Main Radhakrishnan Bol Raha Hoon
(0)
₹
300
240 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत एक आस्थावान् राष्ट्र-सेवक थे। इसके साथ ही वे सभी धर्मों और धर्मावलंबियों के प्रति समान आदरभाव रखते थे। वे स्वभाव से अत्यंत विनम्र और धैर्यशील थे। डॉ. राधाकृष्णन एक उच्चकोटि के दार्शनिक, मूर्धन्य लेखक एवं राष्ट्रीय विचारों के ओजस्वी प्रवक्ता थे। उन्होंने दर्शन एवं संस्कृति पर अनेक ग्रंथों की रचना की। यों तो डॉ. राधाकृष्णन का मूलरूप एक शिक्षक का ही था, परंतु एक उच्चकोटि के लेखक और दर्शनशास्त्र के व्याख्याता के रूप में उन्हें अधिक ख्याति मिली। ऐसे महान् दार्शनिक, विचारक, चिंतक व शिक्षाशास्त्रा् के प्रेरक विचारों का संकलन अवश्य ही हमारा मार्ग प्रशस्त करेगा। "
Read moreAbout the Book
"डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत एक आस्थावान् राष्ट्र-सेवक थे। इसके साथ ही वे सभी धर्मों और धर्मावलंबियों के प्रति समान आदरभाव रखते थे। वे स्वभाव से अत्यंत विनम्र और धैर्यशील थे। डॉ. राधाकृष्णन एक उच्चकोटि के दार्शनिक, मूर्धन्य लेखक एवं राष्ट्रीय विचारों के ओजस्वी प्रवक्ता थे। उन्होंने दर्शन एवं संस्कृति पर अनेक ग्रंथों की रचना की।
यों तो डॉ. राधाकृष्णन का मूलरूप एक शिक्षक का ही था, परंतु एक उच्चकोटि के लेखक और दर्शनशास्त्र के व्याख्याता के रूप में उन्हें अधिक ख्याति मिली। ऐसे महान् दार्शनिक, विचारक, चिंतक व शिक्षाशास्त्रा् के प्रेरक विचारों का संकलन अवश्य ही हमारा मार्ग प्रशस्त करेगा।
"
Book Details
-
ISBN9789380823270
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Praja Parishad Ka Itihas | Struggle Story of Jammu and Kashmir
- Author Name:
Prof. Kul Bhushan Mohtra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
REET Level-II Exam-2022 (class: VI-VIII) General Studies
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RASAANTAR KA VAIVIDHYA
- Author Name:
Ram Badan Ray
- Book Type:

- Description: Collection of Articles
Bhagat singh Aur Unke Sathiyon Ke Dastavez
- Author Name:
Chaman Lal +1
- Book Type:

- Description: शहीद भगत सिंह ने कहा था : ‘क्रान्ति की तलवार विचारों की सान पर तेज़ होती है’ और यह भी कि ‘क्रान्ति ईश्वर-विरोधी हो सकती है, मनुष्य-विरोधी नहीं’। ध्यान से देखा जाए तो ये दोनों ही बातें भगत सिंह के महान क्रान्तिकारी व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं। लेकिन इस सन्दर्भ में महत्त्वपूर्ण यह है कि भगत सिंह की विचारधारा और उनकी क्रान्तिकारिता के ज्वलन्त प्रमाण जिन लेखों और दस्तावेज़ों में दर्ज हैं, वे आज भी पूर्ववत् प्रासंगिक हैं, क्योंकि ‘इस’ आज़ादी के बाद भी भारतीय समाज ‘उस’ आज़ादी से वंचित है, जिसके लिए उन्होंने और उनके असंख्य साथियों ने बलिदान दिया था। दूसरे शब्दों में, भगत सिंह के क्रान्तिकारी विचार उन्हीं के साथ समाप्त नहीं हो गए, क्योंकि व्यक्ति की तरह किसी विचार को कभी फाँसी नहीं दी जा सकती। कहने की आवश्यकता नहीं कि यह पुस्तक भगत सिंह की इसी विचारधारात्मक भूमिका को समग्रता के साथ हमारे सामने रखती है। वस्तुत: हिन्दी में पहली बार प्रकाशित यह कृति भगत सिंह के भावनाशील विचारों, विचारोत्तेजक लेखों, ऐतिहासिक दस्तावेज़ों, वक्तव्यों तथा उनके साथियों और पूर्ववर्ती शहीदों की क़लम से निकले महत्त्वपूर्ण विचारों की ऐसी प्रस्तुति है जो वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक स्थितियों की बुनियादी पड़ताल करने में हमारी दूर तक मदद करती है।
TWAMAPI MAYA SAHA CHAL (& Jeevanpathe)
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janiye Mangal Grah Ko
- Author Name:
Dr. D.D. Ojha
- Book Type:

- Description: "जानिए मंगल ग्रह को चंद्रमा पर पहुँचने के बाद मनुष्य ने मंगल ग्रह पर पहुँचने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगल के प्रति वैज्ञानिकों के आकर्षण का कारण है उसकी लाल रंग की सतह और पृथ्वी से मिलता-जुलता उसका स्वरूप। इस ग्रह पर भी मौसम बदलते हैं। यहाँ वसंत, ग्रीष्म और शरद् ऋतुएँ होती हैं। इसकी एक अन्य विशेषता इसके दो चंद्रमा हैं—‘फोबोस’ और ‘डिमोस’। मंगल ग्रह की खोज से अंतरिक्ष में पृथ्वी के अतिरिक्त जीवन के अस्तित्व की गुत्थी सुलझने की आशा की जा रही है। मंगल ग्रह के अंतरिक्ष अभियानों के अध्ययन से यह विदित होता है कि वहाँ जीवों के मिलने की पूरी संभावना है या वहाँ पहले कभी जीवों का अस्तित्व था। प्रस्तुत पुस्तक मंगल जैसे रोचक ग्रह की रोमांचक जानकारियाँ पाठकों तक पहुँचाती है। इसकी एक अन्य विशेषता है इसमें दिए गए सैकड़ों दुर्लभ एवं जानकारीपरक चित्र। विश्वास है, यह पुस्तक सामान्य पाठकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों हेतु उपयोगी सिद्ध होगी और मंगल ग्रह के बारे में अनेक जानकारियाँ प्रदान करेगी। "
UPPSC Combined State/Separate Subordinate Services Preliminary Examination Paper-1 General Studies "सामान्य अध्ययन" 18 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MAHAKAVI RAMDHARI SINGH DINKAR
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rashtriya Swayamsevak Sangh : Kya, Kyon, Kaise?
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yugpurush Dr. Rajendra Prasad
- Author Name:
Tara Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vikram Sarabhai: A Complete Biography | Father of The Indian Space Program
- Author Name:
Vaibhav Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sach Keejiye Sapne
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HINDI SANYUKTA AKSHAR GYAN
- Author Name:
Mahesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Popale Muh Ka Painapan
- Author Name:
Prakash Dubey
- Book Type:

- Description: पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए प्रेस आयोग की सिफारिश पर प्रेस परिषद् (प्रेस काउंसिल) का गठन हुआ। प्रेस परिषद् का मुख्य उद्देश्य एक ओर सरकारी, कारोबारी या अन्य किसी दबाव से मुक्त रखना है, वहीं कलम की ताकत का दुरुपयोग करके किसी के साथ अन्याय करने से रोकना भी है। सूचना प्रौद्योगिकी के विकास के बाद नए प्रेस आयोग के गठन के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को शामिल कर मीडिया परिषद् बनाने की माँग जारी है। वर्तमान कसौटी पर भारतीय प्रेस परिषद् को कसने के बाद 'पोपले मुँह का पैनापन' पुस्तक साकार हुई। किस्सागोई शैली में लिखी गई इस पुस्तक में प्रेस परिषद् का गठन कैसे होता है? इसमें किन संगठनों का प्रतिनिधित्व रहता है? आदि विषयों पर प्रकाश डाला गया है। पत्रकारिता की बढ़ती भूमिका के कारण इस तरह की जानकारी पाने में आम पाठक की उत्सुकता का ध्यान रखते हुए जानकारी शामिल की गई है। सूचना का अधिकार लागू किए बहुत अधिक समय नहीं बीता है। प्रेस परिषद् का महत्त्व जतलाने के लिए इतना कहना पर्याप्त है कि आपातकाल में परिषद् को भंग कर दिया गया था। भारतीय प्रेस परिषद् स्वर्ण जयंती मना ली है। अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में समाचार-पत्र नागरिक स्वतंत्रता को हानि न पहुँचाएँ और न सच कहने के लिए किसी माध्यम और पत्रकार प्रताडि़त हों, इस दोहरे लक्ष्य को पाने में परिषद् की सीमा और सक्षमता को समझने में यह पुस्तक सहायक होगी।
Socrates: A Complete Biography
- Author Name:
Arun K. Tiwari
- Book Type:

- Description: Socrates had an early interest in the scientific theories of Anaxagoras, who taught the world that there are an infinite number of different kinds of elementary particles (atoms), and it is the action of the mind upon these particles that produce the objects that we see. Socrates believed that the senses of the body create difficulty for the Mind to think, and thus, he came to regard the physical world as deceptive. Socrates believed that his work, which he sought to understand through critical questioning and dialogue, was given to him as a divine mission, and hence, was his duty. His total lack of interest in material possessions was evident by his being always barefoot and wearing an old cloak the whole year around. His habit of going barefoot even in winter showed his power of endurance as well. To him, the aspiration for virtue was the highest aim anyone could have.
Bank Nifty Se Paisa Kaise Banayen? How To Make Money From Bank Nifty? | Hindi Translation of Money In The Bank | Option Trading Strategy With Banking Stocks To Make Money Consistently Share Market Success Strategies Handbook
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gift Lungs To Future Generations
- Author Name:
Rohit Mehra (Irs) +1
- Book Type:

- Description: The biggest fall in human-values and human-civilization happened when the value of worshipping nature was replaced by the value of ‘exploiting’ the nature and its resources. This has led to an imbalance among various forces of nature. Our planet is on the verge of a catastrophe. Global warming is on the rise. Our air, water and land are polluted on an unprecedented level. Our forest-cover is fast depleting. Human being is fast destroying forests for his own needs and greed! If a human has destroyed forests, can he replenish the lost forest cover too? Can a forest be ‘developed’ or ‘created’? The answer to this question is yes. Yes, forests can be revived with the efforts of human beings. This book is based on this theme as how to replenish and recreate our lost forests. This book will teach you the concept of man-made Urban-Forest. It will also discuss what, how, when, where and why of an Urban-forest? It also teaches 51 steps to make an Urban-forest. Also, a brief introduction of the prevalent techniques of forest-making including Vrikshayurveda and Miyawaki and other methods are also discussed. Planting a forest is one of the best things you can do in your life for yourself as well as for generations to come. Trees are our ancestors and they give us the most vital thing—oxygen. We need lungs to filter the inhaled air. Similarly, forests filter the air and thus are the lungs of our planet. Let us gift a lung for the generations to come!
Winning Despite All Odds
- Author Name:
Gaurav Krishna Bansal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pramanik Hindi-Angrezi-Urdu Shabdkosh
- Author Name:
Zubair Ahmad Bhagalpuri
- Book Type:

- Description: प्रख्यात कोशकार ज़ुबैर अहमद भागलपुरी द्वारा सम्पादित यह डिक्शनरी एक नई अवधारणा पर आधारित है। यह एक ही समय में हिन्दी-अंग्रेज़ी शब्दकोश भी है और हिन्दी-उर्दू शब्दकोश भी। इस प्रकार दो शब्दकोशों के कुशलतापूर्वक मेल से तैयार यह त्रैभाषिक डिक्शनरी न केवल अत्यधिक उपयोगी बन गई है बल्कि कोश-निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान है। इसमें संकलित शब्दों की दृष्टि से देखें तो जनसामान्य के उपयोग की शब्दावली की प्रविष्टि तो इसमें है ही, राजकीय और प्रशासनिक स्तर पर इस्तेमाल में आने वाले पारिभाषिक शब्दों को भी इसमें शामिल किया गया है। शब्द-संकलन करते समय रोज़मर्रा के इस्तेमाल में आने वाले शब्दों को प्राथमिकता दी गई है। भाषा के स्वभाव और स्वरशास्त्र (फोनेटिक्स) को ध्यान में रखते हुए डिक्शनरी में शब्दों के उच्चारण में व्यावहारिकता पर बल दिया गया है। इसी कारण उर्दू के शब्द ‘ख्वाब’, ‘ख्वाजा’ और ‘ख्वाहिश’ जैसे शब्दों को इसमें ‘खाब’, ‘खाजा’ और ‘खाहिश’ लिखा गया है। उर्दू के किसी शब्द के अन्तिम अक्षर के अन्त में आने वाले ‘हा-ए-ख़फ़ी’ का देवनागरी लिप्यन्तरण करते समय अमूमन विसर्ग का उपयोग किया जाता है, लेकिन उच्चारण को ध्यान में रखते हुए यहाँ ऐसे शब्दों के लिप्यन्तरण में विसर्ग के बजाय ‘आ’ की मात्रा अर्थात ‘अलिफ़’ का उपयोग किया गया है। समान स्वर लेकिन भिन्न अर्थ रखने वाले शब्दों का अन्तर स्पष्ट करने के लिए उनके लिप्यन्तरण में नुक़्ते का प्रयोग किया गया है। इसमें अनेक बहुचर्चित तकनीकी शब्दों के उर्दू विकल्प भी दिये गए हैं। निश्चय ही यह सबके लिए अन्यन्त उपयोगी और संग्रहणीय है।
Dostoevsky Ka Ghoda
- Author Name:
Shachinder Arya
- Rating:
- Book Type:

- Description: शचींद्र आर्य की किताब 'दोस्तोएवस्की का घोड़ा' से गुज़रते कुछ ऐसा एहसास हुआ कि कोई अपने मन के अंतरंग कोनों अतरों को परत दर परत उधेड़ रहा है बिना हिचक के, ज़रा निस्संग हुये और एक जगह जहाँ वो लिखते हैं, कुछ ऐसी जगहें होती हैं जहाँ हम खुद होते हैं अपने आप में बिलकुल नंगे, तो इन्हीं गलियों में शचींद्र हमें लिये चलते हैं, बहुत ईमानदारी से, बहुत हौसले से। बहुत सरलता से। इन पन्नों में हम उनके बचपन, उनके परिवार, उनकी दुनिया और दोस्त अहबाब, जि़ंदगी के तमाम ज़द्दोज़हद और रंगीनी, जीवन के दुलार और मीठेपन को उनकी नज़र से देखते चलते हैं, उनके पढऩे और उन पढ़े का उनपर असर को देखते हैं और धीरे-धीरे उनकी दुनिया हमारे भीतर सहजता से प्रवेश करती जाती है। एक किस्म के ठहराव और संजीदगी के साथ। तब उनकी दुनिया सिर्फ उनकी नहीं रह जाती, कुछ कुछ हमारी भी होती जाती है। कथेतर के इस कथ्य में उन्होंने जो पारदर्शिता दिखाई है, जो बुनावट और कहन का हुनर दिखाया है, जो परिपक्वता दिखाई है वो खुशी और उम्मीद जगाने वाली बात है। इसलिये भी कि वो पारंपरिक विधा से अपने को अलग करते दिखते हैं। डायरी की विधा ऐसी नहीं कि नई है पर शुरुआती दौर में इस तरह की दुनिया में प्रवेश कर लेने की साध सुखद है। ये सचमुच 'याद की किताब' है' और उनकी याद में हमारी याद भी घुलती मिलती चलती है, इसकी उन्हें बहुत बधाई और अशेष शुभकामनायें। —प्रत्यक्षा
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book