Shreshtha Schooli Geet
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"छात्रों का सामाजिक-सांस्कृतिक विकास हो, वे अपनी संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों को जानें, इसलिए विद्यालयों में अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ आदि प्रमुख हैं। प्रायः विद्यालय स्तर पर एक ऐसी उपादेय पुस्तक का अभाव सदैव खटकता रहा है, जो विद्यालय में मनाए जानेवाले उत्सवों की जानकारी तथा उनसे संबंधित गीत एवं कविताओं आदि की सामग्री प्रदान कर सके। प्रस्तुत पुस्तक में छात्रों के नैतिक उत्थान को ध्यान में रखकर पर्व-त्योहार तथा जयंतियों के अनुसार कुछ गीत, कविताएँ आदि संकलित की गई हैं। इन गीतों में संदेश है, संस्कार है और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की भावना का बीज भी। आपसी सौहार्द, देशभक्ति एवं सामाजिकता का जज्बा पैदा करनेवाले ये चुने हुए गीत विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अभिभावकों—सभी को पसंद आएँगे। "
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"छात्रों का सामाजिक-सांस्कृतिक विकास हो, वे अपनी संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों को जानें, इसलिए विद्यालयों में अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ आदि प्रमुख हैं।
प्रायः विद्यालय स्तर पर एक ऐसी उपादेय पुस्तक का अभाव सदैव खटकता रहा है, जो विद्यालय में मनाए जानेवाले उत्सवों की जानकारी तथा उनसे संबंधित गीत एवं कविताओं आदि की सामग्री प्रदान कर सके।
प्रस्तुत पुस्तक में छात्रों के नैतिक उत्थान को ध्यान में रखकर पर्व-त्योहार तथा जयंतियों के अनुसार कुछ गीत, कविताएँ आदि संकलित की गई हैं।
इन गीतों में संदेश है, संस्कार है और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की भावना का बीज भी। आपसी सौहार्द, देशभक्ति एवं सामाजिकता का जज्बा पैदा करनेवाले ये चुने हुए गीत विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अभिभावकों—सभी को पसंद आएँगे।
"
Book details
- Format
- Hardbound
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 284 grams
- ISBN-13
- 9789380183459
- Pages
- 200
- Reading time
- ~7 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
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