You Too Can Be An Intelligent Investor
Author:
Mahesh Chandra KaushikPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
The stock market is volatile and investors want to take advantage of these fluctuations. For this reason, when the market rises, they buy shares at high prices in the hope that the market will rise even more, and when the market starts falling, they sell the shares at a very low rate based on the concept of stop loss. But by doing so, they convert themselves into speculators instead of an investor.
A smart and intelligent investor must always analyse the long-term growth potential of a company and the efficiency of its management before making an investment. This book is a Complete Guide to Investing in Stock Markets, Real Estate, Mutual Funds, Commodities and Currencies; Key Investing Facts from New Investments to Advanced Level in One Book.
Special Attractions of this book:
1. Super Breakout Method for Intraday
2. I-5 Methods for Regular Monthly Income from NiftyBeez
3. Flow Method of Investing in Commodities Like Gold and Silver
4. Calendar Spread Method of Currency Trading
ISBN: 9789355212993
Pages: 168
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Badalate Rishte
- Author Name:
Krishna Gopal Rastogi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adarsh Jeevan Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
J.P. Vaswani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
50 Crime Stories "50 क्राइम स्टोरीज" | Suspense, Thriller & Cyber Crime Based on True Event | Harsha Sharma | Book in Hindi
- Author Name:
Harsha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Savarkar : Vichar Ki Prasangikta "सावरकर : विचार की प्रासंगिकता" Book in Hindi - Dr. Ashok Modak
- Author Name:
Dr. Ashok Modak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokpriya Jatak Kathayen
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How to win Friends and Influence People "हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इंफ्लूएंस पीपल" Book in Hindi- Dale Carnegie
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Divya Garbha Sanskar Vigyan : Garbha Vidya—Ancient Wisdom to Smart Mothers for Super-Child Birth
- Author Name:
Dr. Usha Rajender Pensiya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti
- Author Name:
Ashok Pankaj
- Book Type:

- Description: लोहिया पूछते हैं कि 'हिमालय भारत का संतरी है' यह ख्याल कहाँ से आया? जिस हिमालय का भारत के लिए चातुर्दिक महत्त्व है क्या उसको लेकर भारत की कोई नीति है? तिब्बत का जितना गहरा संबंध भारत से रहा है क्या उसी तरह के संबंध उसके चीन से रहें हैं? नेपाल, भूटान जिसे उन्होंने 'भाई हिमालय' कहा है, के साथ भारत के संबंधों का आधार क्या होना चाहिए? तिब्बत में स्थित कैलाश-मानसरोवर किसकी विरासत है? भारत-चीन संबंधों का आधार और समझने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? एशिया की दो पुरातन सभ्याताएँ जो आज दो विभिन्न प्रणालियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और जिनकी प्रतिस्पर्द्धात्मक महत्त्वकांक्षाएँ हैं, में सामंजस्य कैसे हो ? इन प्रश्नों का उत्तर लोहिया भारत की हिमालय नीति के माध्यम से देते हैं और इसी क्रम में भारत की विदेश एवं रक्षा नीति को लेकर कुछ स्थूल सिद्धांत देते हैं, जिसके कुछ सूत्र को 'बांह और मुट्ठी', 'कबूतर एवं बाज' की उपमा से भी स्पष्ट करते हैं। लोहिया नीतिगत परामर्श देते हैं कि, भारत को इतिहास की गलतियों से सबक सीखना चाहिए और अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी दुरुस्त करना चाहिए। इसी क्रम में वे एक ओर शिवाजी और प्रताप को पुकारते हैं तो दूसरी ओर गांधी को ही गुरू मानते हैं। क्या भारत लोहिया के विचारों से कुछ सीख ले सकता है? यही इस पुस्तक की मूल भावना है।
Chhatrapati Shivaji : Vidhata Hindvi Swarajya ka
- Author Name:
Shrinivas Kutumbale
- Book Type:

- Description: छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन अलौकिक है। उसमें अदम्य साहस और नेतृत्व के विरले गुण अभिव्यक्त होते हैं। वर्तमान समय में यह महान् व्यक्तित्व और भी सामयिक हो चला है। शिवाजी के स्वराज्य की संकल्पना के मूल तत्त्व यदि आज लागू किए जाएँ तो भारत निस्संदेह विश्व के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है। ‘छत्रपति शिवाजी : विधाता हिंदवी स्वराज्य का’ लिखने का मुख्य उद्देश्य महान् शिवाजी के जीवन-मूल्यों को युवा पीढ़ी से परिचित करवाना और वरिष्ठजनों के लिए उस स्वर्णिम कालखंड की स्मृति ताजा करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य एवं साहस से परिपूर्ण तेजस्वी जीवन का विहंगम दिग्दर्शन कराती सबके लिए पठनीय कृति।
Louis Braille
- Author Name:
Pratyush Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gandhi Se Pahale Gandhi "गांधी से पहले गांधी" | An Inspiring Novel That Shows The Struggle, Bravery And National Pride of The Revolution's Great Leader Birsa Munda
- Author Name:
Iqbal Durrani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
R.N. Kao: A Complete Biography - Founder Chief of RAW
- Author Name:
Vipul Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-2 (Class Vi-Viii) Ganit Evam Vigyan (Mathematics & Science) 15 Practice Sets with Latest Solved Paper
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stree Kavita : Paksh Aur Pariprekshya
- Author Name:
Rekha Sethi
- Book Type:

- Description: एक मानवीय इकाई के रूप में स्त्री और पुरुष, दोनों अपने समय व यथार्थ के साझे भोक्ता हैं लेकिन परिस्थितियाँ समान होने पर भी स्त्री-दृष्टि दमन के जिन अनुभवों व मन:स्थितियों से बन रही है, मुक्ति की आकांक्षा जिस तरह करवटें बदल रही है, उसमें यह स्वाभाविक है कि साहित्यिक संरचना तथा आलोचना, दोनों की प्रणालियाँ बदलें। स्त्री-लेखन स्त्री की चिन्तनशील मनीषा के विकास का ही ग्राफ़ है जिससे सामाजिक इतिहास का मानचित्र गढ़ा जाता है और जेंडर तथा साहित्य पर हमारा दिशा-बोध निर्धारित होता है। भारतीय समाज में जाति एवं वर्ग की संरचना जेंडर की अवधारणा और स्त्री-अस्मिता को कई स्तरों पर प्रभावित करती है। स्त्री-कविता पर केन्द्रित प्रस्तुत अध्ययन जो कि तीन खंडों में संयोजित है, स्त्री-रचनाशीलता को समझने का उपक्रम है, उसका निष्कर्ष नहीं। पहले खंड, 'स्त्री-कविता : पक्ष और परिप्रेक्ष्य' में स्त्री-कविता की प्रस्तावना के साथ-साथ गगन गिल, कात्यायनी, अनामिका, सविता सिंह, नीलेश रघुवंशी, निर्मला पुतुल और सुशीला टाकभौरे पर विस्तृत लेख हैं। एक अर्थ में ये सभी वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य में विविध स्त्री-स्वरों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनकी कविता में स्त्री-पक्ष के साथ-साथ अन्य सभी पक्षों को आलोचना के केन्द्र में रखा गया है, जिससे स्त्री-कविता का बहुआयामी रूप उभरता है। दूसरा खंड, 'स्त्री-कविता : पहचान और द्वन्द्व' स्त्री-कविता की अवधारणा को लेकर स्त्री-पुरुष रचनाकारों से बातचीत पर आधारित है। इन रचनाकारों की बातों से उनकी कविताओं का मिलान करने पर उनके रचना-जगत को समझने में तो सहायता मिलती ही है, स्त्री-कविता सम्बन्धी उनकी सोच भी स्पष्ट होती है। स्त्री-कविता को लेकर स्त्री-दृष्टि और पुरुष-दृष्टि में जो साम्य और अन्तर है, उसे भी इन साक्षात्कारों में पढ़ा जा सकता है। तीसरा खंड, 'स्त्री-कविता : संचयन' के रूप में प्रस्तावित है...। इन सारे प्रयत्नों की सार्थकता इसी बात में है कि स्त्री-कविता के माध्यम से साहित्य और जेंडर के सम्बन्ध को समझते हुए मूल्यांकन की उदार कसौटियों का निर्माण हो सके जिसमें सबका स्वर शामिल हो।
Sleep : It's Body Repair Time
- Author Name:
Sanjay Kumar Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hanuman Prasad Poddar : An Exalted Divinity
- Author Name:
O.P. Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Football : Khel Aur Niyam
- Author Name:
Surendra Shrivastava
- Book Type:

- Description: "कोई भी खेल आज मात्र खेल नहीं रह गया है। खेल को भी कॉरियर बनाकर धन और कीर्ति अर्जित की जा सकती है। भारत में अनेक खेल प्रचलित हैं। उनमें फुटबॉल भी एक है। फुटबॉल का सबसे अधिक विकास इंग्लैंड में हुआ। फुटबॉल का प्रथम क्लब ‘शेफील्ड फुटबॉल क्लब’ सन् 1857 में इंग्लैंड में स्थापित हुआ। सन् 1863 में ‘लंदन फुटबॉल एसोसिएशन’ की स्थापना हुई। भारत में फुटबॉल का प्रारंभ अंग्रेजों ने किया था। सन् 1948 में लंदन ओलंपिक में भारत ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में फुटबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया। फुटबॉल का जुनून खेल-प्रेमियों में देखने को मिलता है। जब इसके वर्ल्ड टूर्नामेंट होते हैं तो टीमें तो टीमें, इसके समर्थकों के भी हौसले आसमान छू रहे होते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में फुटबॉल खेल के नियम, तैयारी तथा बुनियादी तथ्यों की सचित्र जानकारी दी गई है, जो खेल-प्रेमियों और फुटबॉल में रुचि रखनेवालों को समान रूप से उपयोगी प्रतीत होगी। "
Ambedkar & Modi
- Author Name:
Bluekraft Digital Foundation
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Netaji Subhas Chandra Bose
- Author Name:
Parveen Bhalla
- Book Type:

- Description: "स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिदूत नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। बचपन से ही सुभाष पढ़ाई में बडे़ कुशाग्र बुद्धि के थे। इंग्लैंड से पढ़ाई करके लौटने पर सुभाष कलकत्ता के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चित्तरंजन दास के साथ काम करना चाहते थे। उन दिनों गांधीजी ने अंग्रेजों के खिलाफ असहयोग आंदोलन छेड़ रखा था। उनके साथ सुभाष बाबू उस आंदोलन में सहभागी हो गए और जल्द ही देश के एक महत्त्वपूर्ण युवा नेता बन गए। सन् 1928 में जब साइमन कमीशन भारत आया तो कलकत्ता में सुभाष बाबू ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। सुभाष बाबू गांधीजी और कांग्रेस के तौर-तरीकों से असहमत थे। गांधीजी के विरोध के बावजूद वे कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए, पर कार्यकारिणी का सहयोग न मिलने पर उन्होंने त्याग-पत्र दे दिया। नजरबंदी में ब्रिटिश सरकार की आँखों में धूल झोंककर वे जापान पहुँचे और आजाद हिंद फौज की स्थापना की। उन्होंने नारा दिया—‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।’ उन्होंने भारत की आजादी के लिए सशस्त्र संघर्ष किया। सुभाष की राष्ट्रभक्ति बेमिसाल है। उनकी मृत्यु के बारे में अभी तक रहस्य बना हुआ है। कहा जाता है कि 23 अगस्त, 1945 को उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। राष्ट्रनायक सुभाष बाबू आज भी अदम्य प्रेरणा के स्रोत हैं।
Adhunik Tripura Ke Shilpkar Maharaja Bir Bikram Kishore Manikya
- Author Name:
Biplab Kumar Deb
- Book Type:

- Description: ‘आधुनिक त्रिपुरा के शिल्पकार’ महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर का जन्म 19 अगस्त, 1908 को हुआ था। पंद्रह वर्ष की आयु में ही वे त्रिपुरा के महाराजा बन गए। लेकिन राज्य के लिए उनके द्वारा किए गए विकासोन्नमुखी कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों पर कहीं से भी उनकी कम उम्र की छाप नजर नहीं आई। त्रिपुरा में आधुनिक विकास का परिचय उन्होंने ब्रिटिश राज के तहत उस वक्त कराया जब देश में विकास की चर्चा कोसों दूर थी। अपने शासन में बीर बिक्रम ने हवाई अड्डे के निर्माण से लेकर विश्वविद्यालय तक का निर्माण करवाया। उनके शासन में बनी नीर महल उन्नत वास्तुकला का प्रदर्शन करते हुए आज भी राज्य में पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। त्रिपुरा में नगर निगम सुधारों से लेकर होटल, बैंक, सिनेमाघर, आधुनिक तकनीक से युक्त अस्पताल तक उन्होंने मुहैया करवाया। सामरिक सुरक्षा के बाबत महाराजा ने त्रिपुरा की सेना को नई शक्ल देते हुए उसे आधुनिक हथियारों से लैस किया था। एक राजशाही शासक होने के बावजूद भी बीर बिक्रम के शासन में जनता के हित सर्वोपरी थे। वे उदार सोच और सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखने वाले व्यक्ति थे। उनके शासन का मूल मंत्र आज के ‘सबका साथ सबका विकास’ मूल मंत्र सरीखा था। जनजाति समुदाय के लोग हों अथवा बंगाली समुदाय के लोग, महाराजा ने सबके लिए एक समान कार्य किया। राज्य में प्रमुख रूप से प्रचलित दोनों प्रमुख भाषाओं बंगाली और कॉकबरक भाषा को वे समान दृष्टि से देखते थे।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book