Thake Paon Se Barah Kos (Stories)
Author:
Neeraj NeerPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9788196355340
Pages: 152
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Bhasha Sanshay-Shodhan
- Author Name:
Kamlesh Kamal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khatte-Meethe Se Rishte
- Author Name:
Garima Sanjay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ambedkar & Modi
- Author Name:
Bluekraft Digital Foundation
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Doctor, Main Kya Karoon?
- Author Name:
Dr. Binda Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali Class 9 To 10 Samajik Vigyan 20 Practice Sets Based on SCERT And NCERT With Latest Solved Paper Tre 4.0
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jannayak Tantya Bheel
- Author Name:
Baba Bhand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Teacher Recruitment Class 6 to 8 Samanaya Adhyayan (General Studies) 20 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Zindagi Wo, Jo Aap Banayen "जिंदगी वो जो आप बनाएँ" Hindi Translation of Life Is What You Make It | Such A Story of Love, Hope And Faith Who Defeated Destiny
- Author Name:
Preeti Shenoy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Young India
- Author Name:
Lala Lajpat Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhoop Khulkar Nahin Aati
- Author Name:
Jai Prakash Shriwastav
- Book Type:

- Description: This book has no description
Bindas Baboo Ki Diary
- Author Name:
Sudhish Pachauri
- Book Type:

- Description: यहाँ ‘बिंदास बाबू की डायरी’, क्रमिक देने के दो-तीन मन्तव्य हैं। एक तो यही कि वे डेढ़-दो महीने, जब भारतीय जनता ने अपने वोट से सत्ता में रहकर इतराई हिन्दुत्ववादी-अवसरवादी ब्रिगेड को सत्ता से वंचित कर डाला, उस दौर की दैनिक बड़ी घटनाओं की ख़बर लेते हुए, उनका एक प्रकार का रोज़नामचा-सा तैयार करना स्वयं इस लेखक के लिए एक ख़ास अनुभव रहा है। इस अनुभव को बाँटना ज़रूरी लगा। वे लोग जो रेडियो माध्यम को गम्भीरता से लेते हैं, उसमें कुछ करना चाहते हैं, शायद वे इस तरह की दैनिक तुरन्ता कटाक्ष-वार्ताओं के लेखन के नमूने देख सकें। इस प्रक्रिया में काम करनेवाले अनुभवों को पहचान सकें और इस अनमोल रेडियो विद्या को थोड़ा और समृद्ध बना सकें। दूसरा मन्तव्य यह समझना-समझाना रहा कि इस तरह दैनिक क़िस्म का, क्षणिक-सा, बेहद टाइट समय के भीतर जो चलित वृत्तान्त बनता है, वह किन दबावों, तनावों, भाषायी क्षमता और प्रत्युत्पन्नमति की, इंप्रोवाइजेशन की ज़रूरतों की दरकार रखता है? और फिर यह जताना-बताना भी ज़रूरी है कि बीबीसी रेडियो सेवा एक बेहद पॉपुलर, प्रयोगधर्मी सेवा भी है, जो अपने को अग्रणी रखने के लिए चुनौती-भरे प्रयोग कर सकता है। आल इंडिया रेडियो यानी आकाशवाणी वार्ताकार को क्या इतनी छूट दे सकता है? एफ़एम चैनलों पर प्रस्तुतियों में कुछ चैनल टपोरी भाषा का उपयोग करते हैं, उसमें सेक्सी व्यंजनाएँ या लंपट व्यंजनाएँ ज़्यादा होती हैं। वे कमज़ोर पर हँसते हैं। ताक़तवर पर नहीं हँसते। वे बॉलीवुड से मज़ाक़ कर लेते हैं ताकि ‘प्रमोट’ कर सकें। लेकिन वे सत्तावादी राजनीतिक विमर्श का मज़ाक़ सीधे-सीधे नहीं उड़ा सकते। बीबीसी यह कर सकता है। यह देख तोष होता है कि रेडियो प्रसारण में उससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है। सत्तावादी राजनीतिक विमर्श पर केन्द्रित ये व्यंग्य-वार्ताएँ पाठकों के लिए इसलिए महत्त्वपूर्ण हैं कि कुछ नया जानने-समझने को नए द्वार खोलती हैं।
Aamool Kranti Ka Dhwaj-Vahak Bhagatsingh
- Author Name:
Ranjit
- Book Type:

- Description: भगतिंसह को यदि मार्क्सवादी ही कहना हो, तो एक स्वयंचेता या स्वातंत्र्यचेता मार्क्सवादी कहा जा सकता है। रूढ़िवादी मार्क्सवादियों की तरह वे हिंसा को क्रान्ति का अनिवार्य घटक या साधन नहीं मानते। वे स्पष्ट शब्दों में कहते हैं—‘क्रान्ति के लिए सशस्त्र संघर्ष अनिवार्य नहीं है और न ही उसमें व्यक्तिगत प्रतिहिंसा के लिए कोई स्थान है। वह बम और पिस्तौल का सम्प्रदाय नहीं है।’ अन्यत्र वे कहते हैं—‘हिंसा तभी न्यायोचित हो सकती है जब किसी विकट आवश्यकता में उसका सहारा लिया जाए। अहिंसा सभी जन-आन्दोलनों का अनिवार्य सिद्धान्त होना चाहिए।’ आज जब भगतसिंह के समय का बोल्शेविक ढंग समाजवाद मुख्यत: जनवादी मान-मूल्यों की निरन्तर अवहेलनाओं के कारण, समता-स्थापन के नाम पर मनुष्य की मूलभूत स्वतंत्रता के दमन के कारण, ढह चुका है, यह याद दिलाना ज़रूरी लगता है कि स्वतंत्रता उनके लिए कितना महत्त्वपूर्ण मूल्य था। स्वतंत्रता को वे प्रत्येक मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार घोषित करते हैं। क्योंकि वे अराजकतावाद के माध्यम से मार्क्सवाद तक पहुँचे थे, इसलिए स्वतंत्रता के प्रति उनके प्रेम और राजसत्ता के प्रति उनकी घृणा ने उन्हें कहीं भी मार्क्सवादी जड़सूत्रवाद का शिकार नहीं होने दिया।
JSSC JTPTCCE Prathmik Shikshak Bharti Pareeksha Hindi Paper-II
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sundar Pichai : Google Ka Bhavishya
- Author Name:
Jagmohan S. Bhanver
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 4.0 Bihar Shikshak Bahali Class 11 To 12 History (Itihas) Higher Secondary School Teacher | 20 Practice Sets with Latest Solved Papers | Based on NCERT & SCERT Syllabus - Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPTET VASTUNISTH SHRINKHLA HINDI BHASHA PAPER-I EVAM PAPER-II
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HINDI SANYUKTA AKSHAR GYAN
- Author Name:
Mahesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sherlock Holmes Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description: होम्स ने घंटी बजाते हुए जवाब दिया, ‘‘कुछ ठंडा मीट और एक गिलास बियर हो जाए, मैं इतना व्यस्त था कि मैं खाने के बारे में सोच भी न सका और मेरी आज की शाम के भी व्यस्त रहने की संभावना है। डॉक्टर, मुझे तुम्हारे साथ की जरूरत होगी।’’ ‘‘मुझे इसमें खुशी होगी।’’ ‘‘तुम्हें कानून तोड़ना बुरा तो नहीं लगेगा?’’ ‘‘बिलकुल नहीं।’’ ‘‘गिरफ्तार होने की संभावना से भी नहीं?’’ ‘‘अच्छे कारण के लिए, बिलकुल नहीं।’’ ‘‘हाँ, कारण तो बहुत ही अच्छा है।’’ ‘‘तब तो मैं तुम्हारा ही आदमी हूँ।’’ ‘‘मुझे यकीन था कि मैं तुम पर भरोसा कर सकता हूँ।’’ ‘‘मगर, तुम चाहते क्या हो?’’ —इसी संग्रह से शेरलॉक होम्स की कहानियाँ दुनिया भर में जासूसी और साहसिक कारनामों के लिए जानी जाती हैं। कहानी के अंत तक रोमांच तथा सस्पेंस बना रहता है। बेहद पठनीय एवं रोमांच से भरपूर सर आर्थर कॉनन डॉयल सृजित पात्र शेरलॉक होम्स की लोकप्रिय कहानियों का पठनीय संग्रह।
Mamta’r Maha Tandav : KATRACCHE BANGLA (Bangla)
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amritkaal Mein Swarnim Yatra Par Bharat
- Author Name:
Suresh Rungta
- Book Type:

- Description: "विगत दशक में भारत के विकास का जो मॉडल उभरकर सामने आया, उसमें एक विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इर्दगिर्द घूमता है, जो आशा और उम्मीदों से भरपूर, आर्थिक आकांक्षाओं के संदर्भ में प्रगतिशील है, जो लोगों के जीवन स्तर में लगातार सुधार के लिए प्रयासरत रहने की बात करता है। दूसरा विचार राहुल गांधी का है, जिसमें नाउम्मीदी है, आर्थिक प्रगति में ठहराव है तथा देश की अधिकांश जनता के जीवन को दुरूह बनाने वाला है। कर्मठ नेतृत्व हर उस देश को एक ऐसा मौका उपलब्ध करवाता है, जब वह अपनी विकास यात्रा को कई गुणा आगे बढ़ा सकता है। एक तरह से यह उस देश का स्वर्णिम युग (अमृतकाल) होता है। भारत के इतिहास में यह एक ऐसे दौर के रूप में याद किया जाएगा, जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक बड़ी छलाँग लगाने जा रहा है। पटना से प्रकाशित होने वाले दैनिक अखबारों तथा कुछ मासिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए आलेखों का संकलन इस पुस्तक में है। समयसमय पर लिखे गए ये आलेख तत्कालीन घटनाओं, संदर्भों एवं मुद्दों पर आम नागरिकों को सच्चाई से परिचित कराते हैं। कई आलेखों में नीतिगत प्राथमिकताओं के कुछ ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित करने की कोशिश की गई है, जो अर्थव्यवस्था की वर्तमान विकास की दर को बरकरार रखते हुए 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने की प्रेरणा का वाहक बन सके।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book