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Marjar Kosh

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मार्जार संस्कृत भाषा का शब्द है। इसका अर्थ होता है—बिल्ली। सामान्यतया बिल्ली से घरेलू बिल्ली का बोध होता है; किन्तु जीवविज्ञान में इस शब्द का विस्तृत अर्थों में प्रयोग किया गया है एवं इसके अन्तर्गत बाघ और सिंह से लेकर पालतू बिल्ली तक को सम्मिलित किया गया है। ये सभी जीव मार्जार परिवार के जीव कहलाते हैं। बाघ सहित मार्जार परिवार के अन्य जीवों की जानकारी पुस्तक के परिचय में संक्षेप में दी गई है। इनमें रोचक और रोमांचक तथ्यों के साथ ही ज्ञानवर्धक जानकारियाँ भी हैं, जो निश्चित रूप से जनसामान्य के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी। इस पुस्तक का उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। वन्यजीवों का सीधा सम्बन्ध वनों से है। वनों से वर्षा और वर्षा से जीवन। अर्थात् मानव का अस्तित्व बनाए रखने के लिए वन्यजीव आवश्यक हैं। हमारे देश में अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बाघ, सिंह, तेंदुए आदि का नाम तो सुना है, किन्तु इनके विषय में कुछ नहीं जानते। घरेलू बिल्लियाँ तो सभी ने देखी होंगी, किन्तु इनके विषय में भी जनसामान्य को विशेष जानकारी नहीं है। भारत में मार्जार परिवार के ऐसे अनेक जीव पाए जाते हैं, जिनका लोगों ने नाम तक नहीं सुना। इस पुस्तक में इन्हीं सब जीवों की जानकारी बड़े रोचक ढंग से दी गई है।

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मार्जार संस्कृत भाषा का शब्द है। इसका अर्थ होता है—बिल्ली। सामान्यतया बिल्ली से घरेलू बिल्ली का बोध होता है; किन्तु जीवविज्ञान में इस शब्द का विस्तृत अर्थों में प्रयोग किया गया है एवं इसके अन्तर्गत बाघ और सिंह से लेकर पालतू बिल्ली तक को सम्मिलित किया गया है। ये सभी जीव मार्जार परिवार के जीव कहलाते हैं।

बाघ सहित मार्जार परिवार के अन्य जीवों की जानकारी पुस्तक के परिचय में संक्षेप में दी गई है। इनमें रोचक और रोमांचक तथ्यों के साथ ही ज्ञानवर्धक जानकारियाँ भी हैं, जो निश्चित रूप से जनसामान्य के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी।

इस पुस्तक का उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। वन्यजीवों का सीधा सम्बन्ध वनों से है। वनों से वर्षा और वर्षा से जीवन। अर्थात् मानव का अस्तित्व बनाए रखने के लिए वन्यजीव आवश्यक हैं। हमारे देश में अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बाघ, सिंह, तेंदुए आदि का नाम तो सुना है, किन्तु इनके विषय में कुछ नहीं जानते। घरेलू बिल्लियाँ तो सभी ने देखी होंगी, किन्तु इनके विषय में भी जनसामान्य को विशेष जानकारी नहीं है। भारत में मार्जार परिवार के ऐसे अनेक जीव पाए जाते हैं, जिनका लोगों ने नाम तक नहीं सुना। इस पुस्तक में इन्हीं सब जीवों की जानकारी बड़े रोचक ढंग से दी गई है।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
1st
Publication year
2013
Weight
450 grams
ISBN-13
9788183616027
Pages
272
Reading time
~9 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14.5 × 22 cm
Language
Hindi

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