KAISE-KAISE JAANWAR
(0)
₹
100
₹ 80 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789390825363
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Mahaparakrami Maharana Pratap
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: "महाराणा प्रताप का नाम बहादुर राजाओं की सूची में स्वर्ण अक्षरों में उत्कीर्ण है, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान देकर इस देश के राष्ट्र, धर्म, संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा की। महाराणा प्रताप के शासनकाल के समय दिल्ली में अकबर मुगल शासक था। उसकी नीति अन्य राजाओं को अपने नियंत्रण में लाने के लिए हिंदू राजाओं की ताकत का उपयोग करना था। कई राजपूत राजाओं ने अपनी गौरवशाली परंपराओं को त्यागते हुए अपनी बेटियों और बहुओं को पुरस्कार व सम्मान पाने के उद्देश्य से अकबर के हरम में भेजा। महाराणा प्रताप की एकमात्र चिंता अपनी मातृभूमि को मुगलों के चंगुल से तुरंत मुक्त करना था। इसलिए उन्होंने घोषणा की कि, ‘मैं शपथ लेता हूँ कि जब तक चित्तौड़ को मुक्त नहीं करा लेता, तब तक सोने-चाँदी की प्लेटों में भोजन नहीं करूँगा, नरम बिस्तर पर नहीं सोऊँगा और महल की बजाय पत्ता-थाली पर खाना खाऊँगा, फर्श पर सोऊँगा और झोंपड़ी में रहूँगा। मैं तब तक दाढ़ी नहीं बनाऊँगा, जब तक चित्तौड़ को मुक्त नहीं कर दिया जाता।’’ 22,000 सैनिकों की महाराणा प्रताप की सेना हल्दीघाट में अकबर के 2,00,000 सैनिकों के सामने आ डटी। उनके वफादार घोड़े चेतक ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर अपने स्वामी की जान बचा ली और स्वयं अमर हो गया। महाराणा प्रताप पहाड़ों, जंगलों और घाटियों में भटकते रहे। भामाशाह ने उनकी मदद की। महाराणा प्रताप ने मेवाड़ को बचाने के लिए 12 साल तक संघर्ष किया। उन्होंने बहुत कष्ट झेला, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं किया। एक महायोद्धा की अविस्मरणीय गाथा। "
Nibandh Sagar
- Author Name:
Prithvi Nath Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Patrakarita Evam Jansanchar Prashnottari
- Author Name:
S.P. Chaitanya
- Book Type:

- Description: वर्तमान युग में जन-संचार माध्यमों की भूमिका का क्षेत्र काफी विस्तृत हो गया है । आजादी के बाद के साठ वर्षों में जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव आया है । आज अखबार मित्रता करना भी सिखा रहे हैं । अखबार उपहार दिलाते हैं, विदेश की सैर कराते हैं और नकद इनाम भी दिलाते हैं ।पत्रकारिता एवं जन-संचार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व बदलाव आया है । प्रिंट मीडिया की आज देश के कोने-कोने तक पहुँच है । खोजी पत्रकारिता एवं स्टिंग ऑपरेशन आज खूब लोकप्रिय हैं । प्रेस का दायरा एवं दायित्व बहुत बढ़ गए हैं । लोकतंत्र में पत्रकारिता यानी मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है ।आज की भागमभाग की जीवनचर्या में सभी के पास समय का अभाव है । दूसरे, आज हर क्षेत्र में प्रतियोगिता का बोलबाला है । इसी को ध्यान में रखकर पत्रकारिता जगत् की समस्त जानकारी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है । प्रस्तुत पुस्तक में जनसंचार के सिद्धांत प्रशिक्षण, पत्रकारिता का इतिहास, प्रिंट मीडिया, फोटो पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, टी.वी., केबल चैनल, कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रेस कानून, विज्ञापन, स्टिंग ऑपरेशन, जनसंपर्क इत्यादि से संबंधित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं ।प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विश्व- विद्यालयों में पढ़ाए जानेवाले पत्रकारिता एवं जन-संचार के पाठ्यक्रमों के आधार पर तैयार की गई है । निश्चय ही यह विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं सामान्य पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है ।
SHYAM BENEGAL AUR SAMANANTAR CINEMA
- Author Name:
Pramod Kumar Barnwal
- Book Type:

- Description: प्रमोद बर्णवाल सिनेमा के अध्येता और प्रशंसक हैं। वे कला माध्यमों में नवाचार के प्रति विशेष श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने हिन्दी सिनेमा में बीसवीं सदी के सातवें दशक में अभ्युदित समान्तर सिनेमा आन्दोलन को मुहब्बत की नज़र से देखते हुए, इस बदलाव के मसीहा के रूप में उभर कर सामने आए श्याम बेनेगल की कोई पाँच दशक लम्बी रचनायात्रा का गौरवशाली परिदृृश्य, सृृृजन विश्लेषण, आलोचना के तंज़ को गहरी आत्मीयता की चाशनी में घोलकर प्रस्तुत किया है। इस तरह कि बेनेगल के सिनेमा का कोई कोण अनावृत्त होने से रह न जाए। उन्होंने अपने आख्यान को सिनेमा के आशिकों, विद्यार्थियों और अध्येताओं के लिए समवेत उपयोगी बनाया है। सिनेमा को व्यावसायिकता के भँवर से निकाल कर, जीवन की सार्थकता से जुड़ी अनुभूूतियों को आलोकित करनेवाले कलाकारों का बेहद उत्कृष्ट योगदान, दृश्यों की उपयुक्त बानगी प्रस्तुत करते हुए किया गया है। समान्तर सिनेमा से उभरकर विकसित होने वाले कलाकारों की रचनायात्रा के सर्वोत्कृष्ट संधान तक जा पहुँचने का विवरण आश्चर्यचकित करने वाली सहजता से बर्णवाल ने प्रस्तुत किया है। इस आख्यान में श्याम बेनेगल के साथ ही शबाना-स्मिता, ओम-नसीर, गिरीश कारनाड, रजित कपूर, अमरीश पुरी, साधु मेहर, अनंत नाग, पंकज कपूर प्रभृति कलाकारों की विकासयात्रा की मनोहारी झलकियाँ बहुत खूबसूरती से उभर कर आई हैं। कथा से लेकर कला पक्ष तक का हर कोण कोने-कोने से निरख कर परखा गया है। —प्रह्लाद अग्रवाल
Main Shabari Hoon Ram Ki
- Author Name:
Urvashi Agrawal "Urvi"
- Book Type:

- Description: "मैं शबरी हूँ राम की पुस्तक" इसके लेखन में मैंने स्वयं भी एक शबरी के रूप में जीने का प्रयास किया और सोचा कि वो भी एक शबरी थी तो क्या मैं भी एक शबरी हूँ?’’ यह उतना आसान नहीं था, पर कठिन भी नहीं था। अगर वह एक शबरी थी तो हर नारी एक शबरी है और हर पुरुष में भी शबरी-तत्त्व समान रूप से हैं। पाठकगण शायद इससे सहमत न हों, पर यदि हम इस पक्ष पर ग़ौर करेंगे तो संभवतः आप मुझसे सहमत ज़रूर होंगे। श्री रामचरितमानस के इस अत्यंत महत्त्वपूर्ण पात्र को अपने भीतर और अपने आस-पास तलाश करने का प्रयास करें। यदि मैं कहूँ कि प्रत्येक माँ, पत्नी, बहन एक शबरी है और उसी प्रकार से प्रत्येक पिता, पति एवं भाई में भी शबरी के सभी गुण विद्यमान हैं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। केवल थोड़े से विश्लेषण मात्र से ही हमें इस का भान हो जाएगा कि हम सभी में राम भी हैं और शबरी भी
Miracles of Face Yoga
- Author Name:
Mansi Gulati
- Book Type:

- Description: This book introduces the concept of ‘Face Yoga’, a natural exercise for the face in addition to various other yoga exercises. Facial Yoga can also help you relax and rejuvenate your body. The Face yoga ‘asanas’ release stress and tension from the face and neck. They will also make us more aware of our facial muscles so that we can relax them within seconds that indirectly helps to tighten our skin. Moreover, Yoga helps in building concentration level and teaches an individual to achieve a calm mind, thus channelising energy throughout the body. ‘Face Yoga’ is a comprehensive work on facial exercises written in lucid simple language which can be easily be understood by a beginner to an eminent practitioner. The large number of photographs enable better comprehension, easy assimilation and understanding. The author offers a complete face yoga programma for beauty and general health as well as pose sequences that address specific health problems, and general well being too. The chapters have been well thought of and the book makes an interesting reading. This book is not only inspirational—urging you to ‘Just follow it and do it’—but it also gives pragmatic instructions needed to put things in the right perspective. An engaging and must read book.
Hindu-Drashta Ashok Singhal "हिंदू द्रष्टा अशोक सिंहल" | Former President of The Hindu Organisation Vishva Hindu Parishad | Book in Hindi
- Author Name:
Chandra Prakash Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ikkisveen Sadi Ke Bal Natak
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Supercop NSA Doval
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Hailing from Garhwal, Doval has excellent credentials as ‘Operation Man’. He made a name for himself as a field operative during the Mizoram rebellion, where he overpowered the rebel leader, Laldenga. In 1989, he led an Intelligence Bureau (IB) team with the Punjab Police and the National Security Guard during ‘Operation Black Thunder’ to flush out terrorists from the Golden Temple in Amritsar. Throughout the years, he headed several important teams within the IB, including those with prominent operations against Islamic terrorism in India. He also led the team formed after the 1993 Mumbai blasts to apprehend underworld gangster Dawood Ibrahim.
Sagar Ki Rochak Baaten
- Author Name:
S.G. Mishra +1
- Book Type:

- Description: "जब ईश्वर ने पृथ्वी बनाई तो उसके दो-तिहाई हिस्से को जल देकर भर दिया । हो सकता है, इसमें उसका कुछ उद्देश्य रहा हो; किंतु हम पृथ्वीवासियों के लिए यह बड़े फायदे की बात है । इतना अधिक जल धरती के बाकी सूखे टुकड़े को वातानुकूलित रखता है और हम पृथ्वी पर रहनेवाले जीवित प्राणी सूर्य की गरमी से नष्ट होने से बचे रहते हैं । इसके अलावा इतने बड़े जलाशय की आवश्यकता प्रकृति को स्वयं के आसवन उपकरण-सूर्य की सहायता से पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के लिए थी । औसतन एक घन किलोमीटर समुद्री जल में लगभग चार करोड़ दस लाख टन नमक होता है । यह अनुमान लगाया गया है कि संपूर्ण जलमंडल में इतना नमक है, जो पूरे संसार को 150 मीटर मोटी नमक की परत से ढक सकता है । नमक के अलावा समुद्र में दूसरे खनिज भी होते हैं । एक घनमील समुद्र के पानी में पंद्रह करोड़ टन से ज्यादा खनिज होते हैं । उनमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है 'आयोडीन' । दूसरा है ' ब्रोमीन ' । संसार- भर की ब्रोमीन का 9/10 हिस्सा समुद्र में ही होता है । ब्रोमीन का उपयोग फोटोग्राफी की प्लेटों और अनेक दवाओं में होता है । इसके अतिरिक्त सागर ओषधियों का भी भंडार है । सागर की ऐसी ही रोचक तथा वैज्ञानिक जानकारी के लिए प्रस्तुत है-' सागर की रोचक बातें '|
Punashcha
- Author Name:
Mohan Rakesh
- Book Type:

- Description: सामान्यतः दो व्यक्तियों या परिवारों के बीच लिखे गए पत्र उनके निजी अख़बार होते हैं और साहित्यकारों के पत्र उनके जीवन एवं साहित्य के अन्तर्तम तक पहुँचने के चोर दरवाज़े। इस संग्रह में (सन् 1951 से 1969 तक) अठारह सालों के बीच मोहन राकेश और उपेंद्रनाथ ‘अश्क’ एवं श्रीमती कौशल्या ‘अश्क’ द्वारा एक-दूसरे को लिखे गए लगभग सवा चार सौ पत्रों में से चुने हुए पत्र प्रस्तुत किए गए हैं। मोहन राकेश और उपेंद्रनाथ अश्क का व्यक्तित्व अपने बहुस्तरीय जटिल सम्बन्धों के कारण काफ़ी दिलचस्प और कुतूहल-भरा रहा है। उनके इन तमाम खतों में अश्क और राकेश के ख़ून की गर्मी, दिल की धड़कन, दिमाग़ी उथल-पुथल, बेताबी, बेसब्री, जद्दोजहद, हँसी-ख़ुशी, दुःख-दर्द, भाव-अभाव और आत्मीयता-अन्तरंगता के न मालूम कितने रंग बिखरे हुए मिलेंगे। उनके सम्मोहक व्यक्तित्व की तीखी-भीनी महक का भी अहसास होगा। हिन्दी साहित्य के जाने-माने मुँहफट अश्क और बेबाक राकेश के इन पत्रों से जिन पाठकों को किसी विस्फोट या हंगामे की उम्मीद है, उन्हें शायद किसी हद तक निराश होना पड़े। जिन्हें इन दोनों महत्त्वपूर्ण लेखकों और विशेषतः मोहन राकेश के रचनाशील अन्तर्मन को देखने तथा व्यक्तिगत जीवन-संघर्ष को जानने की अपेक्षा होगी, उन्हें इनके दर्शन यहाँ पूरी प्रामाणिकता एवं सहजता के साथ होंगे। तत्कालीन परिवेश, साहित्यिक-आन्दोलनों और हलचलों की तसवीर भी साफ दिखाई देगी। अश्क और राकेश के जीवन, साहित्य और उनके समय में दिलचस्पी रखनेवाले जिज्ञासुओं, अध्येताओं एवं इतिहासकारों को ये पत्र निश्चय ही इतिहास के कालजयी सन्दर्भ-स्रोत जैसे ज़रूरी और दस्तावेज़ी महत्त्व के प्रतीत होंगे। यह पुस्तक वास्तव में ‘राकेश और परिवेश : पत्रों में’ का पुनश्च ही है, और इसे उसकी पूरक के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Watershed
- Author Name:
Varsha Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DaduDayal Aur Hamara Samay "दादूदयाल और हमारा समय" Book in Hindi | Nand Kishore Pandey
- Author Name:
Nand Kishore Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gitarathi "गीतारथी" Contemporary Interpretation of Bhagavad Gita In Scientific Context Useful Book For Student
- Author Name:
Padmakar Ram Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stritva Se Hindutva Tak
- Author Name:
Charu Gupta
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक का विषय है औपनिवेशिक उत्तर भारत में हिन्दू संगठनों, प्रचारकों और विचारों के सांस्कृतिक जगत में लिंग की केन्द्रीय भूमिका, यौनिकता का संकीर्ण विमर्श और साम्प्रदायिक उभार से इसके अन्तर्सम्बन्ध। अभिलेखागारों और प्रचलित साहित्य विधाओं के विशद शोध के ज़रिए यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार मुख्यतः मध्यवर्गीय हिन्दू प्रचारकों ने हिन्दी के प्रिंट-पब्लिक माध्यमों के इस्तेमाल से नए सामाजिक और नैतिक प्रतिमान गढ़ने, और एक विविध आबादी को एकरूप, आधुनिक हिन्दू समुदाय बनाने की कोशिश की। पुस्तक के पहले भाग में हिन्दू प्रचारकों की नैतिक और यौनिक चिन्ताएँ हैं। बाज़ारू साहित्य, कामोत्तेजक इश्तहार, लोकप्रिय संस्कृति, अश्लीलता, महिलाओं के मनोरंजन, शिक्षा और घरेलू परिदृश्यों की पड़ताल के ज़रिए लेखिका ने स्पष्ट किया है कि किस प्रकार एक ‘सम्माननीय’, ‘सुसंस्कृत’ हिन्दू सामाजिक और राजनैतिक पहचान बनाने के लिए इन सारे क्षेत्रों को पुनर्परिभाषित करने की कोशिशें हुईं। साथ ही इन प्रयासों के विरोध भी हुए, जिनसे हिन्दी साहित्य और हिन्दू पहचान की जटिलताओं और विषमताओं का भान होता है। दूसरे भाग में लिंग के प्रिज़्म से रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में बढ़ता हुआ साम्प्रदायिककरण देखा गया है। लेखिका ने हिन्दू पुरुषत्व की चिन्ताओं, मुस्लिम मर्द की साँचेदार तस्वीर, अपहरण-विरोधी अभियान, गाज़ी मियाँ की आलोचना और विधवा-विवाह के बदलते विमर्श पर ध्यान देते हुए बताया है कि हिन्दू प्रचारक हिन्दू औरत और मुस्लिम मर्द के बीच मेल-जोल कैसे रोकना चाहते थे। इन सबके बीच, यह पुस्तक महिलाओं के हस्तक्षेप—नकार और प्रतिकार—की भी चर्चा करती है, जिससे हिन्दू पहचान की तस्वीर खंडित होती है।
AAO BACHCHO COMPUTER SEEKHEN
- Author Name:
Saurabh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Epic Counselling
- Author Name:
Dr. Sri Bhagavad Gita Narahari
- Book Type:

- Description: Epic Counselling is a self-mentoring manual. It is written by a practising Psychologist. The content in the eighteen chapters is the simplified essence of ethics in a relatable conversation suited to this millennium. Suffering people going through complex circumstances may fear judgement from others. They may be clueless to find, confide their current status to an expert or seek professional help. Early intervention through epic counselling may break the chain of a serious problem. There are eighteen case studies presented in a story form to guide and counsel on varied issues of utmost importance. We are affected by our environments like one big family, regardless of the distance. The intention of the book is to emphasise on the Global wellbeing inspired from the ancient holy Scripture of Indian Origin, ‘The Srimad Bhagavad Gita’.
Dollar Bahoo
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sa Se Stories
- Author Name:
Bhavna Shekhar
- Book Type:

- Description: विमर्श विशेष की बजाय लेखिका का आग्रह समाज-विमर्श के प्रति है। सभी मुद्ïदे, सभी समस्याएँ इसी में समाहित हैं। संकलन की कहानियाँ जीवन के विभिन्न पक्षों का संस्पर्श करते हुए किशोर मन की उधेड़बुन से लेकर बुजुर्गों के एकाकीपन तक की समस्या उठाती हैं। दांपत्य की विविध परतों को खोलती कहानियों में एक ओर टूटते रिश्तों की पड़ताल है तो दूसरी ओर मरकर भी न मिटनेवाला प्रेम पाठक के सशंकित मन को आश्वस्त करता है। कोरोनाकाल की बुरी यादों से आज भी हम उबरे नहीं हैं। मन के साथ तन की नजदीकियाँ कितनी जरूरी हैं। लड़खड़ाते का हाथ थाम लेना, मौजमस्ती की गलबहियाँ, टूटते हौसलों में कंधे पर उम्मीद भरी गरम हथेली...लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग ने अपनों के बीच मीलों का फासला पैदा कर दिया। बदलते मूल्यों के साथ हम एक नखलिस्तान में जी रहे हैं। आँगन-गलियारे की जगह यूट्ïयूब-ट्विटर की गलियाँ, सोंधी माटी की जगह डियो परफ्यूम की खुशबू। मांसलता के आगे सोने से मन का कौड़ी मोल नहीं। ऐसे में प्रस्तुत संगह की ये कहानियाँ प्रेम, निश्छलता, ममत्व जैसे मूल्यों की उपस्थापना करते हुए पूर्वग्रहों को तोड़ती हैं। मानवीय दुर्बलताओं को उघाड़कर आत्म-मंथन के लिए उकसाती हैं। कथारस से भरपूर एक रोचक कथासं ग्रह।
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 11-12 "हिंदी भाषा" Hindi | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book