150 Inspirations
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
This book contains 150 quotes compiled that I learned during my daily work life at different levels. All ideas, logics, views and observations I wrote in my diary on daily basis, now I am sharing them with the masses. In hope that this book will inspire and boost the morale of individuals. It will help them understand their feelings better, so they can adapt a better healthy life. I am an optimistic and hopeful that these quotes will be liked by readers and if that happens, then I believe my writing added a pinch of contribution towards building a well-mannered society.
Read moreAbout the Book
This book contains 150 quotes compiled that I learned during my daily work life at different levels. All ideas, logics, views and observations I wrote in my diary on daily basis, now I am sharing them with the masses. In hope that this book will inspire and boost the morale of individuals. It will help them understand their feelings better, so they can adapt a better healthy life.
I am an optimistic and hopeful that these quotes will be liked by readers and if that happens, then I believe my writing added a pinch of contribution towards building a well-mannered society.
Book Details
-
ISBN9789355218445
-
Pages156
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Cultural Marxism: The War On Consciousness
- Author Name:
Dr. Niranjan B. Poojar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GAUTAM BUDDH KI PRERAK JEEVANI
- Author Name:
PARIJAT
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Aurat Ki Note Book
- Author Name:
Sudha Arora
- Book Type:

- Description: ‘एक औरत की नोटबुक’ नारीवाद के एक महत्त्वपूर्ण सूत्र ‘द पर्सनल इज़ पॉलिटिकल’ (The Personal is Political) को वाणी देती है—जहाँ स्त्री के वैयक्तिक यथार्थ का विस्तार समाज की नीतिसम्मत सत्ता से जा जुड़ता है। इस पुस्तक के आलेख अगर पुरुष वर्चस्व और स्त्री सशक्तीकरण के चिन्तन को अपना विषय बनाते हुए स्त्री को उसके ‘क्लोज़ेट’ (बन्द कमरे) से बाहर लाने का प्रयास करते हैं तो इसकी कहानियाँ उस ‘क्लोज़ेट’ के अन्दर डरी-सहमी बैठी स्त्री की त्रासद दशा का जीवन्त प्रस्तुतिकरण करती हैं—सुधा अरोड़ा के एक्टिविस्ट सरोकार के साथ उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करती हुई। —डॉ. दीपक शर्मा यह किताब एक सामाजिक दायित्व को निभाती है। जो लेखिका पिछले पैंतालीस वर्षों से निरन्तर लिख रही हो, जिसका लेखन-स्तर अपनी स्तरीयता से कभी डिगा न हो, जिसकी क़लम की धार समय के साथ-साथ पैनी होती गई हो, और कहानियाँ लिखने के अतिरिक्त जिसकी सामाजिक चेतना और सामाजिक समझ ने उसे ज़मीनी सामाजिक कार्यों से जोड़ रखा हो, उसकी हर नई किताब अपना परिचय ख़ुद होती है। —शालिनी माथुर ‘एक औरत की नोटबुक’ का जन्म सदियों की ख़ामोशी के टूटने की प्रक्रिया से होता है। ये वे आवाज़ें हैं जो इतिहास द्वारा युगों से दबाई जाती रही हैं। यह चुप्पी जब टूटती है तो इसकी दरारों से जो सच झाँकता है, वह हमारे समाज को नंगा करनेवाला है। इतिहास द्वारा इस ख़ामोशी के जाल को निर्मित करने की एक लम्बी सामाजिक-सांस्कृतिक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा स्त्री-व्यवहार का अनुकूलन किया गया और इस प्रकार समाज के आधे तबक़े को मानवाधिकारों से वंचित किया गया। —सुनीता गुप्ता चर्चित कथाकार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सुधा अरोड़ा की पुस्तक—‘एक औरत की नोटबुक’ में धैर्य, संस्कार, विवशता की परतों के नीचे छुपी वे सच्चाइयाँ हैं जिनकी भोक्ता औरतें हैं। सुधा पहले कथाकार हैं फिर सक्रिय कार्यकर्ता, स्त्री-सरोकारों की पक्षधर। इसीलिए वे जहाँ भी जाती हैं, जो भी देखती हैं, उनका सृजनशील व्यक्तित्व हमेशा चौकस और सक्रिय रहता है। यही वजह है कि उनका विमर्श बोझिल और उबाऊ नहीं होता। वसुधा अरोड़ा कहानियाँ गढ़ती नहीं हैं, वे प्रामाणिक प्रसंगों को चुनती हैं और अपने पक्ष को मार्मिक बनाती हैं। याद यह भी रखना होगा कि मार्मिकता और भावुकता में बड़ा फ़र्क़ होता है, सुधा ने जहाँ अपना पक्ष रखते हुए अपने को भावुकता से बचाया है, वहीं यह किताब पाठक को वैचारिक उत्तेजना से आवेशित करती है। —डॉ. प्रमोद त्रिवेदी
A Patriot Monk Swami Vivekananda
- Author Name:
Shanta Kumar
- Book Type:

- Description: "In jail, I read the complete literature of Swami Vivekananda. One thing which impressed and amazed me very much was that Swami Vivekananda left his home and all worldly affairs to attain salvation but after travelling the whole of India for four years and seeing the poverty of our country, gave up the idea of Moksha too. On the rock of Kanyakumari, he made a historical announcement—“O Lord! I do not want salvation till every human being of my country is not free from hunger: And let me be born again and again to serve my motherland.” Not only this, he called upon all the countrymen to forget all the Gods and Goddesses for some time as the poor countrymen are the greatest Gods and Goddesses and their service is the highest worship. He gave the Mantra of DRIDARA-NARAYANA. —Shanta Kumar"
Super Success Habits
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Keshav Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Keshav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC JTPTCCE Primary Teacher Recruitment Exam- Intermediate Trained Assistant Professor Acharya: Social Science, Science and Maths Paper-III for Class 1 To 5 (2023 Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
37 Years 2024-1988 NEET Chapterwise And Topicwise Solved Papers Chemistry (Rasayan Vigyan) Syllabus Based on NCERT Class 11 & 12
- Author Name:
Dr. Sunita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aavedan-Praroop
- Author Name:
Shivnarayan Chaturvedi
- Book Type:

- Description: सरकारी कार्यालयों के कार्य-व्यवहार का एक आवश्यक पहलू है फ़ाइलों पर की जानेवाली टिप्पणियाँ, विभागीय पत्राचार और विषयानुरूप मसौदे। परम्परागत रूप से इन्हें अंग्रेज़ी में किया जाता है, परन्तु अब कुछ वर्षों से इन्हें हिन्दी में भी किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से विभिन्न पुस्तकें भी प्रकाशित हुई हैं, लेकिन डॉ. शिवनारायण चतुर्वेदी की यह पुस्तक ऐसी तमाम पुस्तकों से अलग हटकर लिखी गई है। सरकारी फ़ाइलों से जुड़े टिप्पण-आवेदन-प्रारूप के महत्त्व को स्वीकारते हुए भी डॉ. चतुर्वेदी का मानना है कि उक्त विषय सरकारी कार्यविधि का केवल एक पक्ष है। दूसरा पक्ष है—छुट्टी, स्थानान्तरण, स्थायीकरण, पदोन्नति, वरिष्ठता-वेतन, अग्रिम वेतन, आवास आदि से जुड़े आवेदन-प्रारूप। यह पुस्तक ऐसे प्रारूपों के कई-कई नमूने प्रस्तुत करती है। इसके अलावा पुस्तक के तीसरे खंड में विभिन्न सरकारी अधिकारियों से पत्र-व्यवहार के प्रारूप दिए गए हैं। सम्पादकों के नाम पत्र, विभिन्न अवसरों से सम्बद्ध निमंत्रण-पत्र आदि भी इसी खंड में शामिल हैं। पुस्तक के तीन-तीन परिशिष्टों में भी कुछ उपयोगी जानकारियाँ निहित हैं। इसी प्रकार प्रस्तुत पुस्तक आवेदन-पत्रों के प्रायः सभी आवश्यक हिन्दी रूपों को समाहित किए हुए है, जिनकी ज़रूरत एक कर्मचारी को अपने जीवन में पड़ती है। कहने की आवश्यकता नहीं कि डॉ. चतुर्वेदी की यह पुस्तक उन तमाम सरकारी कर्मचारियों के दैनंदिन उपयोग से जुड़ी हुई है, जो विभागीय और विभागेतर पत्राचार हिन्दी में करना चाहते हैं। यही नहीं, जैसा कि लेखक ने कहा है, यह पुस्तक हिन्दी-शिक्षण-योजना के अन्तर्गत ‘प्रवीण’ और ‘प्राज्ञ’ परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी होगी, क्योंकि पिछले अनेक वर्षों में इन परीक्षाओं में प्रारम्भिक आलेखन के अन्तर्गत आवेदन-पत्रों से सम्बन्धित जितने भी प्रश्न आए हैं, उन्हें भी इसमें शामिल कर लिया गया है।
Bhagini Nivedita Aur Bhartiya Navjagran
- Author Name:
Omprakash Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ROBINSON CRUSOE
- Author Name:
Gaurav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description: आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Do Seengon Wala Rishi "दो सींगों वाला ऋषि" Hindi Translation of The Sage With Two Horns: Unusual Tales From Mythology | Sudha Murty
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CHACHAJI KE SATH SHISHTACHAR
- Author Name:
Tanvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bin Gaye Geet
- Author Name:
Narmada Prasad Upadhyaya
- Book Type:

- Description: विचार आता है, सभी फूल अशोक जैसे क्यों नहीं बनाए सृष्टा ने? कौन सी विवशता के कारण कुटज की, कुटज जैसे उजाड़ में ही जन्मकर जीवन बिता देनेवालों की सृष्टि करनी पड़ी। इसलिए कि कुटज नहीं बनाए जाते तो अशोक की पहचान कैसे बनती? सर्जक की विवशता थी कि वह अशोक के आभिजात्य को दरशाने के लिए कुटज के बियाबान को रचता। बियाबानों की नियति ही है कि वे हरे-भरे उद्यानों को पहचान देने के लिए निर्मित कर दिए जाते हैं। कुटज और उसके जैसे फूल इसी विवशता की देन हैं और यह विवशता भी इसलिए है कि अशोक की सामथ्र्य के बूते पर ही सर्जक की सत्ता टिकी रहती है, इसलिए सृष्टा की विवशता का किरीट है कुटज। ठीक अशोक और कुटज की तरह मनुष्य भी गढऩे पड़े। सर्जक ने आरंभ में बनाए तो सभी मनुष्य एक जैसे, लेकिन समय के आगे बढऩे के साथ यह समानता स्वयं सृष्टा को भारी पड़ी। मनुष्य ने ही उसे विवश किया कि वह इस समानता में बदलाव लाए और परिणाम यह हुआ कि फिर मनुष्य भी अशोक और कुटज होने लगे। —इसी संग्रह से प्रसिद्ध ललित-निबंधकार श्री नर्मदा प्रसाद उपाध्याय के भाषाई लालित्य और भारतीय दृष्टि से समादृत निबंध, जो पाठकों के अंतस को छू जाएँगे और रससिक्त करेंगे। आवरण—अजंता की दूसरी गुफा की सीलिंग पर निर्मित भित्तिचित्र : पाँचवीं सदी।
Fascist Tendencies in the Congress Party
- Author Name:
A. Surya Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahatma Buddha
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rani Durgavati
- Author Name:
Shankar Dayal Bhardwaj
- Book Type:

- Description: "कैसा विचित्र समय था? जब हिंदू राजाओं ने अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बारे में विचार करना ही त्याग दिया था। वे सीधे शरणागत हो रहे थे। रानी दुर्गावती की दृढ़ता, शासन करने की शैली तथा प्रजा-रंजन बादशाह अकबर को भी चिढ़ाता था। एक विधवा रानी का सुयोग्य शासन उसे खटक रहा था। अकबर ने संदेश भेजा—रानी, पिंजरे में कैद हो जाओ, तभी सुरक्षित रहोगी और वह पिंजरा होगा, मुगल बादशाह अकबर का। सोने का ही सही, पर पिंजरा तो पिंजरा होता है। गुलामी तो गुलामी होती है। कितना निकृष्ट संदेश रहा होगा? रानी दुर्गावती ने इस संदेश के उत्तर में अकबर को उसकी औकात बता दी। रानी संस्कृति की पूजक थीं, ‘गीता’ रानी का प्रिय ग्रंथ था। वह पंडितों से नियमित गीता प्रवचन सुनती थीं। रानी जीना भी जानती थीं और मृत्यु का वरण करना भी। उन्हें पुनर्जन्म पर भी विश्वास था। वह देशाभिमान भी जानती थीं और युद्ध के मैदान में रणचंडी बनना भी। ऐसी मनस्विनी रानी अकबर की नौकरानी कैसे बन सकती थीं? दुर्गावती की गाथा गोंडवाना की लोककथाओं में जीवित है, उन्हें जन-जन पूजता है। महारानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र को अनेक लेखकों ने लिखा है। दुर्गावती के बलिदान स्थल से जन्म स्थल तक अनेक अभिलेख, आलेख तथा पुरातत्त्व के अवशेष मिल जाते हैं। दुर्गावती शोध संस्थान, जबलपुर ने रानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र और उनके रेखांकित स्थलों पर अनुसंधान भी किया है। दुर्गावती का जीवनवृत्त सुना, समझा और पढ़ा जा रहा है। देशाभिमानी, निर्भीक, साहसी क्षत्राणी और विदुषी रानी दुर्गावती का प्रामाणिक जीवन-चरित है यह उपन्यास।
Jihad in My Saffron Garden
- Author Name:
Roxy Arora
- Book Type:

- Description: �Undoubtedly, My Saffron Garden was a playground for Farishtey and Djinns. The tiny flora in the lush meadow tiptoed upwards as lithe as ballet dancers while they hobnobbed with the tinted winged butterflies�.......... Year 1988, the two Superpowers of the world, U.S.A. and U.S.S.R., embroiled in their cold war. Each vying to outdo the other in its quest for terrain, a terrain saturated with oil. As the Soviet troops leave Afghanistan.............. Our Indian borders bleed at their most breathtaking yet strategic point..... Kashmir. Jihad unleashes its angst. Roshina Kapoor, headstrong and feisty, born and bred in Kashmir. Aafaq Qazmi, principled Muslim elitist, reciprocates Roshina�s love for him with unbridled ardour. Heena Qazmi, Aafaq�s sister and Roshina�s best friend. All three young adults fiercely possessive of each other as well as their beautiful state and the Kashmiriyat they symbolise. The �Saffron Garden� was theirs. Why in 2015 does Roshina return to Sopore without her lover and best friend? Why does the Saffron Garden scare her? Is it because she is a Kafir? Will Roshina ever find closure and love or will her past catch up with her and wreak havoc in her life yet again?
Acres of Diamond
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book