: 2. सजनवा बैरी हो गए हमार—41 3. जोड़ियाँ जग थोड़ियाँ —64 4. समरथ को नहिं दोष गुसाईं?—80 5. मेरा सिनेमाई खत—99 6. सफरगाथा गोलगप्पों की —130 7. मिशियो फ्रोंसुआ शोजों —137 8. सराहना तेरो कितनो नाम!—156
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मीरा जायसवाल का बचपन और किशोरावस्था उत्तर प्रदेश के कस्बे, शहरों और गंगा की लहरों पर किलोल करते हुए बीता। उनकी रगों में कस्बाई भाषा, संस्कृति, मुहावरे और कजरी बसी हैं। बंसीलाल, अनंतलाल, प्रकाशवती, लता, स्वर्णा और नन्ही फूआ इसी मिट्टी से जुड़े किरदार हैं। नन्ही फूआ की बाल-सुलभ नादानी या बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के कारण अच्छे दिनों ने साथ भले ही छोड़ दिया हो, पर कभी न खत्म होनेवाला पश्चात्ताप हमेशा उनका सहचर बना रहा।
बंशीलाल, अनंतलाल, प्रकाशवती ऐसे किरदार हैं, जिन्होंने विलायत से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सभी प्रतिष्ठित और धनाढ्य वर्ग के इन किरदारों के निजी जीवन का बदरंग चेहरा भी इसी कस्बाई मिट्टी से गढ़ा है।
दीर्घायु और खिलाड़ी के जीवन का नीरजा के व्यक्तित्व पर इतना गहरा असर पड़ा कि जीवन भर बात-बात पर कहकहे लगानेवाली, लेकिन किसी भी प्रेमपत्र को देखकर आपे से बाहर हो जानेवाली उनकी अविश्वसनीय एवं नितांत विरोधी प्रवृत्ति लोगों की समझ से परे थी।
स्विट्जरलैंड में रहने के बाद मीरा जायसवाल को फ्रेंच, जर्मन, इटैलियन और बेनेजुयेलियन संस्कृति को भी देखने-जानने का अवसर मिला। फ्रोसुआ, इसी स्विट्जरलैंड के रनो शहर के इर्द-गिर्द बसा एक किरदार है। अपने निष्कलुष, निश्छल और बाल-सुलभ चरित्र के बाँकपन के साथ वह भी यहाँ उपस्थित है।
‘येनांगविकारः’ कहानी किन्नरों के जीवन की उन परतों को उधेड़ती है, जिनसे हम कभी रूबरू हुए ही नहीं। इस कहानी के किरदार लता और मोहित उन अपराधों का दंड भुगत रहे हैं, जो उन्होंने किया ही नहीं, जबकि स्वर्णा अपनी झोली में आए उस अप्रत्याशित हर्ष के साथ हैं, जो किसी किन्नर के लिए अकल्पनीय है।
अनुक्रम
भूमिका—7
आभार—9
1. येनांगविकार:
2. सजनवा बैरी हो गए हमार—41
3. जोड़ियाँ जग थोड़ियाँ —64
4. समरथ को नहिं दोष गुसाईं?—80
5. मेरा सिनेमाई खत—99
6. सफरगाथा गोलगप्पों की —130
7. मिशियो फ्रोंसुआ शोजों —137
8. सराहना तेरो कितनो नाम!—156
Book Details
-
ISBN9788177213591
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: उदय प्रकाश पिछले कई दशकों से हिन्दी के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले कहानीकार रहे हैं। हिन्दी कहानी के फ़ॉर्म को आमूल बदलते हुए उन्होंने नई तरह की पठनीयता का आविष्कार किया जिसमें यथार्थ का पुनर्घटन अपने बहुत नज़दीक होता प्रतीत होता है। आप उन्हें पढ़ते हुए उनमें विचरते भी हैं। वे आपके सामने घटित होती प्रतीत होती हैं। आज वे अकेले ऐसे कहानीकार हैं जिनकी लगभग हर नयी कथा-रचना को एक साहित्यिक परिघटना की तरह देखा जाता है, जिनकी हर कहानी अक्सर सुदीर्घ बहसों को जन्म देती है और वर्तमान कथा-चेतना को एक नई दिशा भी। उनकी कहानी सिर्फ़ उन पात्रों की नहीं होती जिनके नाम हमें वहाँ पढ़ने को मिलते हैं, वह पूरे समाज, पूरी सभ्यता, अपने समूचे समय की कहानी होती है। उदय प्रकाश की कला के जानकार प्रखर आलोचक संजीव कुमार द्वारा किए गए इस प्रतिनिधि चयन में उनकी कुछ लम्बी और कुछ छोटी कहानियों को रखा गया है, ताकि पाठक उदय प्रकाश के विराट और सूक्ष्म, दोनों से परिचित हो सके।
Encouragement Short Stories (Volume-5)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: In a world that can often feel overwhelming, Encouragement Short Stories (Volume-5) by author Dr.Sanjay Rout is the perfect reminder that hope and resilience are always within our reach. Through a collection of heartwarming and inspiring tales, Dr.Sanjay weaves together narratives that showcase the power of determination, perseverance, and the human spirit. From stories of ordinary people who find the courage to overcome incredible obstacles to tales of individuals who discover new paths in life after experiencing loss and adversity, Encouragement Short Stories (Volume-5) is a powerful testament to the power of hope. With Dr.Sanjay's expert storytelling and keen eye for detail, readers will be transported to new worlds and meet unforgettable characters. And with each story, they'll be reminded of their own incredible strength and capacity to achieve greatness - no matter what challenges they may face. Whether you're in need of a dose of inspiration or simply enjoy heartwarming stories that make you smile, Encouragement Short Stories (Volume-5) is a must-read. So pick up a copy today and discover the incredible power of hope and perseverance.
Vishwa Ki Charchit Kahaniyan
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description: Collection of Best Stories in the World
The Collected Short Stories
- Author Name:
Satyajit Ray
- Rating:
- Book Type:

- Description: The best short stories of Satyajit Ray Best known for his immensely popular Feluda mysteries and the adventures of Professor Shonku, Satyajit Ray was also one of the most skilful short story writers of his generation. Ray’s short stories often explore the macabre and the supernatural, and are marked by the sharp characterization and trademark wit that distinguish his films. This collection brings together Ray’s best short stories—including such timeless gems as ‘Khagam’, ‘Indigo’, ‘Fritz’, ‘Bhuto’, ‘The Pterodactyl’s Egg’, ‘Big Bill’, ‘Patol Babu, Film Star’ and ‘The Hungry Septopus’—which readers of all ages will enjoy. A collection of forty-nine short stories.
Chhote Shahar Ki Ladki
- Author Name:
Kalpana Verma
- Book Type:

- Description: "छोटे शहर की लड़की कहानी-संग्रह में स्त्री को उसके 'सम्पूर्णता' के आइने में देखा गया है। पुरुष मानसिकता के बीच से स्त्री के अस्तित्व की तलाश की गयी है। प्रकृति ने जिस नर और नारी की संरचना की थी वह एक-दूसरे के पूरक के रूप में हैं। नैसर्गिक नियमों की वास्तविकता को आज नये परिवेश में तमाम सच्चाइयों से रूबरू होना पड़ रहा है। स्त्री-विमर्श के प्लेटफार्म पर स्त्री नये अन्दाज में दिख रही है। यह उसका पुरुष हो जाना कतई नहीं है। वह एक कोमल संरचना ही रहेगी। नजर और नज़रिया तभी मायने रखता है जब पारखी सामने हो। पारखी पाठकों के समक्ष यह पुस्तक है।
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