YATAYAT KE SADHAN
Author:
DeepikaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 84
₹
105
Available
Awating description for this book
ISBN: 9788184306156
Pages: 16
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Vedic Ankganit
- Author Name:
Virendra Kumar +1
- Book Type:

- Description: अंकगणित का मूल आधार संख्याएँ तथा उनका योग, व्यवकलन, गुणन, विभाजन आदि प्रमुख संक्रियाएँ हैं । इसके अतिरिक्त संख्याओं के गुणनखंड, मूल तथा घात निकालने की भी आवश्यकता पड़ती है । दो संख्याओं का मध्यानुपाती ज्ञात करने, दिए क्षेत्रफल के वर्गाकार क्षेत्र की भुजा ज्ञात करने, दिए क्षेत्रफल के वृत की त्रिज्या ज्ञात करने, मानक विचलन निकालने आदि अनेक प्रकार के प्रश्नों में वर्गमूल निकालने की आवश्यकता होती है । क्षेत्रफल और आयतन के प्रश्नों में, बोधायन-पाइथागोरस प्रमेय के अनुप्रयोग में, दो बिंदुओं के बीच की दूरी की गणना करने में, चक्रवृद्धि ब्याज के प्रश्न हल करने में, संख्याओं के वर्गफल या घनफल निकालने की आवश्यकता होती है । हमारे देश के विद्वानों ने ऐसी अनेक विधियाँ खोजी हैं, जो गणनाओं को अति अल्प समय में करने में सहायक होती हैं तथा मौखिक रूप से गणनाएँ सरलता से की जा सकती हैं । प्रस्तुत पुस्तक का उद्देश्य ' वैदिक गणित ' के ज्ञान को व्यावहारिक बनाना है, जिससे जन-जन में इसकी पैठ हो सके । इसमें मात्र अंकगणित के क्षेत्र में ' वैदिक गणित ' की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया है । वैदिक विधियाँ अत्यंत सरल हैं, जो गणनाओं के करने में छात्रों के समय तथा श्रम की बचत करती हैं, जिसका लाभ प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक के सभी छात्र उठा सकते हैं । व्यावहारिक जीतन में तो. ये विधियों अति उपयोगी हैं ही, साथ ही जनसामान्य के लिए भी अति उपयोगी हैं ।
The Great Oceans Within Us
- Author Name:
Killada Satyanarayana, IPS
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
5 Sarsanghchalak
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में आरंभ से ही व्यक्ति विशेष के बजाय उसके कार्य को महत्त्व देने की परंपरा रही है। इसीलिए संघ ने किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि भगवा ध्वज को अपना गुरु माना है। यही कारण है कि सरसंघचालकों द्वारा किए गए कार्यों और उनके जीवन के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है। जानकारी कम होने के कारण लोगों के मन में कई प्रश्न उठते हैं और कही-सुनी बातों पर ही कई धारणाएँ भी बना ली गई हैं, जिनमें से अधिकतर भ्रांतियाँ हैं। मसलन एक धारणा यह है कि संघ में सरसंघचालक के पास सबसे ज्यादा शक्तियाँ होती हैं। लेकिन क्या वाकई यह सच है? अंततः संघ के आज के स्वरूप को गढ़ने में सरसंघचालकों की भूमिका और योगदान क्या है? क्या संघ में सरसंघचालक स्वयंसेवकों को चलाते हैं या स्वयंसेवक सरसंघचालक को चलाते हैं? इन प्रश्नों के उत्तर पाने के लिए पाँच सरसंघचालकों की जीवनयात्रा को समझना होगा। इस यात्रा के माध्यम से ही आप संघ की दीर्घ यात्रा को भी और गहरे से जान पाएँगे।
Netaji Subhas Chandra Bose
- Author Name:
Meenu Sinhal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
R.R.B. Junior Engineer Bharti Pareeksha–2024, Stage-1 20 Practice Sets CBT Based With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Jeevan
- Author Name:
Helen Keller
- Book Type:

- Description: "वर्ष 1890 के वसंत में मैंने बोलना सीखा। मेरे अंदर हमेशा यह इच्छा उमड़ती रहती थी कि मैं श्रव्य ध्वनियाँ मुँह सेनिकाल सकूँ। मैँ एक हाथ अपने गले पर रखकर शोर किया करती थ्ज्ञी और दूसे हाथ से अपने होंठों का चलना महसूस करती थी। मुझे शोर करनेवाली हर चीज पसंद थी और बिल्ली का घुरघुराना तथा कुत्ते का भौंकना मुझे अच्छा लगता था। मुझे अपना एक हाथ गायक के गले पर रखना भी अच्छा लगता था। अपनी दृष्टि और श्रवण-शक्ति खोने से पहले मैं बात करना जल्दी सीखने लगी थी; लेकिन मेरी बीमारीक े बाद यह पता चला कि मेरा बोलना इसलिए बंद हो गया, क्योंकि मैं सुन नहीं सकती थी। मैं सारे-सारे दिन अपनी माँ की गोद में बैठी रहती थी और अपना हाथ माँ के चेहरे पर रखे रहती थी, क्योंकि उसके होंठों की क्रिया को महसूस करने में मुझे आनंद आता था और मैं अपने होंठ भी हिलाती थी; हालाँकि मैं भूल चुकी थी कि बात करना क्या होता है। —इसी आत्मकथा से हेलन कीलर इस रूप में प्रेरणाप्रद हैं कि बोल-सुन-देख न पाने के बावजूद उन्होंने अद्भुत जिजीविषा, लगन, परिश्रम व साहस के बल पर जीवन जिया—एक सार्थक जीवन। और विश्व को दिखा दिया कि शारीरिक अक्षमता होते हुए भी व्यक्ति अगर ठान ले तो चुनौतीपूर्ण जीवन भी आसानी से जिया जा सकता है। विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य रखने और साहस दिखाने का अनुपम उदाहरण बनी हेलन कीलर के जीवन से हम प्रेरणा लें तो इस पुस्तक का प्रकाशन सार्थक होगा।"
Vaigyanik Sant Dr. Kalam
- Author Name:
Lakshman Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alava
- Author Name:
Himanshu Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rochak Ganit
- Author Name:
Shriniwas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Zimmedari Ki Shakti
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: "यदि हम सभी अपनी सोचने की दिशा तथा अपनी आदतों में परिवर्तन करें तो हमारी जिंदगी की दशा और दिशा, दोनों में परिवर्तन हो सकता है। किसी ने सच ही कहा है, ‘ईश्वर चुनता है कि हम किन परिस्थितियों से गुजरेंगे, परंतु हम चुनते हैं कि हम इन परिस्थितियों से कैसे गुजरेंगे।’ जिस तरह एक अँधेरे कमरे में अँधेरा भगाने के लिए प्रकाश लाना आवश्यक है, उसी प्रकार जिंदगी से उदासी, दु:ख, जलन, क्रोध, तनाव आदि को दूर करने के लिए हमें अपना मानसिक स्विच ऑन करना होगा, जिससे हम अपनी सोच एवं आदतों में परिवर्तन करके अपने जीवन को सुखमय बना सकें; और हम व हमारा परिवार ईश्वर की बनाई इस खूबसूरत सृष्टि का भरपूर आनंद ले सकें। अब सवाल यह है कि सोच में परिवर्तन कैसे लाया जाए? उसका एक तरीका, जो समझ में आता है, वह है—अपनी वर्तमान गतिविधियों, आदतों एवं सोच के प्रति जागरूकता पैदा करना; और इसी जागरूकता को पैदा करने की पहल इस पुस्तक में की गई है। इसे पढ़ें और आनंद के साथ वह सब हासिल करें, जो आप करना चाहते हैं। "
Share Bazar Mein Safal Kaise Hon?
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Royal to Public Life
- Author Name:
Vijayaraje Scindia +1
- Book Type:

- Description: I felt that to remain in politics and keep fighting for the principles was my calling. So, I thought that working with the people of similar ideology might be more fruitful. I felt affinity with those parties which were neither corrupt nor power-drunk…. Ideologically, I found myself close to Jana Sangh and Swatantra Party. I was in a dilemma to choose between the two. So, I decided to contest the election on the ticket of both these parties. I became candidate of Jana Sangh from Karera constituency of Madhya Pradesh Assembly. Tihar is not a jail, it is hell on earth. And those people were pushed in this hell whose penance threatened to dethrone Indiraji. There were piles of filth at different places in Tihar jail. It would make the inside air polluted which was stifling. While eating one had to constantly drive away the flies with one’s hands. The ears would be abuzz with the sounds of insects. In the darkness the brooch would glow and crickets would speak. Life was difficult. But despite that we would have sound sleep. Ayodhya is not a city made of bricks and mortars. It is a symbol of India’s soul and national identity. That’s why when the Rath Yatra was taken out, Hindus and Muslims participated in it alike. This national integration caused heart burns to those vested interests that were in the habit of taking the advantage of social division.
SHIKSHA JAGAT KI KAHANIYAN
- Author Name:
Giriraj Sharan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sansad Mein Nitin Gadkari (2017-2019)
- Author Name:
Rakesh Shukla
- Book Type:

- Description: मैं पहली बार 2014 में नागपुर से लोकसभा सांसद चुना गया। इससे पहले मैं महाराष्ट्र विधान परिषद् में 1989 से लगातार 20 वर्ष तक सदस्य रहा हूँ। वर्ष 1995 में 1999 तक मैंने महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण मंत्री का कार्यभार भी सँभाला है। विधायिका और प्रशासन में काम करने का लंबा अवसर मिला। लोकसभा सदस्य के नाते एवं केंद्रीय मंत्री के रूप में मैंने संसदीय कार्य में अपना भरपूर योगदान देने का प्रयास किया है। पिछले पाँच साल में कई महत्त्वपूर्ण विधेयक मेरे द्वारा संसद् में प्रस्तुत किए गए। कई महत्त्वपूर्ण विधेयक पारित भी हुए हैं। दोनों सदनों में प्रश्नोत्तरकाल में मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों की ओर से उठाई गई समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। इसी दृष्टिकोण के साथ मैंने सभी दल के सांसदों की क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से लेकर उसे सुलझाने का प्रयास किया। इस पाँच साल की अवधि में मुझे नमामि गंगा, जल संसाधन और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी अल्पावधि के लिए मिली थी। मेरी कोशिश रही कि इन सभी मंत्रालयों के कामकाज की सही जानकारी से प्रत्येक सदस्य अवगत रहे। यह पुस्तक संसद् में मेरे द्वारा किए गए प्रयासों का संकलन है। संकलन का कार्य दो भागों में किया गया है। 2014 से 2016 तक का पहला खंड आ चुका है। इस खंड में 2017 से 2019 तक के संसदीय कार्यों का ब्यौरा है। मैं समझता हूँ कि इस संकलन से मुझे भविष्य में प्रेरणा मिलती रहेगी। इस प्रयास के लिए संपादक एवं प्रकाशक को मेरी हार्दिक शुभेच्छाएँ। यह केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरीजी के संसदीय कामकाज का संकलन है। पिछले पाँच सालों में सड़क परिवहन, पोत परिवहन, जल संसाधन और नमामि गंगा मंत्रालय में कई महत्त्वपूर्ण काम हुए हैं। उनके काम करने के तरीके में रचनात्मक सोच तथा नए तकनीकी प्रयोग के बेजोड़ उदाहरण सामने आए हैं, जिन्हें सँजोना आवश्यक लगा। देश ने पाँच वर्ष में एक्सप्रेस-वे और जलमार्ग से यात्रा की परिकल्पना को साकार होते देखा है। यह संकलन इस उद्देश्य से किया गया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सक्षम एवं समृद्धशाली भारत बनाने की दिशा में किए गए सतत प्रयासों में ये तथ्य साक्ष्य के रूप में कारगर भूमिका निभाएँगे। संसद् में सड़क परिवहन और जल परिवहन से संबंधित कई विधेयक प्रस्तुत किए गए। इनमें विकास व रोजगार के साथ-साथ मानवीय पक्ष भी रहा है, जैसे मोटर व्हीकल एक्ट (संशोधन) विधेयक लाने के पीछे उद्देश्य देश में हर साल होनेवाली पाँच लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है; वाराणसी से हल्दिया (कोलकाता) तक जलमार्ग को मूर्त रूप देना। 2014 से 2019 के बीच श्री गडकरी ने संसद् में जो कहा, उसे पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया। कुंभ-2019 के पहले उनकी तरफ से गंगा जल की निर्मलता के लिए किया गया अथक प्रयास सार्थक साबित हुआ। पिछले पाँच साल में गडकरीजी ने राष्ट्र विकास के विजन को जिस मिशन के तहत किया है, वह देश की उन्नति के लिए मील का पत्थर बनेगा।
Kuchh Musafir Sath The
- Author Name:
Rajendra Rao
- Book Type:

- Description: इन दिनों हिंदी साहित्य में कथेतर गद्य को महत्त्व की दृष्टि से देखे जाने की प्रवृत्ति जोर पकड़ रही है और उसमें पाठकों की रुचि निरंतर अनुभव की जा रही है। कुछ अभिनव प्रयोग भी किए जा रहे हैं। वरिष्ठ कथाकार राजेंद्र राव ने संस्मरण, स्मृति-लेख और रेखाचित्र जैसी विधाओं की त्रिवेणी को कथात्मक संस्मरण के रूप में प्रस्तुत करकेकथा और कथेतर के बीच की फाँक को न्यूनतम करने का एक सफल रचनात्मक प्रयास किया है, जो कथात्मक संस्मरणों के इसअत्यंत पठनीय संकलन में द्रष्टव्य है। इनके बारे में लेखक का कहना है, स्मृति जैसे रंग-बिरंगे फलों से लदा वृक्ष है। इनमें कुछ मीठे हैं, कुछ खट्टे और कुछ कड़वे भी, मगर बेस्वाद कोई नहीं है। इनमें से कुछ को स्वाद की तीव्रता के क्रम से हम यादों में सँजोए रखते हैं कहानियों के रूप में। हर याद रह गए चेहरे के पीछे एक या एक से अधिक कहानी/कहानियाँ होती हैं। स्मृति-पटल पर गहरे खुदे व्यक्तियों के ये रेखाचित्र/संस्मरण न होकर उनकी कहानियाँ हैं। साप्ताहिक हिंदुस्तान और धर्मयुग में प्रकाशित राजेंद्र राव की धारावाहिक कथा-शृंखलाएँ ‘सूली ऊपर सेज पिया की’, ‘कोयला भई न राख’ और ‘हम विषपायी जनम के’ अत्यंत चर्चित और लोकप्रिय रही हैं। विश्वास है, कथात्मक संस्मरणों के इस सिलसिले का भी भरपूर स्वागत होगा।
Multiple City Writings on Bangalore
- Author Name:
Aditi De
- Book Type:

- Description: Founded by the chieftain Kempe Gowda around 1537, the story of Bangalore has no grand linear narrative. The location has revealed different facets to settlers and passers-through. The city, the site of bloody battles between the British and Tipu Sultan, was once attached to the glittering court of Mysore. Later, it became a cantonment town where British troops were stationed. Over time, it morphed into a city of gardens and lakes, and the capital of Indian scientific research. More recently, it has been the hub of India’s information technology boom, giving rise to Brand Bangalore, an Indian city whose name is recognized globally. Hidden beneath these layers lies a cosmopolitan city of sub-cultures, engaging artists and writers, young geeks and students. People from every corner of India and beyond now call it home. In this collection of writings about a multi-layered city, there are stories from its history, translations from Kannada literature, personal responses to the city’s mindscape, portraits of special citizens, accounts of searches for lost communities and traditions, among much more. U.R. Ananthamurthy writes about Bangalore’s Kannada identity; Shashi Deshpande maps the city through the places she has lived in since she was a young girl; Anita Nair draws a touching portrait of a florist who celebrates the glories of the Raj; Ramachandra Guha describes his close bond with Bangalore’s most unusual bookseller; and Rajmohan Gandhi recounts the Mahatma’s trysts with the city. From traditional folk ballads to a nursery rhyme about Bangalore, from poems to blogs, from reproductions of turn of the twentieth century picture postcards to cartoons, Multiple City is the portrait of a metropolis trying to retain its roots as it hurtles into the future.
Main Nastik Kyon Hoon? (Hindi Translation of Why I Am An Atheist?)
- Author Name:
Bhagat Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajgondon Ki Vanshgatha
- Author Name:
Shivkumar Tiwari
- Book Type:

-
Description:
गोंड राजवंश का उदय कल्चुरियों या हैहयवंशी राजवंश के अस्त होने पर हुआ। गोंड राजवंश के प्रारम्भिक राजा स्वतंत्र राजा थे। इनके राजकाल के ऐतिहासिक साक्ष्य तब से मिलने प्रारम्भ होते हैं जब भारत में लोदीवंश का शासन था। इन प्रारम्भिक स्वतंत्र गोंड राजाओं का जीवन चरित लेखक ने राजकमल प्रकाशन द्वारा वर्ष 2008 में प्रकाशित ग्रन्थ ‘चरितानि राजगोंडानाम्’ में लिपिबद्ध किया था। करद राजाओं का जीवन चरित ‘राजगोंडों की वंशगाथा’ ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत
है।
इस वृत्तान्त में गढ़ा कटंगा राज्य की उन सभी पीढ़ियों के राजाओं की जिजीविषा की कहानियाँ हैं, जिन्होंने मुग़लकाल के पश्चात् मराठा काल तक राज्य किया। ये गाथाएँ मानवीय विश्वास, संवेदना और कर्मठता के अतिरिक्त चार से अधिक शताब्दियों की कालावधि में हुए मानवीय विकास की कथाएँ हैं। ये जनजातीय राजे अपने विकासक्रम में निरक्षर, अपढ़ या गँवार नहीं रहे, न ही ये सर्वथा ऐकान्तिक रहे वरन् इनमें से अनेक साहित्यानुरागी, कलाप्रेमी और समकालीन राजनीति के खिलाड़ी भी रहे। ऐसे राजाओं में हृदयशाह का नाम उल्लेखनीय है। ग्रन्थ के पूर्वार्द्ध में राजगोंड कुलभूषण हृदयशाह की दो आगे की और दो पीछे की पीढ़ियों का वर्णन है। इन सभी पीढ़ियों में उनका व्यक्तित्व बेजोड़ है।यह पुस्तक निश्चित ही न तो इतिहास विषय का ग्रन्थ है और न ही सामाजिक शोध-प्रबन्ध, अतः इसकी अकादमिक उपयोगिता को बढ़ाने से सम्बन्धित किसी प्रयास की चर्चा बेमानी है। प्रयास यह रहा है कि कहानियों में ऐतिहासिकता अक्षुण्ण रहे, कल्पना प्रसूत पात्र एवं घटनाएँ यथासम्भव कम से कम हों। प्रत्येक ऐतिहासिक घटना को अलग-अलग इतिहासकार अपने नज़रिए से देखते हैं, परन्तु कहानी में घटना को किसी एक ही नज़रिए से देखा जा सकता है, यह उसकी सीमा है और आवश्यकता भी। सामान्य तौर पर कथाओं में वे घटनाएँ चुनी गई हैं जिनसे सर्गों की सूत्रबद्धता क़ायम रहे, परन्तु साथ ही वे सम्बन्धित राजाओं के जीवन की मुख्य घटनाएँ हों।
Covid-19 : Zindagi-20
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: संक्रमण समाज को त्रस्त और भ्रमित कर रहा था। पूरा विश्व अपनी तरह से जूझ रहा था। भारत भी, भारतवासी भी। सबसे कठिन परीक्षा की घड़ी समाज-सेवी, राजनीतिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों की थी और हर व्यक्ति कोरोना से अपनी ताकत से जूझ रहा था। मृदुलाजी ने कलम उठाई और कलम को हथियार बना लिया, अपने ढंग से कोरोना से लड़ने के लिए; उसी का प्रतिफल है यह उपन्यास। ग्रामीण अंचल में मुखिया की बूढ़ी माँ ने अपने बेटे को आयुर्वेद से ठीक किया तो शहर में नव-नियुक्त डॉ. मयंक और डॉ. माला की शिक्षा से ज्यादा उनका संस्कार कोरोना से लड़ने में काम आने लगा। अस्पताल के अंदर-बाहर की घटनाओं का विस्तृत वर्णन और पैदल घर लौटते मजदूरों की यात्रा-गाथा है। एक धागा कोरोना का पिरो गया 138 करोड़ को। अनंत अनुभव सबके साझे से। भारत ने इससे पहले शायद ही कभी देखा हो, कोई भी ऐसा अनुष्ठान, जिसमें सब शामिल हो, जो सबको छूता हो, ‘न भूतो, न भविष्यति’।
The Sautar
- Author Name:
Dr. Birendra Prasad
- Book Type:

- Description: home English BooksOther The Sautar: In Search of Identity and Livelihood by Dr. Birendra Prasad (Book in English)The Sautar: In Search of Identity and Livelihood by Dr. Birendra Prasad (Book in English)The Sautar: In Search of Identity and Livelihood by Dr. Birendra Prasad (Book in English) The Sautar: In Search of Identity and Livelihood by Dr. Birendra Prasad (Book in English) ₹300 In stock We provide FREE Delivery on orders over ₹1500.00 DeliveryUsually delivered in 5-6 days. AuthorDr. Birendra Prasad (IAS) Features ISBN : 9789355217561 Language : English ...more NEW RELEASES More Information Author Dr. Birendra Prasad (IAS) ISBN 9789355217561 Language English Publisher Prabhat Prakashan Publication Year 2023 Number of pages 140 Binding Style Soft Cover Weight 155 Grams Description Sautar is an indigenous tribe residing mainly in West Bengal, Bihar, Jharkhand and Assam. Sautars belong to the Proto-Australoid racial group. Both men and women of the Sautar community are masters in archery. They are often considered a martial community by the masses. Since they are skilled fighters, they were often hired by the commoners during fights. Due to this practice, several Sautars were killed. In Bihar, Sautar is one of the major communities, forming a majority of the state's tribal population. The Sautar mostly speak Sautari, a member of the Munda language family. In Bihar, the Sautars are mostly landless. Though, some people from the tribe engage themselves in agriculture. This community has fallen prey to ignorance in the process of socialisation. The ignorance of the Sautar community developed gradually when most of their people were converted to Christianity. Some also became followers of Chauvinism. Due to this religious conversion, their original beliefs and culture got destroyed. In the cultural structure of India, the cultural identity and values of Sautars were ignored. This book is an attempt by the author to present the few aspects and facts behind the problems being faced by this community.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book