Main Subhash Bol Raha Hoon
(0)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789350480762
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Social Media Simplified
- Author Name:
Anandan Pillai +1
- Book Type:

- Description: Besides facilitating information dissemination, building bonds and making world much more ‘connected’ than ever before, Social Media websites like Facebook and Twitter are branding you and your business 24×7. Each time you update your status message or tweet, it creates an impression about you and forms an image in the mind of the reader. This is a continuous process and slowly but steadily ‘perceptions’ emerge or get modified or change about a person or a firm by the way their social media presence is executed. What appears a casual activity may have a deep implication. This book explores the current scenario in the Indian context, providing insights and observations for making your social media presence more effective beyond casual usage. The earnest attempt of the book is to build a holistic perspective on Social Media. We believe that facets of social media unknown to you would be unraveled as you read and this experience will provide you with more confidence. Also, please note that reading is just the beginning of our association. Do buzz us on Facebook page and Twitter handle of this book. Be assured, we will revert to you as soon as possible.
Anandmath
- Author Name:
Bankim Chandra Chatterjee
- Book Type:

- Description: जीवानंद ने महेंद्र को सामने देखकर कहा, ‘‘बस, आज अंतिम दिन है। आओ, यहीं मरें।’’महेंद्र ने कहा, ‘‘मरने से यदि रण-विजय हो तो कोई हर्ज नहीं, किंतु व्यर्थ प्राण गँवाने से क्या मतलब? व्यर्थ मृत्यु वीर-धर्म नहीं है।’’जीवानंद- ‘‘मैं व्यर्थ ही मरूँगा, लेकिन युद्ध करके मरूँगा।’’कहकर जीवानंद ने पीछे पलटकर कहा, ‘‘भाइयो! भगवान् के नाम पर बोलो, कौन मरने को तैयार है?’’अनेक संतान आगे आ गए। जीवानंद ने कहा, ‘‘यों नहीं, भगवान् की शपथ लो कि जीवित न लौटेंगे।’’—इसी पुस्तक से‘आनंद मठ’ बँगला के सुप्रसिद्ध लेखक बंकिमचंद्र चटर्जी की अनुपम कृति है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में इसे स्वतंत्रता सेनानियों की ‘गीता’ कहा जाता था। इसके ‘वंदे मातरम्’ गीत ने भारतीयों में स्वाधीनता की अलख जगाई, जिसको गाते हुए हजारों रणबाँकुरों ने लाठी-गोलियाँ खाइऔ और फाँसी के फंदों पर झूल गए। देशभक्ति का जज्बा पैदा करनेवाला अत्यंत रोमांचक, हृदयस्पर्शी व मार्मिक उपन्यास।
51 Vigyan Model
- Author Name:
Shyam Sunder Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Innovative Secrets of Steve Jobs: Famous Quotes by Steve Jobs
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Steve Jobs was an American entrepreneur and inventor, widely recognised as a pioneer of the personal computer revolution and a key figure in the development of the modern technology industry. He was born on February 24, 1955, in San Francisco, California. He co-founded Apple Inc. with Steve Wozniak and Ronald Wayne in 1976, and the company went on to become one of the most successful and influential technology company in the world. Over the course of his career, Jobs played a critical role in the development of several ground-breaking product, including and iPad. He was known for his visionary thinking, innovative design, and relentless pursuit of perfection in both product development and user experience. Jobs was also a master showman, famous for his captivating keynote presentations and his ability to turn product launches into major media events. Jobs passed away on October 5, 2011, at the age of 56, but his impact on the technology industry and the world at large continues to be felt today. In this book, the readers will learn about many innovative secrets of Steve Jobs and his perception of various topics. With the means of this book, readers will have a better understanding of Steve Jobs’ charismatic personality.
Civil Services Topper Kaise Banein
- Author Name:
Sheelwant Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paninikaleen Bharatvarsh पाणिनिकालीन भारतवर्ष | Cultural Study of Ashtadhyaya Book In Hindi
- Author Name:
Vasudev Sharan Agarwal
- Book Type:

- Description: पाणिनिकालीन भारतवर्ष आचार्य वासुदेवशरण अग्रवाल की अक्षय कीर्ति का स्वर्णकलश है। पाणिनि-संबंधी उनकी पहली कृति है--'पाणिनि ऐज सोर्स ऑफ इंडियन हिस्टरी '। डॉ. राधाकुमुद मुखर्जी के निर्देशन में लिखित यह उनका शोधप्रबंध है, जिसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने उन्हें सन् 1941 में पी-एच.डी. उपाधि प्रदान की थी। पाणिनि संबंधी उनके द्वारा संवर्द्धित रूप में पुनः प्रस्तुत दूसरा ग्रंथ-रत्न है--' इंडिया ऐज नोन टू पाणिनि '। इस पर सन् 1946 में लखनऊ विश्वविद्यालय ने ही उन्हें डी.लिटू. की उपाधि से विभूषित किया। उनके परीक्षकों में डॉ. राधाकुमुद मुखर्जी के अतिरिक्त महामहोपाध्याय डॉ. आर. शाम शास्त्री और प्रो. विधुशेखर भट्टाचार्य भी थे। वासुदेवजी ने द्वादश वर्षपर्यत संस्कृत भाषा और 'पाणिनीय अष्टाध्यायी ' का सम्यक् अध्ययन किया था । इसलिए वे पाणिनि के सूत्रों की व्याख्या में इतनी गहरी पैठ बना सके और भारत के इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ हमारे लिए उद्घाटित कर सके । उन्होंने एक बार पुन: इन दोनों कृतियों की सामग्री का उपयोग करते हुए हिंदी में एक सर्वथा नई कृति 'पाणिनिकालीन भारतवर्ष ' की रचना की, जो न केवल दोनों कृतियों का समाहार है, बल्कि अधिक पूर्णतर है। मातृभाषा हिंदी की अनुपम सेवा के साथ ही हिंदी-भाषियों पर उनका यह अतिशय अनुग्रह और उपकार है। प्राचीन बृहत्तर भारत की प्रामाणिक तस्वीर के लिए डॉ. अग्रवाल का यह ग्रंथ अनिवार्य है। इसमें पाणिनि और उनके शास्त्र के अतिरिक्त तत्कालीन भारत के भूगोल, सामाजिक जीवन, आर्थिक दशा, प्राचीन जनपद, राज्यतंत्र एवं शासन, शिक्षा और साहित्य, धर्म एवं दर्शन आदि सभी का विस्तार सहित विवरण और विवेचन है। यह भारतमाता के चरणों में अर्पित उनकी अनूठी श्रद्धांजलि और राष्ट्रभक्ति का अमिट अभिलेख है।
Ek Pita Ki Janmakatha
- Author Name:
Madhav Joshi
- Book Type:

- Description: "माधव जोशी कूची, ब्रश और रंगों के अनुपम शिल्पी हैं। अब तक उनकी रेखाएँ बोलती थीं। शब्दों के जरिए उनका हिंदी में यह पहला चमत्कार है। वे रेखाओं से चित्र बनाते हैं। पर यह किताब उनकी सृजन कूची का शब्दचित्र है। ‘एक पिता की जन्मकथा’ नामक यह किताब उनकी गहन संवेदनाओं का सजल विस्तार है। इस उपन्यास का विषय नया और शैली प्रयोगात्मक है। कथा पति-पत्नी के परस्पर संबंधों की नई बुनियाद तो डालती ही है, साथ ही कहानी की परंपरागत लीक को भी तोड़ती है। ‘एक पिता की जन्मकथा’ लेखक का जिया और भोगा हुआ यथार्थ है, जिसे उसने भावना के शब्द दिए हैं। गर्भ से पहले संतान के साथ एक ‘पति’ नौ महीनों में कैसे ‘पिता’ में तब्दील हो जाता है। यह कथा ऐसी ही संवेदनाओं का सजीव और भावनात्मक चित्रण है। इसे पढ़कर किसी को भी लगेगा कि यह तो मेरी कथा है, मेरा यथार्थ है। उपन्यास के किरदार पाठकों से निरंतर संवाद करते हैं और उन्हें बाँधे रखते हैं। इस उपन्यास की दूसरी भाषा इसके रेखाचित्र हैं, जो हमें उस कालावधि के दृश्य-परिदृश्य का बोध कराते हैं। कथा-साहित्य में रेखाओं का ऐसा प्रयोग कम ही देखने को मिलता है, जहाँ चित्र भी शब्द हो जाते हों। ‘एक पिता की जन्मकथा’ हिंदी कथा-साहित्य में अभिनव प्रयोग है। पति और पत्नी के बीच रिश्तों के बदलाव की यह कथा स्मृतियों का सजीव लेखा-जोखा तो है ही, एक अनमोल खजाना भी है, जिसमें आप बाप-बेटी और पति-पत्नी के आपसी रिश्तों के खूबसूरत जेवर को उसकी स्वर्णिम आभा के साथ देख सकते हैं। —हेमंत शर्मा "
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description: आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Grameen Jeevan Evam Aajeevikaen
- Author Name:
Suresh Sharma
- Book Type:

- Description: ये कहानियाँ व्यक्तिगत स्तर पर थोड़ी-सी आय अर्जित करने या शिशु और परिवार के लिए बेहतर स्वास्थ्य या बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए, उनके अल्प संसाधनों के उपयोग में समझदारी को दर्शाती हैं। ग्रामीण व्यक्तियों के पास भौतिक संसाधनों की कमी है, लेकिन जीवन में आगे बढऩे की चाहत और कठिन प्रयास की इच्छा में कोई कमी नहीं है। जैसा कि कहानियों में पाएँगे, सामाजिक कार्यकर्ता और सामाजिक रूप से उन्मुख सरकारी अधिकारी, उन्हें मार्गदर्शन, सुविधा, सामग्री-सहायता और उचित सरकारी योजनाओं के साथ जोडऩे में मदद करते हैं। ग्रामीण भारत में जश्न मनाने के लिए बहुत कुछ है। मैं उन सभी लोगों के लिए इस पुस्तक की अनुशंसा करता हूँ, जो इस बारे में पढऩे में रुचि रखते हैं कि ग्रामीण भारत कैसे रहता है और कैसे अपनी समस्याओं को हल करता है। संजीव फंसालकर निदेशक, विकास अण्वेष फाउंडेशन
Kabir Granthawali (Sateek)
- Author Name:
Ramkishor Sharma
- Book Type:

-
Description:
कबीर निर्गुण सन्त काव्यधारा के ऐसे शब्द-साधक हैं जिन्होंने अपने युग की धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था से टकराकर अद्भुत शक्ति प्राप्त की। पारम्परिक सांस्कृतिक प्रवाह में सम्मिलित प्रदूषित तत्त्वों को छानकर उसे मध्यकाल के लिए ही आस्वादनीय नहीं, बल्कि आधुनिक जनमानस के लिए भी उपयोगी बना दिया। भारतीय धर्म साधना में ऐसा निडर तथा अकुंठित व्यक्तित्व विरला है।
पंडितों, मौलवियों, योगियों आदि से लोहा लेकर कबीर ने जनसाधारण के स्वानुभूतिजन्य विचारों और भावों की मूल्यवत्ता स्थापित की। कबीर की वाणी सन्त-कंठ से निसृत होकर साधकों, अनुयायियों एवं लोक-जीवन में स्थान एवं रुचि भेद के अनुसार विविध रूपों में परिणत हो गई। इसलिए कबीर की वाणी के प्रामाणिक पाठ निर्धारण की जटिल समस्या कड़ी हो गई।
कबीर पन्थ में बीजक की श्रेष्ठता मान्य है, विद्वानों ने ग्रन्थावलियों को महत्त्व दिया है। सामान्य जन के लिए लोक में व्याप्त कबीर वाणी ग्राह्य है। अतः तीनों परम्पराओं में से किसी को भी त्यागना उचित नहीं है। फलत: कबीर की रचनाओं का समग्र रूप तीनों के समाहार से ही सम्भव है। प्रस्तुत ग्रन्थावली का सम्पादन इसी दृष्टि से किया गया है। मूल पाठ के साथ कबीर की मूल साधना तथा मन्तव्य के अनुकूल भाष्य प्रस्तुत किया गया है। इसमें अपनी इच्छित दिशा में आवश्यकता से अधिक खींचकर पाठकीय सोच को कुंठित करने की चेष्टा नहीं की गई है। कबीर-वाणी के प्रामाणिक एवं समग्र पाठ की दृष्टि से तथा उसमें निहित विचारों, भावों एवं अनुभूतियों को उद्घाटित करने की दृष्टि से यह कृति निश्चित ही महत्त्वपूर्ण एवं संग्रहणीय है।
Emergency ka Kahar aur Censor ka Zahar
- Author Name:
Balbir Dutt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh-Videshon Ki Rashtriya Vichardharayen
- Author Name:
Prof. Prabhakar Nanakar +1
- Book Type:

- Description: सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा का प्रभाव राष्ट्र के इतिहास में कैसा महत्त्वपूर्ण रहता है, यह इस पुस्तक का मुख्य विषय है। पुस्तक का विभाजन छह भागों में किया है। पहले भाग में विचारधारा और राष्ट्रीय विचारधारा की संकल्पना, अर्थ तथा विशेषता स्पष्ट की गई है। दूसरे भाग में सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा के प्रभाव के संदर्भ में जापान, जर्मनी, इंग्लैंड, अमेरिका, रूस, पूर्व-यूरोपीय राष्ट्र, मध्य-एशियन राष्ट्र, टर्की आदि देशों के इतिहास की चर्चा है। तीसरे भाग में भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा और भारतीय संविधान का विवरण है। चौथे भाग में राष्ट्रीय विचारधारा के संवर्धन हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कांग्रेस, अनेक संप्रदायों, विविध मंदिरों और तीर्थ स्थानों के प्रयास का लेखा-जोखा प्रस्तुत है। भाग पाँच में राजकीय विचारधारा, उनके स्वतंत्रता के बाद किए हुए कार्य का और उनके सामने स्थित चुनौतियों का विवरण है। छठे भाग में सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा की एकात्म शक्ति ही राष्ट्र की सभी समस्याओं का हल निकाल सकती है, इस सत्य का निरूपण किया है। विश्व प्रसिद्ध शास्त्रज्ञ पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर ने इस पुस्तक की प्रस्तावना में लिखा है—भारतीय संस्कृति शाश्वत है। इसी भारतीय संस्कृति से भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा का निर्माण हुआ है। देश के सभी स्तर पर भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा का अध्ययन होना आवश्यक है। इस अध्ययन को गति प्रदान करने के लिए इस पुस्तक का उपयोग हो सकता है। सभी नागरिकों को राष्ट्रीय विचारधारा की समन्वयी शक्ति का प्रभाव किस प्रकार हो सकता है, इसकी जानकारी इस पुस्तक द्वारा अवश्य प्राप्त होगी।
Sadhvi Ritambhara Aur Shriramjanmabhoomi Andolan "साध्वी ऋतंभरा और श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन" Book in Hindi
- Author Name:
Devendra Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokhriday Samrat Yogi Adityanath: Darshan Evam Vikas Dristhi "लोकहृदय सम्राट् योगी आदित्यनाथ" | Philosophy and Development Vision (Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath Political Biography in Hindi)
- Author Name:
Amit Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SOOJH-BOOJH KI PAHELIYAN
- Author Name:
Vaibhav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Intelligence Bureau (IB-ACIO) Assistant Central Intelligence Officer Grade II/Executive Primary Recruitment Examination 20 Practice Sets Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Safalta Ke Sootra | A Guide To Building Good Thoughts To Boost Confidence And Motivation
- Author Name:
Dr. Narendra Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Krantikari Madan Lal Dhingra
- Author Name:
Vishav Bandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHARKHAND KI MUKHYA NADIYAN
- Author Name:
SAPNA MISHRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swasthya Patrakarita
- Author Name:
Roopchand Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book