Manas Madhu
Author:
Ashok SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355627155
Pages: 152
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
The Best of Gulliver's Travels
- Author Name:
Jonathan Swift
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Blood-red Sweat
- Author Name:
Abhimanyu Unnuth +1
- Book Type:

- Description: Slavery may be over, but plantation life continues—and for the Indians lured to Mauritius with the promise of gold under every stone, freedom is a distant memory. For village dreamer Kissan, freedom is worth fighting for—and when he meets former soldier and runaway convict Kundan, the two men encourage their community of indentured labourers to fight for their rights. With Kundan’s experience and Kissan’s charisma, the immigrants begin to hope for a future unterrorised by the plantocracy. They begin to hope for a life in which they can maintain their culture without subterfuge—and for Kissan, at the cusp of adulthood, for a life in which he can be with his love, the valiant Rekha, without fear. But revolution isn’t easy, and on the Indian Ocean island of Mauritius, nature waits for no one: hard-fought gains are washed away by colonial politics, by internecine struggle, by cyclones. Blood-red Sweat is not a historical novel, and it is not history, because its characters are not the kings, governors, or any other statesmen who usually feature in historical novels. Instead, its characters are brave, and devoted to the land that eventually crushed them between the millstones of history. Blood-red Sweat is a saga for the ages, its demonstration of the power of community, a beacon for us all in the contemporary world.
Shivaji-Guru Samarth Ramdas
- Author Name:
Shubhangi Bhadbhade
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Akarshak Chitrakala
- Author Name:
Avantika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shiksha Ka Arth Evam Auchitya
- Author Name:
Ravindranath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: शिक्षा अपने व्यापक अर्थ में नियत समय तक चलने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि व्यक्ति शैशवावस्था से मरणासन्न तक जो कुछ सीखता और अनुभव प्राप्त करता है। प्राप्त सीख एवं अनुभव का उपयोग खुद और जग कल्याणार्थ करता है। खुद और दूसरों का मूल्य समझता है तथा इन मूल्यों की महत्ता समझते हुए जीवन का औचित्य साकार करता है। वही वास्तविक शिक्षा है।
20 Greatest Entrepreneurs of The World
- Author Name:
Ramesh Kumar
- Book Type:

- Description: From time to time, we all look for inspiration around us. And no one inspires us more than someone who had a humble beginning but grew to become a great success. Someone who possesses the courage to take on risks to start and run a business venture to create and deliver innovative products, services or solutions that meet a need in the marketplace. There is no single specific list of the greatest or most extraordinary entrepreneurs, as several outstanding and talented people have made their contributions to our economic society. In this book, we will discuss the twenty greatest entrepreneurs of all time. They all had made a mark in their concerned industries with their zealous efforts and unwavering faith in their vision of a better world. From Jeff Bezos to Walt Disney, from Elon Musk to Mukesh Ambani and from Henry Ford to JRD Tata, all have been mentioned in this book. With the means of this book, the author has made an attempt to share the story of some exceptional entrepreneurs who are an inspiration to all. Hopefully, this book will serve as a motivation and help the readers to learn some indispensable lessons on how to become a successful businessperson.
Social Science JSSC JTPTCCE Assistant Primary Teacher Recruitment Exam Graduate Acharya Paper-IV 15 Practice Sets In Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krantiveer Shraddheya Chandrapal Shailani Ka Jeevan-Darshan "क्रांतिवीर श्रद्धेय चंद्रपाल शैलानी का जीवन-दर्शन" Book in Hindi
- Author Name:
Vishakha Shailani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lady Susan
- Author Name:
Jane Austen
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alfred Nobel
- Author Name:
Vinod Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
Stree Kavita : Pahachan Aur Dwandwa - 2-Paperback
- Author Name:
Rekha Sethi
- Book Type:

-
Description:
एक मानवीय इकाई के रूप में स्त्री और पुरुष, दोनों अपने समय व यथार्थ के साझे भोक्ता हैं लेकिन परिस्थितियाँ समान होने पर भी स्त्री-दृष्टि दमन के जिन अनुभवों व मन:स्थितियों से बन रही है, मुक्ति की आकांक्षा जिस तरह करवटें बदल रही है, उसमें यह स्वाभाविक है कि साहित्यिक संरचना तथा आलोचना, दोनों की प्रणालियाँ बदलें। स्त्री-लेखन स्त्री की चिन्तनशील मनीषा के विकास का ही ग्राफ़ है जिससे सामाजिक इतिहास का मानचित्र गढ़ा जाता है और जेंडर तथा साहित्य पर हमारा दिशा-बोध निर्धारित होता है। भारतीय समाज में जाति एवं वर्ग की संरचना जेंडर की अवधारणा और स्त्री-अस्मिता को कई स्तरों पर प्रभावित करती है।
स्त्री-कविता पर केन्द्रित प्रस्तुत अध्ययन जो कि तीन खंडों में संयोजित है, स्त्री-रचनाशीलता को समझने का उपक्रम है, उसका निष्कर्ष नहीं। पहले खंड, 'स्त्री-कविता : पक्ष और परिप्रेक्ष्य' में स्त्री-कविता की प्रस्तावना के साथ-साथ गगन गिल, कात्यायनी, अनामिका, सविता सिंह, नीलेश रघुवंशी, निर्मला पुतुल और सुशीला टाकभौरे पर विस्तृत लेख हैं। एक अर्थ में ये सभी वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य में विविध स्त्री-स्वरों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनकी कविता में स्त्री-पक्ष के साथ-साथ अन्य सभी पक्षों को आलोचना के केन्द्र में रखा गया है, जिससे स्त्री-कविता का बहुआयामी रूप उभरता है। दूसरा खंड, 'स्त्री-कविता : पहचान और द्वन्द्व' स्त्री-कविता की अवधारणा को लेकर स्त्री-पुरुष रचनाकारों से बातचीत पर आधारित है। इन रचनाकारों की बातों से उनकी कविताओं का मिलान करने पर उनके रचना-जगत को समझने में तो सहायता मिलती ही है, स्त्री-कविता सम्बन्धी उनकी सोच भी स्पष्ट होती है। स्त्री-कविता को लेकर स्त्री-दृष्टि और पुरुष-दृष्टि में जो साम्य और अन्तर है, उसे भी इन साक्षात्कारों में पढ़ा जा सकता है। तीसरा खंड, 'स्त्री-कविता : संचयन' के रूप में प्रस्तावित है...।
इन सारे प्रयत्नों की सार्थकता इसी बात में है कि स्त्री-कविता के माध्यम से साहित्य और जेंडर के सम्बन्ध को समझते हुए मूल्यांकन की उदार कसौटियों का निर्माण हो सके जिसमें सबका स्वर शामिल हो।
Dictionary of Phrasal Verbs
- Author Name:
Najmussehar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rudra Rachanavali : Vols. 1-4
- Author Name:
Shivprasad Mishra 'Rudra'
- Book Type:

- Description: शिवप्रसाद मिश्र ‘रुद्र' काशिकेय काशी के साहित्यकारों की गौरवशाली परम्परा के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। बहुआयामी व्यक्तित्व से सम्पन्न रुद्र जी उत्कृष्ट कवि, प्रखर कथाकार, सिद्धहस्त नाटककार, कुशल मंच अभिनेता, अध्येता, काशिका के उन्नायक यशस्वी पत्रकार एवं विशिष्ट सम्पादक के समवेत रूप थे। रुद्र साहित्य पर ग़ौर करें तो पाते हैं कि उनकी काव्य-साधना एक दस्तावेज़ है। हिन्दी साहित्य में विशुद्ध हिन्दी ग़ज़ल-लेखन की एक मुकम्मल परम्परा रुद्र की ‘ग़ज़लिका' से ही प्रारम्भ होती है। इसमें हिन्दी की भावभूमि पर उर्दू का तर्ज़ेबयाँ मिलता है। लघु कलेवर में रचित ‘तुलसीदास' खंडकाव्य हो या गीत एवं विविध बोलियों में अनेक प्रकार की कविताएँ सभी अपने समय की जटिलताओं से टकराते एक भिन्न प्रकार के आस्वाद से परिचय कराते हैं। एक गद्यकार के रूप में रुद्र जी अपनी उत्कृष्ट भाव-व्यंजना, विलक्षण शैली एवं मौलिक सर्जनात्मकता के कारण हिन्दी के प्रमुख गद्यकारों में अपना विशिष्ट स्थान रखते हैं। इनके गद्य में काव्यात्मक कल्पना-चारुता के साथ ही एक गत्यात्मक शिल्प-सौन्दर्य उपस्थित है जो उसकी उत्कृष्टता को द्योतित करता है। ग़ौरतलब है कि रुद्र जी सर्वप्रथम कवि रहे हैं, इसलिए उनका कवि-हृदय उनके समूचे साहित्य में प्रतिबिम्बित है। गद्य के सभी रूपों—उपन्यास, कहानी, नाटक, व्यंग्यालेख, निबन्ध, संस्मरण, रेखाचित्र एवं समीक्षा को उन्होंने सफलता के साथ पुष्पित एवं पल्लवित किया है। इन सभी में उनका प्रत्युत्पन्नमतित्व, लोकसम्पृक्ति एवं स्थानीय रंगत विद्यमान है। ‘रुद्र रचनावली' को विधाओं के आधार पर चार खंडों में विभाजित किया गया है; जैसे—काव्य-साहित्य, गद्य-साहित्य, कथा-साहित्य एवं सम्पादित साहित्य। ‘रचनावली’ का यह पहला खंड काव्य-साहित्य पर केन्द्रित है। इसके अन्तर्गत ब्रजभाषा, खड़ी बोली, मिश्रित बोली, काशिका (बनारसी बोली) की कविताएँ हैं। इस खंड में रुद्र जी की प्रकाशित कविताओं के साथ कुछ अप्रकाशित कविताओं को भी सम्मिलित किया गया है। गीतों के अन्तर्गत उनके अप्रकाशित गीतों को रखा गया है। साथ ही, इस खंड में उनके चर्चित लघु खंडकाव्य ‘तुलसी', ग़ज़लों का संग्रह ‘ग़ज़लिका' एवं 'गीत गोविन्द' के काव्यानुवाद को क्रमवार रखा गया है। यह ‘रचनावली' कई दृष्टियों से विशिष्ट है। पहला यह कि रुद्र जी के साहित्य का समग्रता में मूल्यांकन हो सके और दूसरा यह कि जिस ‘रुद्र’ को साहित्य-जगत में एकमात्र कृति 'बहती गंगा’ में समेटकर रख दिया गया है, इस मिथ को तोड़ा जा सके और जाना जा सके कि रुद्र जी ने हिन्दी साहित्य को अपनी लेखनी द्वारा अल्प समय में ही बहुत कुछ दिया है।
Surili Bansuri
- Author Name:
Arzoo Lakhnavi
- Book Type:

- Description: आरज़ू लखनवी की ये किताब 'सुरीली बाँसुरी', शायरी में उस भाषाई प्रयोग को दोबारा अमल में लाने की सूरत है, जिसमें अरबी, फ़ारसी, तुर्की वग़ैरा बाहरी भाषाओं का एक भी लफ़्ज़ न हो। आरज़ू लखनवी ने इस किताब को आम ज़बान में नहीं बल्कि ज़बान से चुने गए उन लफ़्ज़ों में लिखा है, जिसका नाम ख़ालिस (शुद्ध) उर्दू है। ये नायाब किताब इस बात को साबित करती है कि उर्दू में ग़ज़ल कहने के लिए लुग़त के अलफ़ाज़ और भारी-भरकम बन्दिशों की ज़रुरत नहीं।
Death Under the Shadow of Judiciary
- Author Name:
Dr. N.M. Ghatate
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Duniya Meri Nazron Mein (Hindi Translation of The World as I See It)
- Author Name:
Albert Einstein
- Book Type:

- Description: मनुष्य के कार्य उसकी बाहरी व आंतरिक आवश्यकताओं से निर्धारित होते हैं। अल्बर्ट आइंस्टाइन को उनके ‘सापेक्षता के सिद्धांत’ तथा सैद्धांतिक भौतिकी में उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। सन् 1921 में उन्हें भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्वांटम थ्योरी, वॉर्महोल्स तथा थर्मोडायनामिक्स पर उनके लेख एवं शोध आज भी नवोदित वैज्ञानिकों के दिमाग में जिज्ञासा की तरंगें उत्पन्न करते हैं। ‘द वल्र्ड ऐज आई सी इट’ (1934) पुस्तक की रचना प्रथम विश्वयुद्ध तथा हिटलर के सत्तारूढ़ होने के परिणामस्वरूप हुई थी, जिसमें आइंस्टाइन अपने जीवन में संतुलन बिठाने की तमाम उथल-पुथल के बीच भी एक शांतिपूर्ण विश्व की कामना करते हैं। वैज्ञानिक शब्दजाल से परे इस पुस्तक में आइंस्टाइन ने कई पत्रों, लेखों तथा साक्षात्कारों के माध्यम से यहूदी समाज में व्याप्त शिक्षा, नैतिकता, राजनीति, विज्ञान, धर्म आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर अपनी अंतर्दृष्टि प्रकट की, जिससे वे असंख्य पाठकों में लोकप्रिय बन गए।
Ek Gond Gaon Me Jeevan
- Author Name:
Veriar Elwin
- Book Type:

- Description: वेरियर एलविन एक युवा अंग्रेज़ थे जो मिशनरी बनकर भारत आए और बाद में भारत के एक महत्त्वपूर्ण मानव-विज्ञानी बने। गांधी जी की प्रेरणा और जमनालाल बजाज के मार्गदर्शन में वेरियर एलविन ने मैकाल पहाड़ी पर बसे एक गोंड गाँव करंजिया में बसने का निर्णय लिया और उस क्षेत्र के लोगों के कल्याण के लिए ख़ुद को समर्पित कर दिया। ‘एक गोंड गाँव में जीवन’ उनके करंजिया में बिताए 1932 से 1936 तक के जीवन का रोज़नामचा है जहाँ वे गोंड लोगों की तरह ही स्वयं और कुछ मित्रों की सहायता से बनाई गई एक झोंपड़ी में रहते थे। यह जीवन्त, मर्मस्पर्शी और उपाख्यानात्मक पुस्तक है जिसमें एलविन ने निरीक्षण की अपनी मानव-विज्ञानी क्षमता और स्वाभाविक विनोदप्रियता के संयोग से गोंड जीवन की बहुरंगी छवि और आश्रम, जिसमें हिन्दू मुसलमान, ईसाई, गोंड आदि सभी शामिल हैं, की आन्तरिक उपलब्धि का उत्कृष्ट वर्णन किया है।
Etawah Janpad Ki Seemavarti Boliyon Ka Bhasha
- Author Name:
Ramshankar Katheria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KGB: Unheard Stories of Soviet Intelligence Agency | Hindi Translation of KGB: Untold History of Soviets Intelligence & Secret Force | N. Chokkan
- Author Name:
N. Chokkan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adivasi Lok-Samaj
- Author Name:
Narendra
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक लेखक के गहन आदिवासी एवं लोक समाजों से निकले अनुभवों पर आधारित है। उनके सहज एवं समान तालमेल, तारतम्य, बंदोबस्त, दैनिक जीवन और भिन्न बोलियों की सहज-सुलभ रफ्तार तथा प्रकृति से सहज साझापन अलग होकर भी हाल तक एक जैसे हुआ करते थे-दोनों प्रकृति को अविजित रखते। अपनी स्थिरता तथा सन्नाटा खो पिछले चंद दशकों में आदिवासी एवं लोक समाजों में वैसा साझापन अब समाप्त हो रहा है। गहन वनस्पति, मनुष्य, पशु, पुरखे, पहाड़, देवी, देवता, अंतरिक्ष, स्थूल एवं सूक्ष्म की समानांतर उपस्थिति, उनसे बने तारतम्य और फासले, दैनिक जीवन की एक अहस्तक्षेपित, अव्यस्त-सी लय व गति (या गतिहीनता)--ये समाज इन्हीं में रहा करते। अपने विस्तार, वीरान एवं रिश्ते लिये सबकी मिली-जुली बिरादरी होती। बस्तर के अबुझमाड़ जैसे प्राचीन एवं गहन इलाके में लोग कार्य न करते, न ही जानते, न जीविका न व्यवसाय, न रुझान रखते, फिर भी पिछले सौ वर्षों की स्मृति में भुखमरी सुनने में न आती। न अपराध, न हिंसा। गिनती पाँच तक। शब्दावली कोई तीन सौ शब्दों की। मौन की संस्कृति। संप्रेषण भरपूर। इससे अधिक कुछ नहीं चाहिए। यह पुस्तक आधुनिकता या सामाजिक विज्ञान के मुहावरे से निकल हाल तक के ऐसे समाजों और जीवन-दृष्टि को इंगित करने का प्रयास है।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...