🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store

Laajo

Published by

Prabhat Prakashan

In category

Self Help

Language

Hindi

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


About the book

"‘लाजो’ उपन्यास में एक भारतीय संस्कृति में पली-बढ़ी मध्यम परिवार में रहनेवाली लड़की की जीवन-कथा है। इसकी कथावस्तु में यह भी प्रमुखता से दरशाया गया है कि किस तरह भारतीय लड़कियाँ अपने माँ-बाप द्वारा चुने लड़के से ही शादी करती हैं, बाद में कैसी भी परेशानी आने पर उनके विचारों में किसी दूसरे के प्रति रुझान नहीं रहता। इस उपन्यास की नायिका लाजो (ललिता) अपने माता-पिता के साथ, अपने भाई-बहन के साथ एक मध्यम परिवार में रहती है। समय आने पर शादी हो जाती है। शादी होने के बाद आनेवाले उतार-चढ़ावों को बरदाश्त करती है। दुर्भाग्यवश उसे वापस अपने मायके आना पड़ता है। लगभग 3-4 वर्ष बाद पुनः वापस उसका पति ससम्मान उसे लेकर जाता है और वापस ससुराल जाने के बाद उसके जीवन में बदलाव आता है, जिससे उसकी पारिवारिक व व्यावहारिक जिंदगी आनंदमय हो जाती है। भारतीय परिवारों के जीवन-आदर्शों और एक नारी की सहनशीलता, दृढ़ता, कर्तव्यपरायणता, पति-प्रेम की सजीव झाँकी प्रस्तुत करनेवाला एक रोचक उपन्यास। "

Read more

₹ 150

120 20% off

Unavailable

Rachnaye membership

Pick a membership and see exactly what it gets you

  • 15 Free Deliveries
  • 1 Free Book up to ₹500 MRP

Format

This Book is out of stock
Frequently bought together
Laajo This book ₹120
Musings of A Psychologist Dr. Gauri Nadkarni Choudhary ₹250
The Art of Public Speaking Dale Carnegie ₹350
3 books selected ₹750 ₹720
This Book is out of stock

100% Original

Fast Dispatch

Secure Payment

About the Book

"‘लाजो’ उपन्यास में एक भारतीय संस्कृति में पली-बढ़ी मध्यम परिवार में रहनेवाली लड़की की जीवन-कथा है। इसकी कथावस्तु में यह भी प्रमुखता से दरशाया गया है कि किस तरह भारतीय लड़कियाँ अपने माँ-बाप द्वारा चुने लड़के से ही शादी करती हैं, बाद में कैसी भी परेशानी आने पर उनके विचारों में किसी दूसरे के प्रति रुझान नहीं रहता।
इस उपन्यास की नायिका लाजो (ललिता) अपने माता-पिता के साथ, अपने भाई-बहन के साथ एक मध्यम परिवार में रहती है। समय आने पर शादी हो जाती है। शादी होने के बाद आनेवाले उतार-चढ़ावों को बरदाश्त करती है। दुर्भाग्यवश उसे वापस अपने मायके आना पड़ता है। लगभग 3-4 वर्ष बाद पुनः वापस उसका पति ससम्मान उसे लेकर जाता है और वापस ससुराल जाने के बाद उसके जीवन में बदलाव आता है, जिससे उसकी पारिवारिक व व्यावहारिक जिंदगी आनंदमय हो जाती है।
भारतीय परिवारों के जीवन-आदर्शों और एक नारी की सहनशीलता, दृढ़ता, कर्तव्यपरायणता, पति-प्रेम की सजीव झाँकी प्रस्तुत करनेवाला एक रोचक उपन्यास।
"

Book details

Fast dispatchShips within 48 hours
Secure paymentOnline, or cash on delivery on eligible orders
100% OriginalGenuine copy from Prabhat Prakashan
Format
Hardbound
Publisher
Prabhat Prakashan
Weight
175 grams
ISBN-13
9788177211832
Pages
128
Reading time
~4 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

Recommended for you

Customer reviews

Be the first to write a review

Read this one? Tell other readers what you thought about the story, the translation and the print.

Offers

Loading offers…

whatsapp