Main Hoon Pani
Author:
Turshan Pal PathakPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 48
₹
60
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789383111985
Pages: 24
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
AAO BACHCHO, KHELEN KHEL
- Author Name:
RAKESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sleep : It's Body Repair Time
- Author Name:
Sanjay Kumar Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Higher Secondary Teacher Eligibility Test English Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher English Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dinkar Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Ramdhari Singh Dinkar
- Book Type:

- Description: (आधुनिक हिन्दी कविता के) तृतीय उत्थान में आकर परिस्थिति बहुत बदल गई । आन्दोलनों ने सक्रिय रूप धारण किया और गाँव–गाँव राजनीतिक और आर्थिक परतन्त्रता के विरो/ा की भावना जगाई गई । सरकार से कुछ माँगने के स्थान पर अब कवियों की वाणी देशवासियों को ही ‘स्वतन्त्रता देवी की वेदी पर बलिदान’ होने को प्रोत्साहित करने में लगी । अब जो आन्दोलन चले वे सामान्य जन–समुदाय को भी साथ लेकर चले ।––– अब संसार के प्राय% सारे सभ्य भाग एक–दूसरे के लिए खुले हुए हैं । इससे एक भू–खंड में उठी हवाएँ दूसरे भू–खंड में शिक्षित वर्गों तक तो अवश्य ही पहुँच जाती हैं । यदि उनका सामंजस्य दूसरे भू–खंड की परिस्थिति के साथ हो जाता है तो उस परिस्थिति के अनुरूप शक्तिशाली आन्दोलन चल पड़ते हैं । इसी नियम के अनुसार शोषक साम्राज्यवाद के विरुद्ध राजनीतिक आन्दोलन के अतिरिक्त यहाँ भी किसान–आन्दोलन, मजदूर–आन्दोलन, अछूत–आन्दोलन इत्यादि कई आन्दोलन एक विराट् परिवर्तनवाद के नाना व्यावहारिक अंगों के रूप में चले । श्री रामधारी सिंह दिनकर, बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’, माखनलाल चतुर्वेदी आदि कई कवियों की वाणी द्वारा ये भिन्न–भिन्न प्रकार के आन्दोलन प्रति/वनित हुए ।
Ambedkar Aur Modi: Sudharak Ke Vichar, Sadhak Dete Aakaar (Hindi Translation of Ambedkar & Modi: Reformer's Ideas, Performer's Implementation)
- Author Name:
Bluekraft Digital Foundation
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vrat-Upvas Ke Dharmik Aur Vaigyanik Adhar
- Author Name:
Shashikant Sadaiv
- Book Type:

- Description: "भले ही व्रत-उपवास का वास्तविक अर्थ कुछ भी हो, लेकिन ये जनमानस में धर्म, आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक हैं। कुछ लोग इसे धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं तो कुछ ज्योतिषीय उपायों की तरह लेते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनके अलग लाभ हैं तो मनोविज्ञान की दृष्टि से इनका अपना महत्त्व है। शायद यही कारण है कि व्रत-उपवास का चलन सदियों नहीं, युगों पुराना है। एक तरफ हिंदू शास्त्र व्रत-उपवास जैसे धार्मिक कर्मकांडों की पैरवी करते नजर आते हैं तो दूसरी ओर खुद ही इसी बात पर जोर देते हैं कि भूखे भजन न होय गोपाला, अर्थात् भूखे पेट तो भगवान् का भजन भी नहीं हो पाता। व्रत-उपवास हमारे आत्मिक बल और स्व-नियंत्रण को बढ़ाते हैं; इंद्रियों को वश में रखने की शक्ति देते हैं। कुछ लोग व्रत-उपवास श्रद्धा से रखते हैं तो कुछ लोग भय से, कुछ लोग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए रखते हैं तो कुछ लोग मानसिक शांति के लिए। कारण भले ही कोई हो, लेकिन लोगों के जीवन में व्रत-उपवास का विशेष स्थान है। यह पुस्तक व्रत-उपवासों की महत्ता और उनकी वैज्ञानिकता प्रस्तुत करती है।"
Pradakshina Ke Patra | प्रदक्षिणा के पात्र | Description Poem of Tulsi's Ramcharitmanas | Yogendra Prasad Book in Hindi
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shishtachaar
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: "शिष्टाचार का जीवन में अहम स्थान है। शिष्टाचार आईने के समान है, जिसमें मनुष्य अपना प्रतिबिंब दरशाता है। शिष्टाचार अच्छे विचारों से आता है। जिस प्रकार कोई दीवार नींव के बिना खड़ी नहीं रह सकती, वैसे ही शिष्टाचार के बिना व्यक्ति का, समाज का और राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सकता। शिष्टाचार एक संस्कार है, जिसकी नींव बचपन में ही पड़ जाती है—शिक्षा इसके आड़े नहीं आती। खूब पढ़-लिखकर भी जिस व्यक्ति में शिष्टाचार का अभाव हो, लोग उसे पढ़ा-लिखा मूर्ख ही कहेंगे, और उसे समाज में सम्मान नहीं मिलेगा। शिष्टाचार द्वारा अनजान व्यक्ति भी समाज में सम्मान पाता है, वहीं शिष्टाचार रहित व्यक्ति परिजनों द्वारा भी दुत्कारा जाता है। शिष्टाचार व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुँचा सकता है, कठिनतम कार्य को आसान बना सकता है और अँधेरे में भी आशा की किरण दिखा सकता है। प्रस्तुत पुस्तक व्यक्ति को शिष्टाचार युक्त बनाने की दिशा में अग्रसर करती है।
From Rameshwaram To Rashtrapati Bhawan : Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jamsetji Tata: A Complete Biography
- Author Name:
Prashant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Delhi ko Poorna Rajya ka Darza?
- Author Name:
S.K. Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ve Kamal Ke Phool
- Author Name:
Mukul Rani Varshney
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Words Have Power
- Author Name:
Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swapnadrashta Dr. Kalam Ki Jeevan Gatha
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: "डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम मिसाइल मैन, जनता के राष्ट्रपति व इंटरएक्टिव प्रेजिडेंट जैसे नामों से प्रसिद्ध हैं। भारत के सुदूर कोने में स्थित छोटे से शहर से आनेवाले साधारण परिवार से संबंधित कलाम ने विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के उन शिखरों को छुआ है, जिनमें भारत को आधुनिक, शक्तिशाली व विकसित राष्ट्र होने का स्वप्न साकार करने की क्षमता है। अपने कार्य के बल पर वह एक ऐसे लोकप्रिय व्यक्तित्व के रूप में उभरे, जिनका अनुकरण करना किसी भी भारतीय के लिए गर्व का विषय होगा। उन्होंने युवाशक्ति को सकारात्मक व कार्यशील बनने के लिए प्रेरित किया। यदि चाहते तो वह अपने जीवन के अंतिम वर्ष आराम से गुजार सकते थे, लेकिन वह अंतिम क्षण तक उस कार्य को करते रहे, जो उन्हें बेहद पसंद था—युवाओं व बच्चों को प्रेरणा देना, ताकि वे राष्ट्र की बेहतर प्रकार से सेवा कर सकें। इस पुस्तक में डॉ. कलाम के मन के साथ-साथ विभिन्न विषयों के बारे में उनके विचारों को प्रस्तुत किया गया है, जिससे समग्रता में उनके प्रेरणाप्रद व्यक्तित्व का दिग्दर्शन हो सके। "
Sitesh Alok ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sitesh Alok
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tap Aur Tapasya
- Author Name:
Shobha Tripathi
- Book Type:

- Description: मैं एक घर छोड़ा, लाखों घर मेरे हो गए, मैं लाखों परिवार का हिस्सा बन गया, शायद एक गृहस्थ इतने घर नहीं देख सकता। संन्यासी जीवन में सभी कुछ त्यागना पड़ता है। आज मैं धन्य हो गया कि मेरे बेटे ने धर्म का, सेवा का, जग के कल्याण कार्य हेतु जो कार्य किया, वह विलक्षण व्यक्ति ही करते हैं। जब गृह त्याग कर गए थे तो घर में सभी दुःखी व परेशान थे, परंतु आज सभी अपने को धन्य मान रहे हैं। तभी एक स्वर स्वामीजी के कानों में पड़ा, जब से आपने गृह त्यागा है, तब से माँ ने मिष्टान्न को हाथ भी नहीं लगाया है। जब भी खाने को कहो तो वह कहती है कि मिष्टान्न तो वह अपने बेटे (स्वामीजी) के हाथ से ही खाएँगी। --इसी उपन्यास से आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरिजी महाराज एक चुंबकीय व्यक्तित्व के स्वामी हैं। ऊँचा कद, गौर वर्ण, उन्नत भाल, आभायुक्त देव सदृश्य मुखमंडल, देवत्वयुक्त प्रभावशाली महान् व्यक्तित्व, उस पर गेरुए वस्त्र, जैसे उनके गौर वर्ण में घुलकर स्वयं गेरुआमय हो गए हों! वह मात्र संन्यासी ही नहीं, जैसे संन्यास उनके लिए हो उनके चेहरे पर सदा छाई रहनेवाली पवित्र व सौम्य मुसकान लोगों को स्वयं ही नत- मस्तक कर देती है; मन में श्रद्धा सी उमड़ पड़ती है। बच्चों में बच्चों की निश्च्छल मुसकान, महिलाओं में कभी वह भाई बनकर, माताओं के बेटा बनकर, युवतियों के पितृ सदृश्य बन वह सभी के सम्मान का केंद्र बन जाते हैं | ऐसे तपोनिष्ठ, समाज के पथ-प्रदर्शक और मानवता के अग्रदूत पूज्य स्वामीजी के प्रेरणामय व त्यागपूर्ण जीवन पर अत्यंत भावप्रवण, मार्मिक, पठनीय औपन्यासिक कृति है “तप और तपस्या |
Gramin Vikash Ka Adhar : Aatmanirbhar Panchayanten
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

-
Description:
संविधान में 73वें संशोधन के बाद यह उम्मीद की गई कि देश के लाखों गाँवों में पंचायती राज की स्थापना से गाँवों के कष्ट दूर होंगे। विकास की बहुत उम्मीदें भी लगाई गईं, आरक्षण से गाँवों के पिछड़ों, महिलाओं के लिए स्थान भी सुरक्षित किए गए, पर हुआ क्या? क्या बिना साधनों के विकास सम्भव होगा? पंचायतों को अधिकार एवं ज़िम्मेदारियाँ तो सौंप दी गईं, परन्तु आवश्यक वित्त प्रबन्ध नहीं हुआ। यदि हुआ भी तो इतना कमज़ोर कि उससे दैनिक ख़र्चा भी नहीं निकल सकता है। ऐसे में पंचायतों के पास क्या विकल्प है? किन साधनों का कैसे विकास हो? इन्हीं सब मुद्दों पर इस पुस्तक में विचार किया गया है। इसमें यह बात प्रमुखता से उभरकर आती है कि आत्मनिर्भरता से ही विकास करना व ग़रीबी हटाना सम्भव होगा।
पुस्तक में पंचायत की सफलता की कहानियाँ, कार्टून, चित्र, सारणियाँ एवं आरेखों के द्वारा विषय को रोचक बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के कम पढ़े-लिखे पाठक भी इसे आसानी से पढ़ सकें और आत्मसात् कर सकें।
Ek Kahani...Khidaki "खिड़की" Book in Hindi | Sandeep Yadav
- Author Name:
Sandeep Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Qarz
- Author Name:
Vidya Vindu Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Genius Computer Learner-8
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...