Yun Hi Nahi Ban Jate Mahaveer "यूँ ही नहीं बन जाते महावीर" Book In Hindi - Dr. Vandna Dangi
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355216120
-
Pages136
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Akhilesh : Ek Samvad
- Author Name:
Piyush Daiya
- Book Type:

-
Description:
भारतीय कला के व्यापक क्षेत्र में, और हिन्दी में तो बहुत कम, ऐसा हुआ है कि कोई कलाकार अपनी कला, संसार की कला, परम्परा, आधुनिकता आदि पर विस्तार से, स्पष्टता से, गरमाहट और उत्तेजना से बात करे और उसे ऐसी सुघरता से दर्ज किया जाए। चित्रकार अखिलेश इस समय भारत के समकालीन कला-दृश्य में अपनी अमूर्त कला के माध्यम से उपस्थित और सक्रिय हैं। उनकी बातचीत से हिन्दी में समकालीन कला-संघर्ष के कितने ही पहलू ज़ाहिर होते हैं। पीयूष दईया एक कल्पनाशील सम्पादक, कवि और सजग कलाप्रेमी हैं। उनकी उकसाहट ने इस बातचीत में उत्तेजक भूमिका निभाई है।....
ऐसी अनेक जगहें इस बातचीत में हैं जहाँ बतरस के सुख के साथ-साथ कुछ नया या विचारोत्तेजक जानने को मिलता है। हमारे समय में कला को तथाकथित सामाजिक यथार्थ के प्रतिबिम्बन और अन्वेषण के रूप में देखने की जो वैचारिकी उसके प्रतिबिन्दु, प्रतिरोध की तरह उभरती है, इस पुस्तक का महत्त्व इससे और बढ़ जाता है। वह एक अपेक्षाकृत जनाकीर्ण परिदृश्य में वैकल्पिक कला और सौन्दर्यबोध के लिए जगह खोजती और बनाती है। उसकी दिलचस्पी किसी को अपदस्थ करने में नहीं है : वह तो अपनी जगह की तलाश करती और फिर उस पर रमने की ज़िद से उपजी है।
—अशोक वाजपेयी
Dr. Kalam Ke Sapanon Ka Bihar
- Author Name:
Lalit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: "बिहार राज्य का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन एवं गौरवशाली रहा है। यह राज्य पूर्व ऐतिहासिक काल से ही विकसित होनेवाली संस्कृतियों का महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा है और विभिन्न युगों में इसने देश के इतिहास एवं सांस्कृतिक जीवन में अग्रणी भूमिका निभाई है। इतना प्राचीन एवं गौरवशाली अतीत होने तथा विकास एवं उन्नति के पथ पर अग्रसर होने की सारी क्षमताएँ होते हुए भी आज यह राज्य विकसित राज्यों की श्रेणी से बाहर है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सदा बिहार के उत्कर्ष का स्वप्न देखते रहे और इसकी संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रेरित करते रहे। इस पुस्तक में डॉ. कलाम ने बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए न सिर्फ वैज्ञानिक सोच, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी रूपरेखा निर्धारित की है। इसमें प्रस्तुत विचार ‘महात्मा बुद्ध के संदेश’ के सदृश्य बिहार की प्रगति के लिए वरदान हैं। डॉ. कलाम की विभिन्न बिहार-यात्राओं के दौरान दिए गए संदेशों का संकलन है यह पुस्तक। इनसे प्रेरित होकर राज्य के सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर विकास-कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएँ, तो विकसित बिहार के स्वप्न को साकार करना कठिन नहीं होगा।
Ameeri Rekha Ki Khoj Mein
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nehru Banam Subhash
- Author Name:
Rudrangshu Mukherjee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
My First Colouring Book
- Author Name:
Manohar Sundaram
- Book Type:

- Description: My First Colouring Book For Kids - Perfect Gift to Children for Painting, Drawing and Coloring Activity, Animal, Flowers, Transport, Alphabet For 3-6 Year Old
Story of A Foreign Investor
- Author Name:
S.K. Uppal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shreshtha Hasya Vyangya Ekanki
- Author Name:
Kaka Hatharasi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swasthya Patrakarita
- Author Name:
Roopchand Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kya Likhoon? Kya Likhoon?
- Author Name:
Dr. Babita "Kiran"
- Book Type:

- Description: "‘क्या लिखूँ, क्या लिखूँ’ मेरी द्वितीय पुस्तक है। इस पुस्तक को लिखने की यात्रा बहुत रोचक रही है। सर्वप्रथम तो लिखने से पहले मन में कई प्रश्न उठ रहे थे, जैसे कि किस विधा में लिखूँ, किस विषय पर लिखूँ? पर्यावरण पर लिखूँ, भ्रूण हत्या पर लिखूँ या जल की समस्या पर लिखूँ। दिल कह रहा था, सब विषयों पर लिख दो, परंतु दिमाग सहमत नहीं था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ? मन मस्तिष्क के इस द्वंद्व में समय गुजरता जा रहा था। इसी बीच मैं बिटिया खुशी, जो मेरी प्रथम श्रोता है, से भी निरंतर पूछ रही थी कि क्या लिखूँ? आखिरकार एक दिन वह कह उठी, अरे मम्मी, क्या लिखूँ पर ही लिखो आप। तत्पश्चात् एक निरंतर कविता का जन्म हुआ, जो क्या लिखूँ के रूप में आपके समक्ष है। एक लेखक की जिम्मेदारी को निभाते हुए मैंने प्रयास किया है कि अपनी पुस्तक ‘क्या लिखूँ’ के माध्यम से मैं समाज में व्याप्त समस्याओं, मनुष्य के कर्तव्य, इतिहास, भूगोल, संस्कृति, आतंक सभी विषयों पर आप सभी का ध्यान आकर्षित कर सकूँ। कुछ पंक्तियाँ देखिए— शहर शहर कूड़े का पहाड़ लिखूँ संक्रमण, बदबू की दहाड लिखूँ फेफड़ों को मिलती हवा दूषित लिखूँ या पशु-पक्षी भी कुपोषित लिखूँ पर्यावरण की व्यथा लिखूँ या गाडिय़ाँ दौड़ाने की प्रथा लिखूँ सोचती हूँ मैं क्या लिखूँ? इसमें कहाँ तक सफल हो पाई हूँ, यह पाठक वर्ग ही बता सकता है। आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है मुझे कि आपको मेरी यह पुस्तक पसंद आएगी।"
Raigarh Gharane Ki Kathak Rachnaon ka SaundryaBodh
- Author Name:
Dr. Yasmin Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Parivrajak: Meri Bhraman Kahani
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद ने भारत में उस समय अवतार लिया, जब हिंदू धर्म के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। हिंदू धर्म में घोर आडंबर और अंधविश्वासों का बोलबाला हो गया था। ऐसे में स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म को एक पूर्ण पहचान प्रदान की। इसके पहले हिंदू धर्म विभिन्न छोटे-छोटे संप्रदायों में बँटा हुआ था। तीस वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो (अमेरिका) में विश्व धर्म संसद् में हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया और इसे सार्वभौमिक पहचान दिलाई। प्रस्तुत पुस्तक 'परिव्राजक: मेरी भ्रमण कहानी' में स्वामीजी ने अपनी यूरोप यात्रा के माध्यम से सरल शब्दों में तत्कालीन इतिहास, कला, समाज, जीवन-दर्शन इत्यादि का अत्यंत रोचक वर्णन प्रस्तुत किया है। इनके माध्यम से व्यक्ति अपने तत्कालीन ज्ञान-दर्शन को सहज ही प्रशस्त कर सकता है। स्वामी विवेकानंद की यात्रा-वृत्तांत की यह पुस्तक हमें सांस्कृतिक-सामाजिक यात्रा का आनंद देगी।
Mrigtrishna
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ishwar Se mulakat
- Author Name:
Sirshree Tejparkhi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amirt
- Author Name:
Hare Krishna Jha
- Book Type:

- Description: समकालीन मैथिली कविताक एक टा महत्त्वपूर्ण स्तंभ हरे कृष्ण झाक गद्य-लेखन मात्रा मे कम अवश्य छनि, मुदा कविक गद्यक विशिष्टता सभ सँ भरल-पुरल आ विचारशील लेखनक लेल एक टा नीक बानगी जकाँ। एहि पुस्तक मे हिनक कुल सात गोट आलेख छनि जाहि मे सँ एक हुनक कविता-संग्रह 'एना त नहि जे'क भूमिका थिक आ से अपन कथ्य-शिल्प मे हुनक आत्मकथ्य सदृश्य लगैत अछि। एक टा आरो भूमिका अछि जे विटमनक कविताक अनूदित पोथी 'ई थिक जीवन' लेल लिखल गेल छल। एहि आलेख सँ विश्व कविताक परिप्रेक्ष्य मे कवि-अनुवादक हरे कृष्ण झाक दृष्टि केँ बढिय़ा जकाँ बुझल जा सकैछ। अंतिम आलेख हुनक एक टा भाषणक अविकल प्रस्तुति थिक शेष चारि टा लेख मैथिली आलोचनाक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि थिक। चारि मे सँ एक लेख थिक राजकमल चौधरीक कविता 'महावन' पर केंद्रित जे कि 'अंतिका'क राजकमल विशेषांक मे छपल छल आ कैक टा नव अर्थक संधान करैत ई लेख स्वतंत्र रूप सँ एक कविता पर केंद्रित आलोचनाक उत्कृष्ट आ विरल उदाहरण अछि। दोसर लेख धूमकेतुक प्रसिद्ध कथा 'छठि परमेसरी' पर केंद्रित मैथिली मे अपना तरह विशिष्ट प्रयास थिक। मनुक्खक जीवन धर्मक चक्र मे फँसि क' कोना लहूलुहान होइत अछि आ बजार तकर कोना दोहन करैत अछि, हरे कृष्ण जी तकर व्याख्या खूब गहींर जाक' सविस्तार कयलनि अछि। तकरा बाद रामकृष्ण झा 'किसुन' आ मायानंद मिश्रक कथा पर केंद्रित हुनक दू गोट महत्त्वपूर्ण आलोचनात्मक लेख छनि। जहिना सूझ-बूझ संग ओ किसुन जीक कथाक मर्म केँ बुझबाक प्रयास करैत छथि, प्राय: ओही आत्मीयता संग मायानंद मिश्रक कथाक सूक्ष्म पड़ताल सेहो करैत छथि। हरे कृष्ण झाक ई पुस्तक जत' हुनक विचार आ साहित्य-सरोकार केँ बुझै-जानैक कुंजी दैत अछि, ओतहि हुनक आलोचना भविष्यक आलोचक केँ बेसी ऊहिक संग काज करबाक लेल प्रेरित सेहो करैत अछि। —गौरीनाथ
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 6-8 "Ganit Evam Vigyan" Maths & Science Part-3 | Complete Study Guide (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adivasi Lok-Samaj
- Author Name:
Narendra
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक लेखक के गहन आदिवासी एवं लोक समाजों से निकले अनुभवों पर आधारित है। उनके सहज एवं समान तालमेल, तारतम्य, बंदोबस्त, दैनिक जीवन और भिन्न बोलियों की सहज-सुलभ रफ्तार तथा प्रकृति से सहज साझापन अलग होकर भी हाल तक एक जैसे हुआ करते थे-दोनों प्रकृति को अविजित रखते। अपनी स्थिरता तथा सन्नाटा खो पिछले चंद दशकों में आदिवासी एवं लोक समाजों में वैसा साझापन अब समाप्त हो रहा है। गहन वनस्पति, मनुष्य, पशु, पुरखे, पहाड़, देवी, देवता, अंतरिक्ष, स्थूल एवं सूक्ष्म की समानांतर उपस्थिति, उनसे बने तारतम्य और फासले, दैनिक जीवन की एक अहस्तक्षेपित, अव्यस्त-सी लय व गति (या गतिहीनता)--ये समाज इन्हीं में रहा करते। अपने विस्तार, वीरान एवं रिश्ते लिये सबकी मिली-जुली बिरादरी होती। बस्तर के अबुझमाड़ जैसे प्राचीन एवं गहन इलाके में लोग कार्य न करते, न ही जानते, न जीविका न व्यवसाय, न रुझान रखते, फिर भी पिछले सौ वर्षों की स्मृति में भुखमरी सुनने में न आती। न अपराध, न हिंसा। गिनती पाँच तक। शब्दावली कोई तीन सौ शब्दों की। मौन की संस्कृति। संप्रेषण भरपूर। इससे अधिक कुछ नहीं चाहिए। यह पुस्तक आधुनिकता या सामाजिक विज्ञान के मुहावरे से निकल हाल तक के ऐसे समाजों और जीवन-दृष्टि को इंगित करने का प्रयास है।
Hindu Valmiki Jati
- Author Name:
Dr. Bizay Sonkar Shastri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kashmir Nirantar Yuddh Ke Saye Mein
- Author Name:
Lt. Gen. K.K. Nanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Motivating Thoughts of Mahavira
- Author Name:
Dulichand Jain ‘Sahityaratna’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Astonishing extrateriterial facts
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: The world of extraterrestrial life is a fascinating and mysterious one. Astonishing Extra-terrestrial Facts by renowned author Dr.Sanjay Rout takes readers on an incredible journey through the unknown, uncovering hidden secrets about our universe and its inhabitants. With engaging stories, vivid illustrations, and captivating facts that will leave you spellbound, this book offers up-close insight into the lives of aliens from across galaxies far away. From their diets to their customs to even how they communicate with each other – no stone is left unturned in this thrilling exploration into the unknown! So if you're looking for answers to some of your most burning questions about outer space creatures – then look no further than Astonishing Extraterrestrial Facts!
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book