Ishq

(0)

Author:

Moid Rasheedi

Language:

Hindi

Category:

Poetry

249

₹ 199.2 (20% off)

Available

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


प्रस्तुत किताब 'रेख़्ता हर्फ़-ए-ताज़ा’ सिलसिले के तहत प्रकाशित युवा शाइर मोइद रशीदी का ताजा काव्य-संकलन है। यह किताब उर्दू लिपि में प्रकाशित हुई है और पाठकों के बीच खूब पसंद की गई है। मोइद रशीदी हमारे हज़रे के ताजगी से भरे शाइर हैं। उनका जन्म 1988 में कंकिनारा (उत्तर कोलकाता) में हुआ। 2013 में उन्हें साहित्य अकादमी (दिल्ली) द्वारा युवा लेखक के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने "जदीद ग़ज़ल की शेरियात" पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। फिलहाल, वो उर्दू विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर हैं।

Read more

ISBN
9788194876922
Pages
120
Avg Reading Time
4 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

Piracy Free

Express Delivery

Secure Payment

About the Book

प्रस्तुत किताब 'रेख़्ता हर्फ़-ए-ताज़ा’ सिलसिले के तहत प्रकाशित युवा शाइर मोइद रशीदी का ताजा काव्य-संकलन है। यह किताब उर्दू लिपि में प्रकाशित हुई है और पाठकों के बीच खूब पसंद की गई है।

मोइद रशीदी हमारे हज़रे के ताजगी से भरे शाइर हैं। उनका जन्म 1988 में कंकिनारा (उत्तर कोलकाता) में हुआ। 2013 में उन्हें साहित्य अकादमी (दिल्ली) द्वारा युवा लेखक के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने "जदीद ग़ज़ल की शेरियात" पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। फिलहाल, वो उर्दू विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर हैं।

Book Details

  • ISBN
    9788194876922
  • Pages
    120
  • Avg Reading Time
    4 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

Recommended For You

Customer Reviews

Be the first to write a review...

(0)

0 out of 5

Book

Ishq by Moid Rashidi is a stirring collection of Urdu ghazals that bridges classical tradition with the restlessness of 21st-century India. Published under the Rekhta Harf-e-Taza series in Urdu script, this volume showcases Rashidi's distinctive voice—rooted in Kolkata's literary culture yet fluent in the anxieties and aspirations of today's readers. Born in 1988 in Kankinara, Rashidi was honored with the Sahitya Akademi Yuva Puraskar in 2013, affirming his place among India's most promising poets. His doctoral research on modern ghazal poetics informs every couplet, where emotion meets intellectual rigor. Each ghazal in Ishq moves between intimacy and irony, making this not just a collection of verses but a sustained meditation on love, loss, and the language we inherit. For readers who cherish Urdu's lyrical depth and seek a poet who honors the form while speaking to the present, this book is essential.

इश्क़ पढ़ने से मुझे कैसा अनुभव मिलेगा?

यह संकलन आपको परंपरागत ग़ज़ल की मिठास और आधुनिक मन की बेचैनी दोनों का अनुभव देता है। मोइद रशीदी के शेर भावनाओं को सीधे छूते हैं, लेकिन उनमें बौद्धिक गहराई भी है। हर ग़ज़ल धीरे-धीरे खुलती है, जिससे आप हर शेर पर ठहरकर सोचते हैं। यह किताब आपको उर्दू की लयबद्धता में डुबोती है और साथ ही आज के समय की संवेदनाओं से जोड़ती है।

यह किताब किस तरह के पाठकों के लिए उपयुक्त है?

  • उर्दू शायरी के शौकीन जो क्लासिकल और समकालीन दोनों आवाज़ों की तलाश में हैं
  • युवा पाठक जो परंपरा को नए नज़रिये से समझना चाहते हैं
  • ग़ज़ल विधा की बारीकियों में रुचि रखने वाले साहित्य प्रेमी
  • कोलकाता और उत्तर भारत की साहित्यिक परंपरा से जुड़े पाठक

भारतीय पाठकों के लिए इस संकलन का सांस्कृतिक महत्व क्या है?

यह संकलन दिखाता है कि उर्दू शायरी आज भी भारतीय जीवन की मुख्यधारा में जीवित और प्रासंगिक है। मोइद रशीदी जैसे युवा शाइर परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज के प्रेम, अलगाव और पहचान के सवालों को छूते हैं। यह किताब उर्दू को केवल अतीत की भाषा नहीं, बल्कि वर्तमान की संवेदनशील अभिव्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करती है।

मोइद रशीदी की शायरी को अन्य समकालीन शाइरों से क्या अलग बनाता है?

मोइद रशीदी की आवाज़ में कोलकाता की साहित्यिक विरासत और आधुनिक ग़ज़ल की शेरियात पर उनके शोध का संगम है। उन्होंने साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2013 में प्राप्त किया, जो उनकी विशिष्ट काव्य दृष्टि को रेखांकित करता है। उनके शेर भावुकता और बौद्धिकता के बीच संतुलन बनाते हैं, जिससे उनकी ग़ज़लें पारंपरिक और नवीन दोनों लगती हैं।

इस किताब को पढ़ने के बाद पाठक के मन में क्या रह जाता है?

यह संकलन पाठक को उर्दू भाषा की सुंदरता और ग़ज़ल विधा की शक्ति की गहरी समझ देता है। आप प्रेम और हानि की उन सूक्ष्म भावनाओं से परिचित होते हैं जिन्हें शब्दों में पकड़ना कठिन होता है। किताब बंद करने के बाद भी कुछ शेर आपके मन में गूंजते रहते हैं और रोज़मर्रा के अनुभवों को नई भाषा देते हैं।

View on Rachnaye →

Hurry! Limited-Time Coupon Code

WORDPOWER
* Terms and Conditions applied.

Offers

Best Deal

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat.

whatsapp