MERE DESH KE MAHAN KRANTIKARI (RAMPRASAD)
(0)
₹
100
₹ 80 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789392574740
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Pul Tootane Se Pahle
- Author Name:
Vishnu Prabhakar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
PERFECT ENDINGS
- Author Name:
Elsa Lycias Joel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tulsi Dal, Gangajal
- Author Name:
Rita Shukla
- Book Type:

- Description: अखिलेश काका ने बड़ी रुखाई के साथ कंधे पर रखा बाबूजी का हाथ हटा दिया था और कार में बैठ गए थे। “कोने में रखा दीपक सुगबुगा रहा है। तीन रातों से लगातार जल जो रहा है। बाबूजी निश्चल बैठे हैं। उनकी आँखें मुँदनेवाली नहीं। छोटकी आजी की अपेक्षा उनमें मूर्त है। आजी को गंगाजल चाहिए--जीवन-मुक्ति का अंतिम पाथेय ! आजी की पंचभूत काया बाबूजी की बाँहों में अवशिष्ट है। अब कोई राग नहीं, क्रोध नहीं, ईर्ष्या नहीं'''सारे भाव विसर्जित हो गए। आजी की आँखें बंद हैं, मुँह खुला हुआ- बाबूजी के अंतिम फर्ज की ओर इंगित करता मुखाग्नि जो देनी है। —इसी पुस्तक से भारतीय संस्कृति, जिन सनातन उपादानों से समृद्ध है, उनमें तुलसीदल और गंगाजल का विशेष महत्त्व है। पौराणिक कथा-सूत्रों के अनुसार तुलसी अर्थात् वृंदा घर-आँगन को पावन करती, चतुर्दिक् आस्था के दीपक की आभा भरती है। निर्मल गंगाजल, जिसके बिना हमारे जीवन का कोई भी अनुष्ठान पूर्ण नहीं होता। भवतारिणी गंगा का सुशीतल स्पर्श अनुपमेय सुख-शांति प्रदान करनेवाला है। हिंदी की सुप्रसिद्ध कथाकार डॉ. ऋता शुक्ल विरचित करुणा के रस में पगी ये कहानियाँ मनुष्यता की सच्ची उजास का संधान करती आपके समक्ष प्रस्तुत हैं ।
Naye Bharat ki Nyayik Kranti 2020
- Author Name:
Brijesh Bahadur Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Village Defence Committees | The Saviours of Jammu and kashmir
- Author Name:
Dr. Annu Kotwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskrit for English Speaking People
- Author Name:
Dr. Ratnakar Narale
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kisan Andolan Aa Mithila Samaj
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: A Collection of Maithili Articles Collected from Antika Magazine
The Art of Letting Go | Forgive People And Move On! Motivational, Inspirational & Personality Development
- Author Name:
Damon Zahariades
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nirala Rachanawali : Vols. 1-8
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

-
Description:
निराला “आरम्भ से ही विद्रोही कवि के रूप में हिन्दी में दिखाई पड़े। गतानुगतिकता के प्रति तीव्र विद्रोह उनकी कविताओं में आदि से अन्त तक बना रहा। व्यक्तित्व की जैसी निर्बाध अभिव्यक्ति इनकी रचनाओं में हुई है, वैसी अन्य छायावादी कवियों में नहीं हुई।...सर्वत्र व्यक्तित्व की अत्यन्त पुरुष अभिव्यक्ति ही निराला की कविताओं का प्रधान आकर्षण है। फिर भी विरोधाभास यह है कि निराला में अपने व्यक्तित्व को सबसे अलग करके अभिव्यक्त करने की चेतना सबसे कम है।...यह ध्यान देने की बात है कि निराला जी के आरम्भिक प्रयोग छन्द के बन्धन से मुक्ति पाने का प्रयास है। छन्द के बन्धनों के प्रति विद्रोह करके उन्होंने उस मध्ययुगीन मनोवृत्ति पर ही पहला आघात किया था जो छन्द और कविता को प्राय: समानार्थक समझने लगी थी।...परन्तु निराला जी ने जब छन्दों के प्रति विद्रोह किया तो उनका उद्देश्य छन्द की अनुपयोगिता बताना नहीं था। वे केवल कविता में भावों की—व्यक्तिगत अनुभूति के भावों की—स्वछन्द अभिव्यक्ति को महत्त्व देना चाहते थे। जिसे वे मुक्तछन्द कहते थे, उसमें भी एक प्रकार की झंकार और एक प्रकार का ताल विद्यमान है। परिमल की जिन रचनाओं में वस्तु-व्यंजना की ओर कवि का ध्यान है, उनमें उनका व्यक्तित्व स्पष्ट नहीं हुआ किन्तु ‘तुम और मैं’, ‘जूही की कली’ जैसी कविताओं में उनकी कल्पना उनके आवेगों के साथ होड़ करती है। यही कारण है कि ये कविताएँ बहुत लोकप्रिय हुई हैं। बड़े कथात्मक प्रयोगों में निराला जी को अधिक सफलता मिली। वे पन्त की तरह अत्यधिक वैयक्तिकतावादी कवि नहीं हैं। बड़े आख्यानों—जैसे काव्य-विषय में उन्हें वस्तु-व्यंजना का भी अवसर मिला है और कल्पना के पंख पसारने का भी मौक़ा मिल जाता है। इसीलिए उनमें निराला अधिक सफल हुए हैं। ‘तुलसीदास’, ‘राम की शक्तिपूजा’ और ‘सरोज-स्मृति’ जैसी कविताएँ उनकी सर्वोत्तम कृतियाँ हैं। इनमें भाषा का
अद्भुत प्रवाह पाठक को निरन्तर व्यस्त बनाए रहता है। कल्पना यहाँ आवेगों के सामने फीकी लगती है।”—हजारी प्रसाद द्विवेदी
‘परिमल’, ‘गीतिका’, ‘अनामिका’ और ‘तुलसीदास’ नामक काव्यकृतियों को सँजोए हुए रचनावली का यह खंड महाकवि की पूर्ववर्ती काव्य-साधना का सजीव साक्ष्य प्रस्तुत करता है। विचार-समृद्ध भावोद्रेक और सहज उदात्त स्वर निराला-काव्य की विशिष्ट पहचान है और अपनी काव्य-साधना के माध्यम से उन्होंने वस्तुओं एवं घटनाओं के भीतर पैठकर असाधारण रूप से भावात्मक सत्य का सन्धान किया है।
Aao Karein UPSC Crack "आओ करें UPSC क्रैक" Hindi Translation of Let's Crack It : Step by Step UPSC Exam Guide | Winning Strategy To Succeed In Civil Services Exam
- Author Name:
Jitin Yadav, Shweta Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shukrana Guruji "शुकराना गुरूजी" | Guru Ji Ke Anmol Vachan, Guru Ji Chattarpur: Life & Biography Book in Hindi
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rampriya Bharat "रामप्रिय भरत" | Symbol of Service, Determination and Dedication
- Author Name:
Aditya Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Behind Closed Doors, Can I Love you More? - Shilpa Narang Chatwani
- Author Name:
Shilpa Narang Chatwani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BACHCHON KO YAUN DURVYAVHAR SE KAISE BACHAYEN
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Tukant Kosh
- Author Name:
Ramanath Sahai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Milate-Julate Shabdon Ke Manak Prayog
- Author Name:
Ravindra Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat ki Rajneeti ka Uttarayan
- Author Name:
Suryakant Bali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shiksha Ki Sanskriti "शिक्षा की संस्कृति" Book in Hindi- Kalraj Mishra
- Author Name:
Kalraj Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alochna Ki Paridhi
- Author Name:
Gajendra Pathak
- Book Type:

- Description: श्री गजेन्द्र पाठक हिंदी आलोचना में एक सार्थक और जीवंत उपस्थिति हैं। उन्होंने हिंदी नवजागरण पर प्रमुखता से काम करने के साथ-साथ आलोचना को अपने विमर्शात्मक लेखन से समृद्ध किया है। उनकी आलोचना का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यही है कि वे कृति, व्यक्ति और विवेच्य विषय पर विचार करते हुए उसको अनेक संदर्भों के साथ देखते हैं और उसे वर्तमान परिप्रेक्ष्य में घटित कर उसके फलाफल का परीक्षण करते हैं। इससे उनकी आलोचना पाठक को अनेक स्तरों पर समृद्ध तो करती ही है, एक प्रबुद्ध नागरिक के रूप में भी उसे तैयार करती है। कृति के निहितार्थ के परीक्षण के साथ आज के आलोचक का यह बड़ा दायित्व है जिसे श्री पाठक बहुत मनोयोग से निभा रहे हैं। यह आलोचना अपनी संवादात्मकता में हमें साथ-साथ ले चलती है और विवेच्य विषय के साथ-साथ अनेक संदर्भों से परिचित कराती है। इसे पढ़ते हुए भान ही नहीं रहता कि हम कोई आलोचना पढ़ रहे हैं। श्री पाठक की आलोचना इसीलिए सर्जनात्मक आलोचना लगती है... इन सभी विशेषताओं को देखना हो, तो यह आलोचना पुस्तक ‘आलोचना की परिधि’ ध्यान आकृष्ट करती है। पुस्तक में बीस आलोचनात्मक निबंध हैं जो किसी एक विधा पर केन्द्रित नहीं हैं। इसमें कविता, उपन्यास, आत्मकथा और आलोचना की अनेक पुस्तकों पर विचार किया गया है, तो अनेक रचनाकार अपनी समस्त सर्जनात्मक उपादेयता में प्रकट भी होते है... इस रूप में उनकी आलोचना अपनी एक नागरिक जवाबदेही पूरी करती हुई हमें एक सचेत और आलोचनात्मक विवेक से सम्पन्न करती है। --ज्योतिष जोशी
Tum Kahan Ho, Naveen Bhai ?
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book