Kabeer Granthawali
Author:
Shyam Sundar DasPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 479.2
₹
599
Available
प्रस्तुत संस्करण ‘कबीर ग्रंथावली’ में कबीरदास के जो दोहे और पद सम्मिलित किए गए हैं, उन्हें आजकल की प्रचलित परिपाटी के अनुसार खराद पर चढ़ाकर सुडौल, सुन्दर और पिंगल के नियमों से शुद्ध बनाने का कोई उद्योग नहीं किया गया, वरन् उद्देश्य यही रहा है कि हस्तलिखित प्रतियों या ग्रन्थसाहब में जो पाठ मिलता है, वही ज्यों-का-त्यों प्रकाशित कर दिया जाए।
कबीरदास के पूर्व के किसी भक्त की वाणी नहीं मिलती। हिन्दी साहित्य के इतिहास में वीरगाथा काल की समाप्ति पर मध्यकाल का आरम्भ कबीरदास जी से होता है, अतएव इस काल के वे आदिकवि हैं। उस समय भाषा का रूप परिमार्जित और संस्कृत नहीं हुआ था। कबीरदास स्वयं पढ़े-लिखे नहीं थे। उन्होंने जो कुछ कहा है, वह अपनी प्रतिभा तथा भावुकता के वशीभूत होकर कहा है। उनमें कवित्व उतना नहीं था जितनी भक्ति और भावुकता थी। उनकी अटपट वाणी हृदय में चुभनेवाली है। अतएव उसे ज्यों का त्यों प्रकाशित कर देना ही उचित जान पड़ा और यही किया भी गया है।
आशा है, पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा पाठकों का मार्गदर्शन करने में सहायक सिद्ध होगी।
ISBN: 9788180314087
Pages: 304
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Share Market Mein Munafe Ke Mantra
- Author Name:
Sudha Shrimali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Remote : The Social Media War "द सोशल मीडिया वॉर" Book in Hindi | Harish Papnai
- Author Name:
Harish Papnai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prof. Bal Apte : Vyaktitva Evam Vichar
- Author Name:
Bal Apte
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lincoln: The Unknown
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC Jharkhand Staff Selection Commission JTPTCCE Primary Teacher Recruitment Examination 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharma Aur Vigyan
- Author Name:
Dr. Hariprasad Somani
- Book Type:

- Description: "भारतीय संस्कार, रीति-रिवाज, परंपराएँ, प्रथाएँ एवं धार्मिक कृत्य शास्त्रीय हैं या ऐसा कहें कि अपना धर्म और शास्त्र एक ही सिक्के के दो बाजू हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। अपने ऋषियों और प्राचीन काल के निष्णात गुरुओं ने अपनी अंतरात्मा की अनंत गहराई में उतरकर चेतना का जाग्रत् आनंद लिया था। अपने अंतर्ज्ञान के अनुभव और आध्यात्मिक परंपराओं को संस्कार एवं संस्कृति के रूप में उन्होंने जनमानस में वितरित किया। परंपराएँ तो चलती जा रही हैं, किंतु इनके मूल ज्ञान और मूल आधार से हम अनभिज्ञ होते जा रहे हैं। भारतीयों को गुलामी झेलनी पड़ी। विशेष करके मुगलों के शासन काल में काफी धार्मिक अत्याचार सहने पड़े। हिंदुओं को धर्म-परिवर्तन के लिए बाध्य किया जाने लगा। इसलिए उस समय के धार्मिक गुरुओं ने अपनी संस्कृति बचाने के लिए हर कर्म को धार्मिक रूप दे दिया, जिससे धर्म के नाम पर ही सही, जो संस्कार ऋषि-मुनियों ने दिए थे, उन्हें हमारे पूर्वज अपनाकर, अपनी धरोहर मानकर, सँजोकर रखने में सफल रहे। समय के साथ इन प्रथाओं ने धार्मिक विधि का रूप ले लिया और बिना कुछ सोचे-समझे ही धर्म की आज्ञा मानकर ये रीतियाँ चलती रहीं। किंतु आज की युवा पीढ़ी हर कर्म, विधि या संस्कार को मानने से पूर्व इसके पीछे क्या कारण है, यह जानने को उत्सुक है। हिंदू धर्म की विभिन्न परंपराओं और प्रथाओं को वैज्ञानिकता के आधार पर प्रमाणित करती पठनीय पुस्तक। "
Agnimay Buddha "अग्निमय बुद्ध" Book In Hindi
- Author Name:
Manish Dev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How to Use The Laws of Mind
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: You have only one mind, but there are two phases or functions of that mind... Each phase is characterised by its own phenomenon, which is peculiar to itself. Each of these minds is capable of independent action, but that still does not mean that you are endowed with two minds. In this book, the reader will learn to use both phases of his/her mind synchronously, harmoniously and peacefully, thereby bringing harmony, health and abundance into the life.
Uttar Pradesh (UP) Police Constable (Male and Female) Aarkshi Nagarik Police, Recruitment Exam 2024 (15 Solved Papers) Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Warren Buffett Bol Raha Hoon
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Perfect Cursive Writing
- Author Name:
Prabhas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shubh Vivah
- Author Name:
Rajni Borar
- Book Type:

- Description: "विवाह जैसे मांगलिक अवसर को शानदार एवं यादगार बनाने के लिए उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को इस पुस्तक में समाहित किया गया है। आपके यहाँ आयोजित शादी अपने सुव्यवस्थित अंदाज के कारण सदैव सराही जाए और यह जीवन के स्वर्णिम क्षण के रूप में सबके मनमस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ सके, इस हेतु इस पुस्तक में विवाह की रस्मों का सचित्र एवं प्रसंग सहित वर्णन करने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक न केवल निर्देशिका की तरह कार्य करेगी बल्कि विवाह की प्रत्येक रस्मरिवाज के साथसाथ एक मित्र व मार्गदर्शिका के रूप में भी कार्य करेगी। इसमें जहाँ एक तरफ न केवल संस्कारों की परंपरा और प्रासंगिकता का ध्यान रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ आडंबरों पर चोट भी की गई है। इस पुस्तक में कुछ नए विषय, जैसे जेवर, विवाह का रजिस्ट्रेशन, वरवधू को परोटना आदि भी शामिल किए गए हैं। जैसेजैसे विवाह की रस्मरिवाजें परवान चढ़ती जाएँगी, वैसेवैसे इस पुस्तक की उपयोगिता व उपादेयता भी बढ़ती जाएगी। आपकी प्रतिक्रिया और सुझावों का सदैव इंतजार रहेगा।"
Kashmir Nirantar Yuddh Ke Saye Mein
- Author Name:
Lt. Gen. K.K. Nanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kisse Kavi Sammelanon Ke "किस्से कवि सम्मेलनों के" Book in Hindi- Dr. Kirti Kale
- Author Name:
Dr. Kirti Kale
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhavyata Ka Rangkarm : Ratan Thiyam Se Samwad
- Author Name:
Udyan Vajpeyi
- Book Type:

-
Description:
“रतन थियाम आधुनिक भारतीय रंगमंच में एक अनूठी उपस्थिति रहे हैं। उन्होंने मणिपुर की लोक-परम्परा, व्यापक भारतीय परम्परा और आधुनिकता के बीच बहुत सघन-उत्कट और रंग प्रभावी रिश्ता अपने रंगकर्म में खोजा-पाया है। उनसे इस लम्बी बातचीत में उनके रंग-जीवन, संघर्ष, तनावों आदि के साथ-साथ व्यापक भारतीय रंगमंच के द्वन्द्वों और संघर्षों को समझने की दृष्टि मिलती है।''
—अशोक वाजपेयी
Bhasha Ki Rajneeti, Gyan Ki Parampara
- Author Name:
Shubhneet Kaushik
- Book Type:

-
Description:
पिछले दो-तीन दशकों में हिन्दी नवजागरण और हिन्दी-नागरी आन्दोलन पर केन्द्रित अध्ययनों ने हिन्दी लोकवृत्त की हमारी समझ को निश्चित ही समृद्ध किया है। लेकिन जहाँ तक हिन्दी के भाषाई संगठनों का सवाल है तो ये अध्ययन हिन्दीभाषी क्षेत्र के इन भाषाई संगठनों के समूचे वजूद को प्रायः भाषायी राजनीति के चश्मे से ही देखते हैं। कहना न होगा कि ऐसा कोई भी मूल्यांकन उन भाषायी संगठनों की बहुआयामी गतिविधियों के आकलन का एक संकीर्ण और सीमित नजरिया है। ऐसे मूल्यांकनों में इन भाषायी संगठनों की वह भूमिका परिदृश्य से ओझल हो जाती है, जो वे हिन्दी लोकवृत्त में ज्ञानोत्पादन की प्रक्रिया में निभा रहे थे। इसलिए मौजूदा पुस्तक में हिन्दी साहित्य सम्मेलन का इतिहास लिखते हुए उसे सिर्फ भाषा की राजनीति या हिन्दी-नागरी आन्दोलन में हिन्दी साहित्य सम्मेलन की भूमिका तक ही सीमित नहीं किया गया है, बल्कि हिन्दी साहित्य सम्मेलन की बहुआयामी गतिविधियों और हिन्दी लोकवृत्त में ज्ञान के सृजन में सम्मेलन के योगदान को समग्रता से विश्लेषित करने का प्रयास भी इसमें हुआ है।
‘भाषा की राजनीति, ज्ञान की परम्परा’ एक संस्था के रूप में हिन्दी साहित्य सम्मेलन के इतिहास को उसकी समग्रता में प्रस्तुत करने का प्रयास है। इसमें हिन्दी लोकवृत्त के निर्माण में हिन्दी साहित्य सम्मेलन की भूमिका और उसके योगदान का विस्तृत विश्लेषण तो हुआ ही है। साथ ही, हिन्दी साहित्य सम्मेलन के स्थापना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसकी शुरुआती गतिविधियों, सम्मेलन के वार्षिक अधिवेशनों, सम्मेलन द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाओं और उसके प्रकाशनों की चर्चा भी इस पुस्तक में विस्तार से की गई है। हिन्दी-नागरी आन्दोलन से सम्बद्ध अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर सम्मेलन ने कैसे काम किया, इसका विश्लेषण भी इसमें हुआ है। बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में भाषा की राजनीति ने कैसे करवट ली और हिन्दी साहित्य सम्मेलन की इसमें क्या भूमिका रही, इतिहास-लेखन के क्षेत्र में हिन्दी साहित्य सम्मेलन और उससे जुड़े विद्वानों और इतिहासकारों के मत और उनके योगदान की पड़ताल के साथ ही हिन्दी में विज्ञान सम्बन्धी लेखन के क्षेत्र में हिन्दी साहित्य सम्मेलन के योगदान को भी इस पुस्तक में विश्लेषित किया गया है.
Champaran Mein Mahatma Gandhi
- Author Name:
Rajendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyangyaya Ke Rang
- Author Name:
Ashok Gujarati
- Book Type:

- Description: "व्यंग्य के रंग—अशोक गुजराती मोबाइल पर धुन बजी—‘हैलो!’ उधर से तीर चला—‘मोहन है क्या?’ मैं चौंका— ‘मोहन... यहाँ कोई मोहन नहीं है!’ उन पर कोई असर नहीं—‘आपका फोन नंबर क्या है?’ मुझे गुस्सा आ गया—‘राँग नंबर!’ लेकिन वे पीछा छोड़ने को तैयार नहीं—‘आप कौन बोल रहे हैं?’ मन हुआ, कहूँ—‘तेरा बाप!’ परंतु सभ्यता का तकाजा था, फोन बंद कर दिया। अब मैंने प्रिंटिंग प्रेस को लगाया। घंटी बजती रही तो घर पर मिलाया। पूछा, ‘प्रकाशजी हैं क्या?’ स्वर उभरा—‘कहिए क्या काम है, मैं उनका भाई बोल रहा हूँ।’ मेरी जिज्ञासा—‘मेरे कार्ड छप गए क्या?’ उनकी प्रतिजिज्ञासा—‘आपको कौन सी तारीख बताई थी?’ मैंने खुलासा किया—‘तारीख तो कल हो गई’। उन्होंने आश्चर्य जताया—‘ऐसा क्या! फिर छप गए होंगे।’ मुझे खुशी हुई—‘तो मैं लेने आ जाऊँ?’ उन्होंने पानी फेर दिया—‘भई, यह तो आपको प्रकाश से ही पूछना पड़ेगा। वह मुंबई गया है। मेरी अलग दुकान है कपड़ों की।’ —इसी संग्रह से सात्त्विक, जीवंत एवं रोचक शैली में लिखे अशोक गुजराती के ये व्यंग्य लेख बड़ी-से-बड़ी बात को सहज एवं मारक रूप में कह देने की क्षमता रखते हैं। ये व्यंग्य पाठक को गुदगुदाते ही नहीं, भरपूर मनोरंजन भी करते हैं। "
DURACHAR SE BACHCHON KA BACHAV
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sobti-Vaid Samvad : Lekhan Aur Lekhak
- Author Name:
Krishna Sobti +1
- Book Type:

-
Description:
एक दिन दो बड़े मिल बैठे और बातें चल निकलीं—गुज़रे हुए ज़माने की, अगले ज़मानों की। वर्तमान तो बेशक हर पहलू से उन बातों में शामिल रहा। बातों का सिलसिला दशकों के आर-पार फैलता रहा—अपने समय को सीधे पढ़ने, समझने और लगातार ढीठ होते हुए युग की बग़ैरत निर्लज्ज आँखों में आँखें डालकर देखते रहने के संकल्प के साथ।
हमारे दो महत्त्वपूर्ण लेखक, कृष्णा सोबती और कृष्ण बलदेव वैद। शिमला के राष्ट्रपति निवास का उर्वर वातावरण और दशकों का सहेजा, रचा और निभाया हुआ बौद्धिक उत्तेजन और रचनात्मक ताप—‘सोबती-वैद संवाद’ इन्हीं तत्त्वों के संयोग और संयोजन का परिणाम है।
इस संवाद में से गुज़रते हुए हम अपने देखे हुए वक़्त को अपने दो विशिष्ट रचनाकारों की नज़र से एक बार फिर देखते हैं और आज के नेपथ्य की आहटें सुनने लगते हैं। इस अनौपचारिक बातचीत में आप दो अलग-अलग वैचारिक मुखड़ों को पहचानते हैं, उनकी वैचारिक प्रक्रिया को और रचनात्मक पाठ की गहराइयों को भी।
इन दो क़लमों की अपनी-अपनी धड़कनें भी सुनी जा सकती हैं—जिनसे ‘ज़िन्दगीनामा’, ‘दिलो-दानिश’, ‘उसका बचपन’, ‘गुज़रा हुआ ज़माना’, ‘हम हशमत’, ‘ऐ लड़की’, ‘विमल उर्फ़ जाएँ तो जाएँ कहाँ’ और ‘काला कोलाज’ जैसी क्लासिक हो चली कृतियाँ कैसे और कब रची गईं, कौन-सी बेचैनी किस किताब के पन्नों पर साकार हुई, कैसे और किस ब्रान्ड का काग़ज़ और किस नाम का पेन था जो सृजनात्मक घटित का साक्षी रहा—यह सभी कुछ इस संवाद में उजागर होता है।
और उजागर होता है वह पूरा युग भी जिसमें बँटवारा हुआ, आज़ादी मिली, गांधी की हत्या हुई, देश की बहाली के नए स्वप्न शुरू हुए, नई विचारधाराओं ने नए हौसले दिए, उत्तर-आधुनिकता ने क़िस्म-क़िस्म के अन्त घोषित किए, और आख़िर में भूमंडलीकरण ने सब कुछ को झंझोड़ डाला। यह सब इस संवाद का हिस्सा है। और इसीलिए हर अपूर्व मुलाक़ात की तरह अधूरी होते हुए भी, यह अनूठी किताब हमें एक मुकम्मल पाठकीय स्मृति देकर ख़त्म होती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book