Sadho Jag Baurana
(0)
₹
400
320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Sadho Jag Baurana
Read moreAbout the Book
Sadho Jag Baurana
Book Details
-
ISBN9789386871190
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Seengawale Gadhe
- Author Name:
Prem Janmejay
- Book Type:

- Description: प्रेम जनमेजय से मिलकर, बात कर, कभी नहीं लगता कि ये व्यंग्य विधा की राह के पहुँचे हुए मुसाफिर हैं। ऐसा ही श्रीलाल शुक्लजी के साथ था। वे कभी बातचीत में व्यंग्य नामक हथियार का इस्तेमाल नहीं करते थे। ये ऐसे व्यंग्य-गुरु हैं, जो अपनी तिरछी नजर पर मृदुता, मस्ती और मितभाषिता का चश्मा लगाए रहते हैं। कुछ लोगों का खयाल है कि व्यंग्य लेखक एक किस्म के कार्टूनकार होते हैं, जिन्हें सारी दुनिया आँकी-बाँकी दिखाई देती है। एकदम गलत धारणा है यह। जैसे कविता, कहानी, उपन्यास नाटक और निबंध, साहित्य की विधाएँ हैं, वैसे ही व्यंग्य तथा हास्य, व्यंग्य की विधाएँ हैं। कमजोर हाथों में पडक़र ये विद्रूप और फूहड़ हँसी-ठट्ठा का रूप लेती होंगी, लेकिन प्रेम जनमेजय उन इलाकों में जाते ही नहीं हैं। वे हरिशंकर परसाई, शरद जोशी और श्रीलाल शुक्ल की परंपरा में व्यंग्य विधा में संलग्न हैं। उनके लिए व्यंग्य एक गंभीर कार्य और चिंतन है, जिससे वे समाज की विसंगतियों और समय के अंतर्विरोधों पर रोशनी डाल सकें। परिवर्तन काल सुविधा के साथ-साथ सक्रांति काल भी लाता है। प्रेम जनमेजय ने बहुत समझदारी और गहन अध्ययन से अपनी साहित्य-विधा चुनी है। व्यंग्य विधा पर चाहे जितना हमला किया जाए, सब जानते हैं कि बिना व्यंग्य-विनोद के कोई भी रचना पठनीय नहीं हो सकती। प्रेमजी में एक कथातत्त्व समानांतर चलता है। इसी कथा-जाल में वे धीरे से अपना काम कर जाते हैं। —ममता कालिया
Qalam Camere Ki Aankh Ki Tarah
- Author Name:
Pratap Rao Ladam
- Book Type:

- Description: Book
Pakistan-Bangladesh : Aatankvad Ke Poshak
- Author Name:
Arun Shourie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Launch your life to THE NEXT LEVEL "लॉञ्च योर लाइफ टू द नेक्स्ट लेवल" Book in Hindi - Krishna Dhan Das
- Author Name:
Krishna Dhan Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajasthan REET Grade-III Adhyapak (Teacher) Level 2 Hindi Guide (Class 6 to 8)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Bhagya Vidhata
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Interesting Exposures of Administration
- Author Name:
Mahesh Chandra Dewedy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Phir Laute "राम फिर लौटे" Book In Hindi
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jagadguru Shri Shankaracharya
- Author Name:
Deendayal Upadhyay
- Book Type:

- Description: "हमारे राष्ट्र निर्माताओं में जगद्गुरु श्री शंकराचार्य का स्थान बहुत ऊँचा है। कई विद्वानों ने तो उन्हें आधुनिक हिंदू धर्म का जनक ही कहा है। शंकराचार्य ने समस्त हिंदू-राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने एवं उसे संगठित करने का प्रयास किया। देश के चारों कोनों पर चार धामों के प्रति श्रद्धा केंद्रित करते हुए उन्होंने संपूर्ण भारतवर्ष की, मातृ-भू की मूर्ति जन-जन के हृदय पर अंकित कर दी। पंचायतन का पूजन प्रारंभ कर विभिन्न संप्रदायों को एक-दूसरे के आराध्य देवों के प्रति केवल सहिष्णुता का भाव ही नहीं तो सभी देवताओं के प्रति अपने इष्टदेव के माध्यम से वही श्रद्धा एवं आदर का भाव व्यक्त करने को प्रेरित किया, इसके अनुसार प्रत्येक पाँचों देवताओं—विष्णु, शुक्र, शक्ति, गणपति और सूर्य की पूजा करता है। अपनी श्रद्धा के अनुसार अपने इष्टदेव को बीच में तथा चारों ओर अन्य चार देवताओं को रखकर पूजन करने की उसे छूट है। चार धामों के समान ही उन्होंने समाज को धर्म मार्ग पर नियंत्रित एवं अनुशासित रखने के लिए चार शंकराचार्यों की अध्यक्षता में भारत के चारों कोनों में चार मठ स्थापित किए। —दीनदयाल उपाध्याय
Alvida Anna
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gulli-Danda
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Body Language: Read What People Have in Their Minds
- Author Name:
M.K. Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bauddha Dharma Aur Paryavaran
- Author Name:
Dr. Dhrub Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mridula Sinha Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | "सामाजिक विज्ञान" Samajik Vigyan | Class 6-8
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maati Ki Moorten
- Author Name:
Ramvriksh Benipuri
- Book Type:

- Description: "माटी की मूरतें—श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी जब कभी आप गाँव की ओर निकले होंगे, आपने देखा होगा, किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं—माटी की मूरतें! ये मूरतें—न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। किंतु इन कुरूप, बदशक्ल मूरतों में भी एक चीज है, शायद उस ओर हमारा ध्यान नहीं गया, वह है जिंदगी! ये माटी की ब नी हैं, माटी पर धरी हैं; इसीलिए जिंदगी के नजदीक हैं, जिंदगी से सराबोर हैं। ये देखती हैं, सुनती हैं, खुश होती हैं; शाप देती हैं, आशीर्वाद देती हैं। खुश हुईं—संतान मिली, अच्छी फसल मिली, यात्रा में सुख मिला, मुकदमे में जीत मिली। इनकी नाराजगी—बीमार पड़ गए, महामारी फैली, फसल पर ओले गिरे, घर में आग लग गई। ये मूरतें जिंदगी के नजदीक ही नहीं, जिंदगी में समाई हुई हैं। इसलिए जिंदगी के हर पुजारी का सिर इनके नजदीक आप-ही-आप झुक जाता है। ये कहानियाँ नहीं, जीवनियाँ हैं! ये चलते-फिरते आदमियों के शब्दचित्र हैं। सुप्रसिद्ध लेखक श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी कहते हैं—‘मानता हूँ, कला ने उन पर पच्चीकारी की है; किंतु मैंने ऐसा नहीं होने दिया कि रंग-रंग में मूल रेखाएँ ही गायब हो जाएँ। मैं उसे अच्छा रसोइया नहीं समझता, जो इतना मसाला रख दे कि सब्जी का मूल स्वाद ही नष्ट हो जाए।’ जिंदगी के विविध रंगों को रेखांकित करतीं बेनीपुरीजी की सशक्त लेखनी से निकली रोचक, मार्मिक व संवेदनशील रेखाचित्र। "
Aapka Bunti : Patkatha
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description: 'आपका बंटी' मन्नू भंडारी की अत्यन्त चर्चित और हिन्दी उपन्यासों के इतिहास में मील का पत्थर मानी जानेवाली कृति है। टूटते परिवारों के बीच बच्चों को किस मानसिक यातना से गुज़रना पड़ता है, इस उपन्यास में उसे लगभग दस्तावेज़ी ढंग से अंकित किया गया है। जिस संवेदनशीलता और स्नेह से मन्नू जी इस चरित्र और उसके मानसिक जीवन को लिख पाईं, वह हिन्दी में दुबारा सम्भव नहीं हो सका। बंटी के माता-पिता सम्बन्ध-विच्छेद के बाद अलग-अलग रहते हैं और बाद मे अपना-अपना घर बसा लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बंटी को किसी भी घर में वह अपनापा महसूस नहीं होता जो उसे उसके माता-पिता एक साथ रहकर दे सकते थे। अन्त में बंटी को छात्रावास भेज दिया जाता है। इस पुस्तक में इस उपन्यास पर स्वयं मन्नू जी द्वारा लिखित फ़िल्म-पटकथा प्रकाशित की जा रही है। यहाँ यह जान लेना ज़रूरी है कि 'आपका बंटी’ को लेकर 1986 में 'समय की धारा' नाम से जो फ़िल्म बनी, यह उसकी पटकथा नहीं है। 'समय की धारा’ जिसमें शबाना आज़मी, शत्रुघ्न सिन्हा और विनोद मेहरा ने अभिनय किया, उस पर अपने उपन्यास को ग़लत ढंग से प्रस्तुत करने के लिए मन्नू जी ने अदालत में मामला दायर किया था। इसमें अन्त में बंटी की मृत्यु दिखाई गई थी। मुक़दमे का फ़ैसला मन्नू जी के पक्ष में रहा था। इस पुस्तक में प्रस्तुत पटकथा स्वयं मन्नू जी ने लिखी थी जिस पर फ़िल्म नहीं बन पाई, इसलिए पाठक इस प्रस्तुति को इस पुस्तक में ही पढ़ सकते हैं| अपने उपन्यास को दृश्यों में बदलते समय इस पटकथा में मन्नू जी ने एक सिद्धहस्त पटकथा लेखक होने का परिचय दिया है।
Aaj Ki Taaza Khabar
- Author Name:
Rajendra Mohan Bhatnagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Phrasal Verbs
- Author Name:
Najmussehar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Covid-19 : Zindagi-20
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: संक्रमण समाज को त्रस्त और भ्रमित कर रहा था। पूरा विश्व अपनी तरह से जूझ रहा था। भारत भी, भारतवासी भी। सबसे कठिन परीक्षा की घड़ी समाज-सेवी, राजनीतिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों की थी और हर व्यक्ति कोरोना से अपनी ताकत से जूझ रहा था। मृदुलाजी ने कलम उठाई और कलम को हथियार बना लिया, अपने ढंग से कोरोना से लड़ने के लिए; उसी का प्रतिफल है यह उपन्यास। ग्रामीण अंचल में मुखिया की बूढ़ी माँ ने अपने बेटे को आयुर्वेद से ठीक किया तो शहर में नव-नियुक्त डॉ. मयंक और डॉ. माला की शिक्षा से ज्यादा उनका संस्कार कोरोना से लड़ने में काम आने लगा। अस्पताल के अंदर-बाहर की घटनाओं का विस्तृत वर्णन और पैदल घर लौटते मजदूरों की यात्रा-गाथा है। एक धागा कोरोना का पिरो गया 138 करोड़ को। अनंत अनुभव सबके साझे से। भारत ने इससे पहले शायद ही कभी देखा हो, कोई भी ऐसा अनुष्ठान, जिसमें सब शामिल हो, जो सबको छूता हो, ‘न भूतो, न भविष्यति’।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book