Kahani : Aaj
(0)
₹
475
389.5 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Criticism
Read moreAbout the Book
Criticism
Book Details
-
ISBN9789391925147
-
Pages192
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vishwaprasiddha Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Shri Tilak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HAMARA SAUR PARIVAR (H)
- Author Name:
PANKAJ GUPTA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Rajniti Shastra Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Political Science Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JTPTCCE JSSC Primary Recruitment Exam Intermediate Bachelors Degree Assistant Teacher Hindi Paper-III : प्राथमिक शिक्षक भरती परीक्षा इंटरमीडिएट एवं स्नातक परीक्षा सहायक आचार्य
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamare Dr. Hedgewarji
- Author Name:
Shyam Bahadur Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pluto Dec-Jan 2026
- Author Name:
Sushil Shukla
- Book Type:

- Description: Pluto is designed especially for children upto 8 years of age. Poems, stories, wit, letters and many genres and a reflection of our life-world can be seen in the magazine.Pluto manifests our dream for the entire world. It is a dream of an inclusive world. This dream named Pluto appears once every two months. The magazine is published in Hindi. It is our dream, aspiration and our resolve to make Pluto a reader’s plane.
Bolti Anubhootiyan
- Author Name:
Mahesh Bhagchandka
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Business Impacted by Various Pandemic (Series-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: The impact of various pandemics on businesses is well documented. But, what about the ripple effect these events have on other aspects of our daily lives? In this fourth part of a series on how business is affected by international and health issues, In the book Business Impacted by Various Pandemic (Series-3) Dr Sanjay Rout sheds light on the circumstances that lead to business disruptions around the world and in India.
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-2 (Class Vi-Viii) Mathematics And Science 15 Practice Sets with Latest Solved Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nirala Rachanawali : Vols. 1-8
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

-
Description:
निराला “आरम्भ से ही विद्रोही कवि के रूप में हिन्दी में दिखाई पड़े। गतानुगतिकता के प्रति तीव्र विद्रोह उनकी कविताओं में आदि से अन्त तक बना रहा। व्यक्तित्व की जैसी निर्बाध अभिव्यक्ति इनकी रचनाओं में हुई है, वैसी अन्य छायावादी कवियों में नहीं हुई।...सर्वत्र व्यक्तित्व की अत्यन्त पुरुष अभिव्यक्ति ही निराला की कविताओं का प्रधान आकर्षण है। फिर भी विरोधाभास यह है कि निराला में अपने व्यक्तित्व को सबसे अलग करके अभिव्यक्त करने की चेतना सबसे कम है।...यह ध्यान देने की बात है कि निराला जी के आरम्भिक प्रयोग छन्द के बन्धन से मुक्ति पाने का प्रयास है। छन्द के बन्धनों के प्रति विद्रोह करके उन्होंने उस मध्ययुगीन मनोवृत्ति पर ही पहला आघात किया था जो छन्द और कविता को प्राय: समानार्थक समझने लगी थी।...परन्तु निराला जी ने जब छन्दों के प्रति विद्रोह किया तो उनका उद्देश्य छन्द की अनुपयोगिता बताना नहीं था। वे केवल कविता में भावों की—व्यक्तिगत अनुभूति के भावों की—स्वछन्द अभिव्यक्ति को महत्त्व देना चाहते थे। जिसे वे मुक्तछन्द कहते थे, उसमें भी एक प्रकार की झंकार और एक प्रकार का ताल विद्यमान है। परिमल की जिन रचनाओं में वस्तु-व्यंजना की ओर कवि का ध्यान है, उनमें उनका व्यक्तित्व स्पष्ट नहीं हुआ किन्तु ‘तुम और मैं’, ‘जूही की कली’ जैसी कविताओं में उनकी कल्पना उनके आवेगों के साथ होड़ करती है। यही कारण है कि ये कविताएँ बहुत लोकप्रिय हुई हैं। बड़े कथात्मक प्रयोगों में निराला जी को अधिक सफलता मिली। वे पन्त की तरह अत्यधिक वैयक्तिकतावादी कवि नहीं हैं। बड़े आख्यानों—जैसे काव्य-विषय में उन्हें वस्तु-व्यंजना का भी अवसर मिला है और कल्पना के पंख पसारने का भी मौक़ा मिल जाता है। इसीलिए उनमें निराला अधिक सफल हुए हैं। ‘तुलसीदास’, ‘राम की शक्तिपूजा’ और ‘सरोज-स्मृति’ जैसी कविताएँ उनकी सर्वोत्तम कृतियाँ हैं। इनमें भाषा का
अद्भुत प्रवाह पाठक को निरन्तर व्यस्त बनाए रहता है। कल्पना यहाँ आवेगों के सामने फीकी लगती है।”—हजारी प्रसाद द्विवेदी
‘परिमल’, ‘गीतिका’, ‘अनामिका’ और ‘तुलसीदास’ नामक काव्यकृतियों को सँजोए हुए रचनावली का यह खंड महाकवि की पूर्ववर्ती काव्य-साधना का सजीव साक्ष्य प्रस्तुत करता है। विचार-समृद्ध भावोद्रेक और सहज उदात्त स्वर निराला-काव्य की विशिष्ट पहचान है और अपनी काव्य-साधना के माध्यम से उन्होंने वस्तुओं एवं घटनाओं के भीतर पैठकर असाधारण रूप से भावात्मक सत्य का सन्धान किया है।
Charitra-Nirman ki Kahaniyan
- Author Name:
Mukesh 'Nadan'
- Book Type:

- Description: "एक कहावत है— पैसा गया, तो कुछ गया; स्वास्थ्य गया, तो बहुत कुछ गया पर अगर चरित्र गया तो सबकुछ गया। अतः आवश्यक है कि व्यक्ति अपने चरित्र को निर्मल व स्वच्छ रखे; उसके संरक्षण-संवर्धन के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहे। व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व का सबसे महत्त्वपूर्ण पक्ष है ‘चरित्र’। इस दृष्टि से इस पुस्तक में चरित्र-निर्माण की कहानियाँ संकलित की गई हैं, क्योंकि कहानियों का हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान माना जाता है। इनके द्वारा व्यक्ति के जीवन में प्रेम, त्याग, बलिदान, शिक्षा आदि का संचार होता है। हमारे पौराणिक गं्रथों में अनेक शिक्षाप्रद तथा ज्ञानवर्द्धक कहानियों का समावेश किया गया है। ‘चरित्र-निर्माण की कहानियाँ’ भी इन्हीं ग्रंथों से प्रेरित हैं। इन कहानियों का चयन विशेष रूप से बाल पाठकों की मनोवृत्ति को ध्यान में रखकर किया गया है। लेकिन चरित्र-निर्माण पर आधारित ये कहानियाँ केवल बाल पाठकों में ही नहीं, अपितु प्रत्येक वर्ग के पाठकों में चरित्र-निर्माण का संचार करेंगी। "
Adhai Akhar (How To Get Rid of Old Thinking And How To Create New Ideas) Book in Hindi
- Author Name:
Vinita Chandak +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Badhiya Stree
- Author Name:
Germaine Greeyar
- Book Type:

-
Description:
बधिया स्त्री यानी वह स्त्री जिसकी यौनिकता का दमन कर दिया गया है।
‘द फीमेल यूनॅक’ शीर्षक से वर्ष 1970 में प्रकािशत और एक ही साल के भीतर विश्व-भर में तीखी चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं का विषय बनी यह पुस्तक आज स्त्रीविमर्श की सर्वािधक पढ़ी जानेवाली कृतियों में से एक है। नारीवाद की दूसरी लहर की अत्यन्त प्रभावशाली कृति के रूप में विख्यात ‘द फीमेल यूनॅक’ ने स्त्री की स्वतंत्रता से जुड़े उन प्रश्नों को उठाया, जिनका ताल्लुक़ स्त्री-देह और परिवार आदि संस्थाओं में उसकी भूिमका से है।
तीक्ष्ण हास्यबोध और अकाट्य तर्कों के साथ जर्मेन ग्रीयर ने इस पुस्तक में स्त्री के सम्मान, उदात्त मनोवेगों की अभिव्यक्ति और एक व्यक्ति के रूप में उसके स्वतंत्र विकास की ज़रूरत को रेखांकित किया। दौड़ने, चिल्लाने, ज़ोर से बोलने, घुटने फैलाकर बैठने, सीखने और सिखाने की आज़ादी को अनिवार्य बताते हुए वे कहती हैं कि ‘औरत को अपनी यौनिकता को व्यक्त करने का अधिकार’ हो; कि उसकी यौनेच्छा मात्र प्रतिक्रियात्मक न हो। उनके मुतािबक़ यह सिर्फ़ पुरुषों के प्रस्तावों को स्वीकार या अस्वीकार करने का प्रश्न नहीं है, इसका अर्थ यह है कि वह स्वयं एक स्वायत्त इकाई की तरह अपनी इच्छा को व्यक्त कर सके।
दुिनया की अनेक भाषाओं में अनूिदत इस किताब ने आलोचना भी कम नहीं झेली, लेिकन आज भी यह उतनी ही प्रासंगिक है जितनी बीसवीं सदी के आख़िरी दशकों में थी। तमाम क्षेत्रों में अपनी दावेदारी सिद्ध करने के बावजूद, अभी भी यह नहीं कहा जा सकता कि स्त्री अपनी देह की मालिक ख़ुद है।
भारत के सन्दर्भ में इस पुस्तक के तर्क और भी ज़्यादा सटीक कहे जा सकते हैं।
Manse Ki Jaat
- Author Name:
Sujata Parmita
- Book Type:

-
Description:
यह किताब खुद को रचने और अपनी बात पहुँचाने की सुजाता पारमिता की अन्तिम कोशिश और अन्तिम पुकार है। अनवरत संघर्ष में कुछ पलों के सर्जनात्मक संयोजन से ही यह किताब निर्मित हो पाई है जिसे खुद सुजाता ने तैयार किया। किताब में कुल पच्चीस आलेख शामिल हैं। किताब का पहला लेख ‘खैरलांजी-दलित-नरसंहार’ भारत में जाति आधारित नरसंहार का मानचित्र प्रस्तुत करता है। सवर्ण समाज के हित में कार्य करनेवाली सरकारों के औचित्य पर सवाल खड़ा करनेवाले इस आलेख की जद में न्याय व्यवस्था भी है। खैरलांजी हत्याकांड सन् 2006 में हुआ था। इस हत्याकांड में एक महार परिवार के सभी सदस्यों की बहुत बेदर्दी से हत्या कर दी गई थी। अब पीड़ित परिवार का अन्तिम परिजन भी न्याय की आशा में दुनिया छोड़ चुका है।
सुजाता फुले-अम्बेडकरी चिन्तन से निर्मित थीं। वह जानती थीं कि दूसरे संस्थानों की तरह देश की न्याय व्यावस्था भी जातिवादी सोच के नियन्त्रण में है, इस मामले में उससे न्याय नहीं हो पाएगा। और ऐसा ही हुआ।
Lok Vyavahar
- Author Name:
Surya Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chhora Kolhati Ka
- Author Name:
Kishore Shantabai Kale
- Book Type:

- Description: Chhora Kolhati Ka
Bolen To Aisa Bolen "बोलें तो ऐसा बोलें" Book in Hindi - Amit Sharma
- Author Name:
Amit Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BSSTET Bihar Special School Teacher Eligibility Test Paper-2 Class 6-8 | Mathematics And Science 15 Practice Sets Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main J. Krishnamurti Bol Raha Hoon
- Author Name:
Ed. Rajasvi
- Book Type:

- Description: "जिद्दू कृष्णमूर्ति का नाम आध्यात्मिक जगत् में विशेष रूप से उल्लेखनीय है। जब वे मात्र तेरह वर्ष के थे, तभी उनमें एक आध्यात्मिक गुरु होने की विशिष्टताएँ दृष्टिगोचर होने लगी थीं। उन्होंने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी आध्यात्मिकता का परचम लहराया। जे. कृष्णमूर्ति के विचार केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि भौतिक दृष्टि से अत्यंत महवपूर्ण हैं, जो जाति, धर्म और संप्रदाय में उलझे, असमंजस में फँसे और दिग्भ्रमित हुए लोगों का यथोचित मार्गदर्शन करते प्रतीत होते हैं। उन्होंने मानव-जीवन के लगभग सभी पहलुओं को अपनी विचारशीलता के दायरे में लाने का सफल प्रयास किया है। किंचित् मात्र भी ऐसा नहीं लगता कि जीवन की कोई भी जटिल वीथि उनकी दृष्टि से ओझल हो गई हो। उनके जीवन का परम लक्ष्य विश्व को शांति, संतुष्टि और संपूर्णता प्रदान करना था, ताकि ईर्ष्या, द्वेष और स्वार्थ का समूल नाश किया जा सके। वे अपने जीवन-लक्ष्य में काफी हद तक सफल रहे। जो भी उनके संपर्क में आया, मानो उनका ही होकर रह गया। उनकी प्रेरक वाणी के कुछ रत्न इस पुस्तक में संकलित हैं।
The Sovereign: Sprouts Of Good Governance
- Author Name:
Dr. Kislay Panday
- Book Type:

- Description: An empirical manuscript encompassing diverse disciplines, The Sovereign is Dr Panday’s magnum opus: it is a carefully-wrought narrative that aims to concretise his aspiration to elevate Indian society and lead the country towards a better tomorrow. Traversing the domains of political theory, philosophy, sociology, and more, this book is a panoptic one-stop shop to help the common people of India arm themselves with the fundamentals of the discipline of politics. From an account of the ancient Egyptian civilisation, to an exposition of democracy in the contemporary era; from Plato’s The Republic and Aristotle’s Politics, to feminism and the geopolitical globalisation of the twenty-first century, The Sovereign by Dr Kislay Panday is an all-pervasive narrative that not only recounts the political history of the world, but helps one understand how to utilise these learnings to engender social progress in real-time.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book