Sensex Of Regional Parties
Author:
Aaku ShrivastavaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
This book by eminent journalist Aaku Srivastava, delves deep into the history of the politics of independent India with an aim to study the ups and downs of the regional parties arising with the contradictions and conflicts between the states against the ‘Centre’.
These ‘contradictions’ first appeared in the early 1970s when local political forces in 7 to 8 states formed their own ‘united governments’ and offered localist alternatives to the ‘Centrist’ Congress policies. Linguistic and local cultural identities made this change possible. In the Centre too, two non-Congress parties and local parties formed governments. In the era of globalisation, this tendency of decentralisation became even more forceful and compelling.
Perhaps that is why even now that Congress ‘centralism’ has been replaced by BJP, many localist identities keep clashing with BJP’s centralism as well. Aaku Srivastava critically examines the various dimensions of this fundamental contradiction of Indian politics. And they tell that this contradiction is due to ‘internal contradiction’ of our contemporary politics, which apparently appears to be a ‘curse for democracy’ but indirectly it seems to keep democracy alive. In my view, this book is a perfect read to understand the pulse of contemporary and future politics. —Sudhiesh Pachouri
ISBN: 9789355212368
Pages: 420
Avg Reading Time: 14 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Laziness Detox: Cleansing Bad Habits To Boost Productivity
- Author Name:
Priyanshu Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramakrishna Paramhans
- Author Name:
Pradeep Pandit
- Book Type:

- Description: गंगा के किनारे बसा बेलूर मठ अब भी अपने परमहंसी स्वरूप में है। रामकृष्ण का कमरा, उनकी चारपाई सबकुछ वैसा ही है जैसा कभी था। नहीं है तो रामकृष्ण की वह देह, जिसके जरिए उन्होंने अध्यात्म के अनेक अभ्यास किए और संसार को प्रायोगिक भक्ति की प्रामाणिकता से अवगत कराया। परमहंस के पहले और बाद में भक्ति सिर्फ याचक की याचना से ज्यादा नहीं रही; लेकिन रामकृष्ण ने भक्ति के शाब्दिक कायांतरण के प्रमाण उजागर किए। भक्ति के उनके प्रयोगों की दुनिया शब्द, अर्थ, ध्वनि के आकाशों से घिरी हुई दुनिया है, जिसकी शुरुआत रामकृष्ण स्कूली जीवन में ही कर चुके थे। भक्ति एक भाव है, स्थिति है, इसलिए उसमें गणित नहीं होता। होता है तो सिर्फ भरोसा और विश्वास। रामकृष्ण अपने स्कूली जीवन में गणित में कमजोर थे, पर उस समय भी वे धार्मिक या धर्म पर बोलनेवाले संतों, महात्माओं को सुनते और अपने दोस्तों को ठीक वैसा ही सुनाकर चकित कर देते। उन्हें रास आता था सिर्फ अध्यात्म का रास्ता। भारत के आध्यात्मिक महापुरुषों में अग्रणी रामकृष्ण परमहंस की पूरी जीवन-यात्रा इस लौकिक जगत् को अतार्किक और अबूझ जगत् से नि:शब्द जोड़ने की यात्रा है। रामकृष्ण परमहंस के जीवन को जानने-समझने में सहायक एक उपयोगी पुस्तक।
Vardan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Corona Ka Pralayakaal "कोरोना का प्रलयकाल" Book In Hindi- R.K. Sinha
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mission Mangal : Bhartiya Mangalyaan Ki Gaurav Gatha
- Author Name:
Rahul 'Atishayokti'
- Book Type:

- Description: "भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने हौसलों से इस स्वप्न को साकार कर एक इतिहास रच दिया। मंगलयान की कामयाबी एक दुश्वार कसौटी थी, जिसने इससे जुड़े प्रत्येक इनसान के आत्मबल, इच्छाशक्ति और संयम को परखते हुए उसे कुंदन की तरह निखारने का कार्य किया। विषम परिस्थितियों में सफल होने के लिए पूरी टीम का एकलक्षित होना इसे अपने आपमें महत्त्वपूर्ण बनाता है। राहुल ‘अतिशयोक्ति’ द्वारा लिखी यह पुस्तक ‘मंगलयान’ मिशन की परिकल्पना से लेकर उसके निर्माण, लॉञ्चिंग समेत उस यात्रा को विस्तार से बताती है, जो कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति को दरशाती है। इस पुस्तक में हर पड़ाव को बेहद खूबसूरती से, गहनता से हर स्थिति के सजीव वर्णन के साथ भारतीय वैज्ञानिकों के आत्मबल, इच्छाशक्ति और चुनौतियों को पार कर लक्ष्य को पाने की जुझारू प्रवृत्ति से रूबरू कराती है, साथ ही मंगलयान की संपूर्ण सफलताओं के यशोगान को चिरस्थायी बनाने का महती काम करेगी। ‘6 माह की अवधि के लिए भेजे गए मिशन मंगलयान का 6 वर्ष बाद भी’ अनवरत कार्य करना और अब भी अपनी यात्रा पर निरंतर गतिमान रहने की कहानी हर भारतीय को गर्व की अनुभूति कराती है। "
Dhoop Khulkar Nahin Aati
- Author Name:
Jai Prakash Shriwastav
- Book Type:

- Description: This book has no description
Mrida Pradushan
- Author Name:
S.G. Misra +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Akal Ki Kala Aur Zainul Abedin
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description: Arts & Biographical
Stree swadhinta ka prashna aur Nagarjuna ke Upanyas
- Author Name:
Shridharam
- Book Type:

- Description: Nagarjuna
Shaikshik Parivartan Ka Yatharth
- Author Name:
Prof. Jagmohan Singh Rajput
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yamini Katha
- Author Name:
Surya Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ikkisveen Sadi Ke Bal Natak
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Se. Ra. Yatri Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Se. Ra. Yatri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Aurat Ki Note Book
- Author Name:
Sudha Arora
- Book Type:

- Description: ‘एक औरत की नोटबुक’ नारीवाद के एक महत्त्वपूर्ण सूत्र ‘द पर्सनल इज़ पॉलिटिकल’ (The Personal is Political) को वाणी देती है—जहाँ स्त्री के वैयक्तिक यथार्थ का विस्तार समाज की नीतिसम्मत सत्ता से जा जुड़ता है। इस पुस्तक के आलेख अगर पुरुष वर्चस्व और स्त्री सशक्तीकरण के चिन्तन को अपना विषय बनाते हुए स्त्री को उसके ‘क्लोज़ेट’ (बन्द कमरे) से बाहर लाने का प्रयास करते हैं तो इसकी कहानियाँ उस ‘क्लोज़ेट’ के अन्दर डरी-सहमी बैठी स्त्री की त्रासद दशा का जीवन्त प्रस्तुतिकरण करती हैं—सुधा अरोड़ा के एक्टिविस्ट सरोकार के साथ उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करती हुई। —डॉ. दीपक शर्मा यह किताब एक सामाजिक दायित्व को निभाती है। जो लेखिका पिछले पैंतालीस वर्षों से निरन्तर लिख रही हो, जिसका लेखन-स्तर अपनी स्तरीयता से कभी डिगा न हो, जिसकी क़लम की धार समय के साथ-साथ पैनी होती गई हो, और कहानियाँ लिखने के अतिरिक्त जिसकी सामाजिक चेतना और सामाजिक समझ ने उसे ज़मीनी सामाजिक कार्यों से जोड़ रखा हो, उसकी हर नई किताब अपना परिचय ख़ुद होती है। —शालिनी माथुर ‘एक औरत की नोटबुक’ का जन्म सदियों की ख़ामोशी के टूटने की प्रक्रिया से होता है। ये वे आवाज़ें हैं जो इतिहास द्वारा युगों से दबाई जाती रही हैं। यह चुप्पी जब टूटती है तो इसकी दरारों से जो सच झाँकता है, वह हमारे समाज को नंगा करनेवाला है। इतिहास द्वारा इस ख़ामोशी के जाल को निर्मित करने की एक लम्बी सामाजिक-सांस्कृतिक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा स्त्री-व्यवहार का अनुकूलन किया गया और इस प्रकार समाज के आधे तबक़े को मानवाधिकारों से वंचित किया गया। —सुनीता गुप्ता चर्चित कथाकार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सुधा अरोड़ा की पुस्तक—‘एक औरत की नोटबुक’ में धैर्य, संस्कार, विवशता की परतों के नीचे छुपी वे सच्चाइयाँ हैं जिनकी भोक्ता औरतें हैं। सुधा पहले कथाकार हैं फिर सक्रिय कार्यकर्ता, स्त्री-सरोकारों की पक्षधर। इसीलिए वे जहाँ भी जाती हैं, जो भी देखती हैं, उनका सृजनशील व्यक्तित्व हमेशा चौकस और सक्रिय रहता है। यही वजह है कि उनका विमर्श बोझिल और उबाऊ नहीं होता। वसुधा अरोड़ा कहानियाँ गढ़ती नहीं हैं, वे प्रामाणिक प्रसंगों को चुनती हैं और अपने पक्ष को मार्मिक बनाती हैं। याद यह भी रखना होगा कि मार्मिकता और भावुकता में बड़ा फ़र्क़ होता है, सुधा ने जहाँ अपना पक्ष रखते हुए अपने को भावुकता से बचाया है, वहीं यह किताब पाठक को वैचारिक उत्तेजना से आवेशित करती है। —डॉ. प्रमोद त्रिवेदी
Desh Seva Ke Akhade Mein
- Author Name:
Smt. Surya Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Baat Bolegi, Hum Nahin
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Knowing Self Through Karmayoga
- Author Name:
Veenaa Ahluwalia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramchandra shukla Rachanawali : Vol. 1-8
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

-
Description:
आचार्य शुक्ल कोरे साहित्य समालोचक नहीं थे। वे गम्भीर अर्थों में साहित्य के समालोचक थे, जहाँ साहित्य के अन्तर्गत जीवन की चिन्ता, समाज की चिन्ता और पूरी संस्कृति की चिन्ता रहती थी। यह हिन्दी आलोचना का सौभाग्य है कि उसकी प्रतिष्ठा एक ऐसे समालोचक द्वारा हुई जो शुद्ध साहित्यिक आलोचक नहीं था, सिर्फ़ अलंकार और रस की मीमांसा करनेवाला काव्य-विवेचक नहीं था, बल्कि साहित्य को व्यापक सामाजिक सन्दर्भों में देखनेवाला और साहित्य की सामाजिक सार्थकता की प्रतिष्ठा करनेवाला आलोचक था। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल दुनिया के अनेक महान आलोचकों के समान ही भारत के पहले गम्भीर समालोचक दिखाई पड़ते हैं। आचार्य शुक्ल अपना चिन्तन साहित्य की सामाजिक सार्थकता और साहित्य में ‘लोक मंगल’ के व्यापक सन्दर्भ में करते हैं, तो स्वभावतः उनके व्यापक, विराट व्यक्तित्व की ओर हमारा ध्यान जाता है। उनके समग्र कृतित्व का संकलन हिन्दी साहित्य की परम्परा के सर्वश्रेष्ठ के पुनर्जीवन की तरह है।
आठ खंडों में प्रकाशित ‘रामचन्द्र शुक्ल रचनावली’ के पहले खंड में उनकी सर्वाधिक चर्चित और कालजयी कृति ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ संकलित है। रचनावली के सम्पादक नामवर सिंह ने इसकी भूमिका में आचार्य शुक्ल की इस कृति के महत्त्व और उसकी विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की है।
Dharohar Vastunisth Rajasthan (Rajasthan Objective Hindi)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ath Haveli Katha Novel Book in Hindi
- Author Name:
Bhavna Shekhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book