Pehla Sanatan Hindu "पहला सनातन हिंदू" Book in Hindi- Ratneshwar
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355215574
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bijji Ka Katha Lok
- Author Name:
Dinesh Charan
- Book Type:

- Description: लोकजीवन से गहरी संसक्ति और लोकमानस की वैज्ञानिक समझ रखनेवाले सर्वोपरि कथाकारों में बिज्जी का नाम बेहिचक लिया जा सकता है। उनकी कहानियों को पढ़ते हुए निरंतर यह महसूस होता है कि वे स्वयं लोक के अभिन्न अंग भी हैं और द्रष्टा भी। यही वजह है कि अपने नितांत निजी अनुभवों को कथा में पिरोते हुए भी उनमें भावुकता का लेशमात्र भी दिखाई नहीं देता। यह बिज्जी की रचनाधर्मिता की ख़ासियत है। इसी के बलबूते वे अपनी रचनाओं में ऐसा लोक रच पाए जो वास्तविक भी है और उनका कल्पनालोक भी है। सामंती परिवेश के भीतर रहनेवाले पात्रों में प्रगतिशील विवेक और रूढ़ियों से टकराने की क्षमता इसी से उपजी है। राजस्थानी लोकमानस की मुकमल पहचान बिज्जी के कथालोक में डूबकर ही की जा सकती है। किसी रचनाकार के लिए किंवदंती में बदल जाना यदि सबसे बड़ी उपलब्धि मान ली जाए तो बिज्जी इस उपलब्धि को अपने जीवनकाल में ही हासिल कर चुके थे। राजधानियों की चमक-दमक से कोसों दूर ग्रामांचल में रहकर साहित्य साधना करते हुए नोबेल नोमिनेशन तक की यात्रा ने इस किंवदंती को संभव बनाया। डॉ. दिनेश चारण युवा पीढ़ी के उन भाग्यशाली लोगों में हैं जिन्हें बिज्जी का सान्निध्य मिला है। वे ख़ुद कथाकार हैं और लोक के मर्मज्ञ हैं। इस पुस्तक को पढ़ते हुए उनकी सूक्ष्म दृष्टि और विवेचनात्मक विवेक से रूबरू होने तथा बिज्जी के कथालोक का हिस्सा होने का सुख मिलता है। डॉ. जगदीश गिरी
Advantage India
- Author Name:
Alouk Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apratim Bharat
- Author Name:
Shri Bhagwat Pariwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anmol Sooktiyan "अनमोल सूक्तियाँ" Book in Hindi | Rajendra Prasad
- Author Name:
Rajendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahila Sashaktikaran : Dasha Aur Disha
- Author Name:
Yogendra Sharma
- Book Type:

- Description: महिलाओँ की संख्या विश्व की जनसंख्या से लगभग आधी है। उनके उन्नयन के बिना परिवार, समाज व राष्ट्र की प्रगति सम्भव नहीं है। आज वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी योग्यताओं एवं क्षमताओं को उजागर कर रही हैं, जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता की ओर उन्मुख हैं। पहले की अपेक्षा उनकी स्थिति में सुधार हुआ है, अधिकारों एवं सुरक्षा में बढ़ोतरी भी हुई है। अब भी वे मंज़िल से दूर हैं, उन्हें यह सब कुछ प्राप्त नहीं हो सका है जो उनका अभीष्ट है। उनके विरुद्ध होनेवाले अपराधों में विगत की तुलना में वृद्धि हुई है। यद्यपि नए और कठोर क़ानून भी बने हैं लेकिन प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामाजिक चेतना के अभाव में सशक्तीकरण कर लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सका है। महिलाओं की उपेक्षा करने की प्रवृत्ति को त्यागकर कुकृत्यों के विरुद्ध आवाज़ उठानी होगी तथा विधिक कार्यवाही के प्रति तत्पर होना होगा। तभी उन्हें प्रताड़ना, अत्याचार एवं शोषण से मुक्ति सम्भव होगी।
We The Oodles
- Author Name:
Atul Kumar
- Book Type:

- Description: Many years ago, the International Cricket Council and the world were told with irrefutable logic and mathematical proof that cricket was institutionally fixed. The authorities and others slept. A few years ago this was vindicated even through judicial process in the top Court of India. Everyone still remained in deep slumber. A key insider said this year that all cricket matches we see were fixed, akin to movies directed by someone else. Tipsters openly announce same on social media round the clock. Yet, no one is concerned. What does it mean and how serious are the implications— financial, political, and social? Atul Kumar contemplates hard and deep, recounting his tumultuous odyssey, straight from the heart, with no holds barred. Recent global catastrophe from Corona virus curiously and sorely connects. Finally, here is a copy that will confound the learned readers many times over. Supported by the recorded account, it unravels all around camouflage; leading us to a new cherished order. An explosive work of distilled sagacity to mesmerise everyone across borders, religions, professions, genders, and generations. A must read for one and all.
Over The Top "ओवर द टॉप" : OTT ka Mayajaal Book in Hindi - Anant Vijay
- Author Name:
Anant Vijay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand : Ek Bechain Rajya Ka Sukh "झारखंड एक बेचैन राज्य का सुख" Book In Hindi
- Author Name:
Shyam Kishore Choubey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dansh
- Author Name:
Smt. Shobha Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokshilpi Delhi Nagar Nigam
- Author Name:
Jagdish Mamgain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Path to Divinity Book by Swami Avdheshanand Giri
- Author Name:
Swami Avdheshanand Giri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali Class 1 To 5 (PRT) Primary School Teachers 20 Practice Sets with Latest Solved Papers
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Diary Mein Sahitya
- Author Name:
Balraj Pandey
- Book Type:

- Description: Diary based on Varanasi Literary Circle
Derh Biswa Zameen
- Author Name:
Brij Lal
- Book Type:

- Description: पूर्वी उत्तर प्रदेश जहाँ एक तरफ गरीबी की मार झेल रहा था, वहीं दूसरी तरफ 1970 के दशक से माफिया गतिविधियों की शुरुआत पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही शुरू हुई। शुरुआती दौर में गोरखपुर इसका केंद्रबिंदु बना । माफिया गिरोहों में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई। वर्चस्व का मतलब जमीनें हड़प लेंगे, खरीदेंगे नहीं। पेट्रोल-डीजल भरा लेंगे, पर पैसे नहीं देंगे; कोई आँख मिलाकर बात नहीं करेगा। गोरखपुर में हुए गैंगवार ने पूर्वांचल के वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, प्रयागराज, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। 1990 के दशक में सीवान, बिहार के शहाबुद्दीन, गाजीपुर के मुख्तार अंसारी और प्रयागराज के अतीक अहमद का माफिया सिंडिकेट बना। सीवान का शहाबुद्दीन, गाजीपुर का मुख्तार अंसारी और प्रयागराज का अतीक अहमद ऐसे माफिया हुए, जिन्होंने एक-दूसरे के सहयोग से अपने माफियाराज को मजबूत बनाया और अकूत संपत्ति बनाई । उनके गुर्गे एक साथ मिलकर फिरौती के लिए अपहरण, हत्या, किराए पर हत्याएँ जैसे जघन्य अपराध करते थे । माफियाओं के कुकर्मों और समाज को भयाक्रांत कर अपराधों को अंजाम देने की क्रूर मानसिकता को अत्यंत प्रामाणिक और सिलसिलेवार ढंग से प्रस्तुत करती पुस्तक, जो इन अपराधियों की कार्यशैली और वहशीपन को बेनकाब करती है।
Pramod Verma Samagra : Vols. 1-4
- Author Name:
Vishva Ranjan
- Book Type:

- Description: Pramod Verma Samagra : Vols. 1-4
Yun Hi Nahin Ban Jata Koi Elon Musk "यूँ ही नहीं बन जाता कोई Elon Musk" Book In Hindi
- Author Name:
Parag Mahajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
I Can I Will
- Author Name:
Shyam Taneja
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Seengawale Gadhe
- Author Name:
Prem Janmejay
- Book Type:

- Description: प्रेम जनमेजय से मिलकर, बात कर, कभी नहीं लगता कि ये व्यंग्य विधा की राह के पहुँचे हुए मुसाफिर हैं। ऐसा ही श्रीलाल शुक्लजी के साथ था। वे कभी बातचीत में व्यंग्य नामक हथियार का इस्तेमाल नहीं करते थे। ये ऐसे व्यंग्य-गुरु हैं, जो अपनी तिरछी नजर पर मृदुता, मस्ती और मितभाषिता का चश्मा लगाए रहते हैं। कुछ लोगों का खयाल है कि व्यंग्य लेखक एक किस्म के कार्टूनकार होते हैं, जिन्हें सारी दुनिया आँकी-बाँकी दिखाई देती है। एकदम गलत धारणा है यह। जैसे कविता, कहानी, उपन्यास नाटक और निबंध, साहित्य की विधाएँ हैं, वैसे ही व्यंग्य तथा हास्य, व्यंग्य की विधाएँ हैं। कमजोर हाथों में पडक़र ये विद्रूप और फूहड़ हँसी-ठट्ठा का रूप लेती होंगी, लेकिन प्रेम जनमेजय उन इलाकों में जाते ही नहीं हैं। वे हरिशंकर परसाई, शरद जोशी और श्रीलाल शुक्ल की परंपरा में व्यंग्य विधा में संलग्न हैं। उनके लिए व्यंग्य एक गंभीर कार्य और चिंतन है, जिससे वे समाज की विसंगतियों और समय के अंतर्विरोधों पर रोशनी डाल सकें। परिवर्तन काल सुविधा के साथ-साथ सक्रांति काल भी लाता है। प्रेम जनमेजय ने बहुत समझदारी और गहन अध्ययन से अपनी साहित्य-विधा चुनी है। व्यंग्य विधा पर चाहे जितना हमला किया जाए, सब जानते हैं कि बिना व्यंग्य-विनोद के कोई भी रचना पठनीय नहीं हो सकती। प्रेमजी में एक कथातत्त्व समानांतर चलता है। इसी कथा-जाल में वे धीरे से अपना काम कर जाते हैं। —ममता कालिया
Bal Krishna
- Author Name:
Mukesh Nadan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Suno Bachcho, Meri Priya Kahaniyan (Hindi Translation of Collected Short Stories)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: उस शाम हलकी सी ठंडी हवा चली और डींगीचोप्प्य पानी में तेज रफ्तार से चल पड़ी । “आखिर हम सामने जा रहे हैं ?'' कप्तान ने कहा। “गोल-गोल जा रहे हैं।'' श्री मगरिज ने कहा। परंतु हवा बहुत ताजगी भरी थी; हमारे जलते अंगों को ठंडक मिली और नींद में सहायक साबित हुई। आधी रात को मैं भूख के कारण जग गया। “तुम ठीक तो हो ?”' मेरे पिताजी ने पूछा, जो सारे वक्त जगे हुए थे। “केवल भूखा था।'' मैंने कहा। “और तुम क्या खाना चाहोगे ?'' “संतरे |“ वह हँसा--''खान-पान में कोई संतरे नहीं, परंतु मैंने अपने हिस्से की एक चॉकलेट तुम्हारे लिए रख ली थी; और थोड़ा पानी भी है, अगर तुम प्यासे हो तो।'' मैंने बहुत देर तक चॉकलेट अपने मुँह में रखी; कोशिश करके कि वह अधिक समय चले। उसके बाद मैंने चुस्की ले-लेकर पानी पिया। “क्या आपको भूख नहीं लगी?'' मैंने पूछा। भुक्खड़ों के समान! मैं तो पूरी तुर्केऊ खा सकता हूँ। जब हम बंबई जाएँगे या मद्रास या कोलंबो या जहाँ कहीं भी हम पहुँचेंगे, हम शहर के सबसे अच्छे रेस्तराँ में जाएंगे और ऐसे खाएँगे जैसे जैसे । -इसी पुस्तक से सुप्रसिद्ध कहानीकार रस्किन बॉण्ड की बाल कहानियाँ न केवल मनोरंजक होती हैं, बल्कि प्रेरणादायी भी | हर कहानी में बच्चों के लिए अनुकरणीय सीख अवश्य रहती है|
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book