Lokmanthan
Author:
Shridhar Paradkar, Prof. Balkrishna Kuthiala, Prof. Sanjeev Kumar Sharma, Dr. Ravindra BharatiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789353220983
Pages: 264
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
How Chandu Earned and Chinki Lost in the Stock Market
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: With the help of this book, you will learn how to make handsome profits in positional trades and earn money in share trading. This will automatically enable you to understand when to buy a share and when to sell the same. You will also learn how to accumulate shares of your choice in big numbers without taking heavy risk of losing money. You can earn money as the share prices go up and can exit with minimum loss before a huge fall in the price of any share. How to keep your portfolio always in profit is one of the key points included in this book. This book can bring a change in your thinking and you would definitely be able to earn a desirable amount of money using the formulae provided herein. A practical book that would make you guru of share market and provide you the nitty-gritty of the same. The systematic, user-friendly information provided will equip you to earn a good amount of money by implementing better methods of investing.
Safalta Ke Sootra | A Guide To Building Good Thoughts To Boost Confidence And Motivation
- Author Name:
Dr. Narendra Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Steel Man Jamsetji Tata Ki Biography "स्टीलमैन जमशेदजी टाटा की बायोग्राफी" | Hindi Version of Jamsetji TATA: A Complete Biography
- Author Name:
Prashant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yes You Can
- Author Name:
Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Hoon Pani
- Author Name:
Turshan Pal Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prayas | Basis of Effort To Create An Educational Environment Book in Hindi
- Author Name:
Sanjay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JANIYE BIHAR KA BHOOGOL
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Badhiya Stree
- Author Name:
Germaine Greeyar
- Book Type:

-
Description:
बधिया स्त्री यानी वह स्त्री जिसकी यौनिकता का दमन कर दिया गया है।
‘द फीमेल यूनॅक’ शीर्षक से वर्ष 1970 में प्रकािशत और एक ही साल के भीतर विश्व-भर में तीखी चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं का विषय बनी यह पुस्तक आज स्त्रीविमर्श की सर्वािधक पढ़ी जानेवाली कृतियों में से एक है। नारीवाद की दूसरी लहर की अत्यन्त प्रभावशाली कृति के रूप में विख्यात ‘द फीमेल यूनॅक’ ने स्त्री की स्वतंत्रता से जुड़े उन प्रश्नों को उठाया, जिनका ताल्लुक़ स्त्री-देह और परिवार आदि संस्थाओं में उसकी भूिमका से है।
तीक्ष्ण हास्यबोध और अकाट्य तर्कों के साथ जर्मेन ग्रीयर ने इस पुस्तक में स्त्री के सम्मान, उदात्त मनोवेगों की अभिव्यक्ति और एक व्यक्ति के रूप में उसके स्वतंत्र विकास की ज़रूरत को रेखांकित किया। दौड़ने, चिल्लाने, ज़ोर से बोलने, घुटने फैलाकर बैठने, सीखने और सिखाने की आज़ादी को अनिवार्य बताते हुए वे कहती हैं कि ‘औरत को अपनी यौनिकता को व्यक्त करने का अधिकार’ हो; कि उसकी यौनेच्छा मात्र प्रतिक्रियात्मक न हो। उनके मुतािबक़ यह सिर्फ़ पुरुषों के प्रस्तावों को स्वीकार या अस्वीकार करने का प्रश्न नहीं है, इसका अर्थ यह है कि वह स्वयं एक स्वायत्त इकाई की तरह अपनी इच्छा को व्यक्त कर सके।
दुिनया की अनेक भाषाओं में अनूिदत इस किताब ने आलोचना भी कम नहीं झेली, लेिकन आज भी यह उतनी ही प्रासंगिक है जितनी बीसवीं सदी के आख़िरी दशकों में थी। तमाम क्षेत्रों में अपनी दावेदारी सिद्ध करने के बावजूद, अभी भी यह नहीं कहा जा सकता कि स्त्री अपनी देह की मालिक ख़ुद है।
भारत के सन्दर्भ में इस पुस्तक के तर्क और भी ज़्यादा सटीक कहे जा सकते हैं।
Simultala Awasiya Vidyalaya Pravesh Pariksha Prarambhik Evam Mukhya Class 6
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiyam "भारतीयम" | Indian Patriotic Poems Book In Hindi
- Author Name:
Pushpa Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pt. Shyamnarayan Pandey Granthawali (Set of Volumes 1, 2, 3 & 4)
- Author Name:
Purusharth Singh::Dr Anjana Singh Sengar::Dr Seema Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JRD Tata: A Comlete Biography - The Father of Indian Civil Aviation
- Author Name:
Vinod Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kuchh Idhar Ki, Kuchh Udhar Ki
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Business Mantra
- Author Name:
N.R. Narayana Murthy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Premchand Ki Shesh Rachanayen
- Author Name:
Pradeep Jain
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्द का इतना अधिक कथा तथा कथेतर लुप्त साहित्य प्रकाश में आने के बाद भी ऐसा लगता है कि उनकी कुछ और उर्दू-हिन्दी कहानियाँ तथा लेख अब भी यत्र-तत्र पुरानी पत्र-पत्रिकाओं में दबे पड़े हैं और उन्हें खोजकर प्रकाश में लाना अभी शेष है। दोनों भाषाओं में स्वतंत्र लेखन करनेवाले प्रेमचन्द जैसे द्विभाषी लेखक की तत्कालीन पत्र-पत्रिकाओं में जहाँ-तहाँ दबी पड़ी पुरानी सामग्री की खोज का कार्य काफ़ी दुष्कर है। इसका मुख्य कारण है—उस समय की पत्र-पत्रिकाओं का सुगमता से उपलब्ध न होना और दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान रखनेवाले खोजी प्रकृति के लगनशील शोधकर्मियों का अभाव। एक अन्य कारण यह भी है कि कभी-कभी प्रेमचन्द ने कुछ रचनाएँ धनपतराय, नवाबराय या प्रेमचन्द के अतिरिक्त कतिपय अन्य काल्पनिक नामों से भी लिखी हैं जिसकी जानकारी कम ही लोगों को है। ऐसे नामों से लिखी कुछ रचनाएँ प्रकाश में आ भी चुकी हैं। यद्यपि प्रचलित नामों के अतिरिक्त अन्य नामों से लिखी रचनाओं की संख्या बहुत अधिक तो नहीं प्रतीत होती, परन्तु अब भी कुछ रचनाएँ यदि कहीं दबी पड़ी हैं तो उन्हें भी खोजकर प्रकाश में लाना महत्त्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी। सौभाग्य से डॉ. प्रदीप जैन के रूप में एक ऐसे निष्ठावान और उत्साही व्यक्ति ने इस शोध-कार्य को अपने हाथों में लिया है जो हिन्दी साहित्य के विद्वान् होने के साथ ही उर्दू भाषा के भी अच्छे ज्ञाता हैं। विगत कुछ वर्षों से उनके द्वारा किए जा रहे महत्त्वपूर्ण शोध-कार्य का ही परिणाम है प्रस्तुत शोध-ग्रन्थ, जिसके माध्यम से प्रेमचन्द की छह लुप्त कहानियों और सात लुप्त लेखों के साथ दिल्ली प्रान्तीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन में दिया गया भाषण और अहमद अली, सज्जाद जहीर एवं पं. देवीदत्त शुक्ल के नाम लिखे गए अनेक दुर्लभ पत्र तथा सरस्वती प्रेस के विवाद के सम्बन्ध में प्रेमचन्द-महताबराय के मध्य हुआ दुर्लभ पत्राचार भी प्रकाश में आ सका है। इस शोध-ग्रन्थ का विद्वत्तापूर्ण विस्तृत प्राक्कथन लिखकर डॉ. प्रदीप जैन ने उसका महत्त्व और भी बढ़ा दिया है। —कृष्ण कुमार राय
Football : Khel Aur Niyam
- Author Name:
Surendra Shrivastava
- Book Type:

- Description: "कोई भी खेल आज मात्र खेल नहीं रह गया है। खेल को भी कॉरियर बनाकर धन और कीर्ति अर्जित की जा सकती है। भारत में अनेक खेल प्रचलित हैं। उनमें फुटबॉल भी एक है। फुटबॉल का सबसे अधिक विकास इंग्लैंड में हुआ। फुटबॉल का प्रथम क्लब ‘शेफील्ड फुटबॉल क्लब’ सन् 1857 में इंग्लैंड में स्थापित हुआ। सन् 1863 में ‘लंदन फुटबॉल एसोसिएशन’ की स्थापना हुई। भारत में फुटबॉल का प्रारंभ अंग्रेजों ने किया था। सन् 1948 में लंदन ओलंपिक में भारत ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में फुटबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया। फुटबॉल का जुनून खेल-प्रेमियों में देखने को मिलता है। जब इसके वर्ल्ड टूर्नामेंट होते हैं तो टीमें तो टीमें, इसके समर्थकों के भी हौसले आसमान छू रहे होते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में फुटबॉल खेल के नियम, तैयारी तथा बुनियादी तथ्यों की सचित्र जानकारी दी गई है, जो खेल-प्रेमियों और फुटबॉल में रुचि रखनेवालों को समान रूप से उपयोगी प्रतीत होगी। "
Saṅt Jñāneśwar
- Author Name:
Raghunandan Trikannad
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have Description.
Rochak Bal Kathayen
- Author Name:
Shriramvriksha Benipuri
- Rating:
- Book Type:

- Description: "रोचक बाल कथाएँ स्वागत-समिति के अध्यक्ष महाराज रोहूजी की आज्ञा लेकर मंत्री श्रीमती पोठिया देवी ने कार्य आरंभ किया। सबसे पहले संगीताचार्य श्री मेढकजी खड़े होकर मृदंग बजाने और अपनी सुरीली आवाज में स्वागत-गीत गाने लगे— टर्र! टर्र! टर्र! आओ-आओ जलचर-भाई। हिलें-मिलें सब फूट बिहाई। दुश्मन-मुँह पर उड़े हवाई। टर्र! टर्र! टर्र! यह बगुला जो भगत बना है। रूप श्वेत मन श्याम घना है। बिना हटाए चैन मना है।। टर्र! टर्र! टर्र! —इसी पुस्तक से ‘रोचक बाल कथाएँ’ पुस्तक को बेनीपुरीजी ने अपनी पहली संतान—पुत्री—को भेंट किया था यह लिखते हुए—“जिसका मुख देखने का सौभाग्य भी मुझे प्राप्त नहीं हुआ था, अपनी उसी प्रथम स्वर्गीय संतान की शिशु-आत्मा के पारलौकिक मनोरंजन के लिए यह सस्नेह समर्पित है।” यह अपने समय की सबकी लोकप्रिय व प्रशंसित बाल-पुस्तक मानी जाती है।
Raskapur
- Author Name:
Anand Sharma
- Book Type:

- Description: ‘‘इतिहास कथा-लेखन के दौरान इतिहास में साहसी-सामर्थ्यवान नारियों का अभाव मुझे रह-रहकर सालता था। एक प्रश्न हर बार उठता था कि मीराबाई, पन्नाधाय, हाडीरानी, कर्मवती आदि अँगुलियों पर गिनी जानेवाली नारियों के बाद, राजस्थान की उर्वरा भूमि बाँझ क्यों हो गई?’’ इस दिशा में खोज आरम्भ करने के चमत्कारी परिणाम निकले। एक-दो नहीं, दो दर्जन से भी अधिक नारी पात्र, इतिहास की गर्द झाड़ते मेरे सम्मुख जीवित हो उठे। ‘‘एक तवायफ के प्रेम में अनुरक्त हो, उसे जयपुर का आधा राज्य दे डालने वाले महाराजा जगतसिंह की इतिहासकारों ने भरपूर भर्त्सना की थी लेकिन वस्त्रों की तरह स्त्रियाँ बदलनेवाले अति कामुक महाराज का, एक हीन कुल की स्त्री में अनुरक्ति का ऐसा उफान, जो उसे पटरानी-महारानियों से पृथक, महल ‘रसविलास’ के साथ जयपुर का आधा राज्य प्रदान कर, अपने समान स्तर पर ला बैठाए, मात्र वासना का परिणाम नहीं हो सकता।’’ उपन्यास होते हुए भी रसकपूर अस्सी प्रतिशत इतिहास है, उपन्यास के सौ के लगभग पात्रों में केवल पाँच-सात नाम ही काल्पनिक हैं। –भूमिका से...
Haldi Ghati Ka Yoddha
- Author Name:
Sushil Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book