Mere Ram Sabke Ram "मेरे राम सबके राम" Book in Hindi - Fazle Gufran
Author:
Fazle GufranPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355215116
Pages: 152
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
The Road to Infinity
- Author Name:
Tanbir Dhingra
- Rating:
- Book Type:

- Description: "A Self-Exploratory Odyssey to ‘Infinity’ and ‘Beyond’ with Infinite Thoughts encapsulating Infinite Emotions in Infinite Moments giving Infinite Chances to explore ‘Who You Are in the quest for ‘What Is life’. A magically crafted peregrination of quotations reveals a deep longing for a greater sense of meaning, happiness and contentment. It helps to create enchanting thoughts that incorporate the classic tools of transformation into a simple philosophy of living. This is not just another book that should find its way to the self-help shelf; rather it’s a coach to motivate you and a best friend to inspire you forever. The book teaches us wisdom to: Build a Life of Passion, Purpose and Peace Value Time as our most important commodity Stay Fit by creating healthy habits not restrictions Nourish our Relationships and value things we Love Cultivate innovation of Colors and creativity from Nature
Warmth वार्म्थ Words For Anyone Trying To Move On | Poetry Book in Hindi
- Author Name:
Rithvik Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agyey Kahani Sanchayan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

-
Description:
‘अज्ञेय’ का समय। आज़ादी के पहले और ठीक बाद में बिंधा। ऐसा समय जो क़तई हल्का नहीं बैठता, काँधों पर। चूँकि अतिरिक्त ज़ोर, दबाव और मक़सद की मची है कि हम निर्माण कर रहे हैं एक नए वक़्त का और हम करके रहेंगे।
भूलने, भटकने की कलाकार की प्यास, वक़्त की इन औचित्यपूर्ण, निष्ठा-भरी माँगों के भार में फँसती-सी है। कभी तो यह अहसास, ख़ासे प्रत्यक्ष तरह से, ‘अज्ञेय’ के लेखन में झलकता है। वाक़ई अज्ञेय एक नई भाषा गढ़ रहे हैं, इतनी गम्भीरता से कि बीन-बीन के उठा लाए हैं शब्द जो नए गठबन्धनों में असमंजस से हमें ताक रहे हैं।
‘अज्ञेय’ की कहानियों में विषय की ग़ज़ब की विविधता है, भाषा, शैली की भी। प्रकृति-मानव का रिश्ता है कहीं, रचना-प्रक्रिया पर ख़याल कहीं, प्राचीन मिथक कहीं, और देश-विदेश का इतिहास—रूस, चीन, तुर्की, मुल्क का बँटवारा—आदम हउवा कहाँ-कहाँ ले जाती है जानने, महसूस करने की उनकी ललक।
कहानियाँ ख़ुद कहेंगी। बकौल अज्ञेय : ‘कहानी पर प्रत्यय रखो, लेखक पर नहीं।’
आइए, आप भी इस प्रगाढ़ ‘अज्ञेय’ माहौल में...।
—भूमिका से
Ek Kadam Hazar Afsane
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
THE AUTOBIOGRAPHY OF THE TAJ
- Author Name:
Vandita Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gadfly
- Author Name:
E.L. Voynich
- Book Type:

- Description: ‘गैडफ्लाई’ क्रान्तिकारी विचारों के वाहक के रूप में अत्यन्त लोकप्रिय रहा है। इसका मुख्य पात्र आर्थर बर्टन है जिसके जीवन में आस्था, आदर्श, साहस, प्रेम, क्रान्ति और त्रासदी का अपूर्व मेल दिखाई देता है। उन्नीसवीं सदी के मध्य के उथल-पुथल भरे इटली में वह ऐसा युवक है, जो क्रान्तिकारी विचारों से परिचित होने पर पादरी बनने की पढ़ाई और धर्म से किनारा कर लेता है; और पत्रकार बनकर स्वयं क्रान्तिकारी विचारों का प्रचार करने लगता है। वह अपने पिता के दोहरेपन को भी स्वीकार नहीं करता। रोमांच और दार्शनिकता से भरपूर यह कहानी अन्तत: एक रक्तरंजित परिणति को प्राप्त करती है जहाँ आर्थर बर्टन को उसके विचारों के कारण जान गँवानी पड़ती है। उसकी प्रेम-कथा इस परिणति की त्रासदी को और गहरा बनाती है। लेकिन उसके विचार और संघर्ष दूसरों के लिए प्रेरक बन जाते हैं। वास्तव में, मानवीय स्वतंत्रता और गरिमा को ख़त्म करने वाले सामाजिक मानदंडों का जिस स्पष्टता से इस उपन्यास में विरोध किया गया है उसने इसको सार्वकालिक महत्त्व का बना दिया है।
Mahakati Bagiya
- Author Name:
Smt. Shubhangi Bhadbhade
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Inspiration
- Author Name:
Rajesh Aggarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acchi Kahani : Avdharna Aur Pahchan
- Author Name:
Shankar
- Book Type:

- Description: Criticism
Phir Jeete Shri Ram
- Author Name:
Balveer Singh
- Book Type:

- Description: वह रात जागरण वाली थी जी हाँ! वह जागरण की ही रात थी। मुलायम सिंह जागते रहे थे इस चाव में कि कल 30 अक्तूबर को डेढ़ कार सेवक भी उनकी प्रिय मसजिद की ओर नहीं बढ़ पाएगा तो मैं किन शब्दों में अपनी महान् विजय का बखान दूरदर्शन पर करूँगा। लाखों कार सेवक जागते रहे इस ललक, उछाह और सौभाग्य की प्रतीक्षा में कि कब दिन निकले और हमें अपने आराध्य रामलला के श्रीचरणों में जीवन पुष्प चढ़ाने का सौभाग्य मिले। हवाएँ, तारक मालाएँ, अनंत आकाश और धवल चंद्रमा जागते रहे उन राम सेनानियों पर आशीषों की वर्षा करने में जो कल अपने प्राण हथेली पर लेकर निहत्थे मशीनगनों की गोलियों की बौछारों में सीने तानकर आगे बढ़ेंगे। और माँ सरयू जाग रही थी उस पावन रक्त के अपनी जलनाशि में आ मिलने की आशंका में दहती हुई जो कल अयोध्या की गलियों और उसके पुल पर बहने वाला है। उस रात तो स्वयं नींद भी जागी थी। पल-पल का मोल अमोल और अनमोल हो उठा था।
Ek Chhatra Ka Mukadama
- Author Name:
Seema Pradhan Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Peer Purani Mat Rakhna
- Author Name:
Vishala Joravar Singh
- Book Type:

- Description: Book
THE RICHEST MAN IN BABYLON
- Author Name:
George S. Clason
- Rating:
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have any Description
Pradakshina Ke Patra | प्रदक्षिणा के पात्र | Description Poem of Tulsi's Ramcharitmanas | Yogendra Prasad Book in Hindi
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raghuvansh Ki Kathayen
- Author Name:
K.K. Krishnan Nambootiri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vijayi Bhav
- Author Name:
Dr.A.P.J. Abdul Kalam/Arun Kumar Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
AAO RANGON KO PAHACHANEN
- Author Name:
Mahesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dostoevsky Ka Ghoda
- Author Name:
Shachinder Arya
- Rating:
- Book Type:

- Description: शचींद्र आर्य की किताब 'दोस्तोएवस्की का घोड़ा' से गुज़रते कुछ ऐसा एहसास हुआ कि कोई अपने मन के अंतरंग कोनों अतरों को परत दर परत उधेड़ रहा है बिना हिचक के, ज़रा निस्संग हुये और एक जगह जहाँ वो लिखते हैं, कुछ ऐसी जगहें होती हैं जहाँ हम खुद होते हैं अपने आप में बिलकुल नंगे, तो इन्हीं गलियों में शचींद्र हमें लिये चलते हैं, बहुत ईमानदारी से, बहुत हौसले से। बहुत सरलता से। इन पन्नों में हम उनके बचपन, उनके परिवार, उनकी दुनिया और दोस्त अहबाब, जि़ंदगी के तमाम ज़द्दोज़हद और रंगीनी, जीवन के दुलार और मीठेपन को उनकी नज़र से देखते चलते हैं, उनके पढऩे और उन पढ़े का उनपर असर को देखते हैं और धीरे-धीरे उनकी दुनिया हमारे भीतर सहजता से प्रवेश करती जाती है। एक किस्म के ठहराव और संजीदगी के साथ। तब उनकी दुनिया सिर्फ उनकी नहीं रह जाती, कुछ कुछ हमारी भी होती जाती है। कथेतर के इस कथ्य में उन्होंने जो पारदर्शिता दिखाई है, जो बुनावट और कहन का हुनर दिखाया है, जो परिपक्वता दिखाई है वो खुशी और उम्मीद जगाने वाली बात है। इसलिये भी कि वो पारंपरिक विधा से अपने को अलग करते दिखते हैं। डायरी की विधा ऐसी नहीं कि नई है पर शुरुआती दौर में इस तरह की दुनिया में प्रवेश कर लेने की साध सुखद है। ये सचमुच 'याद की किताब' है' और उनकी याद में हमारी याद भी घुलती मिलती चलती है, इसकी उन्हें बहुत बधाई और अशेष शुभकामनायें। —प्रत्यक्षा
Premchand Ki Shesh Rachanayen
- Author Name:
Pradeep Jain
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्द का इतना अधिक कथा तथा कथेतर लुप्त साहित्य प्रकाश में आने के बाद भी ऐसा लगता है कि उनकी कुछ और उर्दू-हिन्दी कहानियाँ तथा लेख अब भी यत्र-तत्र पुरानी पत्र-पत्रिकाओं में दबे पड़े हैं और उन्हें खोजकर प्रकाश में लाना अभी शेष है। दोनों भाषाओं में स्वतंत्र लेखन करनेवाले प्रेमचन्द जैसे द्विभाषी लेखक की तत्कालीन पत्र-पत्रिकाओं में जहाँ-तहाँ दबी पड़ी पुरानी सामग्री की खोज का कार्य काफ़ी दुष्कर है। इसका मुख्य कारण है—उस समय की पत्र-पत्रिकाओं का सुगमता से उपलब्ध न होना और दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान रखनेवाले खोजी प्रकृति के लगनशील शोधकर्मियों का अभाव। एक अन्य कारण यह भी है कि कभी-कभी प्रेमचन्द ने कुछ रचनाएँ धनपतराय, नवाबराय या प्रेमचन्द के अतिरिक्त कतिपय अन्य काल्पनिक नामों से भी लिखी हैं जिसकी जानकारी कम ही लोगों को है। ऐसे नामों से लिखी कुछ रचनाएँ प्रकाश में आ भी चुकी हैं। यद्यपि प्रचलित नामों के अतिरिक्त अन्य नामों से लिखी रचनाओं की संख्या बहुत अधिक तो नहीं प्रतीत होती, परन्तु अब भी कुछ रचनाएँ यदि कहीं दबी पड़ी हैं तो उन्हें भी खोजकर प्रकाश में लाना महत्त्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी। सौभाग्य से डॉ. प्रदीप जैन के रूप में एक ऐसे निष्ठावान और उत्साही व्यक्ति ने इस शोध-कार्य को अपने हाथों में लिया है जो हिन्दी साहित्य के विद्वान् होने के साथ ही उर्दू भाषा के भी अच्छे ज्ञाता हैं। विगत कुछ वर्षों से उनके द्वारा किए जा रहे महत्त्वपूर्ण शोध-कार्य का ही परिणाम है प्रस्तुत शोध-ग्रन्थ, जिसके माध्यम से प्रेमचन्द की छह लुप्त कहानियों और सात लुप्त लेखों के साथ दिल्ली प्रान्तीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन में दिया गया भाषण और अहमद अली, सज्जाद जहीर एवं पं. देवीदत्त शुक्ल के नाम लिखे गए अनेक दुर्लभ पत्र तथा सरस्वती प्रेस के विवाद के सम्बन्ध में प्रेमचन्द-महताबराय के मध्य हुआ दुर्लभ पत्राचार भी प्रकाश में आ सका है। इस शोध-ग्रन्थ का विद्वत्तापूर्ण विस्तृत प्राक्कथन लिखकर डॉ. प्रदीप जैन ने उसका महत्त्व और भी बढ़ा दिया है। —कृष्ण कुमार राय
Bharat Ka Samvidhan: The Constitution of India Bare Act with Short Notes: Useful for Competitive Examinations (Hindi Edition)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book