Maupassan Ki Lokpriya Kahaniyan
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789350482339
-
Pages160
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Lala Hardaul (Hindi)
- Author Name:
Hemant Verma
- Book Type:

- Description: जब दिल्ली की गद्दी पर शाहजहाँ का शासन था, उस समय बुंदेलखंड की गद्दी पर राजा जुझार सिंह आसीन थे। राजा जुझार सिंह के छोटे भाई थे—कुँवर हरदौल। यह उपन्यास कुँवर हरदौल के जीवन पर आधारित है। कुँवर हरदौल को उनकी माँ मरते समय जुझार सिंह की पत्नी रानी चंपावती को सौंपकर गई थीं। रानी चंपावती ने हरदौल को अपने पुत्र की तरह पाला था और हरदौल भी अपनी माँ की तरह ही उनका सम्मान करते थे, लेकिन राजनैतिक षड्यंत्र के चलते शाहजहाँ के बहकावे में आकर राजा जुझार सिंह ने माँ-बेटे के इस पवित्र संबंध पर कालिमा पोत दी और अपनी पत्नी को उसके ही हाथों हरदौल को विष देने पर मजबूर कर दिया था।
Shriramkrishna Paramhans
- Author Name:
Deokinandan Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Letters to My Kids
- Author Name:
Dr. Kirti Sisodia
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
The Art of Option Trading | A Practical Guide To The Stock Market Book in Hindi
- Author Name:
Shyam Sundar Goel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Time Management Aur Safalata
- Author Name:
Suresh Chandra Bhatia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Usi Dehari Par (Stories Book)
- Author Name:
Ushakiran Khan
- Book Type:

- Description: ‘‘हटो, छोड़ो मुझे, मेघ बुन्नी में किधर जाऊँ, सो यहीं चहलकदमी कर रहा हूँ। क्या कहती हो तुम, मैं बैठ जाऊँ?’’ नाराजगी भरे स्वर में कहा। सपना नीचे उनके घुटने के पास बैठ गई। उनके घुटने सहलाने लगी। ‘‘नानाजी, क्या नानी माँ या बूढ़ी नानी ने आपको कभी ऊँट कहा?’’ ‘‘कहा, कहा क्यों नहीं? मेरी माँ ने तो ऊँट, घोड़ा, गदहा सबकुछ कहा। उन्होंने जो कहा, वह मैंने किया। है कि नहीं? बताओ!’’ ‘‘और नानी माँ ने कहा कभी ऊँट?’’ ‘‘नहीं, कभी नहीं।’’ ‘‘पक्का?’’ ‘‘पक्का’’—नाना ने सपना का मुस्कुराता चेहरा इस धुँधले बल्ब में देखा और समझ गए कि इन्हें वह हँसाकर गुस्सा कम करवाना चाहती है। ‘‘चलो उठो और मुझे भी उठने दो। हाथ-पैर धोओ, नानी माँ तुम्हारी राह देख रही हैं। दस बजे से घर से गायब हो। भूखी होगी!’’ —इसी पुस्तक से हिंदी की मूर्धन्य और प्रतिष्ठित साहित्यकार उषाकिरण खान की कहानियाँ मर्मस्पर्शी और संवेदनशील होती हैं। उनकी कथाओं की भावभूमि हमारे अंतस्थल को स्पर्श करती हैं, हमें झकझोरती हैं और सामाजिक ताने-बाने का एक ऐसा स्वरूप बुनती हैं, जो पाठकों को बाँध लेता है। अत्यंत भावपूर्ण और रोचक कहानियों का पठनीय संकलन।
Personal Development Made Easy - A Step-by-Step Guide (English) - Grandmaster Avadhut Das
- Author Name:
Grandmaster Avadhut Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RSS Quiz Book : All You Want To Know About RSS
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
That Night: चार सहेलियाँ, बीस साल: एक डरावना रहस्य (Hindi Translation)
- Author Name:
Nidhi Upadhyay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ye Ram Mere
- Author Name:
Shri Paramanand Swami
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sherlock Holmes ki Bestseller Kahaniyan
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description: This book has no description
A Doctors Story of Life & Death
- Author Name:
Dr. Kakarla Subbarao +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shravan Kumar Ki Prerak Kathayen
- Author Name:
Kumar Praphull
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक माता-पिता के अनन्य भक्त श्रवण कुमार के जीवन पर आधारित है। श्रवण के जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी िशक्षाप्रद कहानियों में एक श्रेष्ठ, होनहार, कर्तव्यनिष्ठ तथा धर्मपालक पुत्र की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। श्रवण कुमार केवल मातृ-पितृभक्त ही नहीं अपितु एक संस्कारी, ज्ञानी, निष्ठावान, साधु, संत एवं गुरुओं का आदर-सत्कार करने में भी आगे रहता था। दयालुता तथा सेवा की भावना उसके मन में कूट-कूटकर भरी थी। अतः पुस्तक में ऐसी अनेक कहानियों को सरल भाषा एवं चित्रों के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जो एक बालक को संस्कारी, निष्ठावान, दयालु, माता-पिता तथा गुरुओं की सेवा के लिए प्रेरक रहेंगी।
MAHARSHI ARVIND
- Author Name:
Meena Manishika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Devrishi Narayan aur Narad Samvad
- Author Name:
Dr. Kislay Panday
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Contemporary Science
- Author Name:
Pallava Bagla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
PRATHAM EVEREST VIJETA EDMUND HILLARY
- Author Name:
Sandeep Kumar
- Book Type:

- Description: "विश्व के सर्वोच्च पर्वत शिखर पर सबसे पहले कदम रखनेवाले सर एडमंड हिलेरी के अंदर इस साहसिक कार्य का जज्बा कूटकूटकर भरा था, लेकिन इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद भी उनका स्वभाव बहुत सहज और सरल रहा। सर एडमंड हिलेरी ने 29 मई, 1953 को केवल 33 साल की आयु में नेपाल के पर्वतारोही शेरपा तेनजिंग नार्गे के साथ माउंट एवरेस्ट पर पहली बार कदम रखा था। न्यूजीलैंड में 20 जुलाई, 1919 को जनमे सर हिलेरी को स्कूल के दिनों से ही पर्वतारोहण का शौक था। उन्होंने एवरेस्ट यात्रा के बाद हिमालय ट्रस्ट के माध्यम से नेपाल के शेरपा लोगों के लिए कई सहायताकार्य भी किए। उन्होंने 1956, 1960, 1961, 1963 और 1965 में भी हिमालय की अन्य चोटियों पर पर्वतारोहण किया था। भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया था। 1985 में हिलेरी को भारत में न्यूजीलैंड का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था। वे बँगलादेश में न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त और नेपाल में राजदूत भी रहे। नेपाल सहित कई अन्य देशों ने भी उन्हें अपने राष्ट्रीय सम्मानों से विभूषित किया। इस पुस्तक में सर एडमंड हिलेरी की रोमांचक जीवनकथा का वर्णन है, जो रोमांचक तो है ही, साथ ही उत्साहितप्रोत्साहित करनेवाली है।"
Spoken English Digest
- Author Name:
Rashmeet Kaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shrilal Shukla Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Shrilal Shukla
- Book Type:

- Description: "श्रीलाल शुक्ल जितने बड़े व्यंग्यकार हैं, उतने ही सशक्त कहानीकार भी, जिनकी कहानियों का बिल्कुल अलग अंदाज है, जिनमें एक धीमा-धीमा व्यंग्य अकसर घुला-मिला होता है। इससे कहानी जो कुछ कहती है, उसके अलावा भी कई और दिशाएँ और आशय खुलते हैं, जिनमें जीवन की विसंगतियाँ, मनुष्य की भीतरी उधेड़बुन और न कही जा सकने वाली मानव-मन की गुत्थियाँ भी शामिल हैं। श्रीलाल शुक्ल ने गाँव हो या शहर, महानगरीय उच्च वर्ग का अहं हो या निचले और मेहनतकश वर्ग की गहरी तकलीफें, सबको बहुत पास से देखा और सबकी भीतर की सचाइयों पर उनकी पैनी नजर रखी। इसी से उनकी कहानियों में यथार्थ के इतने बहुविध रूप सामने आते हैं कि ताज्जुब होता है। और यही नहीं, श्रीलालजी की कहानियों में शिल्प के इतने रूप हैं कि आप कह सकते हैं कि अपनी हर कहानी में वे शिल्प की एक अलग काट और भाषा के अलग अंदाज के साथ उपस्थित हैं। यह क्षमता और कलात्मक सामर्थ्य बहुत कम कथाकारों में देखने को मिलती है। ‘छुट्टियाँ’ और ‘यह घर मेरा नहीं है’ में उनकी भाषा का जो रंग है, वही ‘लखनऊ’, ‘कुत्ते और कुत्ते’, ‘यहाँ से वहाँ’ या ‘नसीहतें’ कहानियों में नहीं है और ‘उमरावनगर में एक दिन’ कहानी में तो श्रीलालजी भाषा के खिलंदड़ेपन के साथ सचमुच एक नया ही शिल्प गढ़ते नजर आते हैं। सच तो यह है कि श्रीलाल शुक्ल के कहानीकार को ठीक-ठीक समझा ही नहीं गया। इस संचयन में उनकी कुल पंद्रह कहानियाँ शामिल हैं, जिनमें सभी का रंग और अंदाज अलग-अलग है और कोशिश रही है कि उनके कहानीकार का हर रंग और अंदाज पाठकों के आगे आए।
Notam Namami
- Author Name:
Yashwant Kothari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book