Yasho Thosha
Author:
Dr. H. B. ChandrashekharPublisher:
Sahitya Loka PublicationsLanguage:
KannadaCategory:
Self-help0 Ratings
Price: ₹ 102
₹
120
Available
Personality Development - Self-help book
ISBN: sahityalokayasho
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Go! Navigate Your Way to Success
- Author Name:
George Harrison Phelps +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Every Child Matters
- Author Name:
Kailash Satyarthi
- Book Type:

- Description: Society has celebrated children even as it has denied fundamental rights and dignity to millions of them. Mass movements and social awareness against injustices like child labour, lack of access to health and education, child sexual abuse and trafficking have been catalysed by reformers like Nobel Peace Laureate Kailash Satyarthi. As a result of his untiring efforts, child labour is now universally considered to be a social evil that has to be abolished. Equally important, societies and governments across the world have accepted that access to quality education is the fundamental right of every child. Even as he has fought for justice and dignity for children, Mr. Satyarthi has found time to provoke, inspire and illuminate young minds by writing about children, their dreams and the power of their humanity. This book is a compilation of columns and interviews which highlight the continuing struggle to create safe childhoods. Readers will find much to introspect after going through this collection.
Master Your Destiny: Lessons From Lohani | Tarun Pithode
- Author Name:
Tarun Pithode
- Book Type:

- Description: This book is about learning to become a leader in the field of management. It draws inspiration and examples from the life of Ashwani Lohani who has had a remarkable career in public administration and management. It uniquely covers the multifarious aspects of the management. It highlights the challenges faced by Ashwani Lohani at various levels, along with experiences and feedback of his seniors, friends, colleagues, and juniors. It also describes the strategies he adopted to run various organisations and elevate them to unimaginable levels of success. This book encapsulates experiences that offer managerial lessons for future bureaucrats and millions of managers across the corporate world.
Super Personality Aur Unlimited Safalata
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: जीवन में अपेक्षित सफलता के लिए व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास बेहद जरूरी है। ज्यादातर लोग व्यक्तित्व का अभिप्राय व्यक्ति के बाहरी पक्ष के आकर्षण से समझते हैं; लेकिन ऐसा नहीं है। व्यक्तित्व—बाहरी और भीतरी— सर्वांगीण विकास का नाम है। व्यक्तित्व-निर्माण का प्रश्न प्रत्येक व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत सवाल है। इसका किसी दूसरे व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। दूसरा कोई भी व्यक्ति आपके मन तथा व्यक्तित्व को बलवान एवं दृढ़ नहीं बना सकता। कोई भी व्यक्ति आपको दुर्बल से शक्ति-संपन्न, असफल से सफल और कुछ नहीं से सब कुछ नहीं बना सकता। आप स्वयं ही सबकुछ बन सकते हैं और आप में वह सब करने की शक्ति व सामर्थ्य मौजूद है। व्यक्तित्व-विकास के प्रति निरंतर सजग रहकर आप सफलता व उपलब्धियों के क्षितिज पर अपने वर्चस्व के सुनहरे हस्ताक्षर दर्ज करा सकते हैं। व्यक्तित्व में श्रेष्ठता से आपका, आपके परिवार व संपर्क-क्षेत्र का तो भला होगा ही, आप और बेहतर, सुंदर व सभ्य समाज निर्मित करने में अपना बेशकीमती योगदान देंगे। श्रेष्ठ और सक्षम मनुष्यों से भरी-पूरी दुनिया अनेक मायनों में स्वर्ग होगी। सुपर पर्सनैलिटी विकसित कर अनलिमिटेड सफलता प्राप्त करने की एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है यह पुस्तक।
Microsoft Success Story
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Zindagi : Janma, Sangharsh Evam Santushti Ki Dastan
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: हम स्वयं अपने साथ शायद ही संयमपूर्वक व्यवहार कर रहे होते हैं। अहंकारी न बन जाने के तनाव में जीनेवाले ऐसे अनेक लोगों को मैंने देखा है, जो सदैव अपनी कमियों को ही देखते रहते हैं, हर समय अपने आपको कोसते ही रहते हैं। जबकि दूसरे बहुत से लोग अपना बखान करने से ही बाज नहीं आते! हमारा अपने-आपको आदर देना भी उतना ही जरूरी है, जितना जरूरी अपनी कमियों और दोषों को देखते रहना है।
Apani Soch Se Ameer Baniye
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: विश्वप्रसिद्ध सेल्फ-हेल्प प्रेरणादायक पुस्तकों के लेखक नेपोलियन हिल की ‘थिंक ऐंड ग्रो रिच’ का प्रथम प्रकाशन 1937 में हुआ था। इस पुस्तक के लिए नेपोलियन हिल ने करीब 500 पूँजीपतियों के साथ किए साक्षात्कारों का गहन अध्ययन किया है। इन पूँजीपतियों का उदाहरण देकर उन्होंने सफलता के कुछ ऐसे सिद्धांतों का गठन किया है, जिन्हें अपनाने और उनके नियमित अभ्यास से कोई भी व्यक्ति जीवन में सफलता पा सकता है। इस पुस्तक में दिए गए सिद्धांतों के माध्यम से व्यक्ति न केवल अपने कारोबारी मसले, अपितु जीवन की किसी भी परिस्थिति में संयम बनाए रख सकता है। इसके माध्यम से नेपोलियन हिल ने लोगों को विश्व आर्थिक मंदी से निपटने का रास्ता दिखाया था और यह पुस्तक आज भी पूँजी कमाने की दिशा में सर्वोच्च मानी जाती है।
Leap of Faith
- Author Name:
Sumer Sethi
- Book Type:

- Description: The book is another master piece by the dynamic writer. It compels the reader to sit back and think about the phenomenon called ‘life’. It stirs the reader's mind with a great deal of positivity. It is subtle yet stimulating. The chapters outline the complete process of life and actions. The reader would experience relief from the complex process of thinking. It would have an undiminishing impact on readers' minds. It requires a great deal of intelligence to interpret stimuli into words. The art is to perceive signals/hints in the right way, act to amplify your efforts, and live life with passion. The author has a great way of saying that life is swift, realise its potential. We live in a world where time is the most significant constraint. So we need to live by making the right decisions. And such decisions should be quick and correct. Never lose faith in ourselves and live it with a purpose. That is the true meaning of life.
20 Super Women
- Author Name:
Prachi Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prasannata
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: "प्रसन्नता मनुष्य का एक ऐसा गुण है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी उसे सहज, सरल, सामान्य और रचनात्मक बनाए रखता है। चेहरे पर मौजूद प्रसन्नता व्यक्ति विशेष का तो दर्द कम करती ही है, उसके संपर्क में आनेवाले व्यक्ति के दुःख-दर्द भी हर लेती है। जीवन की एक सचाई से सभी परिचित हैं कि मौजूदा परिस्थितियों का सामना हमें करना ही होगा—अब यह हम पर है कि हम हँसकर करें या रोकर। प्रस्तुत पुस्तक यही सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी प्रसन्न कैसे रहा जाए। जो महत्त्व भोजन में नमक का है, वही जीवन में प्रसन्नता का। प्रसन्नचित्तता से बड़ी-से-बड़ी समस्याओं का हल आसानी से निकाला जा सकता है। तनामुक्त रहने, प्रसन्न और प्रफुल्लित रहने के व्यावहारिक सूत्र बताती एक जीवनोपयोगी पुस्तक। "
Priscription Of Thougts
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Happiness A New Model Of Human Behaviour
- Author Name:
Tarun Pithode
- Rating:
- Book Type:

- Description: This is A Book of Positive Thinking and Self Grooming by Young IAS Officer Tarun Pithode, his Previous book I Am Possible is Best Seller Book.
Selling Simplified
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: Rigidity and Salesmanship don’t go together. vv A Sales call which is put off till tomorrow is usually never made. Do it now. vv Never falling is not an achievement, rising again after a fall is. These are some of the basic mantras which a salesperson should follow in order to achieve higher sales. A specialist salesperson has to acquire special capabilities to sell and market the products he is trying to sell. This book is a must read for all those who wish to explore and succeed in the world of selling. Written in simple language with lot of insight to equip you with right habits, knowledge, process, tools and techniques for a shining career in selling. Semwal through his exclusive Sales Trainings has already trained more than 40000 sales professionals in 100+ corporate houses in the last 13 years. He has shared his wisdom collected through exposure of various industries, products and professionals in this book. His program ‘Secrets of Selling’ is a hugely successful program.
Achchha Vakta Kaise Banein?
- Author Name:
Shivprasad Bagdi
- Book Type:

- Description: अभिव्यक्ति के प्रत्यक्ष और सबसे सशक्त माध्यम 'भाषण' के मनोविज्ञान पर यह उपयोगी व महत्त्वपूर्ण पुस्तक न केवल विद्यार्थियों के लिए ज़रूरी है, बल्कि उन उच्च पदासीन लोगों के लिए भी अनिवार्य है जो भाषण देने से परहेज़ करते हैं। वस्तुतः भाषण एक सकारात्मक मनःस्थिति से पैदा होता है जिसके संगठन में दृढ़ इच्छा-शक्ति और आत्मविश्वास के अलावा विचारों की चयनात्मकता, आकार व प्रस्तुति आदि आवश्यक हैं। और यह तय है कि अपने आप को अभिव्यक्त कर सकने का सुख जीवन में आशा, उत्साह और प्रसन्नता भरता है जो सफलता के लिए बहुत ज़रूरी है।
Jeetne Ki Zid : Law Of Attraction Se Kamyabi Payen
- Author Name:
Jack Canfield
- Book Type:

- Description: ‘द सीक्रेट’ की जबरदस्त सफलता के बाद यह पुस्तक आपको आसान शब्दों में बताती है कि कैसे आप आकर्षण के नियम का उपयोग कर अपना मनचाहा जीवन बना सकते हैं। यह पुस्तक न केवल यह बताती है कि आपको क्या मालूम होना चाहिए, बल्कि यह भी कि अपने जीवन में आप जो चाहते हैं, उसे आकर्षित करने के लिए आपको क्या करना होगा। विचार उत्पन्न करनेवाली यह पुस्तक आपको अपने सपनों, लक्ष्यों और इच्छाओं को स्पष्ट करने की दिशा में एकएक कदम आगे बढ़ाएगी। इस दौरान आपमें अपने बारे में एक अच्छी समझ पैदा होगी, जिसमें आप जानेंगे कि आप कौन हैं और आपने किस मकसद से जन्म लिया है। आपकी यात्रा अभी और यहीं से शुरू होती है। आप अपना जीवन बदल सकते हैं, अपनी जानकारी बढ़ा सकते हैं और एक कमाल के भविष्य की ओर जाने की क्षमता बढ़ा सकते हैं, जो प्यार, खुशी और प्रचुरता से भरा है।
Ameer Banane Ka Vigyan
- Author Name:
Wallace D. Wattles
- Book Type:

- Description: "वालेस डी. वॉटल्स ने संसार को सकारात्मक सोच की शक्ति से परिचित कराया। अपनी पुस्तक में वॉटल्स मानव मन की शक्ति पर जोर देते हैं कि हमारे सोचने का तरीका धन को हमारे करीब ला सकता है या उसे दूर कर सकता है। उनका कहना है कि ऐसे कुछ नियम हैं, जिनका धन कमाने की प्रक्रिया पर नियंत्रण होता है। एक बार इन नियमों का पालन कर लिया जाए तो कोई भी व्यक्ति निश्चित रूप से अमीर बन सकता है। अतः धन कमाने के नियम को उनसे जानिए, अमीर बनने के रहस्य को जानिए, जिसकी शुरुआत आप जहाँ हैं, वहीं से होती है और जो कुछ आपके पास है, उसी से होती है। अमीर बनने का विज्ञान इस रहस्य को बताता है कि दौलत को व्यावहारिक तरीके से, इच्छा के अनुसार और किसी प्रकार की होड़ किए बिना ही, जीवन के साथ स्नेह और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखकर हासिल किया जा सकता है। अमीर बनने का यह विज्ञान के 100 वर्षों से भी अधिक समय बाद भी प्रासंगिक बना हुआ है। जब तक किसी व्यक्ति के पास पर्याप्त पैसा नहीं है, तब तक वह अपनी प्रतिभा या सोच के सर्वोच्च स्तर तक नहीं पहुँच सकता है, क्योंकि मन और प्रतिभा के विकास के लिए उसके पास इस्तेमाल की चीजें होनी चाहिए, और जब तक उसके पास इनके लिए पैसा नहीं होगा, तब तक वह इन्हें खरीद नहीं सकता। "
Satya-Vrat Katha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

-
Description:
यह प्रबन्धन का युग है। हर क्षेत्र में हर बात में प्रबन्धन है। जीवन में सफलता अर्जित करने के जितने सूत्र हैं, उनमें से एक प्रमुख है सत्य और सत्य का भी अपना प्रबन्धन होता है। वैसे तो ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ बहुत प्राचीन है लेकिन इसमें प्रबन्धन के जो सूत्र आए हैं, वे बिलकुल नवीन हैं, आज के लिए उपयोगी हैं और हर क्षेत्र में सफलता को सुनिश्चित करते हैं। इस कथा में पाँच अध्याय हैं और प्रत्येक में प्रबन्धन के गूढ़ सूत्र हैं। पहले अध्याय में सेवा प्रबन्धन, दूसरे में सम्पत्ति प्रबन्धन, तीसरे में सन्तान प्रबन्धन, चौथे में संघर्ष प्रबन्धन और पाँचवें में संस्कार प्रबन्धन को देखा जा सकता है।
हम देख रहे हैं कि वर्षों से अनेक परिवारों में, कई स्थानों पर ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ हो रही है। हमने ही इसको एक पारम्परिक, पारिवारिक और सामान्य-सा धार्मिक आयोजन बना दिया है। या तो हम स्वयं कथा करते हैं या किसी विद्वान् से करवाते हैं। पंडित जी आते हैं, संस्कृत या हिन्दी में कथा करते हैं। घर की महिलाएँ रसोईघर में प्रसाद बनाने में व्यस्त रहती हैं। बच्चे इस दिन जितना हो सके उपद्रव कर लेते हैं। यजमान या तो फ़ोन सुनेंगे या कौन आया, कौन नहीं आया यह सब देखने में ही उनका समय बीत जाता है। कथा आरम्भ होती है, कथा समाप्त हो जाती है। हमने इसको एकत्र साधारण-सा आयोजन बना दिया है। यह कथा ऐसी सामान्य कथा नहीं है। इस कथा के पीछे भाव यह है कि जीवन में ‘सत्य’ उतरे। इस कथा में दो प्रमुख विषय हैं। एक है संकल्प की विस्मृति और दूसरा है प्रसाद का अपमान। संकल्प की विस्मृति और प्रसाद का अपमान ये दो थीम हैं, जिनके आसपास यह कथा चलती है। संकल्प, जीवन में सत्य उतारने का। इसका प्रसाद क्या है? क्या पंजीरी या शुद्ध घी में बना हुआ हलवा...? वास्तव में ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ का प्रसाद है ‘सत्य’।
तो जीवन में जो भी सत्य को विस्मृत करेगा, जब-जब भी उसको भूल जाएगा, तब-तब परेशानी में पड़ेगा। जीवन में जब-जब भी हम सत्य के प्रसाद का अपमान करेंगे यानी सत्य का अपमान करेंगे, तब-तब हम अपने-आप को संकट में पाएँगे। इस कथा में जो प्रसंग आए हैं यदि उनके भाव को ठीक से समझा जाए तो स्पष्ट सन्देश निकलकर आता है कि यह सत्य के अन्वेषण की कथा है। इसमें विशेषता है कि सत्य के साथ नारायण जोड़े गए हैं। सत्य को नारायण का भगवान् का टेका, सहारा, आधार और बल दिया गया है।
Ghar baithe Paisa Kamayen
- Author Name:
Shikha Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aviral
- Author Name:
Dr. Anand Prakash Maheshwari
- Book Type:

- Description: जन सेवा में रहकर जन व्यवस्था के अनेक आयाम देखने को मिलते हैं। पुलिस सेवा और भी करीब से कई रूप दिखा देती है। बात कुछ नहीं होती। फिर भी बात से बतंगड़ बन जाता है। अलग-अलग पहलुओं से उन्हें परखा जाता है। विभिन्न घटक उन्हें अपने सामर्थ्य के हिसाब से अपने रंग में ढालने का प्रयास करते हैं। व्यवस्थागत आयाम भी राजनैतिक, प्रशासनिक, वैधानिक एवं साक्ष्यगत पहलुओं से गुजरते हैं। फिर शुरू होता है अनियंत्रित विडंबनाओं का सिलसिला। एक लहर से अनेक लहरें। फिर वह सैलाब कब थमेगा और किस स्वरूप में नए आयाम उभरकर सामने आएँगे, यह कह पाना कठिन हो जाता है। स्मृतियों में अनेक कुंठाएँ घर कर लेती हैं, जो कि कब विकराल हो उठेंगी, यह भी कहना मुश्किल है। जन व्यवस्था की यह यात्रा अविरल है। विभिन्न जातियों, समूहों एवं संस्कृतियों में समरूपता, सामंजस्य एवं सद्भाव की दिशा में प्रयास अथवा मध्यम मार्ग एवं परस्पर संतुलन के विकल्प? इस पुस्तक के माध्यम से कथानक के रूप में कई रुचिकर पहलुओं को उजागर किया गया है, जो कि जन व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हैं और जनजागृति की दिशा में मुक्त रूप से सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं।
Prabandhan Ke Gurumantra
- Author Name:
Suresh Kant
- Book Type:

-
Description:
प्रबन्धन आत्म-विकास की एक सतत प्रक्रिया है। अपने को व्यवस्थित-प्रबन्धित किए बिना आदमी दूसरों को व्यवस्थित-प्रबन्धित करने में सफल नहीं हो सकता, चाहे वे दूसरे लोग घर के सदस्य हों या दफ़्तर अथवा कारोबार के। इस प्रकार आत्म-विकास ही घर-दफ़्तर, दोनों की उन्नति का मूल है। इस लिहाज़ से देखें, तो प्रबन्धन का ताल्लुक़ कम्पनी-जगत के लोगों से ही नहीं, मनुष्य मात्र से है। वह इनसान को बेहतर बनाने की कला है, क्योंकि बेहतर इनसान ही बेहतर कर्मचारी, अधिकारी, प्रबन्धक या कारोबारी हो सकता है।
‘प्रबन्धन के गुरुमंत्र’ में विद्वान् लेखक ने ‘व्यक्तिगत विकास’, ‘औद्योगिक सम्बन्ध’ और ‘निर्णयकारिता’ पर विभिन्न आयामों से विचार किया है। लेखक के अनुसार अपनी क्षमताओं की पहचान, अच्छी आदतों का विकास, निरन्तर ज्ञान-वृद्धि और अनुशासन ऐसे मूल्य हैं जिन पर चलकर आप एक सफल प्रबन्धक बन सकते हैं। कर्मचारी को प्रतिबद्ध कैसे बनाया जाए, असहमति को कैसे सुफलदायक बनाया जा सकता है और अनिर्णय किस तरह घातक हो सकता है, इन बिन्दुओं पर भी इस पुस्तक में विचार किया गया है।
प्रबन्धकीय कौशल व क्षमता के विकास हेतु अवश्यमेव पढ़ी जानेवाली पुस्तक।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book