Partitioned Freedom
Author:
Ram MadhavPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
At the stroke of the midnight on 14-15 August 1947, India secured independence. That moment also witnessed the tragic partition of India and birth of Pakistan. Nobody wanted it. Yet it couldn't be averted.
Four decades earlier, in 1905, Bengal was partitioned by the British. A massive movement, called Vande Mataram Movement, was launched against it by the Indian National Congress. British were forced to annul partition of Bengal in 1911.
A country that defeated the British designs to partition one province failed when the whole country was being partitioned four decades later. Why? What missteps had led to the disaster? Who were responsible?
'Partitioned Freedom' explores answers to these questions.
ISBN: 9789355212443
Pages: 248
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Acchi Kahani : Avdharna Aur Pahchan
- Author Name:
Shankar
- Book Type:

- Description: Criticism
Kayantaran
- Author Name:
Rita Sukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dadi Amma Kahen Kahani
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Neta Nirman Udyog
- Author Name:
Hari Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Keshav Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Keshav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SACHITRA SAMANYA GYAN
- Author Name:
Chitra Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RSS Quiz Book : All You Want To Know About RSS
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chaak Par Ghoomti Rahi Mitti
- Author Name:
Aradhana Prasad
- Book Type:

- Description: इक नई जिंदगी की चाहत में चाक पर घूमती रही मिट्टी अपनी मिट्टी, अपनी जमीन और अपने लोगों की ख़ुशी तथा ग़म को महसूस करके संवेदनशीलता के साथ उन्हें शायरी का हिस्सा बनाने का हुनर आराधना प्रसाद की विशिष्टता है । आराधना प्रसाद की ग़ज़लों में भाषा की सरलता के साथ-साथ छंद, शिल्प व कथ्य का स्तर उत्कृष्ट है । कुछ अशआर देखिये- झील पर यूँ चमक रही है धूप जैसे पानी की हो गई है धूप ऊँची परवाज़ हो पर पाँव ज़मीं पर ही रहे आसमां से भी उतर जाते हैं अच्छे-अच्छे बग़ावत पर इस आमादा हवा से चराग़ों को भी लड़ना आ गया है चाँद का तो रंग फीका पड़ गया खुशनुमा पीतल की थाली हो गई अपनी मेहनत की कमाई से जलाओगे अगर घर के दीपक से भी आँगन में उजाला होगा डूबता सूरज जहाँ से कह गया सर बुलंदी से उतर जाते हैं सब मंज़िल की आरजू में सलामत रहे जुनूं काँटे हैं राह में कि हैं पत्थर न देखिए मैं आराधना प्रसाद के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूँ कि वह इन्हें दीर्घायु प्रदान करें। आराधना सुयश के उच्चतम शिखर को छूने में कामयाब हों । (आर.के. सिन्हा) वरिष्ठ संपादक, स्तंभकार एवं पूर्व सांसद
Kuchh Musafir Sath The
- Author Name:
Rajendra Rao
- Book Type:

- Description: इन दिनों हिंदी साहित्य में कथेतर गद्य को महत्त्व की दृष्टि से देखे जाने की प्रवृत्ति जोर पकड़ रही है और उसमें पाठकों की रुचि निरंतर अनुभव की जा रही है। कुछ अभिनव प्रयोग भी किए जा रहे हैं। वरिष्ठ कथाकार राजेंद्र राव ने संस्मरण, स्मृति-लेख और रेखाचित्र जैसी विधाओं की त्रिवेणी को कथात्मक संस्मरण के रूप में प्रस्तुत करकेकथा और कथेतर के बीच की फाँक को न्यूनतम करने का एक सफल रचनात्मक प्रयास किया है, जो कथात्मक संस्मरणों के इसअत्यंत पठनीय संकलन में द्रष्टव्य है। इनके बारे में लेखक का कहना है, स्मृति जैसे रंग-बिरंगे फलों से लदा वृक्ष है। इनमें कुछ मीठे हैं, कुछ खट्टे और कुछ कड़वे भी, मगर बेस्वाद कोई नहीं है। इनमें से कुछ को स्वाद की तीव्रता के क्रम से हम यादों में सँजोए रखते हैं कहानियों के रूप में। हर याद रह गए चेहरे के पीछे एक या एक से अधिक कहानी/कहानियाँ होती हैं। स्मृति-पटल पर गहरे खुदे व्यक्तियों के ये रेखाचित्र/संस्मरण न होकर उनकी कहानियाँ हैं। साप्ताहिक हिंदुस्तान और धर्मयुग में प्रकाशित राजेंद्र राव की धारावाहिक कथा-शृंखलाएँ ‘सूली ऊपर सेज पिया की’, ‘कोयला भई न राख’ और ‘हम विषपायी जनम के’ अत्यंत चर्चित और लोकप्रिय रही हैं। विश्वास है, कथात्मक संस्मरणों के इस सिलसिले का भी भरपूर स्वागत होगा।
Jad Kata Ped Tatha Anya Laghu Kathayen "जड़-कटा पेड़ तथा अन्य लघुकथाएँ" | Short Fiction Stories Book in Hindi
- Author Name:
Ramniwas ‘Manav’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sosobonga | A Famous Religious Saga of Mundas Book In Hindi
- Author Name:
Jagdish Trigunayat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mobile Journalism
- Author Name:
Dr. Rahul Dass
- Book Type:

- Description: This book on mobile journalism stitches together a tapestry of knowledge that will enable academics, students and the common people to have a deep and sound understanding about MoJo. Mobile journalism has seen an exponential growth in the recent years, with a large number of people taking to MoJo in their effort to tell stories. The mobile phone has practically revolutionized the way journalism was being pursued and significantly opened up the field of mass communication. The journey of the mobile phone from just being an instrument for making and receiving calls to today being the harbinger of change has been dramatic and perhaps, without any parallel. It is a fine example of the impact that technology has on everyday life of the ordinary people. A key aspect of this phenomenal growth has been the rapid advances in the technology that is now rolled into the mobile phone. Right from shooting high- quality images and videos to the software that can process those files to mind-boggling storage to handling a wide variety of activities, necessary for storytelling are now a part and parcel of mobile phones. Intrepid journalists as well as common people are now able to do a number of tasks for which they were earlier dependent on desktops and laptops. To generate and share stories on the move is an important differentiator.
Ayoddhya Ka Rawan Lanka Ke Ram
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhuvneshwar Samagra
- Author Name:
Bhuvneshwar
- Book Type:

- Description: भुवनेश्वर प्रेमचन्द की खोज हैं। इसके दो प्रमाण हैं—(1) उनकी अब तक प्राप्त 12 कहानियों में से 9 और अब तक प्राप्त 17 नाटकों में से 9 प्रेमचन्द द्वारा संस्थापित ‘हंस’ पत्रिका में ही प्रकाशित हुए। और (2) भुवनेश्वर की पहली और एकमात्र प्रकाशित किताब ‘कारवाँ’ की पहली समीक्षा ख़ुद प्रेमचन्द ने लिखी। लेकिन भुवनेश्वर मात्र एक कहानीकार–एकांकीकार ही नहीं, एक उत्कृष्ट कवि, सूक्तिकार और मारक टिप्पणीकार भी हैं। अपने सम्पूर्ण लेखन में वे कहीं भी दबी ज़बान से नहीं बोलते। उनकी अंग्रेज़ी की 10 कविताओं में सत्यकथन की अघोर हिंसा का जो हाहाकार है वह हिन्दी कविता के तत्कालीन (छायावादी) वातावरण के बिलकुल विपरीत और अत्याधुनिक है। भुवनेश्वर ने ‘डाकमुंशी’ और ‘एक रात’ जैसी कहानियाँ लिखकर प्रेमचन्द के चरित्रवाद और घटनात्मक कथानकवाद का एक ‘तोड़’ प्रस्तुत किया। उनकी ‘भेड़िये’ कहानी आज की गलाकाट प्रतियोगिताओं की एक प्रतीकात्मक पूर्व–झाँकी है, जहाँ अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए दूसरों की बलि चढ़ाने में ज़रा भी हिचक नहीं। उनके प्रसिद्ध नाटक ‘ताँबे के कीड़े’ में संवादों के होते हुए भी संवादात्मकता का पूरी तरह लोप है। भुवनेश्वर के सम्पूर्ण लेखन में सन्नाटे का एक ‘अनहद’ है जो कहीं से भी आध्यात्मिक नहीं। भुवनेश्वर हिन्दी के एक ऐसे उपेक्षित और भुलाए गए लेखक हैं, जो अपनी पैदाइश के आज सौ वर्षों बाद अब ज़्यादा प्रासंगिक और आधुनिक नज़र आते हैं। भुवनेश्वर आने वाली पीढ़ियों के लेखक हैं।
Modon Se Gujarte Huye "मोड़ों से गुजरते हुए" Book In Hindi
- Author Name:
Jyoti Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KHEL-KHEL MEIN GANIT (FC)
- Author Name:
SHAILENDRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Dalit Andolan Ka Itihas : Vols. 1-4
- Author Name:
Mohandas Naimisharay
- Book Type:

-
Description:
अतीत कभी सम्पूर्ण रूप से व्यतीत नहीं होता। बहुआयामी समय के साथ वह भिन्न–भिन्न रूपों में प्रकट होता रहता है। इतिहास अतीत का उत्खनन करते हुए उसमें व्याप्त सभ्यता, संस्कृति, नैतिकता, अन्तर्विरोध, अन्त:संघर्ष, विचार एवं विमर्श आदि के सूत्रों को व्यापक सामाजिक हित में उद्घाटित करता है। कारण अनेक हैं किन्तु इस यथार्थ को स्वीकारना होगा कि भारतीय समाज का इतिहास लिखते समय ‘दलित समाज’ के साथ सम्यक् न्याय नहीं किया गया। भारतीय समाज की संरचना, सुव्यवस्था, सुरक्षा व समृद्धि में ‘दलित समाज’ का महत्त्वपूर्ण योगदान होते हुए भी उसकी ‘योजनापूर्ण उपेक्षा’ की गई। ‘भारतीय दलित आन्दोलन’ का इतिहास (चार खंड) इस उपेक्षा का रचनात्मक प्रतिकार एवं वृहत्तर भारतीय इतिहास में दलित समाज की भूमिका रेखांकित करने का ऐतिहासिक उपक्रम है।
सुप्रसिद्ध दलित रचनाकार, सम्पादक एवं मनीषी मोहनदास नैमिशराय ने प्राय: दो दशकों के अथक अनुसन्धान के उपरान्त इस ग्रन्थ की रचना की है। दलित समाज, दलित अस्मिता–विमर्श तथा दलित आन्दोलन का प्रामाणिक दस्तावेज़ीकरण एवं तार्किक विश्लेषण करता यह ग्रन्थ एक विरल उपलब्धि है। आधुनिक भारतीय समाज की समतामूलक संकल्पना को पुष्ट और प्रशस्त करते हुए मोहनदास नैमिशराय स्वतंत्रता, समता, न्याय और बन्धुत्व जैसे शब्दों का यथार्थवादी परीक्षण भी करते हैं।
वस्तुत: भारतीय दलित आन्दोलन का इतिहास हज़ारों वर्ष पुराने भारतीय समाज की सशक्त सभ्यता–समीक्षा है। ग्रन्थ का प्रथम भाग ‘पूर्व आम्बेडकर भारत’ में निहित सामाजिक सच्चाइयों को उद्घाटित करता है। मध्यकालीन सन्तों के सुधारवादी आन्दोलन से प्रारम्भ कर दलित देवदासी प्रश्न, भंगी समाज, जाटव, महार, दुसाध, कोली, चांडाल और धानुक आदि जातियों के उल्लेखनीय इतिहास; ईसाइयत और इस्लाम से दलित के रिश्ते; आम्बेडकर से पहले बौद्ध धर्म एवं दक्षिण भारत में जातीय संरचना आदि का प्रामाणिक विवरण–विश्लेषण है। दलित आन्दोलन में अग्रणी व्यक्तित्वों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व संस्थाओं का वर्णन है। पंजाब और उत्तराखंड में दलित आन्दोलन की प्रक्रिया और उसके परिणाम रेखांकित हैं।
पाठकों, लेखकों, अनुसन्धानकर्ताओं, मीडियाकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सजग नागरिकों के लिए पठनीय–संग्रहणीय। गाँव से लेकर महानगर तक प्रत्येक पुस्तकालय की अनिवार्य आवश्यकता।
Changemaker DM Jhansi Success Model ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Know About RSS
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swayam Ki Khoj
- Author Name:
Dr. Sanjay Biyani
- Book Type:

- Description: अक्सर हम यही समझते हैं कि हमारी जिंदगी में परेशानियों का कारण बाहर है, लेकिन जब मैंने बहुत खोज की तो पाया कि ऐसा नहीं है। वास्तव में जिंदगी आशा और निराशा दोनों से मिलकर बनती है | जिंदगी खुशी और गम दोनों से मिलकर बनती है | निराशा व हताशा के समय हम लोग बहुत घबरा जाते हैं और कुछ लोग तो जिंदगी से रुखसत होने की भी सोचने लगते हैं; लेकिन वास्तव में हमारा सही मायने में विकास तो इसी कारण से आरंभ होता है | यह पुस्तक आपके जीवन में निराशा को खत्म कर देगी, आपके जीवन में आशा लेकर आएगी; आपको अधिक ऊर्जा के साथ काम करना सिखाएगी; आपमें प्रेम और त्याग को लाएगी; आपके जीवन में सहजता और सरलता लाएगी; आपके कार्य करने की क्षमता और अधिक बढ़ जाएणी, और आप कहेंगे-वाह! मजा आ गया! वास्तव में जिंदगी तो बहुत खूबसूरत है। आपके जीवन में निराशा, हताशा, कुंठा भले ही रहे, परंतु उन्हें डील करने का आपका तरीका काफी हद तक बदल जाएगा | आप इन सब परिस्थितियों को हँसी-खुशी से लेने लगेंगे | अपने जीवन में झाँककर परिस्थितियों से जूअभकर, सफलता का मार्ण ढूँढ़ने का मार्ग दिखाती है यह पुस्तक “स्वयं की खोज” |
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book