Maharana Pratap
(0)
₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
स्वाधीनता संघर्ष के विश्ववंद्य, अतुलनीय, अपराजित योद्ठा महाराणा प्रताप के सफल संघर्ष की वास्तविक कथा इतिहास-प्रंथों में दर्ज होने के बावजूद अनेक काल्पनिक कथाओं के द्वारा उसे धूमिल करने का प्रयास ही किया गया है । इस प्रामाणिक पठनीय उपन्यास में घास की रोटी खाने, हल्दीघाटी युद्ध में शक्तिसिंह द्वारा प्राणरक्षा, युद्ध में जय-पराजय विवाद, भामाशाह द्वारा स्वयमोपार्जित अपार धन प्रदान करने जैसे अनेक जनप्रवादों का सच पर्याप्त शोध के पश्चात् सामने लाने का प्रयास किया गया है। बचपन से युवावस्था तक पिता महाराणा उदयसिंह की घोर उपेक्षा के शिकार रहने के बावजूद प्रताप के किशोरावस्था में ही अपने शौर्य प्रदर्शन से लेकर महाराणा बनने में आए व्यवधान जैसे दर्जनों अज्ञात प्रकरण पुस्तक में होने के कारण पाठक को महाराणा प्रताप के अकल्पनीय संघर्ष की सच्चाई से अवगत होने का अवसर मिलेगा। उनके द्वारा आविष्कृत 'छापाकार युद्ध के द्वारा आठ वर्षों तक प्रलयंकारी मुगल आक्रमणों के प्रतिकार में मिली सफलता के कारण विश्व भर में इस पद्धति का अनुसरण होता रहा । भारतवर्ष के गौरव महाराणा प्रताप के दुर्धष संघर्ष, अप्रतिम संकल्पशक्ति और अपरिमेय जिजीविषा का यह प्रेरक विवरण हमारे वीर और प्रतापी सम्राटों के पराक्रम, साहस और शौर्य का जयघोष करेगा।
Read moreAbout the Book
स्वाधीनता संघर्ष के विश्ववंद्य, अतुलनीय, अपराजित योद्ठा महाराणा प्रताप के सफल संघर्ष की वास्तविक कथा इतिहास-प्रंथों में दर्ज होने के बावजूद अनेक काल्पनिक कथाओं के द्वारा उसे धूमिल करने का प्रयास ही किया गया है ।
इस प्रामाणिक पठनीय उपन्यास में घास की रोटी खाने, हल्दीघाटी युद्ध में शक्तिसिंह द्वारा प्राणरक्षा, युद्ध में जय-पराजय विवाद, भामाशाह द्वारा स्वयमोपार्जित अपार धन प्रदान करने जैसे अनेक जनप्रवादों का सच पर्याप्त शोध के पश्चात् सामने लाने का प्रयास किया गया है।
बचपन से युवावस्था तक पिता महाराणा उदयसिंह की घोर उपेक्षा के शिकार रहने के बावजूद प्रताप के किशोरावस्था में ही अपने शौर्य प्रदर्शन से लेकर महाराणा बनने में आए व्यवधान जैसे दर्जनों अज्ञात प्रकरण पुस्तक में होने के कारण पाठक को महाराणा प्रताप के अकल्पनीय संघर्ष की सच्चाई से अवगत होने का अवसर मिलेगा।
उनके द्वारा आविष्कृत 'छापाकार युद्ध के द्वारा आठ वर्षों तक प्रलयंकारी मुगल आक्रमणों के प्रतिकार में मिली सफलता के कारण विश्व भर में इस पद्धति का अनुसरण होता रहा । भारतवर्ष के गौरव महाराणा प्रताप के दुर्धष संघर्ष, अप्रतिम संकल्पशक्ति और अपरिमेय जिजीविषा का यह प्रेरक विवरण हमारे वीर और प्रतापी सम्राटों के पराक्रम, साहस और शौर्य का जयघोष करेगा।
Book Details
-
ISBN9789393111470
-
Pages216
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Gata
- Author Name:
Asha Raghu
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಲೇಖಕಿ ಆಶಾ ರಘು ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ-ಗತ. ಪುನರ್ಜನ್ಮ ಎಂಬ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯು ಭಾರತೀಯರ ಜನಜೀವನದಲ್ಲಿ ಅತ್ಯಂತ ಪ್ರಾಚೀನ. ಪುನರ್ ಜನ್ಮದ ನಂಬಿಕೆ ಆಳವಾಗಿ ಬೇರೂರಿದೆ. ಪುನರ್ಜನ್ಮವು ಇಲ್ಲ. ಜನರ ಧಾರ್ಮಿಕ ಭಾವನೆಗಳನ್ನು ಶೋಷಿಸಲು ಕೆಲವರು ಸೃಷ್ಟಿಸಿದ ತಂತ್ರ ಎಂದು ಹಳಿಯುವವರು ಇದ್ದಾರೆ. ಆದರೆ, ವ್ಯಕ್ತಿಯ ಮರಣ ನಂತರ ಆತ್ಮ ಇಲ್ಲವೇ ಜೀವ ಯಾರ ಕಣ್ಣಿಗೂ ಕಾಣಿಸದೇ ಹೋಗಿ ಮತ್ತೊಂದು ದೇಹದಲ್ಲಿ ಸೇರಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ. ದೇಹ ನಶ್ವರ. ಆದರೆ, ಆತ್ಮವಲ್ಲ ಎಂಬ ಭಾವನೆಯು ಪುನರ್ಜನ್ಮದ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯನ್ನು ಜನರು ನಂಬುವಂತೆ ಮಾಡಿದೆ. ಈ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟು ಆರಂಭವೂ ಅಲ್ಲ; ಸಾವು ಅಂತಿಮವೂ ಅಲ್ಲ. ಇಂತಹ ಕುತೂಹಲ ಹಾಗೂ ನಿಗೂಢ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಗಳನ್ನು ವಸ್ತುವಾಗಿಸಿಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿ ಇದು.
Dwandw Kahan Tak Pala Jaye
- Author Name:
Aditya Shrivastava
- Book Type:

- Description: This book has no description
Agnisakshi
- Author Name:
K.K.Nair +1
- Book Type:

- Description: Agnisakshi (meaning, With Fire As Witness) is a Malayalam novel written by Lalithambika Antharjanam. Originally serialised in Mathrubhumi Illustrated Weekly, it was published as a book by Current Books in 1976. It tells the story of a Nambudiri woman, who is drawn into the struggle for social and political emancipation but cannot easily shake off the chains of tradition that bind her. The novel was concerned with implied criticism of aspects of social structure and behaviour. Thethikutty (Devaki or Sumitarananda) is married to Unni Nambudiri of the well-known Brahmin family named Manampilly Illam. He is young, virtuous, and loving but too orthodox to be the husband of a woman with Thethikutty's views. Feeling frustrated, Thethikutty leaves him once and forever and reaches her paternal home. Unni lives the life of a piety, is branded as an eccentric and dies. Thethikutty, meanwhile, finds no peace anywhere. At last, in the Himalayas, she meets her old friend and Unni's half-sister, the sixty-year-old Mrs K.M.K. Nair (Thankam). She finds her unborn son in Mrs. Nair's son and hands over her wedding pendant to her daughter with the request to cherish it with due regard.
Swadesh
- Author Name:
Mamta Chandrashekhar
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक उपन्यास है, जो यथार्थ के पंख लगाकर काल्पनिकता के धरातल पर एक सशक्त भारत की आधारशिला रखता है। 16 भागों में विभाजित इस उपन्यास में एक ऐसे सेवानिवृत्त प्राध्यापक की जिद में लिपटी जीवंतता को समेटा गया है, जो बौद्धिक प्रतिभा पलायन (brain drain) के बहाव को रोकना अपना राष्ट्रधर्म मानते हैं। वैश्विक पटल पर भारतमाता के सम्मान की जीवंत गाथा को अमरत्व प्रदान करने के लिए नवयुवकों को स्वदेश में रहने के लिए एक वातावरण की संरचना करने का नवाचार करते हैं। वह शैक्षणिक संस्थाओं, नवयुवकों व भारतीय परिवारों की चिर-परिचित मान्यताओं को अपने लक्ष्य के अनुरूप ढालने की चुनौती का सामना करते हैं। जनसामान्य की मानसिकता को परिवर्तित करने के लिए संघर्ष करते हैं। उनका मानना है, भौतिक सुख-सुविधाओं की चाह में स्वदेश छोड़ परदेश की ओर आकर्षित होते नवयुवक विदेशी राज्यों का माथा ऊँचा करते हैं। वे वहाँ पर उस हुनर का इस्तेमाल करते हैं, जिसे भारतमाता ने अपने आँगन के संस्कारों से पोषित किया है, अपनी खाद-पानी से सिंचित किया है। प्राध्यापक अपना शेष जीवन स्वदेश आंदोलन को समर्पित कर देते हैं ताकि भारतमाता के माथे से पिछड़े राष्ट्र के चिह्न को मिटा सकें और बुढ़ापे से जूझते बूढ़े माँ-बाप को वृद्धाश्रम में न रहना पड़े; उन्हें परदेश में रहनेवाली अपनी संतान का मुँह देखे बिना तड़प-तड़पकर न मरना पड़े। अपनों से अपनों का अपनत्व बना रहे। इसके लिए प्रोफेसर एक मिशन छेड़ते हैं ‘स्वदेश’।
Enna Bhavada Keedu
- Author Name:
S Surendranath
- Rating:
- Book Type:

- Description: ನಾಟಕಕಾರರೂ, ಬರಹಗಾರರೂ ಆದ ಎಸ್. ಸುರೇಂದ್ರನಾಥ್ ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ ’ಎನ್ನ ಭವದ ಕೇಡು’. ಓದುಗರ ಜೊತೆಯಲ್ಲೇ ನಿರಂತರವಾಗಿ ಸಾಗುವ ಕಾದಂಬರಿಯ ಪಾತ್ರ, ಊರಿನ ಚಿತ್ರಣ, ಜನ, ಅವರ ತಲ್ಲಣಗಳು, ಆತಂಕಗಳು, ಹೀಗೆ ಅನೇಕ ಸಂಗತಿಗಳು ಓದುಗರ ಅನುಭವದ ಭಾಗವಾಗುತ್ತದೆ. ಕಾದಂಬರಿ ಸಾಗುತ್ತಾ ಓದುಗರ ನಡುವಿನ ಚರಿತ್ರೆಯಾದಂತೆ ಮನದಲ್ಲಿ ಬೇರೂರಿ ನಿಲ್ಲುತ್ತದೆ. ಎನ್ನ ಭವದ ಕೇಡು ಕಾದಂಬರಿಯ ಮುಖ್ಯ ಪಾತ್ರಧಾರಿ ಮಾಮಿಯ ಬದುಕಿನ ಅನಾವರಣ ಇಲ್ಲಿ ಪ್ರಮುಖ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸಿದೆ. ಪಾತ್ರದಲ್ಲಿನ ವ್ಯಕ್ತಿತ್ವ, ಮತ್ತು ಅವರ ಬದುಕಿನೊಳಗೆ ಮುಖಾಮುಖಿಗೊಳ್ಳುವ ಅನೇಕ ಸಹಜ ಬದುಕಿನ ಗೊಂದಲ, ವಿಸ್ಮಯ, ತಲ್ಲಣಗಳನ್ನು ಈ ಕಾದಂಬರಿ ತೆರೆದಿಡುತ್ತದೆ.
Ordained by fate
- Author Name:
Avatar Singh Judge
- Rating:
- Book Type:

- Description: English translation of Rajinder Singh Bedi's Award-winning Urdu novel Ek Chadar Maili Si by Avatar Singh Judge.
LOVE WITH BENEFIT
- Author Name:
SARVESH MISRHA
- Book Type:

- Description: Novel
Diya (Illustrated)
- Author Name:
Yogita Warde
- Book Type:

- Description: दीया अब आपके सामने दूसरे संस्करण में उपलब्ध है। पहले संस्करण में दीया को लिटफेस्ट 2020 ऑथर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड और टैगोर कमेम्रटिव ऑनरेरी अवॉर्ड 2021 मिल चुका है। दीया की कहानी एक सच्ची घटना से प्रेरित है। यह कहानी समाज के उन सभी रीति-रिवाजों का खुलासा करती है, जिनका हम बिना किसी आपत्ति के आँखें बंदकर पालन करते आ रहे हैं। इस कहानी में दीया ने अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा। वह सब कुछ सहती रही और खुद से नफरत करती रही। वह क्यों चुप थी? क्या समाज के कारण या परिवार के कारण? क्या वह अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों को रोक पाती है? क्या होता है आगे? क्या वह अपने पति और समाज के खिलाफ आवाज उठा पाती है? क्या हुआ होगा दीया की ज़िंदगी में? उसके जीवन में कितने मोड़ आए? सभी सवालों के जवाबों के लिए जुड़िये इस सफर में दीया के साथ।
Professor Ki Diary
- Author Name:
Dr. Laxman Yadav
- Book Type:

- Description: यह किताब डायरी, नोट्स और टिप्पणियों की शैली में अपने समय की तफ्तीश करती है। इसमें समाज और राजनीति की बड़ी परिघटनाएं हैं तो इसके बीच बनते हुए एक प्रबुद्ध नौजवान की कहानी भी है। यह आज़मगढ़ के पिछड़े किसान परिवार में पैदा होता है। इलाहाबाद और दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ायी करता है। दशक भर से ज़्यादा दिल्ली के एक कॉलेज में अध्यापन करता है। उसके कंधों पर गरीब परिवार की अपेक्षाओं और अपने सपनों का वज़न है। वह अकेला है। वह असमंजस, असुरक्षा और अनिश्चितता से घिरा हुआ है। वह डरा हुआ है। मगर वह किताबों को नौकरी पाने का जरिया नहीं बनाता, उनसे अपने समाज को समझने का नज़रिया हासिल करता है। सत्ताएँ उसे डराती हैं तो वह डरने की बजाय दुस्साहसी होता जाता है। धीरे-धीरे उसकी समझ, दायित्वबोध और लोकप्रियता का दायरा बढ़ता जाता है। वह क्लास के छात्रों से सुदूर ग्रामीण लोगों तक का प्रोफ़ेसर बन जाता है। यह फिक्शनल है, क्योंकि इसमें संज्ञाएँ बदल दी गयी हैं. यह नॉनफ़िक्शन है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति, सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियाँ रत्ती-रत्ती सही हैं। इसमें इसमें कथा, संवाद और सटायर है तो वक्तृता और विश्लेषण की चमक भी। इसमें वह सब है, जो एक पठनीय किताब में होना चाहिए।
Bhoolana
- Author Name:
Chandan Pandey
- Book Type:

- Description: दिनोंदिन भीषण होते समय को भाषा में अंकित करने के संघर्ष को जीनेवाली, चन्दन पाण्डेय की कहानियों का बहुचर्चित संग्रह है—भूलना। हम भूल जाने लगे हैं, बिलकुल सामने बैठे को, जरा-सी दूरी पर वहाँ मरते हुए आदमी को। हमारी आँखें खुली हैं, पर उनके भीतर जो दृश्य नाच रहे हैं वे हमारे भीतर चल रहे विध्वंस के हैं, वे हमें किसी तक ले नहीं जाते, अपने अलावा किसी और का नहीं बनाते, और अपना भी कितना! संग्रह की शीर्षक कहानी उस विनाश का दस्तावेज़ है जिसके बीच हम कुछ भी न देखते, कुछ भी न याद रखते हुए आज आ खड़े हैं। यह अकारण नहीं कि चन्दन पाण्डेय की कथा-भाषा रस का सृजन नहीं करती। एक रचनाकार के रूप में वह इस विनाश को देख पा रहे हैं और उसे पूरा का पूरा इस तरह हम तक पहुँचा देना चाहते हैं कि उसकी निर्णायक भयावहता को हम समझ सकें। संग्रह की पहली कहानी प्रेम की हत्या के बारे में है—एक योजनाबद्ध हत्या—ख़बरिया अर्थ में योजनाबद्ध नहीं—संस्कृति की ज़मीन में दबी प्रेम-विरोध की सुरंगों की योजना जिसको अचूक बनाने पर यह समाज लगातार काम करता रहता है, और अर्थव्यवस्था के हिलते पाये जिसमें अपनी मददगार भूमिका निभाते हैं। इनके अलावा ‘नकार’, ‘परिन्दगी है या नाकामयाब है’, ‘सुनो’ और ‘सिटी पब्लिक स्कूल, वाराणसी’ शीर्षक कहानियाँ पुनः जीवन के किसी हलक़े या उम्र के किसी पड़ाव पर समाज की संरचना में स्वीकृति पातीं विसंगतियों को उनके सभी आयामों के साथ चिन्हित करती हैं। अपने कथाकार की क्षमता को रेखांकित करता यह संग्रह अविस्मरणीय है।
Jahan Ek Jangal Tha
- Author Name:
Madan Mohan
- Book Type:

- Description: Novel
Karmbhoomi
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: प्रेमचंद आधुनिक हिंदी साहित्य के कालजयी कथाकार हैं। कथा-कुल की सभी विधाओं—कहानी, उपन्यास, लघुकथा आदि सभी में उन्होंने लिखा और अपनी लगभग पैंतीस वर्ष की साहित्य-साधना तथा लगभग चौदह उपन्यासों एवं तीन सौ कहानियों की रचना करके ‘प्रेमचंद युग’ के रूप में स्वीकृत होकर सदैव के लिए अमर हो गए। प्रेमचंद का ‘सेवासदन’ उपन्यास इतना लोकप्रिय हुआ कि वह हिंदी का बेहतरीन उपन्यास माना गया। ‘सेवासदन’ में वेश्या-समस्या और उसके समाधान का चित्रण है, जो हिंदी मानस के लिए नई विषयवस्तु थी। ‘प्रेमाश्रम’ में जमींदार-किसान के संबंधों तथा पश्चिमी सभ्यता के पड़ते प्रभाव का उद्घाटन है। ‘रंगभूमि’ में सूरदास के माध्यम से गांधी के स्वाधीनता संग्राम का बड़ा व्यापक चित्रण है। ‘कायाकल्प’ में शारीरिक एवं मानसिक कायाकल्प की कथा है। ‘निर्मला’ में दहेज-प्रथा तथा बेमेल-विवाह के दुष्परिणामों की कथा है। ‘प्रतिज्ञा’ उपन्यास में पुनः ‘प्रेमा’ की कथा को कुछ परिवर्तन के साथ प्रस्तुत किया गया है। ‘गबन’ में युवा पीढ़ी की पतन-गाथा है और ‘कर्मभूमि’ में देश के राजनीति संघर्ष को रेखांकित किया गया है। ‘गोदान’ में कृषक और कृषि-जीवन के विध्वंस की त्रासद कहानी है। उपन्यासकार के रूप में प्रेमचंद का महान् योगदान है। उन्होंने हिंदी उपन्यास को भारतीय मुहावरा दिया और उसे समाज और संस्कृति से जोड़ा तथा साधारण व्यक्ति को नायक बनाकर नया आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने हिंदी भाषा को मानक रूप दिया और देश-विदेश में हिंदी उपन्यास को भारतीय रूप देकर सदैव के लिए अमर बना दिया। —डॉ. कमल किशोर गोयनका
Ashes & Fire
- Author Name:
Prof.. Vikas Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: ऐशेज एंड फायर' में आधुनिक लक्ष्मीबाई की तस्वीर को एक विजयी महिला के रूप में चित्रित किया गया है, जिसे गाजियाबाद के गैंगस्टरों ने राख में बदल दिया है। एनसीसी की पूर्व अवर अधिकारी होने के नाते उसने अपने तीन बच्चों को पालने के लिए जीवन की चुनौतियों का सामना किया। बेशक, नाना और लेडी चैटरली की तरह, कामेच्छा उसकी कमजोरी थी, फिर भी उसने पुरुष प्रधान समाज में अपनी नौकरी और संस्थान की रक्षा के लिए नए गैंगस्टरों का सामना किया। दूसरे पति के आधे - पागलपन और मतिभ्रम के बावजूद, उसने कठिन परिस्थितियों के आगे समर्पण नहीं किया। उसने अपने पिता के प्रति एहसानमंद महसूस किया क्योंकि उन्होंने जीवन के हर कदम पर उसकी देखभाल की। प्रस्तुत उपन्यास यथार्थवाद के ऐसे ही विभिन्न रंगों पर लिखी एक रचना है, एक आधुनिक साहसी महिला की कठिनाइयों और रोमांच का लेखा-जोखा है। आखिरकार, सुविधा ने अपने मानसिक साहस और सबलता को साबित किया और अंततः सफलता हासिल की। हर दृष्टि से एक आनंददायक उपन्यास ।
Purnamadah
- Author Name:
Saroj Kaushik
- Book Type:

- Description: प्रेम की न कोई भाषा होती है, न परिभाषा, न सीमाएँ उसे सीमित करती हैं, न दूरियाँ उसे ओझल करती हैं, वह दूरी जीवन और मृत्यु भी क्यों न हों! ‘पूर्णमिदम्’ के बाद सरोज कौशिक का यह उपन्यास ‘पूर्णमदः’; अलग-अलग होते हुए भी ये दोनों उपन्यास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। वह अध्यात्म के आलोक में प्रकाशमान, तो यह जीवन के संघर्षों ने बीच के पवित्र दीप को अपने सचेत आत्मबोध की ओट में बचाते हुए एक सघन यात्रा। ‘पूर्णमदः’ में पीड़ा है, अतीत के दुखते घाव हैं, स्मृति में कौंधती विविधवर्णी छवियाँ हैं, चहुँओर व्याप्त कालिमा में अपने अन्तस की पवित्रता को निष्कलंक रखते अपने मूल्यों को बचाने का संघर्ष है; और जीवन तथा समाज में मनुष्य की आत्मा को कचोटतीं, खोखला करतीं अपूर्णताओं के बरक्स पूर्ण को बचाने और अगली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने की कामना है। भावनाओं के सघन चित्रों से परिपूर्ण एक पठनीय औपन्यासिक कृति।
Shastriji Ke Prerak Prasang
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: "कथा-कहानियाँ सृष्टि के आरंभ से ही मनुष्य का मार्ग-दर्शन करती रही हैं। पंचतंत्र और हितोपदेश की कहानियाँ प्राचीन काल से हमारा मार्गदर्शन करती चली आ रही हैं। प्रत्येक कहानी के लिए कथावस्तु का होना अनिवार्य है, क्योंकि इसके अभाव में कहानी की रचना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कहानी में केवल मनोरंजन ही नहीं होता, उसमें कोई उद्देश्य और संदेश भी निहित होता है। जीवन में सादगी और सरलता का बहुत महत्त्व है। हमारी परंपरा में वर्णित है ‘सादा जीवन, उच्च विचार’। सादगी हमारे व्यक्तित्व को जो आभा प्रदान करती है, वह आडंबर या दिखावा नहीं। यह सादगी हमें आत्मविश्वास, शक्ति और आत्मबल देती है। इन्हीं जीवनमूल्य को समेटे, सादगी की महत्ता बताती प्रेरणाप्रद कहानियों का संकलन।"
Chaturang (Raj)
- Author Name:
Ravindranath Thakur
- Book Type:

- Description: ‘चतुरंग’ मूलत: जीवन के प्रयोजनों और उनकी उपलब्धि के बीच अनिर्णीत संघर्ष का कथा-प्रयोग है। अब तक हुई तमाम बौद्धिक व्याख्याओं की पहुँच के परे इस संघर्ष का प्रारम्भ कहीं भौतिक परिवेश में दिखाई देता है, कहीं तर्क और विवेक की जुगलबन्दी में और कहीं मनो-जगत में पलती आत्म-प्रताड़णा में; और तीनों ही स्रोतों से यह हमारे आधुनिक विचार-जगत में प्रवेश करता दिखता है। शचीश, श्रीविलास, दामिनी और लीलानन्द स्वामी इसे अपने-अपने स्तर पर जीते हैं—अध्यात्म और भक्ति के दिशाहारा आवेग में, दैहिक प्रेम की तृषार्त-भीरु गुफाओं में, जीवन के भीतर, जीवन के बाहर, प्रभंजन के व्यामोह से घिरे-घिरे। ताऊ जी (जगमोहन) इस कथा को रवीन्द्रनाथ की तत्कालीन सामाजिक चिन्ताओं से जोड़ते हैं, देहरी लाँघने की व्याकुलता तक।
ONCE UPON A TIME
- Author Name:
A Sethumadhavan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Once Upon a time by A. Sethumadhavan, is a novel which surrounds priyamvada, who is an HR professional, and a single parent at the centre of its narrative. The strong undercurrent of this award-winning title is the way woman asserts her independence and deft strokes in the book suggest how a professional woman scores. The novel very beautifully depicts the personal journey of a single parent, where are dilemmas which priyamvada faces, doing a tightrope walk between the labor force and the managements, trying to fill the vacuum in her daughter’s life and consciously attempting to steady her own emotional moorings.
Door Desh Ke Parinde
- Author Name:
Anamika
- Book Type:

- Description: यह आवश्यक नहीं कि स्त्री-पुरुष का सम्बन्ध नर-मादा का ही हो; एक स्तर ऊपर उठकर वह दो व्यक्तियों, दो मनुष्यों, दो सखाओं का भी हो सकता है। सार्वजनिक स्पेस में एक स्वस्थ सन्तुलन भी तभी साधा जा सकता है जब सम्बन्धों में एक अहैतुक सजगता मौजूद रहे, और स्त्री की सहज सकारात्मकता इसमें निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ‘दूर देश के परिन्दे’ उपन्यास बीसवीं सदी में, स्वतंत्रता-प्राप्ति के आसपास के वर्षों में दीप्तिमान ऐसे विश्व-प्रसिद्ध लोगों के जीवन में आईं स्त्रियों की कथा कहता है जो अपने समय की स्त्रियों के विशेष प्रिय रहे; कुछ था उनमें जिसके चलते स्त्री-मन उन्हें उम्मीद से देखता था कि उनकी अगुवाई में जो समाज बनेगा उसमें धैर्य, ममता, सहिष्णुता और त्याग जैसे गुण स्त्री और पुरुष दोनों में बराबर बँटेगे; दोनों साहचर्य का एक अधिक सृजनात्मक मॉडल विकसित करेंगे। टैगोर, निराला, गांधी, रोमां रोलां आदि इनमें से कुछ थे। कई स्त्रियाँ इनके जीवन में आयीं, विवाद भी उठे। इनका ज्यादा त्रास तो स्त्रियों ने ही अनुभव किया जिसके विवरण इस उपन्यास के दृश्यबन्धों और संवादों में अनुस्यूत हैं। उपन्यास का पहला खंड निराला पर केन्द्रित है जहाँ नायिका उनकी अपनी ही बेटी सरोज है; दूसरे खंड की नायिका है ज्याँ क्रिस्तोफ की माँ डोरोथी जिनके विषय में कल्पना की गई है कि वे रोमां रोलां की केयरटेकर टाइपिस्ट थीं, तीसरे खंड की नायिकाएँ गांधी के ब्रह्मचर्य-विषयक प्रयोगों की साक्षी और सहचर रहीं मीरा बेन और कस्तूरबा हैं। चौथे खंड के केन्द्र में है भारत में ग्रामोफ़ोन की प्रथम गायिका गौहर जान और पाँचवाँ खंड समर्पित है टैगोर की प्रेरणा कही जाने वाली रानू को। यहाँ वे सब अपनी कथा कहती हैं और दोस्त-समाज की इस संकल्पना को बल देती हैं कि जिस आत्म-परिवर्तन की उम्मीद स्त्रियाँ पुरुषों से करती रही हैं, संसार के सुदीर्घ, स्थायी और ऊर्ध्वमुखी बदलाव के लिए भी वह एक आधारभूत शर्त है।
Shipra Ek Nadi Ka Naam Hai
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description: Novel
THE CHARIOT
- Author Name:
Raghavendra Patil +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book