Subhash Chandra Bose
(0)
₹
550
440 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788177211771
-
Pages184
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bhikhari Thakur : Angarh Hira
- Author Name:
Tayab Hussain
- Book Type:

- Description:
अखिल भारतीय भोजपुरी सम्मेलन के दूसरे अधिवेशन 1974 में, अपने अध्यक्षीय भाषा में भिखारी ठाकुर का उल्लेख करते हुए राहुल सांकृत्यायन ने कहा था—हम लोगों की बोली में कितनी ताकत है, कितना तेज है, यह आप लोग भिखारी ठाकुर के नाटकों में देखते हैं। लोगों को क्यों अच्छे लगते हैं भिखारी ठाकुर के नाटक? क्यों दस-दस पन्द्रह-पन्द्रह हजार की भीड़ होती है इन नाटकों को देखने के लिए? लगता है कि इन्हीं नाटकों में जनता को रस मिलता है! जिस चीज में रस मिले, वही कविता है। किसी की बड़ी नाक हो और वह केवल दोष ही सूँघता फिरे तो उसके लिए... क्या कहा जाए। मैं यह नहीं कहता कि भिखारी ठाकुर के नाटकों में दोष नहीं हैं, दोष हैं तो उसका कारण भिखारी ठाकुर नहीं हैं, उसका कारण पढ़े-लिखे लोग हैं। वे लोग यदि अपनी बोली से नेह दिखलाते, भिखारी ठाकुर का नाटक देखते और उसमें कोई बात सुझाते तो ये सब दोष मिट जाते। भिखारी ठाकुर हम लोगों के एक अनगढ़ हीरा हैं। उनमें कुल गुण हैं, सिर्फ इधर-उधर थोड़ा तराशने की जरूरत है ।
यह पुस्तक उसी अनगढ़ हीरे के कृतित्व की समग्रता में पड़ताल करती है। यहाँ यह उल्लेख करना अनुचित नहीं होगा कि इस पुस्तक के लेखक ने ही भिखारी ठाकुर को अपने पी-एच.डी. का विषय बनाकर भोजपुरी के इस अप्रतिम नाटककार-कवि की तरफ अकादमिक जगत का ध्यान आकर्षित किया था। आज साहित्य-संस्कृति के क्षेत्र में भिखारी ठाकुर का नाम अपरिचित नहीं है तो इसमें तैयब हुसैन की भूमिका को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। इस पुस्तक में उन्होंने न केवल भिखारी के व्यक्तित्व-कृतित्व की बल्कि भोजपुरी समाज की और उसके सन्दर्भ से वस्तुत: उत्तर भारतीय समाज की सामाजिक-सांस्कृतिक गुत्थियों को खोलने का प्रयास किया है जो निश्चय ही विचारणीय और बहसतलब है।
Devrishi Narayan aur Narad Samvad
- Author Name:
Dr. Kislay Panday
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description:
आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Pita Ko Patra
- Author Name:
Franz Kafka
- Book Type:

- Description:
काफ़्का की हस्तलिपि में अपने पिता को लिखा उनका यह पत्र कुछ वर्ष पूर्व तक लापता माना जा रहा था और हाल ही के वर्षों में मिला है। पाठक जानते ही हैं कि काफ़्का मृत्यु से पहले अपनी सभी रचनाएँ अपने मित्र मार्क्स ब्रोड के पास इस निर्देश के साथ छोड़ गए थे कि उनकी मृत्यु के बाद उन्हें जला दिया जाए। लेकिन ब्रोड ने ऐसा नहीं किया और एक के बाद एक उन पांडुलिपियों को सम्पादित कर प्रकाशित करवा दिया। इस ऐतिहासिक पत्र के अस्तित्व के बारे में ख़ुद ब्रोड को भी जानकारी नहीं थी। सन् 1953 में जब यह पत्र अपने अपूर्ण रूप में पहली बार प्रकाशित हुआ तो इसके प्राक्कथन में ब्रोड ने लिखा कि काफ़्का ने यह पत्र मूल रूप से टाइपिंग मशीन पर ही टाइप किया था और बाद में हाथ से ग़लतियाँ सुधारी थीं। टाइप किए हुए साढ़े चौवालीस पृष्ठों वाले पत्र में काफ़्का ने बाद में हाथ से लिखे दो पृष्ठ और जोड़े थे—ऐसा ब्रोड का मानना था। काफ़्का बीसवीं सदी के सर्वोत्कृष्ट साहित्यिक प्रतिभाओं में एक थे। जर्मन भाषा के साथ विश्व के साहित्य में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान है। पिता को लिखा गया यह पत्र काफ़्का के भीतर के व्यक्ति को भी सामने लाता है।
Bihar STET Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Uchch Madhyamik Varg Bhugol (PGT) Paper-2 (Class 11 & 12) Geography 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Super Genius Computer Learner-5
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Mamta’r Maha Tandav : KATRACCHE BANGLA (Bangla)
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Pollyanna
- Author Name:
Eleanor H. Porter
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Pyaar To Hona Hi Tha
- Author Name:
Himanshu Rai
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Vidrohi Sannyasi
- Author Name:
Rajeev Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
The Sovereign: Sprouts Of Good Governance
- Author Name:
Dr. Kislay Panday
- Book Type:

- Description:
An empirical manuscript encompassing diverse disciplines, The Sovereign is Dr Panday’s magnum opus: it is a carefully-wrought narrative that aims to concretise his aspiration to elevate Indian society and lead the country towards a better tomorrow. Traversing the domains of political theory, philosophy, sociology, and more, this book is a panoptic one-stop shop to help the common people of India arm themselves with the fundamentals of the discipline of politics. From an account of the ancient Egyptian civilisation, to an exposition of democracy in the contemporary era; from Plato’s The Republic and Aristotle’s Politics, to feminism and the geopolitical globalisation of the twenty-first century, The Sovereign by Dr Kislay Panday is an all-pervasive narrative that not only recounts the political history of the world, but helps one understand how to utilise these learnings to engender social progress in real-time.
Options Trading Success Guide | Hindi Translation of The Options Trading Strategies Handbook | Learn The Structured Way To Grow Your Options Trading Account | Includes Candlestick Patterns, Breakout Patterns with Explaination | Hindi Edition
- Author Name:
Karthik Muthumohan::Vignesh Muthumohan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Options Trading Success Guide | Hindi Translation of The Options Trading Strategies Handbook | Learn The Structured Way To Grow Your Options Trading Account | Includes Candlestick Patterns, Breakout Patterns with Explaination | Hindi Edition
Karthik Muthumohan::Vignesh Muthumohan
20% off₹ 300
₹ 240
Out of Stock
RRB NTPC Non Technical Popular Categories CBT-2025 (Computer Based Test-1) 20 Practice Sets With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Jehad Ka Junoon
- Author Name:
Vivek Saxena +1
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Bhartiya Rashtravad : Ek Anivarya Paath
- Author Name:
S. Irfan Habib
- Book Type:

- Description:
राष्ट्रवाद क्या है? राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? अच्छा राष्ट्रवादी कौन है? अगर आप सरकार की आलोचना करें तो क्या आपको राष्ट्रद्रोही मान लिया जाए? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो आजकल की ज़्यादातर बहसों में हावी रहते हैं? लेकिन ये बहसें नई नहीं हैं। आज राष्ट्रवाद के बारे में सबसे ऊपर सुनाई देनेवाली आवाज़ें ज़रूर हमें यह विश्वास दिलाने पर आमादा हैं कि भारतीय राष्ट्रवाद एक संकीर्ण, संकुचित और दूसरे लोगों और संस्कृतियों से भयभीत कोई चीज़ रहा है और आज भी ऐसा ही है, लेकिन भारत के सबसे प्रबुद्ध और सुलझे हुए नेताओं, चिन्तकों, वैज्ञानिकों और लेखकों की समझ इससे बिलकुल अलग है; और ये वो लोग हैं जिन्होंने उन्नीसवीं सदी के आरम्भ से ही इस विषय पर सोचना शुरू कर दिया था।
राष्ट्रवाद जिस रूप में आज हमारे सामने है, उसे वजूद में आए सौ साल से ज़्यादा हो गए हैं। दुनिया के इतिहास में इसकी भूमिका को लेकर अनेक इतिहासकारों, राजनीतिशास्त्रियों और समाजवैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है। देखा गया है कि राजनीति के लिए यह सबसे निर्णायक कारकों में से एक रहा है। इसकी आलोचना भी ख़ूब हुई है। यह एक दोधारी तलवार है जो लोगों को जोड़ भी सकती है और राजनीति, संस्कृति, भाषा और धर्म के आधार पर बाँट भी सकती है।
ऐतिहासिक महत्त्व के इस संकलन में इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से भारत में राष्ट्रवाद के उदय, विकास और इसके विभिन्न रूपों और चरणों की पड़ताल भारत के सबसे महत्त्वपूर्ण चिन्तकों और नेताओं के विचारों के माध्यम से करते हैं। इस संकलन में उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेताओं और चिन्तकों के वे लेख और भाषण-अंश काफ़ी तलाश के बाद एकत्रित किए हैं जो स्पष्ट करते हैं कि आज़ादी के संघर्ष में देश को रास्ता दिखाने वाले और आज़ादी के बाद भी राष्ट्र की दशा-दिशा पर ईमानदार निगाह रखने वाले इन नेताओं की नज़र में राष्ट्रवाद क्या था और वे किस तरह के राष्ट्र और राष्ट्रवाद को फलते-फूलते देखना चाहते थे!
यह किताब हमें बताती है कि आज की परिस्थितियों में हम राष्ट्रवाद को कैसे समझें और कैसे उसे आगे बढ़ायें ताकि एक सर्वसमावेशी, स्वतंत्र और मानवीय राष्ट्र के निर्माण की प्रक्रिया बिना किसी अवरोध के जारी रह सके।
Azad Hind Fauj And Subhas Chandra Bose
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
BHARAT KE MAHAN VAIGYANIK
- Author Name:
SHEKHAR
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Behind Closed Doors, Can I Love you More? - Shilpa Narang Chatwani
- Author Name:
Shilpa Narang Chatwani
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
AAO BACHCHO COMPUTER SEEKHEN
- Author Name:
Saurabh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Bhagwaticharan Verma Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Book Type:

- Description:
भगवतीचरण वर्मा ने अपने प्रथम उपन्यास ‘पतन’ की रचना अपने कॉलेज के दिनों में की थी जो गंगा पुस्तक माला के अन्तर्गत प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास को वे अपनी अपरिपक्व रचना मानते थे और उन्होंने इसे अपनी रचनाओं में गम्भीरता से नहीं लिया। सन् 1932 में भगवती बाबू ने पाप और पुण्य की समस्या पर अपना प्रसिद्ध उपन्यास ‘चित्रलेखा’ लिखा जो हिन्दी साहित्य में एक क्लासिक के रूप में आज भी प्रख्यात है। ‘तीन वर्ष’ उनका प्रथम सामाजिक उपन्यास है जो एक प्रेमकथा है। सन् 1948 में उनका प्रथम वृहत उपन्यास ‘टेढे़-मेढ़े रास्ते’ आया जिसे हिन्दी साहित्य के प्रथम राजनीतिक उपन्यास का दर्जा मिला। इसी शृंखला में उन्होंने आगे चलकर वृहत राजनीतिक उपन्यासों की एक शृंखला लिखी जिनमें ‘भूले-बिसरे चित्र’, ‘सीधी-सच्ची बातें’, ‘प्रश्न और मरीचिका’, ‘सबहिं नचावत राम गोसाईं’ और ‘सामर्थ्य और सीमा’ प्रमुख हैं। भगवतीचरण वर्मा के सभी उपन्यासों में एक विविधता पाई जाती है। उन्होंने हास्य-व्यंग्य, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक सभी विषयों पर उपन्यास लिखे। कवि और कथाकार होने के कारण वर्मा जी के उपन्यासों में भावनात्मकता और बौद्धिकता का सामंजस्य मिलता है। ‘चित्रलेखा’ में भगवती बाबू का छायावादी कवि-रूप स्पष्ट दिखता है जबकि ‘टेढ़े-मेढ़े रास्ते’ को उन्होंने अपनी प्रथम शुद्ध बौद्धिक गद्य-रचना माना है। रचनावली के इस खंड में प्रस्तुत, साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास ‘भूले-बिसरे चित्र’ अतीत के चित्रों का एक विशेष एलबम है जिसके चित्र कभी धुँधले नहीं पड़ सकते। जीवन के सभी पहलुओं से रू-ब-रू कराता यह कालजयी उपन्यास है।
Bhagwaticharan Verma Rachanawali : Vols. 1-14
Bhagwaticharan Verma
20% off₹ 14000
₹ 11200
Available
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book