Nibandh Sagar
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789386300324
-
Pages328
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Phoolon Ki Boli
- Author Name:
Vrindavan Lal Verma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
India's Philosophic Quest: Call of The Self
- Author Name:
Pranav Khullar
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sundarakanda
- Author Name:
Tulsidas
- Book Type:

- Description:
संवत् 1631 में तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना प्रारंभ की। दो वर्ष, सात महीने और छब्बीस दिन में यह अद्भुत ग्रंथ संपन्न हुआ। सुंदरकांड मूलतः गोस्वामी तुलसीदास कृत इसी श्रीरामचरित मानस का एक भाग है। सुंदरकांड में हनुमानजी द्वारा किए गए महान् कार्यों का वर्णन है। मानस पाठ में सुंदरकांड के पाठ का विशेष महत्त्व माना जाता है। सुंदरकांड में हनुमान का लंका प्रस्थान, लंका दहन कर लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं। साथ ही उनकी असीम शक्ति, बुद्धि-कौशल और अनन्य भक्ति का पता चलता है। सुंदरकांड का पारायण वाले साधक को असीम ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त होती है।
Rashtriya Evam Antarrashtriya Sangathan
- Author Name:
Shailesh Kumar
- Book Type:

- Description:
राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय संगठन हिन्दी माध्यम से प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के मार्गदर्शन के उद्देश्य से लिखी गई है। प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के दौरान प्रतिभागियों को सामान्य अध्ययन की तैयारी के लिए विविध स्रोतों से सामग्री एकत्रित करनी पड़ती है। विषयवार ढंग से सामग्री को एक जगह उपलब्ध होना अत्यनत उपयोगी है। इस समन्दर्भ में यह किताब महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इस विषय पर हिन्दी में मुकम्मल किताब अब तक नहीं की।
इसमें प्रतियोगिता परीक्षाओं को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय संगठनों की संक्षिप्त लेकिन सारगर्भित और बिन्दुवार जानकारी दी गई है। वस्तुत: राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के बारे में जानना अपने आपकों जानने की प्रक्रिया का अभिन्न अंग है। आज के गतिशील विश्व में सभी संघटन चाहे वे राजनैतिक हों, आर्थिक हों, सामरिक हों या सामाजिक-सांस्कृतिक हों एक-दूसरे से जुड़े हैं। यदि आप इनका सम्यक् ज्ञान रखें तो इनके अन्तर्सम्बन्धों एवं आन्तरिक जुड़ाव को भलीभाँति समझ सकते हैं। सिविल सेवा की परीक्षा के प्रत्येक स्तर पर चाहे वह प्रारम्भिक परीक्षा हो या मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार-इस ज्ञान की अपरिहार्यता से इनकार नहीं किया जा सकता। न केवल सीधे-सीधे प्रश्नों में बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से राजनीति, समाजशास्त्र तथा अर्थाशास्त्र से जुड़े प्रश्नों में इन संस्थाओं के विषय में आपका ज्ञान आपको लाभ पहुँचाएगा।
यह किताब मुख्यत: तथ्यात्मक है एवं इसमें सिविल सेवा परीक्षा सहित सभी महत्त्वपूर्ण परीक्षाओं को ध्यान में रखकर तथ्यों को क्रम दिया गया है।
Manoranjak Ganit
- Author Name:
Shriniwas Rao
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Manas Madhu
- Author Name:
Ashok Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Musings on Parenting
- Author Name:
Dr. Meenu Sodhi Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Himmat, Mehanat Aur Neeyat Thoughts of Colonel Kirori Singh Bainsla
- Author Name:
Sunita Bainsla
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
The Invisible Man
- Author Name:
H. G. Wells
- Book Type:

- Description:
The Invisible Man is a science fiction novel by H. G. Wells. Originally serialized in Pearson's Weekly in 1897, it was published as a novel the same year. The invisible man to whom the title refers is Griffin, a scientist who has devoted himself to research into optics and who invents a way to change a body's refractive index to that of air so that it neither absorbs nor reflects light. He carries out this procedure on himself and renders himself invisible, but he fails in his attempt to reverse it. Griffin, a practitioner of random and irresponsible violence, has become an iconic character in horror fiction.
Vedon Ki Kathayen
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
JSSC CGL Book Jharkhand 2023 Guide Solved Papers Paper I and Paper III Practice Sets Book In Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
AAPSI MELJOL KI KAHANIYAN
- Author Name:
SHEKHAR
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Aakranta, Kroorta Aur Shadyantra | Untold History Of India Book in Hindi
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Dharti Ki Pukar
- Author Name:
Sundarlal Bahuguna
- Book Type:

- Description:
विकास बनाम पर्यावरण इस सदी की सबसे बड़ी बहसों में से एक है। आज जबकि पूरी दुनिया में पर्यावरण-चेतना फैल रही है और विकास की लगभग हर गतिविधि के लिए पर्यावरणीय मानदंड निर्धारित किए जा रहे हैं, फिर भी विकासवादी निरन्तर इस कोशिश में रहते हैं कि पर्यावरणीय ख़तरों की अनदेखी करके भी किस तरह कोई बड़ा बाँध, कोई बड़ी परियोजना शुरू की जाए। इसलिए जब सुन्दरलाल बहुगुणा दुनिया के अन्य पर्यावरणविदों के साथ सुर मिलाकर यह कहते हैं कि तीसरा विश्वयुद्ध छिड़ गया है और वह तथाकथित विकासवादियों द्वारा प्रकृति के विरुद्ध छेड़ा गया है, तो वे ग़लत नहीं होते।
वे कहते हैं, ‘‘प्रश्न केवल विकास के विरोध का नहीं है, ज़िन्दा रहने के अधिकार की रक्षा का है। जिन परियोजनाओं को सरकारी मीडिया और शासन व अर्थनीति पर हावी आभिजात्य वर्ग देश के त्वरित विकास के लिए अनिवार्य मानता है, उन परियोजनाओं के औचित्य को चुनौती देनेवालों को विदेशी एजेंट, देशद्रोही और विकास के दुश्मन के रूप में प्रचारित किया जाता है।’’
सुन्दरलाल बहुगुणा भी इस दृष्टि से बौद्धिक समाज में नायक और खलनायक दोनों हैं। लेकिन हिमालय, गंगा, जंगल और टिहरी बाँध को लेकर जो सवाल बहुगुणा ने खड़े किए हैं और सरकार की प्रकृति-विरोधी नीतियों का पर्दाफ़ाश किया है, उसमें शायद ही किसी को आपत्ति हो। साथ ही उन्होंने विकास की जो वैकल्पिक दृष्टि दी है, उससे भी किसी को परहेज़ नहीं होगा।
यह पुस्तक ‘धरती की पुकार’ बहुगुणा जी के चिन्तन का सार है। इसमें ‘चिपको आन्दोलन’ से लेकर टिहरी बाँध के विरोध में उनके लम्बे उपवासों तक की चिन्तनभूमि के दर्शन होते हैं। आशा है, यह पुस्तक विकास और पर्यावरण के रिश्तों को सही परिप्रेक्ष्य में देखने-समझने में मदद करेगी।
Sanskritik Rashtravad Ke Agradoot Pt. Deendayal Upadhyaya
- Author Name:
Dr. Guptisagarji Gurudev
- Book Type:

- Description:
पं दीनदयाल उपाध्याय बीसवीं शताब्दी को अपने विलक्षण व्यक्तित्व, अपरिमेय कर्तृत्व एवं क्रांतिकारी दृष्टिकोण से प्रभावित करनेवाले युगद्रष्टा ऋषि, महर्षि एवं ब्रह्मर्षि थे। उपाध्यायजी के पुरुषार्थी जीवन की सबसे बड़ी पहचान है गत्यात्मकता। वे अपने जीवन में कभी कहीं रुके नहीं, झुके नहीं। यही कारण है कि समस्त प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपने लक्ष्य के दीप को सुरक्षित रखते हुए उदभासित किया। उन्होंने राष्ट्र-प्रेम को सर्वोच्च स्थान देने के साथ-साथ, शिक्षा, साहित्य, शोध, सेवा, संगठन, संस्कृति, साधना सभी के साथ जीवन-मूल्यों को तलाशा, उन्हें जीवन-शैली से जोड़ा। इस पुस्तक में पंडितजी को एक ऐसे राजनेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने न केवल स्वयं भारत को भारत के दृष्टिकोण से जानने-समझने-देखने की दृष्टि विकसित की, अपितु दूसरों को भी वैसी ही संदृष्टि प्रदान की। भारत की चिति एवं प्रकृति के मौलिक एवं सूक्ष्म द्रष्टा थे 'पं. दीनदयाल उपाध्यायजी, जिन्होंने सही अर्थों में व्यष्टि एवं समष्टि के चिरंतन सत्य एवं सदियों के अनुभव का साक्षात्कार कर, एक ऐसे उदबोध को प्रवृत्त किया, जिसका स्पंदन भारत की माटी में समाहित है। यह कृति “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत : पं. दीनदयाल उपाध्याय ' पंडितजी के विचार पाथेय को जन-जन तक पहुँचाने में निमित्त बनेगी और भारतीय संस्कृति के बिंब, जन-संस्कृति के रूप में वैश्विक धरातल पर नई चेतना को स्फूर्त करेगी; ऐसा दृढ़ विश्वास है।
Qaidi Ki Patni
- Author Name:
Shriramvriksh Benipuri
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
BPSC BIHAR SHIKSHAK BAHALI CLASS 6 TO 12 PRATHMIK GANIT
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Naye Bharat ki Nyayik Kranti 2020
- Author Name:
Brijesh Bahadur Singh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
SOTI RAJKUMARI
- Author Name:
Yash
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Gulliver's Travels
- Author Name:
Jonathan Swift
- Book Type:

- Description:
Gulliver’s Travels describes the four voyages of Lemuel Gulliver, a ship's surgeon. In Lilliput, he discovers a world in miniature. Towering over the people and their city, he is able to view their society from the viewpoint of a god. However, in Brobdingnag, a land of giants, tiny Gulliver himself comes under observation, exhibited as a curiosity at markets and fairs. On Laputa, a flying island, he encounters a society of speculators and projectors who have lost all grip on everyday reality. While they plan and calculate, their country lies in ruins. Gulliver's final voyage takes him to the land of the Houyhnhnms, gentle horses whom he quickly comes to admire, in contrast to the Yahoos, filthy bestial creatures who bear a disturbing resemblance to humans.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book