Laajo
(0)
₹
150
120 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"‘लाजो’ उपन्यास में एक भारतीय संस्कृति में पली-बढ़ी मध्यम परिवार में रहनेवाली लड़की की जीवन-कथा है। इसकी कथावस्तु में यह भी प्रमुखता से दरशाया गया है कि किस तरह भारतीय लड़कियाँ अपने माँ-बाप द्वारा चुने लड़के से ही शादी करती हैं, बाद में कैसी भी परेशानी आने पर उनके विचारों में किसी दूसरे के प्रति रुझान नहीं रहता। इस उपन्यास की नायिका लाजो (ललिता) अपने माता-पिता के साथ, अपने भाई-बहन के साथ एक मध्यम परिवार में रहती है। समय आने पर शादी हो जाती है। शादी होने के बाद आनेवाले उतार-चढ़ावों को बरदाश्त करती है। दुर्भाग्यवश उसे वापस अपने मायके आना पड़ता है। लगभग 3-4 वर्ष बाद पुनः वापस उसका पति ससम्मान उसे लेकर जाता है और वापस ससुराल जाने के बाद उसके जीवन में बदलाव आता है, जिससे उसकी पारिवारिक व व्यावहारिक जिंदगी आनंदमय हो जाती है। भारतीय परिवारों के जीवन-आदर्शों और एक नारी की सहनशीलता, दृढ़ता, कर्तव्यपरायणता, पति-प्रेम की सजीव झाँकी प्रस्तुत करनेवाला एक रोचक उपन्यास। "
Read moreAbout the Book
"‘लाजो’ उपन्यास में एक भारतीय संस्कृति में पली-बढ़ी मध्यम परिवार में रहनेवाली लड़की की जीवन-कथा है। इसकी कथावस्तु में यह भी प्रमुखता से दरशाया गया है कि किस तरह भारतीय लड़कियाँ अपने माँ-बाप द्वारा चुने लड़के से ही शादी करती हैं, बाद में कैसी भी परेशानी आने पर उनके विचारों में किसी दूसरे के प्रति रुझान नहीं रहता।
इस उपन्यास की नायिका लाजो (ललिता) अपने माता-पिता के साथ, अपने भाई-बहन के साथ एक मध्यम परिवार में रहती है। समय आने पर शादी हो जाती है। शादी होने के बाद आनेवाले उतार-चढ़ावों को बरदाश्त करती है। दुर्भाग्यवश उसे वापस अपने मायके आना पड़ता है। लगभग 3-4 वर्ष बाद पुनः वापस उसका पति ससम्मान उसे लेकर जाता है और वापस ससुराल जाने के बाद उसके जीवन में बदलाव आता है, जिससे उसकी पारिवारिक व व्यावहारिक जिंदगी आनंदमय हो जाती है।
भारतीय परिवारों के जीवन-आदर्शों और एक नारी की सहनशीलता, दृढ़ता, कर्तव्यपरायणता, पति-प्रेम की सजीव झाँकी प्रस्तुत करनेवाला एक रोचक उपन्यास।
"
Book Details
-
ISBN9788177211832
-
Pages128
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Saavu
- Author Name:
Supreeth K N
- Book Type:

- Description:
Novel based on death. ಇಂದ್ರಿಯಗಳಿಂದಾಚೆ ಯೋಚಿಸದ ಹೊರತು; 'ನಾನು ಯಾರು?' ಎಂದು ಅರಿವಾಗುವುದಿಲ್ಲ. 'ನಾನು ಯಾರು?' ಎಂದು ಅರಿವಾಗದ ಹೊರತು, 'ಸಾವು' ಅರ್ಥವಾಗುವುದಿಲ್ಲ. 'ನೀನು ಯಾರು?' ಎನ್ನುವ ಅರಿವು ನಿನಗಿದೆಯಾ?
Marne Se Pahle
- Author Name:
Raj Rishi Sharma
- Book Type:

- Description:
'मरने से पहले' पुस्तक के विषय का सम्बन्ध हमारे उस समय से है जब मनुष्य मौत के सम्मुख होता है या उसे इस बात का आभास हो गया होता है कि अब वह मरने ही वाला है। उसकी मौत अब उससे कुछ ही अंतराल पर है। यह कभी भी आ सकती है। आज ! एक सप्ताह के पश्चात ! एक माह के पश्चात या फिर एक वर्ष के पश्चात ! कभी भी उसे उसके क्षणभंगुर जीवन से छीन कर उसे जीवन मरण की सीमा के पार उस अनंत की ओर ले जा सकती है, जिसके विषय में अनंत काल से कल्पना, मनन तथा वैज्ञानिक अनुसंधान ही किये जा रहे है, किन्तु निश्चित रूप से अभी तक इस विषय में कुछ भी नहीं कहा जा सका है। यह पुस्तक ज्ञानरंजन के साथ-साथ ही पाठकों के लिए प्रेरणात्मक भी है। ऐसे समय में मनुष्य के जीवन में आमतौर पर एक पछतावा सा रह जाता है कि वो अपने जीवन में ऐसा नहीं कर सका। क्या ये पल मनुष्य के जीवन से मिट सकते हैं या कम हो सकते हैं ? यदि हाँ तो कैसे ? इसी बात को ध्यान में रखकर इस पुस्तक को लिखा गया है।
Adarsh Life Management Ke 9 Sootra
- Author Name:
Vinod Malhotra
- Book Type:

- Description:
आधुनिक युग में विज्ञान एवं तकनीकी में अभूतपूर्व विकास तथा नई-नई सुविधाओं का सृजन होने के कारण सभी की आकांक्षाएँ आकाश को छूने लगी हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को सर्वोत्तम शैली में बिताना चाहता है। वैसे तो ‘सर्वोत्तम शैली’ की परिभाषा प्रत्येक व्यक्ति के लिए भिन्न होगी, परंतु इसके सामान्य आधार में ऐसे बिंदु अवश्य सम्मिलित होंगे, जिनसे व्यक्ति विशेष स्वस्थ हो, प्रसन्न मन का हो, समृद्धि प्राप्त करे एवं समाज का एक महत्त्वपूर्ण अंग बनकर अपना जीवन बिताए। प्रस्तुत पुस्तक में जीवन जीने के लिए आवश्यक बिदुंओं का बड़ा सरल विश्लेषण किया गया है। इसमें संकलित नौ सूत्र आपकी जिंदगी को बेहतर तरीके से जीने में आपकी मदद करेंगे और आप तनावरहित, संतोषपूर्ण, समृद्ध, सुखद और सार्थक जीवन जी पाएँगे। आदर्श जीवन जीने की राह दिखाती एक अत्यंत रोचक पठनीय पुस्तक।
Man Mein Hai Vishwas
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Relativity the Special General Theory
- Author Name:
Albert Einstein
- Book Type:

- Description:
How better to learn the Special Theory of Relativity and the General Theory of Relativity than directly from their creator, Albert Einstein himself? In Relativity: The Special and the General Theory, Einstein describes the theories that made him famous, illuminating his case with numerous examples and a smattering of math. This book is not a casual reading, but for those who appreciate his work without diving into the arcana of theoretical physics, it will prove a stimulating read. "The present book is intended," Einstein wrote in 1916, "as far as possible, to give an exact insight into the theory of Relativity to those readers who, from a general scientific and philosophical point of view, are interested in the theory, but who are not conversant with the mathematical apparatus of theoretical physics."
Samay Ki Dastak (Samasaamayik Aalekhon Ka Sankalan)
- Author Name:
Sundeep Kulshreshtha
- Book Type:

- Description:
अख़बार, टी.वी. और डिजिटल से लेकर रेडियो तक पत्रकारिता की हर विधा को साध चुके संदीप कुलश्रेष्ठ पिछले 37 वर्षों से लगातार लेखन और संपादन का कार्य कर रहे हैं। इस पुस्तक में संकलित उनके लेखों को पढक़र मेरे मन में जो सबसे पहला सवाल आया, कि यह एक पत्रकार की पुस्तक है या एक साहित्यकार की? उनके लेखन की विविधता एक पत्रकार के अंदर छिपे लेखक के रूप में सामने आई है। हमारे यहाँ कहा जाता है कि साहित्य शब्द दो शब्दों से मिलकर बनता है। स: और हित:, यानी एक ऐसा तरीका, जिसमें किसी एक वर्ग-जाति-धर्म-समाज-समूह-संप्रदाय या देश की जगह, समस्त विश्व और समाज के कल्याण की भावना निहित हो—संदीपजी की पुस्तक इसी भावना से ओतप्रोत है। संदीप कुलश्रेष्ठ जी पिछले तीन दशकों से अपने लेखन के माध्यम से इस बदलाव के लिए काम कर रहे हैं। यह पुस्तक जहाँ एक ओर उनके जीवन के बीते पलों को प्रदर्शित करती है, वहीं सामाजिक बदलावों की ओर भी इशारा करती है। इस पुस्तक के माध्यम से एक लेखक के गढऩे की प्रक्रिया को भी आप बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। श्री कुलश्रेष्ठ ने जीवन में जिन पलों को जिस रूप में जिया है या अपने आस-पास घटित होनेवाली घटनाओं को जिस रूप में देखा है, उसे उसी रूप में चुनिंदा शब्दों के माध्यम से इस पुस्तक के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है। —प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी महानिदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान
Samay Ki Dastak (Samasaamayik Aalekhon Ka Sankalan)
Sundeep Kulshreshtha
20% off₹ 450
₹ 360
Out of Stock
Mastermind Aur Safalta
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description:
किसी भी व्यक्ति की सफलता निश्चित रूप से उसकी उस सोच के जैसी होती है, जिसके मुताबिक वह दूसरों से अपने आप को जोड़ता है। आप को जिस ज्ञान की इच्छा है, अगर उसके बदले में आप कुछ देने को तैयार हैं, तो आप बेशक दुनिया के लिए खुद को इतना उपयोगी बना देंगे कि वह आपकी मरजी के मुताबिक चीजें देने पर मजबूर हो जाएगा। —**—**— अपनी रणनीति को पलटिए, अपनी चाल तेज कर दीजिए, सीधे और सामने देखिए तथा अपने चेहरे पर प्रतिबद्धता का भाव लेकर आइए। फिर देखिए, कितनी तेजी से लोग आपके रास्ते से किनारे हटकर आप को आगे जाने देते हैं। —**—**— सबसे महान् बॉस वह व्यक्ति होता है, जो अपने आप को सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण बना लेता है, न कि वह व्यक्ति, जो निर्णय के समय और योजनाओं को चुने जाते समय आखिरी बात कहता है। प्रत्येक नेता का मूल मंत्र होना चाहिए—आप में से जो सबसे बड़ा है, उसे सभी का सेवक होना चाहिए। —इसी पुस्तक से विश्वप्रसिद्ध सैल्फ-हैल्प विशेषज्ञ नेपोलियन हिल ने व्यक्तित्व विकास के जो सूत्र दिए, वे आज भी प्रासंगिक हैं। हर किसी को प्रेरित करने की क्षमता रखनेवाले ये व्यावहारिक मंत्र आपके मास्टरमाइंड को नई दृष्टि और ऊँचाई प्रदान कर सफलता के द्वार खोलेंगे।
STARTUP HO TO AISA HO
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description:
"आज स्टार्टअप भारतीय इकोनॉमी का बहुत महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। अनेक युवा अच्छे वेतन की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप बनाकर अप्रतिम सफलता प्राप्त कर अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। कम होती नौकरियों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण आज स्टार्टअप लोकप्रिय हो रहे हैं—और सफल भी। यह पुस्तक आपको इस क्षेत्र के सफल और व्यावहारिक अनुभवों की जानकारी देकर आपकी दृष्टि और सोच को नए आयाम देगी, जिनसे आप भी सफलता के नए सोपान चढ़ पाएँगे। "
Jeevanshatak
- Author Name:
Rajesh Prakash
- Book Type:

- Description:
आज की भागम-भाग और चमक-दमक की जिन्दगी में पैसा है, गाड़ी-घोड़ा है, बँगला है, ए.सी. है, पद-प्रतिष्ठा है, बैंक बैलेंस, फैशन और न जाने क्या-क्या है! फिर भी आँखों से रातों की नींद गायब है। मन अशान्त है। मूड खराब है। डिप्रेशन एक पैनडेमिक के रूप में मानव जाति को खुली चुनौती दे रहा है। डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों के पास इलाज के नाम पर बहुत थोड़े बिकाऊ टिप्स और कुछ ट्रैन्कुलाइजर्स ही उपलब्ध हैं। अब लाख टके का सवाल यह है कि क्या तड़पती हुई मानव जाति को इन्हीं मनोचिकित्सकों और नींद की पेटेंट दवा देने वालों के सहारे छोड़ दिया जाए? या हमें कुछ ऐसा करना होगा कि हमारे जीवन में सुख और शान्ति अपने मूल रूप में वापस आ सकें।
दिगम्बर बन्दर से सूटेड-बूटेड मॉडर्न मानव बनने तक के करोड़ों वर्षों के सफर में हम विज्ञान, तकनीक एवं सुपर कम्प्यूटर के दम पर भस्मासुरी परमाणु बम तक बना चुके हैं। इस भूमंडल पर कुल मिलाकर जीवित प्राणियों की चौरासी लाख प्रजातियाँ बताई जाती हैं। उनमें से केवल इंसान ही इतना बलवान शैतान निकला, जिसने प्रकृति की ‘ग्रेविटी’ का शाश्वत नियम तोड़ दिया। वह पृथ्वी की कक्षा से बाहर भी छलाँग लगाने में सफल हो गया। ‘ग्रेविटी’ के अटल प्राकृतिक विधान को ध्वस्त करते हुए वह मंगल ग्रह पर भी अपनी दस्तक दे चुका है।
इतने बड़े-बड़े कारनामे करते-करते हम शायद यह भूल ही गए कि औसतन 70 किलोग्राम के मनुष्य-शरीर में लगभग 1 किलोग्राम से भी कम वजन वाले अति जटिल ब्रेन-पिंड के लिए कुछ और भी चाहिए। उसको विकास की अंधी दौड़ न तो वर्तमान में दे पा रही है और न ही भविष्य में दे पाएगी। मन व्यथित है। दिलो-दिमाग पर अवसाद के काले बादल घनघोर घटाओं के रूप में छाये हुए हैं। लोग आए दिन आत्मघात कर रहे हैं। इस अवसाद की महामारी ने भारतीय परम्परा में जन्म-जन्मान्तर तक टिकाऊ माने जाने वाले पति-पत्नी के सम्बन्धों में भी उथल-पुथल एवं टूटन मचा दी है। अब दावे के साथ कोई यह नहीं कह सकता कि आज सम्पन्न हुआ शुभ विवाह कब अशुभ तलाक में नहीं बदल जाएगा? आखिर किसी को तो आगे आना होगा, जो मनुष्य जाति के लिए असाध्य साबित हो रही मानसिक अव्यवस्था को व्यवस्थित करने का मार्ग प्रशस्त कर सके।
दुनिया में सर्वकाल और सर्वसमाज में मानव व्यथा को निवारित करने के लिए विद्वान एवं एकेडेमिया रास्ता दिखाते रहे हैं। इसी कड़ी में ‘जीवनशतक’ नामक इस पुस्तक में आज की दुनिया में मानव जीवन के समक्ष खड़ी चुनौतियों का सामना करने एवं सद्जीवन का शतक पूरा करने के लक्ष्यार्थ कथ्य को 100 अध्यायों में समाहित किया गया है।
Personality Development Guide
- Author Name:
Dr. Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description:
व्यक्ति की सफलता की पहली सीढ़ी उसके अपने व्यक्तित्व या पर्सनैलिटी से होकर गुजरती है। किसी से भेंट-मुलाकात के समय सबसे पहले जो चीज दिखाई देती है, वह आपका व्यक्तित्व ही होता है। व्यक्तित्व वह दर्पण है जो हमारे अंतर्मन की तसवीर होता है। ध्यान दें कि उजाले की एक महीन किरण भी अँधेरे को चीरकर रख देती है। क्रोध, हीन-भावना, अविश्वास, नकारात्मक सोच, ईर्ष्या-द्वेष, अस्थिरता, अधीरता, आलस्य, असमर्पण इत्यादि दोष व्यक्तित्व विकास के सबसे बड़े अवरोधक हैं। इनकी छाया भी अपने पर न पड़ने दें और केवल अपने लक्ष्य पर दृष्टि रखें। आपका लक्ष्य होना चाहिए—पॉजिटिव पर्सनैलिटी डेवलपमेंट यानी सकारात्मक व्यक्तित्व विकास। पर्सनैलिटी डेवलपमेंट गाइड में उन तमाम तत्त्वों की चर्चा है, जिनके द्वारा आप सहजता से स्वयं को ‘साधारण’ से ‘विशेष’, ‘नैगेटिव’ से ‘पॉजिटिव’ और ‘अप्रभावी’ से ‘प्रभावी’ व्यक्तित्व में ढाल सकते हैं, अपनी पर्सनैलिटी को निखार सकते हैं। बिलकुल आसान है ऐसा करना—आरंभ तो कीजिए।
Swami Vivekananda Se Seekhen Leadership Ke Gurumantra
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description:
स्वामी विवेकानंद युगप्रवर्तक थे। पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े भारतवर्ष की स्वाधीनता के लिए उन्होंने निराश समाज को जाग्रत किया; उसकी पराजित मनस्थिति को संबल दिया। उनके विचार जटिल थे और तत्समय की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित थे। तत्कालीन समाज पतन की ओर अग्रसर था और तरह-तरह के अंधविश्वासों में जकड़ा हुआ था। विवेकानंद इससे दुःखी और परेशान थे। अंग्रेज औपनिवेशिक शासन के कुप्रभावों से भी वे अनजान नहीं थे। विवेकानंद का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए संघर्ष को आध्यात्मिक आधार दिया और नैतिक व सामाजिक दृष्टि से हिंदू समाज के उत्थान के लिए काम किया। यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद के नेतृत्वकर्ता के अप्रतिम विचारों का मणिरत्न है। इसका अध्ययन कर हर वर्ग के पाठक अपनी आत्मिक, आध्यात्मिक एवं वैयक्तित्व उन्नति का पथ प्रशस्त कर सकते हैं और जीवन में सुख-संतोष-सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
Swami Vivekananda Se Seekhen Leadership Ke Gurumantra
Kunwar Kanak Singh Rao
20% off₹ 250
₹ 200
Available
Positive Thinking
- Author Name:
Napoleon Hill +1
- Book Type:

- Description:
पॉजिटिव थिंकिंग (सकारात्मक नहीं हो सकता। यही सोच आपकी सफलता के द्वार खोलने की क्षमता रखती है। यह पुस्तक नकारात्मकता को छोड़कर खुले मन से सोचने की प्रेरणा देती है। इसकी सहायता से आप अपना जीवन बदल सकते हैं। इसमें आपकी सफलता के सूत्र संकलित हैं—पी.एम.ए.— पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड (सकारात्मक मानसिक भाव)। जब आप इस पुस्तक में सरल और स्पष्ट रूप से रेखांकित व्यावहारिक सिद्धांतों का अनुपालन करेंगे तो आप भी पी.एम.ए प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। तो आइए, ऊँची उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाइए और अपनी प्रबल इच्छाशक्ति और संकल्पशीलता से प्रेरित होकर सफलता के नए शिखर छुइए।
A Cut Above The Normal
- Author Name:
Dr. A.P. Maheshwari
- Book Type:

- Description:
One may not be missing out much by not reading this book. However, for those who are looking for various vectors to align their lives when its wheels go astray, this book offers some real life solutions emanating the experiences emerging from the life of a common man. Given the volatility of the human mind and its senses, the book throws light on how to chart the course of life ahead by making spirituality the prop of our lives. Based on various discussions and dialogues between father and son, the book leads us to understand and reaffirm the art of �living� and the art of �leaving�. It offers the way to understand Kabir & beyond from the perspective of an experiential self.
Jeff Bezos Aur Amazon Ki Apar Safalta Ke Rahasya
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description:
जैफ बेजोस एक अमेरिकी उद्यमी हैं, जो विश्व के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वे विश्वविख्यात अमेजन.कॉम के संस्थापक अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी व अमेजन.कॉम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हैं। 1986 में स्नातक करने के बाद उन्होंने कुछ दिन वॉल स्ट्रीट में कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में काम किया। 1994 तक विविध कार्य करने के बाद उन्होंने अमेजन.कॉम की स्थापना की, जो आज विश्व की सबसे प्रमुख रिटेल कंपनी बन गई है और पूरे बाजार के एक बड़े हिस्से पर उसकी दावेदारी है। वर्ष 2015 में कंपनी ने अमेजन प्राइम मेंबरशिप की शुरुआत की, जिससे कंपनी को नई ऊँचाई मिली । ग्राहक संतुष्टि को अहमियत देनेवाली अमेजन के संस्थापक बेजोस के पास अमेजन के 7.5 करोड़ से ज्यादा शेयर हैं । कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते जहाँ ज्यादातर कंपनियाँ घाटे में चली गईं, वहीं अमेजन का कारोबार तेजी से बढ़ा। इसको वजह से बेजोस की संपत्ति में भी बढ़ोतरी हुई। जैफ बेजोस नवाचारी हैं। वे मानते हैं कि सफल होने के लिए आपको भविष्य में झाँककर जानना होगा कि आगे क्या करना है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए. आई.) के क्षेत्र में नए अनुसंधान किए हैं। उनका दर्शन है--कड़ी मेहनत करो, आनंद करो और इतिहास बनाओ। ऐसा ही एक इतिहास उन्होंने तब बनाया, जब 20 जुलाई, 2021 को अपने भाई मार्क बेजोस के साथ उन्होंने अंतरिक्ष की उड़ान भरी और लगभग दस मिनट तक वहाँ रहे। उद्यमिता, परिश्रम, टीमवर्क और कर्मठता के प्रतीक जैफ बेजोस और उनकी सक्सेस स्टोरी का प्रतीक अमेजन.कॉम की प्रेरक जीवनी, जो हर पाठक में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगी।
Divya Sambandhon Ka Mahattva
- Author Name:
Aruna Ladva
- Book Type:

- Description:
संबंधों को हम किस प्रकार निभाते हैं, इस विषय को गहराई से व्यक्त करती है यह पुस्तक। क्या हम उनके प्रति मददगार और उदार हैं या स्वार्थवश केवल लाभ उठाते हैं? किस प्रकार हम अपने संबंधों में संतुष्ट और परिणामदर्शी बन सकते हैं? क्या होता है, जब बातें हमारे मुताबिक नहीं होतीं या समस्याओं से हमारा सामना होता है? जैसे ही मैंने जीवन और संबंधों के प्रति इस पद्धति का अभ्यास किया तो मैंने महसूस किया कि अब मैं दूसरों को कम दोषी ठहराती थी और अपनी प्रतिक्रियाओं व भावनाओं को और भी कारगर तरीके से सँभाल पाती थी। ऐसा करने से छोटी उम्र से ही एक आत्मविश्वास और आंतरिक ज्ञान की भावना पैदा हुई। यह पुस्तक किसी भी प्रकार से निश्चित मार्ग-प्रदर्शक नहीं है; बल्कि यह मेरे कुछ विचारों, अवलोकनों और अनुभवों का संकलन है, जो मेरी व्यक्तिगत यात्रा में एकत्र हुए हैं। संभवतः इनमें से कुछ आपको अपने जीवन से संबंधित प्रतीत होंगे।
Overcoming Adversities
- Author Name:
Pranav Pandya
- Book Type:

- Description:
Adversity is an inevitable part of life, and it can take many forms: from the loss of a loved one, to a serious illness, to financial struggles, to discrimination and injustice. At times, adversity can feel insurmountable, and we may wonder how we will ever be able to recover from the setbacks and challenges we face. But as the stories in this book demonstrate, adversity can also be a catalyst for growth, resilience, and transformation. The individuals featured in these pages have all faced tremendous obstacles and setbacks, but they have also found within themselves the strength, determination, and resourcefulness to overcome them.
Bhavnaon Ke Toofan Mein Bhi Mahak Sakati Hai Yeh Jindagi !
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description:
हम जिन भावनाओं को महसूस करते हैं उनसे कभी अपराधबोध अनुभव करने की जरूरत नहीं है, ऐसी भावनाओं का अनुभव तो सभी करते हैं। जब कभी हम अत्यन्त नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करते हैं, तो भीतर-ही-भीतर खूब क्षोभ महसूस करते हैं। वास्तव में यह क्षोभ उसी मान्यता से जन्म लेता है कि हममें नकारात्मक भावनाएँ नहीं उठनी चाहिए, ऐसी नकारात्मक भावनाएँ पैदा होना बहुत बुरी बात है।
Bhavnaon Ke Toofan Mein Bhi Mahak Sakati Hai Yeh Jindagi !
Sanjiv Shah
20% off₹ 150
₹ 120
Available
Go! Navigate Your Way to Success
- Author Name:
George Harrison Phelps +1
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Kaise Banain balak Sanskari Aur Swasth
- Author Name:
Prem Bhargav
- Book Type:

- Description:
जिज्ञासा मानव-विकास की आदि एवं मूलभूत आवश्यकता है। उसकी रक्षा से ही हम समाज को विकसित, सम्पन्न एवं उन्नत बना सकते हैं। पर प्रायः देखा जाता है कि व्यस्त माता-पिता बच्चों के प्रश्नों से खीज जाते हैं और उनको सदैव अपने काम में बाधा उपस्थित करनेवाले प्राणी समझते हैं। उनको उद्दंड और मूर्ख ठहराकर उन्हें चुप करा देते हैं और उनकी जिज्ञासा प्रवृत्ति को कुचल देते हैं। ऐसे बालक ख़ुद को उपेक्षित, अनभीष्ट और प्रेमवंचित महसूस करते हैं। इसका परिणाम बहुत ही भयावह होता है। बालक संसार में सुरक्षा और स्थिरता चाहता है। बालक के भावनात्मक विकास के लिए पिता के अधिकार, माँ के ममत्व और भाई-बहन की उदारता एवं सौहार्द की बहुत आवश्यकता है। ऐसा न होने पर उसके मन में भाँति-भाँति की ग्रन्थियाँ पड़ जाती हैं, जो भविष्य में उसके सारे व्यवहारों को प्रभावित करती हैं। कई बार देखा गया है कि पिता के बढ़ते वर्चस्व को देखकर माँ में असुरक्षा की भावना घर करने लगती है। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए वह अपनी ही बात मनवाना चाहती है, पिता के बीच में बोलने पर रोक देती है, ऐसी स्थिति में बच्चे उद् दंड और बदतमीज़ हो जाते हैं। पिता को अहमियत नहीं देते। इसके विपरीत माँ के डाँटने-मारने के समय यदि पिता बच्चों का पक्ष लेता है तब भी बच्चे बिगड़ जाते हैं और माँ का सम्मान नहीं करते। वास्तव में होना यह चाहिए कि यदि माँ किसी ग़लत बात पर डाँट रही है, तो पिता को चाहिए कि बीच में न बोले और पिता कुछ कह रहा है, तो माँ उस समय चुप रहे।
Aao Dhanvan Banen
- Author Name:
Radha Raman Mishra
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book