GANIT KI PAHELIYAN
(0)
₹
99
₹ 79.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355718464
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
The Art of Intraday Trading "द आर्ट ऑफ़ इंट्राडे ट्रेडिंग '
- Author Name:
Indrajit Shantharaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maati Ki Moorten
- Author Name:
Ramvriksh Benipuri
- Book Type:

- Description: "माटी की मूरतें—श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी जब कभी आप गाँव की ओर निकले होंगे, आपने देखा होगा, किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं—माटी की मूरतें! ये मूरतें—न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। किंतु इन कुरूप, बदशक्ल मूरतों में भी एक चीज है, शायद उस ओर हमारा ध्यान नहीं गया, वह है जिंदगी! ये माटी की ब नी हैं, माटी पर धरी हैं; इसीलिए जिंदगी के नजदीक हैं, जिंदगी से सराबोर हैं। ये देखती हैं, सुनती हैं, खुश होती हैं; शाप देती हैं, आशीर्वाद देती हैं। खुश हुईं—संतान मिली, अच्छी फसल मिली, यात्रा में सुख मिला, मुकदमे में जीत मिली। इनकी नाराजगी—बीमार पड़ गए, महामारी फैली, फसल पर ओले गिरे, घर में आग लग गई। ये मूरतें जिंदगी के नजदीक ही नहीं, जिंदगी में समाई हुई हैं। इसलिए जिंदगी के हर पुजारी का सिर इनके नजदीक आप-ही-आप झुक जाता है। ये कहानियाँ नहीं, जीवनियाँ हैं! ये चलते-फिरते आदमियों के शब्दचित्र हैं। सुप्रसिद्ध लेखक श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी कहते हैं—‘मानता हूँ, कला ने उन पर पच्चीकारी की है; किंतु मैंने ऐसा नहीं होने दिया कि रंग-रंग में मूल रेखाएँ ही गायब हो जाएँ। मैं उसे अच्छा रसोइया नहीं समझता, जो इतना मसाला रख दे कि सब्जी का मूल स्वाद ही नष्ट हो जाए।’ जिंदगी के विविध रंगों को रेखांकित करतीं बेनीपुरीजी की सशक्त लेखनी से निकली रोचक, मार्मिक व संवेदनशील रेखाचित्र। "
Uttari Bharat Ki Sant Parampara
- Author Name:
Parshuram Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
‘उत्तरी भारत की सन्त-परम्परा’ कृति आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की साहित्यिक साधना की वह अनन्यतम प्रस्तुति है, जिसके समानान्तर आज कई दशक बाद भी हिन्दी साहित्य के अन्तर्गत वैसी कोई दूसरी रचना सामने नहीं आ सकी है। सन्त साहित्य के उद्भव से जुड़े अनेक प्रक्षिप्त मतों का खंडन करते हुए उसके मूल प्रामाणिक प्रेरणास्रोतों को प्रकाश में लाकर चतुर्वेदी जी ने उसकी अखंडता का जो अपूर्व परिचय प्रस्तुत किया है, वह हमारी साहित्यिक मान्यताओं से जुड़ी शोध-परम्परा का सर्वमान्य ऐतिहासिक साक्ष्य है।
परवर्ती काल में यह सन्त साहित्य उत्तर भारत के बीच पर्याप्त रूप से समृद्ध हुआ, किन्तु इसके प्रेरणासूत्र समग्र भारतीयता से सम्बद्ध है। महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओड़िसा, बंगाल, आसाम, पंजाब आदि राज्यों में फैले हुए इसके प्रारम्भिक तथा परवर्ती सूत्र इस तथ्य के प्रमाण हैं कि यह जन-आन्दोलन के रूप में समग्र भारतीय लोकजीवन से जुड़ा रहा है। सन्त नामदेव, ज्ञानदेव, नानक, विद्यापति, कबीरदास, दादू आदि सन्तों ने अपनी सन्तवाणी से समग्र भारत की एकता, अखंडता को जोड़ते हुए हमें अन्धविश्वासों एवं रूढ़ मान्यताओं से मुक्त किया है। आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की यह कृति इन तथ्यों की प्रस्तुति का सबसे प्रामाणिक और सबसे सशक्त दस्तावे़ज़ है।
आचार्य चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक धरोहर को पुन: समक्ष रखते हुए हम गर्व का अनुभव करते हैं और आशा करते हैं कि पाठक समाज इसे पूर्ववत् निष्ठा के साथ स्वीकार करेगा।
Mata Jijabai
- Author Name:
Priya Ghatwai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishnu Prabhakar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Vishnu Prabhakar
- Book Type:

- Description: "सन् 1931 में जब विष्णु प्रभाकर 19 वर्ष के थे, उनकी पहली कहानी ‘दिवाली की रात’ लाहौर से निकलनेवाले ‘मिलाप’ पत्र में छपी। उसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ, वह 76 वर्ष सन् 2007 तक निर्बाध चलता रहा। उनके लेखन में विचार नारों की तरह शोरगुल में नहीं बदलता। मनुष्य मन की जटिल व्यवस्था हो या अमानवीय असामाजिक परिस्थितियाँ, विष्णु प्रभाकर उस मनुष्य की चिंता करते हैं, जिसे सताया जा रहा है और फिर भी निरंतर मुक्ति संग्राम में जुटा है। उनकी कथावस्तु में प्रेम, मानवीय संवेदना, पारिवारिक संबंध, अंधविश्वास जैसे विषय मौजूद हैं। विष्णुजी की अधिक रुचि मनुष्य में रही। उन्होंने उसके जीवन के झूठ और पाखंड को देखा, उसके छोटे-से-छोटे क्रियाकलाप को बारीकी से परखा, उसके अंतर में चलते द्वंद्व को समझा, अपने दीर्घ अनुभव के साँचे में ढाला और करुणा के अंतर्निहित भावों को शब्द दिए। वे अपने प्रारंभिक त्रासद जीवन के प्रभाव से शायद कभी मुक्त न हो सके। उनका विपुल साहित्य उनके स्वयं के जीवन का ही प्रतिरूप है, जो सरल, सात्त्विक, अकृत्रिम व मानवीय मूल्यों को समर्पित है। मित्र, हमदर्द, सलाहकार, सहभागी और सहयात्री—विष्णु प्रभाकर अनेक रूपों में अपने कथा-पात्रों के साथ जीते हैं। यही जीना उनकी रचनाओं को रोचक बना देता है।"
Operation Blue Star Ka Sach
- Author Name:
Lt. Gen. K.S. Brar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Options Trading Handbook
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Options Trading Handbook There are thousands of books on Options but you wouldn’t find the knowledge that this book provides. The writers provide you descriptive knowledge of options, option Greeks etc. None of the books would provide you the practical concepts on Options that may enable even a semi-literate person to use Option Trading to get rich. This book, that covers the latest information right from the ABCs of Options to Option Greeks in a very simple language, is a rare work of Mahesh Kaushik, the most read research analyst of the Indian stock market. Kaushik likes to explain complex subjects in simple terms. Keeping the same in mind, this book has also been written in the format of a story to ensure you don’t get bored at any point while reading it. The character in the story Ghisu Bhai is a common waiter and the book, witten in an autobiographical style, describes how Kaushik went about teaching him Option Trading.
JPSC Mukhya Pareeksha Bhartiya Samvidhan, Rajvyavastha, Lok Prashasan Evam Sushasan "Indian Constitution, Polity, Public Administration & Governance" Mains Exam - 2024 | Dr. Manish Rannjan (IAS)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Itihas : Sanyaog Aur Sarthakata
- Author Name:
Surendra Chaudhary
- Book Type:

- Description: Fictional Critic
Karyalaya Karyabodh: Manual on Office Procedure, Business Letters Notes and Instructions)
- Author Name:
Hari Babu Kansal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bal Hanuman
- Author Name:
Mukesh Nadan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Orioles are Back and Other Stories Book in English- Chandrakanta
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gandhi : Ek Satya
- Author Name:
Rajendra Mohan Bhatnagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Padaav
- Author Name:
Amar Goswami
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rochak Jatak Kathayen
- Author Name:
Pradeepika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Benjamin Graham Ki Biography
- Author Name:
Pushkar Kumar
- Book Type:

- Description: सन् 1976 में 82 वर्ष को आयु में जब बेंजामिन ग्राहम की मृत्यु हुई, तब वे बॉल स्ट्रीट पर बहुत प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुके थे। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली विश्लेषण की नींव रखनेवाले ग्राहम ने असंख्य शिष्यों को प्रेरित किया था और वॉरेन बफे जैसे होनहार (जो सन् 1954 में ग्राहम के लिए काम करते थे) को व्यक्तिगत रूप से परामर्श दिए थे। ग्राहम को व्यापक रूप से प्रतिभावान, सफल और नैतिक माना जाता था, जो निवेश की उथल-पुथल भरी दुनिया में तीन दुर्लभ विशेषताएँ हैं । अपने बाद के वर्षों में ग्राहम ने एक संस्मरण लिखा, जिसमें उनके रंगीन जीवन के शुरुआती दशकों के विवरण हैं । उनकी मृत्यु के दशकों बाद यह रचना अंततः प्रकाशित हो रही है। निवेशकों और इतिहास-प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करनेवाले विवरणों से भरपूर यह कृति सदी के सबसे समृद्ध और सबसे घटनापूर्ण जीवन में से एक को उद्घाटित करती है। ग्राहम ने न्यूयॉर्क एवं वॉल स्ट्रीट की गतिशील पृष्ठभूमि में प्रतिभा और सौभाग्य की एक अद्भुत कहानी बुनी है।
Jhansi ki Veerangana
- Author Name:
Dr. Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
DOST KE SATH SHISHTACHAR
- Author Name:
Trashika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Upanyas Ke Rang
- Author Name:
Arun Prakash
- Book Type:

- Description: Critic
Aap Bhi IAS Ban Sakte Hain
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book