Ghar Ke Vaaste
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यह लोकप्रिय युवा कवि स्वयं श्रीवास्तव का पहला काव्य संग्रह है। इसके हर गीत और नज़्में पहले ही लोगों की ज़ुबान पर हैं। स्वयं श्रीवास्तव अपने समय की असल समस्याओं को उठाते हैं। उनकी कविताओं में युवा मन की बेकरारी, बेकारी, प्रेम, असफलताबोध और सौन्दर्याकांक्षा मिलेगी। जब उनकी हिन्दुस्तानी जुबान में आप इन्हीं चीज़ों को सुनते हैं तो एक ही बात जेहन में कौंधती है— “देखना तक़रीर की लज़्ज़त कि जो उसने कहा मैं ने ये जाना कि गोया ये भी मेरे दिल में है”।
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यह लोकप्रिय युवा कवि स्वयं श्रीवास्तव का पहला काव्य संग्रह है। इसके हर गीत और नज़्में पहले ही लोगों की ज़ुबान पर हैं। स्वयं श्रीवास्तव अपने समय की असल समस्याओं को उठाते हैं। उनकी कविताओं में युवा मन की बेकरारी, बेकारी, प्रेम, असफलताबोध और सौन्दर्याकांक्षा मिलेगी। जब उनकी हिन्दुस्तानी जुबान में आप इन्हीं चीज़ों को सुनते हैं तो एक ही बात जेहन में कौंधती है— “देखना तक़रीर की लज़्ज़त कि जो उसने कहा मैं ने ये जाना कि गोया ये भी मेरे दिल में है”।
Book Details
-
ISBN9789348497949
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age11-18 yrs
-
Country of OriginIndia
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Dr. Devesh Kumar Pandey
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- Description: सारंग - जीवन के रंगों का इंद्रधनुष "उम्र के हर पड़ाव पर भावनाओं के वेग सेउभरे हुए शब्द मिलकर एक कविता हो गए।" इन्हीं शब्द पंक्तियों का इंद्रधनुष है यह कविता संग्रह। सारंग के अनेक पर्याय हैं • सावन का मोर, • देशभक्ति का जज्बा जगाने वाली भारतीय वायुसेना की हेलीकाप्टर डिस्प्ले टीम, • कोरियाई ड्रामा देखने वाले तो 'सारंग, सारंग हे, नादी सारंग' जानते ही हैं। और भी विभिन्न भावों का इंद्रधनुष है शब्द 'सारंग'। इस कविता संग्रह में कवि ने परिस्थितियों से उत्पन्न जवलन्त भावों को, शब्द रूप देकर, जीवन में ऊर्जात्मक और फलदाई संभावना को पिरोया है - राग सारंग-सा! सारंग - जीवन के रंगों का इंद्रधनुष "उम्र के हर पड़ाव पर भावनाओं के वेग सेउभरे हुए शब्द मिलकर एक कविता हो गए।" इन्हीं शब्द पंक्तियों का इंद्रधनुष है यह कविता संग्रह। सारंग के अनेक पर्याय हैं • सावन का मोर, • देशभक्ति का जज्बा जगाने वाली भारतीय वायुसेना की हेलीकाप्टर डिस्प्ले टीम, • कोरियाई ड्रामा देखने वाले तो 'सारंग, सारंग हे, नादी सारंग' जानते ही हैं। और भी विभिन्न भावों का इंद्रधनुष है शब्द 'सारंग'। इस कविता संग्रह में कवि ने परिस्थितियों से उत्पन्न जवलन्त भावों को, शब्द रूप देकर, जीवन में ऊर्जात्मक और फलदाई संभावना को पिरोया है - राग सारंग-सा!
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