Kuchh Sapne, Kuchh Sansmaran
(0)
₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355621849
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Rangmanch Evam Stri
- Author Name:
Supriya Pathak
- Book Type:

-
Description:
सार्वजनिक स्पेस में स्त्री की आमद भारतीय समाज में एक समानान्तर प्रक्रिया रही है जिसके लिए सारी लड़ाइयाँ स्त्रियों ने ख़ुद लड़ी हैं, बेशक कुछ सहृदय और सुविवेकी पुरुषों का सहयोग भी उन्हें अपनी जगह बनाने में मिलता रहा। रंगमंच के संसार में स्त्रियों का प्रवेश भी इससे कुछ अलग नहीं रहा। बल्कि यह कुछ और कठिन था। शुचिताबोध से त्रस्त जो भारतीय समाज दर्शक-दीर्घा में स्त्रियों के बैठने की भी अलग व्यवस्था चाहता था, वह भला उन्हें मंच पर उतरने की छूट कैसे देता? आज की यह वस्तुस्थिति कि अधिकांश मध्यवर्गीय अभिभावक बेटी को फ़िल्म में जाते देख फूले फिरेंगे, एक अलग चीज़ है, इसे न तो मंच पर आने के लिए स्त्री ने जो संघर्ष किया, उसका ईनाम कह सकते हैं और न यह कि मध्य-वर्ग स्त्री को लेकर हर पूर्वग्रह से मुक्त हो चुका है, यह उसकी किसी और ग्रन्थि का नतीजा है।
समाज की और जगहों पर स्त्री ने जैसे अपनी दावेदारी पेश की, मंच पर और परदे पर भी उसने सम्मानित जगह ख़ुद ही बनाई। यह किताब स्त्री की इसी यात्रा का लेखा-जोखा है। पुस्तक का मानना है कि रंगमंच का डेढ़ सौ वर्षों का इतिहास स्त्रियों के लिए जहाँ बहुत संघर्षमय रहा, वहीं रंगमंच ने उनके लिए एक माध्यम का भी काम किया जहाँ से उनकी इच्छाओं और आकांक्षाओं, पीड़ा और वंचनाओं को वाणी मिली।
पारसी रंगमंच ने, जो भारत में लोकप्रिय रंगमंच का पहला चरण है, इस सन्दर्भ में बहुत बड़ी भूमिका निभाई और भविष्य के लिए आधार तैयार किया। जनाना भूमिका करनेवाले पुरुषों ने उस स्पेस को रचा जहाँ से स्त्रियाँ इस दुनिया में प्रवेश कर सकीं। उन्होंने न सिर्फ़ स्त्रीत्व को एक नया आयाम दिया बल्कि घर के आँगन के बाहर सैकड़ों निगाहों के सामने स्त्री की मौजूदगी क्या होती है, इसका पूर्वाभ्यास समाज को कराया।
ऐसे कई चरण रहे, जिनसे रंगमंच की स्त्री को आज के अपने स्थान पर पहुँचने के लिए गुज़रना पड़ा। यह किताब विभिन्न आयामों से उन तमाम परिस्थितियों और यात्राओं का आधिकारिक ब्यौरा देती है।
Raigarh Gharane Ki Kathak Rachnaon ka SaundryaBodh
- Author Name:
Dr. Yasmin Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Punya Pravah (राष्ट्र, धर्म और संस्कृति विमर्श)
- Author Name:
Dr. Jeevan S. Rajak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samaj Chintan
- Author Name:
Avinash Rai Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ped Tatha Anya kahaniyan
- Author Name:
Ashwini Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: कहानी अपने समय को सच्चाई को व्यक्त करने की सशक्त विधा है। आज एक बहुत बड़ा समाज, उसकी चिंताएँ, बाजार के सरोकार और वैश्विक महामारी से उत्पन्न खतरे तथा स्थितियाँ कहानीकार के सामने चुनौती के रूप में उपस्थित हैं। प्रस्तुत संग्रह की ये कहानियाँ इसी तात्कालिक पृष्ठभूमि में विकसित होती हैं, पर धैर्यपूर्वक अपनी पूर्ण संवेदनात्मक संरचना के साथ पाठक से सीधे-सीधे जुड़ती हैं। कथा, घटनाएँ, पारिवारिकता, सामाजिकता और महामारी की दहशत, सबमें अद्भुत सामंजस्य और संतुलन है। संग्रह की कई कहानियाँ कोरोना के आतंक से मुक्त हैं । ऐसी कहानियों में 'सुआपंखी साड़ी' विशेष उल्लेखनीय है, जिसमें एक श्रमिक के दांपत्य जीवन का भावपूर्ण चित्र है।' महानता' कहानी में जुगाड़ संस्कृति के आगे योग्य व्यक्तियों को असहायता पर तीखा व्यंग्य है। 'असफल होती प्रेमकथा' पारंपरिक प्रेम कथाओं के ताने-बाने से हटकर एक अपरिमेय पृष्ठभूमि पर आकार लेती है, जिसमें उसकी असफलता सांकेतिक है। कथ्य की किंचित् वक्रौयता और प्रस्तुति कौ दृश्यात्मकता इन कहानियों की विशेषता है। कहानी 'पेड़' एक विशेष कथा है, जो यह बताती है कि पेड़ हमारे परिवार के सदस्य हैं, इनको सुरक्षा पूरे समाज का अनिवार्य दायित्व है। विश्वास है, इस संग्रह की ये कहानियाँ बहुत दूर तक और बहुत देर तक पाठकों के साथ रहेंगी।
Bharat ki Rajneeti ka Uttarayan
- Author Name:
Suryakant Bali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kathak Ki Parampara, Gharane aur Stree Prashn
- Author Name:
Avantika Shukla
- Book Type:

- Description: Hindi Discourse
Doraha Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gopi Ki Diary-4 Stories Hindi Translation of The Gopi Diaries: Gopi’s Day Out
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shrinaresh Mehta Rachanawali : Vols. 1-11
- Author Name:
Shri Naresh Mehta
- Book Type:

-
Description:
श्रीनरेश मेहता अपनी परम्परा के प्रति ‘आत्मविस्मृत आधुनिकों’ में नहीं, बल्कि उन आधुनिक कवियों में हैं, जो तमाम आयातित विचारों और प्रवृत्तियों के लिए खुले रहते हुए भी उनकी अधीनता स्वीकार नहीं करते। इतना ही नहीं, सतत एक आधुनिक भारतीय कवि की उपस्थिति भी दर्ज कराते हैं। वे निषेध नहीं करते, वरन् अपरिहार्य हो उठे आयातित विचारों और विचारधाराओं के बीचोबीच अपनी ही संस्कारगत प्रज्ञा से नई लपट उठाते हैं, अपने भीतर से विचारों और मूल्यों का सन्धान करते हैं, जो वैकल्पिक या ‘प्रति’ नहीं हैं, स्वयं संकल्प हैं, जिनकी सन्दर्भवत्ता भी है, प्रासंगिकता भी और सनातनता भी।
भाषा के नए प्रयोगों और अन्वेषणों की दृष्टि से श्रीनरेश मेहता का आधुनिक युग में भी कोई सर्जक उल्लंघन नहीं कर सका है। उसका कारण उनका वैदिक, औपनिषदिक, सांस्कृतिक परम्परा में प्रयुक्त भाषा में नवार्थ भरना है; भागवत, वृन्दावन, प्रार्थना, ऋचा, मंत्र, गायत्री, अनुष्टुप, शिवत्व, उपनिषद्, वैष्णवता, उत्सव, यज्ञ, बिल्व–पत्र, यज्ञोपवीत, अश्वत्थ—जैसे पचासों शब्दों और उनके विभिन्न रूपों का सिर्फ़ प्रयोग ही नहीं, इनमें नया अर्थ भरना सर्वथा भाषा का मौलिक अन्वेषण है। इसके अलावा मालवा के लोक–शब्द, बांग्ला–शब्द आदि का भरपूर प्रयोग श्रीनरेश जी की भाषा में मिलता है; और कहना न होगा कि वह सर्जक वास्तव में बहुत बड़ा होता है जो भाषा का सन्धान करता है।
श्रीनरेश मेहता के काव्य में प्रकृति की महत् भूमिका है। प्रकृति से उनका बड़ा घरोपा है। उनके भीतर के तार उससे जुड़े हैं। यहाँ तक कि उनका स्वयं का जीवन प्रकृत रहा—अकृत्रिम, सहज। प्रकृति के अनेक रूप, रंग, बिम्ब, सम्बन्ध श्रीनरेश मेहता के काव्य में आद्यन्त खिले हुए हैं। वह उनके सोच और अभिव्यक्ति की सहयात्री है।
ग्यारह खंडों में प्रकाशित श्रीनरेश मेहता रचनावली का यह पहला खंड है। इस खंड में ‘बनपाखी! सुनो!!’, ‘बोलने दो चीड़ को’, ‘मेरा समर्पित एकान्त’, ‘उत्सवा’, ‘तुम मेरा मौन हो’, ‘अरण्या’, ‘आखिर समुद्र से तात्पर्य!’ शीर्षक काव्य–संकलन शामिल हैं।
Letters to My Kids
- Author Name:
Dr. Kirti Sisodia
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Ghatak Rogon Se Kaise Bachen
- Author Name:
M.P. Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Arthshastra Prashnottari
- Author Name:
Dilip Pipada
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The First Indian Astronaut—Capt. Rakesh Sharma: A Complete Biography
- Author Name:
Harsha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aap Bhi IAS Ban Sakte Hain
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Beautiful Life Beyond Exams
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramayana | Indian Mythology, History & Folktales | A Timeless Story of Courage, Honor, And Sacrifice Book in Hindi
- Author Name:
Shankar Baam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
God is Love
- Author Name:
Dr. Krishna Saksena
- Book Type:

- Description: This book will serve as a source of inspiration, encouragement, and reflection for all who read it. May this book help ignite our soul with the awareness of God's ever-present love, and may it deepen our understanding of the Divine essence that permeates all creation. In this book, we will explore the many facets of God’s love. We will reflect on the unconditional love that embraces all beings, the redemptive love that offers forgiveness and grace, the compassionate love that heals and comforts, and the transformative love that inspires us to be our best selves. We would ponder the challenges and complexities of understanding and experiencing God's love in a world filled with suffering, doubt, and questions.
Raghuvir Sahay Sanchayita
- Author Name:
Raghuvir Sahay
- Book Type:

- Description: रघुवीर सहाय (1929–90) का एक रूप आधुनिक मिज़ाज के प्रतिनिधि का है, दूसरा आधुनिकता के समीक्षक का। उनके रचना-जगत को इन दोनों रूपों में देखना और इन रूपों के बीच एक अँधेरा–सा छोड़ देना आसान भी है, उचित भी। आसान इस कारण है कि आधुनिक मिज़ाज और उसकी अभिव्यक्ति के पर्याय समझे जानेवाले लक्षण रघुवीर सहाय के जीवनवृत्त में उतनी ही सुविधा से पहचाने जा सकते हैं, जितनी सुविधा से हम इन पर्यायों की कठोर नैतिक जाँच रघुवीर सहाय के लेखन कविता और गद्य, दोनों में ढूँढ़ सकते हैं। उचित इसलिए है क्योंकि निरे तार्किक विश्लेषण और उसके आधार पर फ़ैसला ले लेने या सुना देने की प्रवृत्ति से सचेत होकर बचने की चिन्ता रघुवीर सहाय की रचनाओं में गहरे बैठी दिखाई देती है। विश्वास के साथ दुविधा और भय रघुवीर सहाय का प्रतिनिधि स्वभाव है। इसीलिए उन्हें आधुनिकता का प्रतिनिधि और समीक्षक, दोनों कहना सही है। सम्प्रभु राज्य और लोकतंत्र आधुनिकता की इन दो सबसे विराट संरचनाओं को रघुवीर सहाय ने प्रसार माध्यमों के ज़रिए ही सबसे ज़्यादा जाना। इन संरचनाओं के चरित्र और बल से आकार लेते हुए सामाजिक इतिहास में रघुवीर सहाय की अपनी हिस्सेदारी मुख्यत: पत्रकारिता के माध्यम से सम्पन्न हुई। ‘दिनमान’ साप्ताहिक को एक प्रसार–माध्यम से ज़्यादा संवाद–माध्यम बनाना निश्चय ही उनके पेशेवर जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष था। रघुवीर सहाय के काव्य का एक बड़ा और महत्त्वपूर्ण हिस्सा इस संघर्ष की पृष्ठभूमि में समझे जाने पर ही खुलता है।
Captain Vikram Batra
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Vikram Batra (Known by Luv, Shershah, Kargil-ka-She) was born on September 9, 1974 in Palampur district of Himachal Pradesh. Rank—Captain Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Param Vir Chakra (Posthumously) Whenever any discussion comes up regarding the Kargil war, the first name that reminds to us is that of Captain Vikram Batra, the valiant son of India. Captain Vikram Batra of 13 Jammu and Kashmir Rifles is one of those bravehearts who contributed in the victory of the Kargil war after fiercely fighting on multiple peaks one after another. Captain Vikram Batra showed unprecedented valour in the Kargil war and attained martyrdom. He was awarded with the ‘Param Vir Chakra’ posthumously.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book