Kuch Anchuye Pehlu
Author:
Kalapana ShuklaPublisher:
Shrimant PublicationLanguage:
HindiCategory:
Poetry0 Ratings
Price: ₹ 144
₹
180
Available
Masterpeice hindi poetry collection
ISBN: 9788195839568
Pages: 90
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: विनोद कुमार झा के रचना-संसार में एक तरफ उनका अपना निकटतम परिवेश है, तो दूसरी तरफ पूरा देश। अपने समय और समाज पर उनकी निगाह पैनी है। सामाजिक-राजनीतिक स्तर पर उनकी दृष्टि जितनी ही साफ है, कथन उतने ही बेबाक और बेधक। शीत पानी धूप में जो गल जल रहा उनके लिये है पेड़ पर फंदा यहाँ फफूँद लग जायेगा घर में पड़ा पड़ा आ चल हवा में टहला के लाता हूँ आयेंगे मेरे मौत पर रोने वाले सियासत करने को लाश बची है जीवन के तल्ख अनुभव और दर्शन उनके काव्य के महत्त्वपूर्ण उपजीव्य हैं। यहाँ कम शब्दों में सहजता और सादगी के साथ अपनी बात कह देने का धैर्य और विश्वास काबिले गौर है। चिंता घेरे है घर की जि़ंदगी ढलान पर है बड़ा घर बनाकर भी बूढ़ा दालान पर है कवि गज़लकार विनोद कुमार झा का सरोकार जिस हद तक जन और समाज के साथ है, वहाँ अभिव्यक्ति ज़्यादा महत्त्वपूर्ण हो जाती है। उनका विश्वास फॉर्म से ज़्यादा अपनी बात साफ-साफ कहने पर है। इस संग्रह की गज़लों में जहाँ-तहाँ सांस्कृतिक रूप से बहुत ही सम्पन्न वैशाली परिसर की भाषा और वहाँ के मुहावरे की छवि-छटा भी झलक जाती है। अपने समय के सवालों से टकराने के लिहाज़ से भी एक महत्त्वपूर्ण और ज़रूरी किताब है, 'जि़ंदगी आ तुझे बहला के लाता हूँ'
Beautiful Poem (Series-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: This book is not just a collection of poems, but it is also a platform for young artists to showcase their talent. The beauty and grace of these poems will touch the hearts of readers, who are sure to appreciate the sense of optimism and pride that these young writers have imbibed in their words.
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