History of Modern India
Author:
Dr. Kamal BhardwajPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 540
₹
675
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789352667451
Pages: 332
Avg Reading Time: 11 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ayodhya Ka Chashmadeed
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Advantage India
- Author Name:
Alouk Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Saral Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Soldiering On: The Remarkable Resilience Of India’s Disabled Soldiers Book in English- Ambreen Zaidi
- Author Name:
Ambreen Zaidi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Thar Marusthal Ka Paramparagat Jal Prabandhan
- Author Name:
Meena Kumari
- Book Type:

- Description: डॉ. मीना का चूरू मंडल के पारंपरिक जलस्रोतों पर सर्वेक्षणात्मक शोध एक सराहनीय प्रयास है। इस ग्रंथ में वर्षाजल, सतही जल एवं भूमिगत जल की उपलब्धता पर चर्चा की गई है। जल के प्रकारों (पालर, पाताल एवं रेजानी) से संबंधित जल-स्थापत्य का निर्माण तत्कालीन टेक्नॉलॉजी का विस्तृत विवरण है, जो अत्यंत महत्त्वपूर्ण बिंदु है। इसके अलावा लेखिका ने चूरू जैसे थार मरुस्थलीय क्षेत्र में विशाल जल-प्रबंधन खड़ा करने के लिए विभिन्न भागीदारों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की है। पर्यावरण, मोहल्लों की बसावट के संग जल-संरक्षण, वाणिज्य व्यापार जैसे व्यापक विषयों का जुड़ाव लेखिका के अध्ययन का प्रशंसनीय पहलू है। —प्रो. बी.एल. भादानी पूर्व चेयरमैन एवं कोऑर्डिनेटर सी.ए.एस. डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री, ए.एम.यू.-अलीगढ़ प्रस्तुत शोध-ग्रंथ में जल-संरक्षण को लेकर हमारे प्रज्ञावान पुरखों की दूर-दृष्टि की झलक मिलती है। डॉ. मीना ने अथक परिश्रम से तथ्य और साक्ष्य जुटाकर तकनीकी रूप से ग्राफ, प्रारूप, अभिलेखीय संदर्भों के भिन्न-भिन्न उदाहरणों के माध्यम से पुस्तक रूप में सुंदर विमर्श प्रस्तुत किया है। पुस्तक में तथाकथित साक्षर समाज द्वारा निरक्षर मान ली गई हमारी लोक-मेधा की सुंदर बानगी प्रस्तुत की गई है। इस पुस्तक के साथ मीना कुमारी ने उन चीजों को भी हासिल किया है, जिसकी प्रतीक्षा अकादमिक जगत काफी समय से कर रहा था। —सिराज केसर सी.ई.ओ., इंडिया वाटर पोर्टल
A Sindhi Mother’s Cookbook
- Author Name:
Duru Sachdev
- Book Type:

- Description: A Sindhi Mother’s Cookbook is, like any other task mother undertakes, a labour of love. It is a wonderful compilation of recipes from a typical Sindhi kitchen that is mindful of modern lifestyles. Written with great clarity and with easy-to-follow instructions, it gently encourages even the most hesitant to try their hand at producing authentic dishes from this age-old cuisine. But the flavours imbued by the ‘Sindhi Mother’ permeate much more than the simple detailing of ingredients and method: they are evocative of the dining table, leisurely family gatherings, of shared meals prepared and served with the utmost care and savoured in appreciation — of the food, the company and, most of all, the individual who laboured over it with such love. And that is what makes the difference.
Mata Jijabai
- Author Name:
Priya Ghatwai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Journey of Hope And Belief
- Author Name:
Dr. C.P. Thakur
- Book Type:

- Description: Dr CP Thakur's A Journey of Hope and Belief is the story of a man born into a simple farming family in a village in North Bihar. His childhood was marred by recurrent fevers that kept him homebound for months. He was in high school when the disease was finally diagnosed as Kala-azar. Undeterred, he went on to study medicine and did his MRCP from both London and Edinburg. He made a name for himself in India as a remarkable doctor and scientist. His pioneering research in the field of Kala-azar earned him worldwide recognition, including the Lifetime Achievement Award from WHO. In 1984, he embarked on a new journey in public life when he was elected a Member of Parliament from Patna and continues to serve the people wholeheartedly even today.
Muktibodh Ke Uddharan
- Author Name:
Prabhat Tripathi
- Book Type:

- Description: गजानन माधव मुक्तिबोध की जन्म-शती के दौरान उनके उद्धरणों का यह संचयन विशेष रूप से तैयार और प्रकाशित किया जा रहा है। छोटी कविताओं के समय में मुक्तिबोध लम्बी कविताएँ लिखने का जोखिम उठाते रहे और उनकी आलोचना और चिन्तन लीक से हटकर जटिल थे। इसने उन्हें एक कठिन लेखक के रूप में विख्यात कर दिया। उनके अत्यन्त सार्थक, जटिल साहित्य-संसार में प्रवेश के लिए उद्धरणों का यह संचयन मददगार होगा, इस उम्मीद से ही इसे विन्यस्त किया गया है। इससे पाठकों को मुक्तिबोध के संसार में और गहरे जाने का उत्साह होगा। मुक्तिबोध रज़ा के प्रिय कवियों में से एक थे। उनकी एक पंक्ति 'इस तम-शून्य में तैरती है जगत् समीक्षा' का उन्होंने अपने कई चित्रों में इस्तेमाल किया था। मुक्तिबोध अकेले हिन्दी कवि हैं जिन्हें प्रसिद्ध प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप के कम से कम तीन बड़े चित्रकारों ने पसन्द किया। रामकुमार ने रोग-शय्या पर लेटे हुए मुक्तिबोध के कई रेखाचित्र बनाए थे जो उनके पहले कविता-संग्रह 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' में प्रकाशित हुए थे। मक़बूल फ़िदा हुसेन ने जूते न पहनने का निर्णय मुक्तिबोध की शवयात्रा के दौरान लिया था। रज़ा उनकी कविता को हमेशा याद करते रहे। यह संचयन एक शृंखला की शुरुआत भी है। आगे अज्ञेय, शमशेर बहादुर सिंह, रघुवीर सहाय, निर्मल वर्मा आदि के उद्धरणों के संचयन प्रकाशित करने का इरादा है। —अशोक वाजपेयी
Samanya Ganit
- Author Name:
Shriniwas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahatma Buddha
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Village Defence Committees | The Saviours of Jammu and kashmir
- Author Name:
Dr. Annu Kotwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MPPSC Madhya Pradesh Public Service Commission: General Studies "मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग सामान्य अध्ययन" 1990-2023 Chapter Solved Papers, Paper-1, Preliminary Exam
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper -1 (Class I-V) Guide with Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samaj - Vigyan Vishwakosh : Vols. 1-6
- Author Name:
Abhay Kumar Dubey
- Book Type:

-
Description:
छह खंडों और तीन हज़ार पृष्ठों में फैला समाज-विज्ञान और मानविकी का यह विश्वकोश राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय ख्याति के 26 विद्वानों के मार्गदर्शन में 60 समाज-वैज्ञानिकों द्वारा अनुवाद का सहारा लिए बिना मूल हिन्दी में तैयार किया गया है। कोश की 1015 प्रविष्टियाँ विश्व के 229 समाज-वैज्ञानिकों, सिद्धान्तकारों, दार्शनिकों, समाज-चिन्तकों, साहित्य-निर्माताओं और विमर्शकारों के कृतित्व की जानकारी देने के साथ-साथ सभी महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं, दर्शनों, बहसों, क्रान्तियों और आन्दोलनों का विश्लेषणात्मक परिचय देती हैं। अर्थशास्त्र की 104, इतिहास की 107, अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध की 52, दर्शन की 135, राजनीतिशास्त्र की 448, मीडिया, फ़िल्म और टीवी-अध्ययनों की 50, स्त्री और सेक्सुअलिटी-अध्ययन की 69, समाजशास्त्र और मानवशास्त्र की 140 प्रविष्टियों के अतिरिक्त इस कोश में गांधी-विचार से सम्बन्धित 32 और मार्क्सवाद से सम्बन्धित 117 प्रविष्टियाँ भी दर्ज हैं।
समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, भाषाशास्त्र, मनोविज्ञान, स्त्री-अध्ययन, सेक्सुअलिटी-अध्ययन, संस्कृति-अध्ययन, अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध-अध्ययन, मीडिया-अध्ययन, फ़िल्म-अध्ययन, टीवी-अध्ययन, साहित्य-अध्ययन, इतिहास और दर्शनशास्त्र के अध्येताओं, छात्रों, अध्यापकों, पत्रकारों, बुद्धजीवियों और गम्भीर पाठकों के लिए उपयोगी इस कोश की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी 430 प्रविष्टियाँ भारतीय दर्शन, राजनीति, समाज, संस्कृति, मीडिया, आधुनिकता और इतिहास पर विशेष रूप से प्रकाश डालती हैं। भारतीय लोकतंत्र, भारतीय राज्य, भारतीय सेकुलरवाद, दलित-विमर्श, हिन्दुत्ववादी विमर्श, भारत के राजनीतिक दलों और राज्यों की राजनीति की जानकारी देनेवाली प्रविष्टियों के अतिरिक्त भारतीय धर्म-दर्शन से सम्बन्धित प्रविष्टियों में उन दार्शनिकों, विचारकों और सिद्धान्तकारों के बौद्धिक परिचय भी शामिल हैं जिन्हें अंग्रेज़ी और पश्चिम द्वारा थमाए गए सिद्धान्तों के प्रभाव में लगभग अदृश्य कर दिया गया है। कई प्रविष्टियाँ आधुनिक भारत की संस्थागत संरचना में निर्णायक योगदान देनेवाली हस्तियों पर भी हैं। विश्वकोश में हिन्दी के निर्माताओं, साहित्य और विचार-जगत पर भी काफ़ी सामग्री है।
‘अतिक्रमण’ से ‘अन्तरराष्ट्रीय मुद्राकोष’ तक पहले खंड की 154 प्रविष्टियों में इतिहास-लेखन के अनाल स्कूल से लेकर टॉयनबी और स्पेंगलर के कृतित्व; कौटिल्य के अर्थशास्त्र और आर्यभट्ट के योगदान; एडम स्मिथ, अल्फ़्रेड मार्शल और अमर्त्य सेन के आर्थिक चिन्तन; एंटोनियो ग्राम्शी के विचारों; आधुनिकता की सैद्धान्तिक योजना; अमेरिका के अफ़र्मेटिव एक्शन और भारत में आरक्षण के विभिन्न पहलुओं; उपनिवेशवाद विरोधी आन्दोलन के सशस्त्र और शान्तिपूर्ण आयामों, अल-ग़ज़ाली, इब्न ख़ाल्दून, अल-किन्दी, अबु-अला मौदूदी और असग़र अली इंजीनियर के विमर्श; एडमंड बर्क, ई.एच. कार, एडवर्ड सईद, एरिक फ़्रॉम और आशिस नंदी के विमर्श की झलकियाँ; अमेरिकी क्रान्ति और आत्मसम्मान आन्दोलन से लेकर अंग्रेज़ी हटाओ आन्दोलन तक के ब्योरे शामिल हैं।
Dr. Ambedkar : Vyakti Darshan
- Author Name:
Kishor Makwana
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aazadi Ki Kahani Dak Ticketon Ki Zabani
- Author Name:
Gopi Chand Shrinagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Badalate Rishte
- Author Name:
Krishna Gopal Rastogi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Akbar Birbal Ke Kisse "अकबर-बीरबल के किस्से"
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Guiding Light
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: ज्ञान का भंडार, प्रेरक और अनुकरणीय उक्तियों का अद्भुत चयन, जिसने भारत के सबसे विद्वान् व्यक्तियों में से एक, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की सोच को प्रभावित किया और उसे स्वरूप दिया। अपने स्कूल के दिनों से लेकर अब तक, जब वह अस्सी की उम्र को पार कर चुके हैं, डॉ. कलाम को लिखित रचनाओं से काफी लगाव रहा है। उन्होंने जीवनपर्यंत प्रेरक पुस्तकों, धार्मिक ग्रंथों, दार्शनिक रचनाओं और कविताओं को पढ़ा। उनमें से वह ‘द गाइडिंग लाइट’ को लेखन के सबसे अच्छे उदाहरणों में से एक मानते हैं। इन शब्दों ने उनकी सोच पर प्रभाव डाला और उन्हें स्वरूप दिया, जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता की और आज जो कुछ भी वह हैं, उनके ही कारण हैं। अपने लेखनों और संबोधनों में उन्होंने इन रचनाओं से लिये गए उद्धरणों का प्रयोग किया, जिनसे दुनिया भर में उनसे मिलनेवाले करोड़ों लोगों को प्रेरणा मिली। इस पुस्तक में रवींद्रनाथ टैगोर, अल्बर्ट आइंस्टीन, फ्रेडरिक नीत्शे, जिद्दू कृष्णमूर्ति, विलियम शेक्सपियर, जॉन मिल्टन और महात्मा गांधी जैसे लेखकों की रचनाओं से लिए गए उद्धरण हैं, जो अपने आप में काफी विविधता रखते हैं। साथ ही, कुरान, भगवद् गीता, बाइबिल, तिरुक्कुरल और अनेक अन्य रचनाओं से ली गई पंक्तियाँ भी शामिल हैं। ‘द गाइडिंग लाइट’ विभिन्न स्रोतों से जुटाए गए सुविचारों से संपन्न है। यह विचारप्रधान और ज्ञान का ऐसा भंडार है, जो गहन मंथन की प्रेरणा देता है। जीवन को प्रकाशमान करनेवाली उक्तियों का पठनीय संकलन।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book